छत्तीसगढ़ के गरियाबंद, धमतरी सहित आसपास के इलाकों में तेज बारिश के चलते बांध के गेट खोले गए, महानदी, मांड नदी सहित कई नाले उफान पर, पांच गांव कराये गए खाली रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायपुर, धमतरी, गरियाबंद, सहित कई जिलों में हो रही लगातार बारिश के कारण गंगरेल बांध सहित अन्य स्टाफ डेम पूरी तरह लबालब भर जाने से उनके गेट देर रात तक खोल दिये गए हैं जिसके कारण महानदी और मांड नदी में बाढ़ की स्थिति आने के चलते सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ, रायगढ़ जिले के दो दर्जन गांव में अलर्ट जारी किया गया है और अब तक महानदी के किनारे लगे पांच से अधिक गांव को खाली कराकर वहां के रहवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। गंगरेल बांध के चलते बिगड़ी स्थिति प्रदेशभर में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब रायगढ़ जिले में भी साफ दिखाई देने लगा है। महानदी समेत क्षेत्र के अधिकांश नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे सरिया और पुसौर विकासखंड के दो दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हो चुके हैं और इनकी संख्या देर शाम तक बढ़ने की संभावना प्रशासनिक अधिकारियों ने जताई है। क्या कहते हैं गांव के ग्रामीण स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार महानदी का जलस्तर गुरुवार शाम से लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम करीब 4 बजे से नदी का पानी हर घंटे लगभग चार फीट तक बढ़ रहा था और शुक्रवार सुबह भी यही स्थिति बनी रही। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से नदी पूरी तरह उफान पर है और निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। बढ़ते जलस्तर के चलते सूरजगढ़, नदीगांव, तोरा, पोरथ, पडिगांव, लिप्ती, चंगोरी, सिंघपुरी, बाराडोली, परसापाली, खपरापाली और रायपाली सहित कई गांवों तक महानदी का पानी पहुंच चुका है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। अब तक पांच गांवों के लोगों को एहतियातन मकान खाली करने की सलाह दी गई है, वहीं नदी किनारे बसे इलाकों की बिजली आपूर्ति भी सुरक्षा कारणों से बंद कर दी गई है। कई सड़कों का संपर्क टूटने के चलते आधा दर्जन गांव टापू बने गए हैं। सैकड़ो एकड़ में लगी धान की फसल पानी में डूबी बाढ़ का पानी गांवों और खेतों में घुसने से किसानों की फसलें जलमग्न हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। वहीं आवागमन और दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित होने लगी हैं। महानदी में आई बाढ़ का असर क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पोरथ धाम पर भी देखने को मिल रहा है। नदी का पानी मंदिर परिसर तक पहुंच गया है और पूरा परिसर जलभराव की चपेट में आ गया है। यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो आने वाले घंटों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। 8 गांव में जारी किया गया अलर्ट -एसडीएम इस संबंध में रायगढ़ एसडीएम महेश शर्मा का कहना है कि महानदी के आसपास रायगढ़ जिले के 8 गांव में अलर्ट जारी किया गया है और लगातार पानी बढ़ने पर नजर रखी जा रही है, उन्होंने बताया कि ओडिसा के हीराकुंड डेम के दो गेट खोलने को कहा गया है जिससे स्थिति सामान्य हो जाएगी, फिर भी हर स्तर पर लोगों से सावधानी की अपील की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद, धमतरी सहित आसपास के इलाकों में तेज बारिश के चलते बांध के गेट खोले गए, महानदी, मांड नदी सहित कई नाले उफान पर, पांच गांव कराये गए खाली रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायपुर, धमतरी, गरियाबंद, सहित कई जिलों में हो रही लगातार बारिश के कारण गंगरेल बांध सहित अन्य स्टाफ डेम पूरी तरह लबालब भर जाने से उनके गेट देर रात तक खोल दिये गए हैं जिसके कारण महानदी और मांड नदी में बाढ़ की स्थिति आने के चलते सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ, रायगढ़ जिले के दो दर्जन गांव में अलर्ट जारी किया गया है और अब तक महानदी के किनारे लगे पांच से अधिक गांव को खाली कराकर वहां के रहवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। गंगरेल