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जैतपुर वार्ड से पार्षद पति श्रीचंद वोहरा की गिरफ्तारी पर क्या बोले इमरान सैफी।।
Akash Vesnav
जैतपुर वार्ड से पार्षद पति श्रीचंद वोहरा की गिरफ्तारी पर क्या बोले इमरान सैफी।।
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- जिसमें कथित तौर पर एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को स्कूल परिसर में नशे की हालत में पाया गया था।घटना का संदर्भ: इस पोस्ट में जनता की चिंताओं को उजागर किया गया है और शिक्षक के आचरण की आधिकारिक जांच की मांग की गई है।1
- "भगवान के यहां देर है अंधेर नहीं" BJP पूर्व प्रत्याशी बलराम मिश्रा.. जैतपुर पार्षद पति श्रीचंद वोहरा की हुई गिरफ्तारी1
- शाहदरा की स्पेशल स्टाफ़ ने अवैध जुए के खिलाफ़ कार्रवाई की; चार जुआरी गिरफ्तार। ₹87,630 नकद, 156 ताश के पत्ते, जुए का हिसाब-किताब और कैलकुलेटर बरामद। शाहदरा जिले में बढ़ते अपराधों पर रोक लगाने और गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों पर अमल करते हुए, पुलिस की एक पेट्रोलिंग टीम ने इलाके में सघन चेकिंग और गश्त की। जुए के अड्डे पर छापा:- 12.08.2026 को रात लगभग 11:05 बजे, गीता कॉलोनी पुलिस स्टेशन के पास, पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि दिल्ली के गीता कॉलोनी इलाके में शास्त्री नगर के रानी गार्डन में अवैध जुए की गतिविधियां चल रही हैं।1
- आवाज ए हिंदुस्तान की न्यूज़ चैनल में आपका स्वागत है। नोएडा के सफाई कर्मचारियों ने दिना भाना फाउंडेशन और भीम आर्मी से जुड़े कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कुछ समय पहले सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान उन्होंने दिना भाना फाउंडेशन को समर्थन दिया था, लेकिन आरोप है कि हड़ताल के 7 दिनों का वेतन कर्मचारियों का कट गया और उनकी कोई मांग पूरी नहीं हुई। सफाई कर्मचारी महावीर का कहना है कि दिना भाना फाउंडेशन अब दूसरे संगठनों पर हाजिरी कटवाने का आरोप लगा रहा है, जबकि उनका दावा है कि इसमें दूसरे संगठन की कोई भूमिका नहीं थी। उनका कहना है कि हमने दिना भाना फाउंडेशन का समर्थन किया था, लेकिन भीम आर्मी और फाउंडेशन ने हमारे साथ धोखा किया और कर्मचारियों के हित में कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। कर्मचारियों का आरोप है कि अधिकारियों से बातचीत के बाद हड़ताल समाप्त करवा दी गई, लेकिन कर्मचारियों को इसका नुकसान उठाना पड़ा। उनका कहना है कि संगठन ने कर्मचारियों के हित से ज्यादा अपना स्वार्थ देखा। नोएडा के कुछ सफाई कर्मचारियों ने ऐसे संगठनों का विरोध करने की बात कही है और कहा है कि उन्हें ऐसा संगठन चाहिए जो वास्तव में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं और अधिकारों के लिए संघर्ष करे। देखते रहिए आवाज ए हिंदुस्तान — सच की आवाज, जनता के साथ।1
