ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव, ईरान ने दी कड़ी चेतावनी, गुगल माइक्रो सॉफ्ट सभी कंपनी हमारे टारगेट पर है, राष्ट्रपति ट्रंप के एक कथित सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने तेल आपूर्ति और मध्य पूर्व की स्थिति को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए अन्य देशों को अमेरिका से तेल खरीदने और अपनी सुरक्षा खुद करने की सलाह दी।ट्रंप ने अपने संदेश में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मिज का जिक्र करते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़े तो देश खुद वहां जाकर अपने हित सुरक्षित करें। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका अब हर स्थिति में अन्य देशों की मदद के लिए आगे नहीं आएगा। वहीं, ईरान की ओर से भी सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान ने 18 टेक कंपनियों की सूची जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यदि किसी भी तरह की तकनीकी या सैन्य मदद विरोधी पक्ष को दी गई, तो कार्रवाई की जाएगी।इस सूची में कथित तौर पर एप्पल, माइक्रो सॉफ्ट गूगल और टेस्ला जैसी बड़ी कंपनियों के पर हमला करने की धमकी दी है।
ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव, ईरान ने दी कड़ी चेतावनी, गुगल माइक्रो सॉफ्ट सभी कंपनी हमारे टारगेट पर है, राष्ट्रपति ट्रंप के एक कथित सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने तेल आपूर्ति और मध्य पूर्व की स्थिति को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए अन्य देशों को अमेरिका से तेल खरीदने और अपनी सुरक्षा खुद करने की सलाह दी।ट्रंप ने अपने संदेश में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मिज का जिक्र करते हुए कहा कि अगर जरूरत पड़े तो देश खुद वहां जाकर अपने हित सुरक्षित करें। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका अब हर स्थिति में अन्य देशों की मदद के लिए आगे नहीं आएगा। वहीं, ईरान की ओर से भी सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान ने 18 टेक कंपनियों की सूची जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यदि किसी भी तरह की तकनीकी या सैन्य मदद विरोधी पक्ष को दी गई, तो कार्रवाई की जाएगी।इस सूची में कथित तौर पर एप्पल, माइक्रो सॉफ्ट गूगल और टेस्ला जैसी बड़ी कंपनियों के पर हमला करने की धमकी दी है।
- शिवाजीनगर इलाके से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां एक महिला को नौकरी दिलाने का झूठा झांसा देकर उससे पैसे ऐंठ लिए गए। जब लंबे समय तक नौकरी नहीं मिली और महिला ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट कर दी।जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने पहले महिला को रोजगार दिलाने का लालच दिया और इसके बदले में उससे रकम वसूली। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। जब महिला ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो मामला विवाद में बदल गया।1
- बीकानेर में पीबीएम अस्पताल के पास गंदे नाले में एक व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव करीब 6–7 दिन पुराना बताया जा रहा है और पूरी तरह सड़-गल चुका था। हैरानी की बात यह है कि मृतक के शरीर के कुछ अंग भी गायब पाए गए। फिलहाल शव की पहचान नहीं हो पाई है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। #BikanerNews #rajasthan #bikanerupdate #news #breakingnews1
- Post by SSSO News1
- Pbm हॉस्पिटल के गार्ड और न्यू सिक्योरटी कंपनी पण्याद्याय आमने सामने बात चीत करवाई #news #bikaner #media #news #live #pbm1
- राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा कक्षा 12 का परिणाम जारी कर दिया गया जिसमें श्री डूंगरगढ़ के शुभम बोथरा 99% लेकर जिले में टॉप व प्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा दी। इस अवसर पर श्री डूंगरगढ़ के भारती निकेतन शिक्षण संस्थान में स्कूली छात्रा का भाव है स्वागत किया गया1
- नागौर/भांवडा,,रोशन मीना पुलिस अधीक्षक नागौर के निर्देशन में नागौर पुलिस द्वारा अवैध बजरी खनन/परिवहन के विरूद्ध लगातार कार्यवाही जारी एक 10 चक्का डम्पर जब्त डम्पर चालक सुनिल गिरफ्तार दौराने नाकाबंदी आरोपी चालक सरहद चरड़ा में अवैध बजरी से भरे हुए डम्पर को खाली कर भाग गया, पुलिस टीम द्वारा पीछा करके सरहद डेहरू से डम्पर एवं उसके चालक को डिटेन किया गया। थाना भावण्डा पुलिस टीम की रही कार्यवाही।2
- श्री जोशी ट्रेडर्स कच्चा बस स्टैंड न्यू मार्केट सरदारशहर चूरू राजस्थान पिनकोड 331403 मो. 9413165970 जोशी टावर राजस्थान ग्रामीण बैंक न्यू मार्केट ऑथराइज्ड डीलर बार बार खरीद ने का झंझट ही खत्म1
- पत्रकार इकबाल खान ने नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को लेकर एक अहम और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति अपने घर में प्रार्थना सभा (प्रेयर मीटिंग) आयोजित करता है और उससे किसी कानून का उल्लंघन नहीं होता, तो इसके लिए प्रशासन या पुलिस से पहले अनुमति लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह मामला जिले के नवागढ़ ब्लॉक के गोदना गांव से जुड़ा है। यहां कुछ स्थानीय ईसाई धर्म के लोगों ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि नवागढ़ पुलिस और ग्राम पंचायत उनके धार्मिक कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं।याचिकाकर्ताओं के अनुसार, वे वर्ष 2016 से अपने घर की पहली मंजिल पर ईसाई समुदाय की प्रार्थना सभाएं आयोजित कर रहे थे। लेकिन के थाना प्रभारी द्वारा उन्हें तीन बार नोटिस जारी कर इन सभाओं को बंद करने का दबाव बनाया गया।मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने और उसका प्रचार प्रसार करने की स्वतंत्रता देता है, जब तक कि इससे सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता या कानूनव्यवस्था प्रभावित न हो।कोर्ट ने साफ किया कि निजी संपत्ति (घर) में शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित प्रार्थना सभा पर किसी प्रकार की रोक या पूर्व अनुमति की शर्त लगाना नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।इस फैसले को धार्मिक स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक मिसाल बनेगा और प्रशासनिक दखल की सीमाएं भी तय करेगा।1