बांध के चलते बिगड़ी स्थिति प्रदेशभर में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब रायगढ़ जिले में भी साफ दिखाई देने लगा है। महानदी समेत क्षेत्र के अधिकांश नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे सरिया और पुसौर विकासखंड के दो दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हो चुके हैं और इनकी संख्या देर शाम तक बढ़ने की संभावना प्रशासनिक अधिकारियों ने जताई है। क्या कहते हैं गांव के ग्रामीण स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार महानदी का जलस्तर गुरुवार शाम से लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम करीब 4 बजे से नदी का पानी हर घंटे लगभग चार फीट तक बढ़ रहा था और शुक्रवार सुबह भी यही स्थिति बनी रही। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से नदी पूरी तरह उफान पर है और निचले
इलाकों में पानी फैलने लगा है। बढ़ते जलस्तर के चलते सूरजगढ़, नदीगांव, तोरा, पोरथ, पडिगांव, लिप्ती, चंगोरी, सिंघपुरी, बाराडोली, परसापाली, खपरापाली और रायपाली सहित कई गांवों तक महानदी का पानी पहुंच चुका है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। अब तक पांच गांवों के लोगों को एहतियातन मकान खाली करने की सलाह दी गई है, वहीं नदी किनारे बसे इलाकों की बिजली आपूर्ति भी सुरक्षा कारणों से बंद कर दी गई है। कई सड़कों का संपर्क टूटने के चलते आधा दर्जन गांव टापू बने गए हैं। सैकड़ो एकड़ में लगी धान की फसल पानी में डूबी बाढ़ का पानी गांवों और खेतों में घुसने से किसानों की फसलें जलमग्न हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। वहीं आवागमन और दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित होने लगी हैं। महानदी में आई बाढ़ का असर क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पोरथ धाम पर भी देखने को मिल रहा है। नदी का पानी मंदिर परिसर तक पहुंच गया है और पूरा परिसर जलभराव की चपेट में आ गया है। यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो आने वाले घंटों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। 8 गांव में जारी किया गया अलर्ट -एसडीएम इस संबंध में रायगढ़ एसडीएम महेश शर्मा का कहना है कि महानदी के आसपास रायगढ़ जिले के 8 गांव में अलर्ट जारी किया गया है और लगातार पानी बढ़ने पर नजर रखी जा रही है, उन्होंने बताया कि ओडिसा के हीराकुंड डेम के दो गेट खोलने को कहा गया है जिससे स्थिति सामान्य हो जाएगी, फिर भी हर स्तर पर लोगों से सावधानी की अपील की जा रही है।
- छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका का दो दिवसीय रायगढ़ दौरा आज,समीक्षा बैठक और दीक्षांत समारोह में होंगे शामिल।1
- थाना डभरा के वार्षिक निरीक्षण पर पहुंचे एसपी, व्यवस्थाओं का लिया जायजा, सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर किया एकता वृक्षारोपण, थाना डभरा के वार्षिक निरीक्षण पर पहुंचे एसपी, व्यवस्थाओं का लिया जायजा, सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर किया एकता वृक्षारोपण, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने थाना डभरा का वार्षिक निरीक्षण कर थाना परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों, कार्यालयीन व्यवस्थाओं एवं अधिकारी-कर्मचारियों की वेशभूषा (टर्न आउट) का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी पुलिस चंद्रपुर सुमित गुप्ता, थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश पटेल सहित थाना डभरा के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। वार्षिक निरीक्षण के अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में थाना परिसर में एकता वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए तथा सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने पौधारोपण एवं उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, हरित वातावरण के निर्माण और वृक्षों की नियमित देखभाल के महत्व पर बल देते हुए आम नागरिकों से भी अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील की गई।1
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