- भ्रष्ट तंत्र, इन काले अंग्रेजों और नकारे सिस्टम का पर्दाफाश 📰 इंडिया न्यूज़ 9लाइव: विशेष इन्वेस्टिगेटिव प्रेस नोट & संपादकीय दिनांक: 16 अगस्त 2026 स्थान: कुरुक्षेत्र, हरियाणा ब्यूरो रिपोर्ट / फ्रीलांसर जर्नलिस्ट: विशाल शर्मा, 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' 🏛️ मुख्य शीर्षक: कुरुक्षेत्र की महाभारत और विकास का चक्रव्यूह — 1996 से 2026 तक के सांसदों-विधायकों का कच्चा चिट्ठा और व्यवस्था से तीखे सवाल! धर्मनगरी कुरुक्षेत्र आज विकास के मोर्चे पर एक गंभीर अभिशाप बन चुकी है। इस्माइलाबाद से लेकर हिंगाखेड़ी, दुराला, सलपानी, पुराने बस अड्डे और झानसा रोड तक फैला 20 किलोमीटर का नर्क इस बात का जीता-जागता सबूत है कि पिछले तीन दशकों में यहां केवल सियासी चेहरे बदले हैं, लेकिन जनता की किस्मत और टूटी सड़कों का दर्द नहीं बदला। यहाँ स्पष्ट करना आवश्यक है कि राष्ट्रीय स्तर के नीतिगत मामलों और स्थानीय स्तर के घोटालों (जैसे हालिया अनाज घोटाले, खरीद फरोख्त में धांधली और प्रशासनिक लीपापोती) की जवाबदेही अलग-अलग स्तर पर तय होनी चाहिए। वर्तमान सांसद श्री नवीन जिंदल जी अपनी संसदीय भूमिका में हैं, वहीं स्थानीय स्तर पर हुए घोटालों और अव्यवस्थाओं में पूर्व मंत्री सुभाष सुधा जी, गृह मंत्रालय (जैसे श्री अनिल विज या संबंधित गृह मंत्रियों) और फूड सप्लाई विभाग की कार्यशैली सीधे तौर पर कटघरे में खड़ी होती है। आइए, 1996 से लेकर अब तक कुरुक्षेत्र की जनता पर राज करने वाले सांसदों और मुख्य विधानसभा सीट (थानेसर) के विधायकों का यह काला चिट्ठा देखें: 📊 1. कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र: सांसदों का लेखा-जोखा (1996 से 2024) वर्ष (Election Year)विजयी सांसद (Winning MP)राजनीतिक पार्टी कुरुक्षेत्र की बदहाली और जनता के सवाल 1996ओम प्रकाश जिंदल हरियाणा विकास पार्टी (HVP)औद्योगिक घरानों और राजनीति के गठजोड़ की शुरुआत, लेकिन बुनियादी सड़कों का विकास कोसों दूर रहा। 1998 - 1999कैलाशो देवी सैनी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)ग्रामीण और शहरी सड़कों की बदतर हालत को सुधारने के दावे कागजों तक ही सीमित रहे। 2004 - 2009नवीन जिंदल कांग्रेस (INC)दो बार प्रतिनिधित्व करने के बावजूद इस्माइलाबाद-झानसा मार्ग और ग्रामीण सड़कों का कायापलट क्यों नहीं हुआ? 2014राज कुमार सैनी भारतीय जनता पार्टी (BJP)जनता के बड़े बदलाव के नारों के बीच सड़कों और स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति जस की तस बनी रही। 2019नायब सिंह सैनी भारतीय जनता पार्टी (BJP)मुख्यमंत्री पद तक पहुँचने वाले इस कार्यकाल में भी सीएम सिटी की सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जा सके। 2024 (वर्तमान)नवीन जिंदल भारतीय जनता पार्टी (BJP) [वर्तमान सांसद] उद्योग जगत के बड़े नाम होने के बावजूद, आज भी कुरुक्षेत्र की जनता टूटी सड़कों और जलभराव के बीच जीने को मजबूर क्यों है? 🏛️ 2. थानेसर (कुरुक्षेत्र शहरी) विधानसभा क्षेत्र: विधायकों का लेखा-जोखा (1996 से 2024) वर्ष (Election Year)विजयी विधायक (Winning MLA)राजनीतिक पार्टी स्थानीय विकास और प्रशासनिक नाकामी की हकीकत 1996अशोक अरोड़ा समता पार्टी शहर के मुख्य मार्गों और बुनियादी सुविधाओं के विकास में शुरुआती सुस्ती। 