शिमला के ऐतिहासिक माल रोड और रिज जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब इंग्लैंड के तीन नागरिक एक ऑटो-रिक्शा लेकर वहां पहुंच गए। यह ऑटो केरल के रजिस्ट्रेशन नंबर KL07DE2685 का था, जिस पर यूनाइटेड किंगडम के झंडे की ब्रांडिंग लगी हुई थी। ये विदेशी सैलानी 'रिक्शा रन' एडवेंचर रैली में हिस्सा ले रहे थे। सामान्य परिस्थितियों में इस हेरिटेज वॉकवे पर किसी भी निजी वाहन का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है, ऐसे में यहां ऑटो का पहुंचना चर्चा का विषय बन गया है। प्रतिबंधित क्षेत्र में वाहन दिखने पर मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों ने ऑटो को रोककर विदेशी नागरिकों से पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उन्हें इस मार्ग पर वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध की कोई जानकारी नहीं थी और वे गलती से यहां आ गए थे। पुलिस ने सैलानियों को नियमों की जानकारी देकर मामले में नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना के बाद शिमला पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों व आम जनता से अपील की है कि वे माल रोड और रिज में वाहन लेकर प्रवेश न करें। हालांकि, इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी वाहन का प्रवेश नामुमकिन माना जाता है, वहां सुरक्षा में कहां चूक हुई कि एक ऑटो-रिक्शा आसानी से प्रतिबंधित क्षेत्र तक पहुंच गया।
शिमला के ऐतिहासिक माल रोड और रिज जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब इंग्लैंड के तीन नागरिक एक ऑटो-रिक्शा लेकर वहां पहुंच गए। यह ऑटो केरल के रजिस्ट्रेशन नंबर KL07DE2685 का था, जिस पर यूनाइटेड किंगडम के झंडे की ब्रांडिंग लगी हुई थी। ये विदेशी सैलानी 'रिक्शा रन' एडवेंचर रैली में हिस्सा ले रहे थे। सामान्य परिस्थितियों में इस हेरिटेज वॉकवे पर किसी भी निजी वाहन का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है, ऐसे में यहां ऑटो का पहुंचना चर्चा का विषय बन गया है। प्रतिबंधित क्षेत्र में वाहन दिखने पर मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों ने ऑटो को रोककर विदेशी नागरिकों से पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उन्हें इस मार्ग पर वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध की कोई जानकारी नहीं थी और वे गलती से यहां आ गए थे। पुलिस ने सैलानियों को नियमों की जानकारी देकर मामले में नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना के बाद शिमला पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों व आम जनता से अपील की है कि वे माल रोड और रिज में वाहन लेकर प्रवेश न करें। हालांकि, इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी वाहन का प्रवेश नामुमकिन माना जाता है, वहां सुरक्षा में कहां चूक हुई कि एक ऑटो-रिक्शा आसानी से प्रतिबंधित क्षेत्र तक पहुंच गया।
- 17 जुलाई का दिन भारत के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है, जब देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी विजन और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी के सक्षम नेतृत्व में हरियाणा इस ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत करने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। यह सिर्फ एक ट्रेन की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह देश को हरित, विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने का अवसर है। आने वाले वर्षों में जब भी इस हरित विकास क्रांति की चर्चा होगी, तब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी का नाम हमेशा प्रमुखता से लिया जाएगा, जिन्होंने घोषणाओं से आगे बढ़कर तेज़ गति और पूरी पारदर्शिता के साथ इसे धरातल पर उतारा है। यह ऐतिहासिक ट्रेन जींद–सोनीपत रेलखंड पर संचालित की जाएगी, जो डबल इंजन सरकार के शानदार समन्वय और परिणामोन्मुखी कार्यशैली का सशक्त उदाहरण है। तकनीकी रूप से यह ट्रेन अत्याधुनिक फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है, जिसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से बिजली उत्पन्न की जाती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से पर्यावरण-अनुकूल है, जिसमें कोई कार्बन उत्सर्जन नहीं होता और केवल जलवाष्प निकलती है। इसके अलावा, यह तकनीक उन रेलमार्गों पर भी अत्यधिक कारगर साबित होगी जहाँ ओवरहेड बिजली लाइनें उपलब्ध नहीं हैं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक किफायती और हरित रेल सेवा का विस्तार मुमकिन होगा। जींद से चलने वाली यह हाइड्रोजन ट्रेन देश की पटरियों पर दौड़ने के साथ ही विकसित भारत के संकल्प, नई तकनीक और नए आत्मविश्वास को नई गति प्रदान करेगी, जो भारत के हरित और आधुनिक भविष्य की एक नई शुरुआत का प्रतीक बनेगी।1
- बिलासपुर के झंडूता को जल्द ही राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल मिल सकता है। इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अधिवक्ता सर्वजीत सिंह ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है।1
- पंचकुला के पिंजौर मैंगो फेस्टिवल में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह खुद सड़क पर उतरे। इस दौरान पुलिस द्वारा बुजुर्गों को पुलिस वाहनों से मेला ग्राउंड पहुंचाया गया।1
- कुल्लू जिले की सैंज घाटी में पंचायत प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पार्वती पावर स्टेशन 3 के मुख्य महाप्रबंधक सुधीर नेगी से मुलाकात की है। इस बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने घाटी की खराब हो चुकी सड़कों को सुधारने की मांग प्रमुखता से उठाई है। बुद्धि सिंह ठाकुर की रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्र की सड़कों की बदहाल स्थिति को ठीक करने के लिए प्रतिनिधियों ने मुख्य महाप्रबंधक के समक्ष अपनी बात रखी।1
- शिमला के संजौली कॉलेज के समीप बोथवेल क्षेत्र में शनिवार तड़के करीब तीन बजे एक बार फिर भारी भूस्खलन हुआ है। इस हादसे से इलाके में भारी दहशत का माहौल बन गया है, क्योंकि घटना के समय अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है, लेकिन सड़क के नीचे का ढंगा ढहकर नीचे बने रिहायशी मकानों की ओर आने से तीन से चार इमारतों पर गिरने का खतरा मंडराने लगा है। हादसे के कारण संजौली कॉलेज मार्ग के साथ-साथ मकानों तक जाने वाला मुख्य रास्ता भी पूरी तरह से टूट चुका है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में एक निर्माण कार्य चल रहा है, जिसकी खुदाई और लगातार हो रही बारिश के कारण यह जगह बेहद कमजोर हो गई है। भूधंसाव के कारण पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पाइपलाइनें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे हो रहा पानी का निरंतर रिसाव मिट्टी को और कमजोर कर रहा है और जमीन लगातार नीचे खिसक रही है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग सुबह चार बजे से ही अपने घरों से बाहर निकल आए और बारिश के बीच खुले में खड़े होकर मदद का इंतजार करते रहे। स्थानीय निवासी पूनम ने बताया कि इस हादसे से तीन से चार घरों को सीधा खतरा पैदा हो गया है और मुख्य रास्ता बंद होने से स्कूली बच्चों सहित सभी निवासियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सुशीला का कहना है कि पिछले वर्ष भी मलबे के कारण लोग घरों में फंस गए थे, लेकिन बार-बार शिकायतें देने के बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय निवासी रमेश दिप्टा ने बताया कि मुख्य मार्ग टूटने के बाद लोगों ने आवाजाही के लिए वैकल्पिक तौर पर एक अन्य भवन के लेंटर का उपयोग करना शुरू किया था, लेकिन बीती रात वह अस्थायी रास्ता भी पूरी तरह जमींदोज हो गया। वर्तमान में प्रभावित लोगों के पास आने-जाने के लिए कोई भी सुरक्षित मार्ग शेष नहीं बचा है। क्षेत्र के निवासियों ने सरकार और जिला प्रशासन से पुरजोर गुहार लगाई है कि पानी के रिसाव को तुरंत रोका जाए और मुख्य रास्ते का निर्माण युद्धस्तर पर करवाया जाए ताकि भविष्य में किसी बड़े जान-माल के नुकसान को टाला जा सके।4