2000अशोक अरोड़ा जी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)टेंडर और ठेकों की राजनीति में आम जनता की अनदेखी। 2005रमेश गुप्ता जी कांग्रेस (INC)शहर की आंतरिक सड़कों की बदहाली और सुस्त प्रशासनिक रवैया। 2009अशोक अरोड़ा जी इंडियन नेशनल लोकदल (INLD)घोषणाएं बड़ी हुईं, लेकिन जमीन पर सड़कों का निर्माण केवल फाइलों तक सीमित रहा। 2014 & 2019सुभाष सुधा जी भारतीय जनता पार्टी (BJP)लगातार दो बार विधायक और मंत्री रहते हुए शहर में विकास के नाम पर केवल लीपापोती और कथित कमीशनखोरी के आरोप। 2024 (वर्तमान)अशोक अरोड़ा जी भारतीय जनता पार्टी (INC)[वर्तमान विधायक] जनता अब त्रस्त है और पिछले दशकों के कुप्रबंधन का हिसाब मांग रही है। 🔍 जनता की अदालत में सत्ताधीशों और जिम्मेदारों से 10 तीखे सवाल 20 किलोमीटर का नर्क और दो दशकों की लूट: सन 1996 से लेकर 2024 तक, इतने सारे दिग्गजों के सांसद और विधायक बनने के बाद भी इस्माइलाबाद से झानसा रोड और कुरुक्षेत्र के मुख्य मार्ग पिछले 14-20 सालों से 'मौत का रास्ता' क्यों बने हुए हैं? अनाज और खरीद घोटाले की जवाबदेही किसकी?: हालिया समय में मंडियों और खाद्यान्न वितरण में सामने आए अनाज घोटालों के तार स्थानीय नेताओं, पूर्व मंत्रियों (जैसे सुभाष सुधा जी) और फूड सप्लाई विभाग से क्यों जुड़ते हैं? क्या गरीबों के हक का अनाज और टैक्स का पैसा इन घोटालों की भेंट चढ़ गया? गृह मंत्रालय और प्रशासनिक संरक्षण: कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने वाले गृह मंत्रालय (चाहे श्री अनिल विज का कार्यकाल रहा हो या अन्य गृह मंत्री) के तहत आने वाले विभागों ने इन भ्रष्ट ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की? कमीशनखोरी और घटिया निर्माण का सिंडिकेट: सड़कें बनने के कुछ ही दिनों बाद उखड़ क्यों जाती हैं? क्या हर टेंडर में नेताओं, विधायकों और अधिकारियों की मिलीभगत से होने वाली दलाली ही कुरुक्षेत्र के विकास का एकमात्र नियम है? 'काले अंग्रेजों' वाली कार्यशैली: एसी कमरों में बैठकर जनता के खून-पसीने की कमाई पर ऐश करने वाले ये हुक्मरान क्या खुद को आधुनिक दौर के 'काले अंग्रेज' साबित नहीं कर रहे हैं, जो झंडे और संविधान की आड़ में जनता को मूर्ख बना रहे हैं? स्वतंत्र पत्रकारिता पर दमन और षड्यंत्र: जब एक स्वतंत्र फ्रीलांसर पत्रकार ('इंडिया न्यूज़ 9 लाइव' टीम) लगातार इन घोटालों, घूसखोरी और टूटी सड़कों के सच को उजागर करता है, तो भ्रष्ट प्रशासनिक तंत्र और नेता उस आवाज को दबाने या फंसाने के लिए कुचक्र क्यों रचते हैं? श्वेतपत्र (White Paper) क्यों नहीं जारी होता? पिछले 30 सालों में पास हुए करोड़ों-अरबों के बजट का हिसाब जमीन पर क्यों नहीं दिखता? क्या सारा पैसा कागजों में डकार लिया गया? युवाओं का पलायन और बेरोजगारी: बेरोजगारी, टूटे रास्ते और लचर व्यवस्था के कारण कुरुक्षेत्र का युवा ठगा सा महसूस क्यों कर रहा है? इन जनप्रतिनिधियों ने यहां रोजगार के अवसर क्यों नहीं पैदा किए? प्रशासनिक जवाबदेही शून्य क्यों?: डीसी ऑफिस, पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग, और नगर निगम के अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकलकर इन गड्ढों और हादसों की सुध क्यों नहीं लेते? क्या वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? क्या जनता दोबारा इस चक्रव्यूह में फंसेगी?: महाभारत के चक्रव्यूह की तरह इन राजनीतिक दलों और घरानों के जाल में कुरुक्षेत्र की जनता को सदियों से उलझाकर रखा गया है। क्या अब जनता इन चेहरों को पहचानकर अपने हक की लड़ाई खुद लड़ेगी? जनता करे पुकार, साडा हक एथे रख! 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' इन तीखे सवालों के साथ तब तक डटा रहेगा जब तक भ्रष्ट तंत्र, इन काले अंग्रेजों और नकारे सिस्टम का पर्दाफाश नहीं हो जाता। जनता अब सब जानती है और वक्त आने पर इसका माकूल जवाब देगी। जारीकर्ता: विशाल शर्मा फ्रीलांसर जर्नलिस्ट, 'इंडिया न्यूज़ 9लाइव' कुरुक्षेत्र, हरियाणा1
- लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। राहुल गांधी 🔥— मुझे एक सांसद ने बताया कि राहुल जी अयोध्या में तीन बार सर्वे हुआ था , क्यूंकि नरेंद्र मोदी जी वाराणसी से नहीं अयोध्या से लड़ना चाहते थे। उनके सर्वेयर तीन बार सर्वे करने आए और नरेंद्र मोदी ख़ुद आए उसके बाद उनके सर्वेयर ने कह दिया कि, नरेंद्र मोदी जी अगर आप अयोध्या से चुनाव लड़ते हैं तो हार जाएंगे और आपका राजनीतिक करियर अयोध्या में खत्म हो जाएगा। वाराणसी में हम लोगों ने एक दो छोटी गलती कर दी वरना हम लोग वाराणसी में ही मोदी जी को हरा देते।1
- CM सोरेन बोले- 2014 से अब तक सभी परीक्षाओं की CID जांच होगी JSSC-CGL परीक्षा रद्द: मुख्यमंत्री ने बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं के कारण JSSC-CGL परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने का ऐलान किया है.विवादित एजेंसी पर कार्रवाई: परीक्षा कराने वाली विवादित एजेंसी TDPL के जरिए हुई सभी भर्तियां, परीक्षाओं की प्रक्रिया और नतीजों को तत्काल प्रभाव से रोककर रद्द कर दिया गया है.2014 से व्यापक जांच: राज्य में साल 2014 के बाद से हुई सभी सरकारी भर्तियों में सामने आईं छोटी-बड़ी गड़बड़ियों की मुकम्मल जांच अब सीआईडी (CID) और एसआईटी (SIT) को सौंप दी गई है.जांच कमेटी का गठन: पूरे मामले की गहराई से पारदर्शी जांच के लिए एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच कमेटी बनाई जाएगी.छात्रों का आंदोलन सफल: कथित पेपर लीक और धांधली के खिलाफ राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 24 दिनों से अनशन और धरना दे रहे अभ्यर्थियों में इस फैसले के बाद खुशी की लहर है. ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा दैनिक समाचार पत्र1
- जैतपुर वार्ड से पार्षद पति श्रीचंद वोहरा की गिरफ्तारी पर क्या बोले इमरान सैफी।।1