अशोकनगर जिले के मुंगावली में नगर परिषद सीएमओ विनय कुमार भट्ट के निर्देश पर नगर में प्रतिदिन सख्ती से वसूली अभियान चलाया जा रहा है। सीएमओ ने वसूली के लिए टीमें गठित की हैं, जो प्रत्येक वार्ड में घर-घर जाकर नल टैक्स और समेकित/संपत्ति कर की रसीदें चेक कर रही हैं। रसीद न दिखाने और टैक्स जमा न होने पर नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई निरंतर की जा रही है, जिसके बाद बकायादारों को दोबारा नल कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, समेकित/संपत्ति कर जमा न होने पर संपत्ति कुर्क करने की भी कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार को वसूली टीम ने नगर के तालाब रोड स्थित यादव कॉलोनी में कार्रवाई की, जिसमें कई बकायादारों के नल कनेक्शन काटे गए। शुक्रवार को भी वार्ड में सख्ती से वसूली अभियान जारी रहेगा और जल कर जमा न होने पर कनेक्शन काटे जाएंगे। इस वसूली अभियान के दौरान नगर परिषद से जलकर वसूली प्रभारी नवेद क़ाज़ी के साथ धनसिंह मोगिया, शैलेष अग्रवाल, श्रीराम चिढ़ार, गिरीश पवार, वीरू करोसिया, अनिल नामदेव, धर्मेंद्र पंडा सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
अशोकनगर जिले के मुंगावली में नगर परिषद सीएमओ विनय कुमार भट्ट के निर्देश पर नगर में प्रतिदिन सख्ती से वसूली अभियान चलाया जा रहा है। सीएमओ ने वसूली के लिए टीमें गठित की हैं, जो प्रत्येक वार्ड में घर-घर जाकर नल टैक्स और समेकित/संपत्ति कर की रसीदें चेक कर रही हैं। रसीद न दिखाने और टैक्स जमा न होने पर नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई निरंतर की जा रही है, जिसके बाद बकायादारों को दोबारा नल कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, समेकित/संपत्ति कर जमा न होने पर संपत्ति कुर्क करने की भी कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार को वसूली टीम ने नगर के तालाब रोड स्थित यादव कॉलोनी में कार्रवाई की, जिसमें कई बकायादारों के नल कनेक्शन काटे गए। शुक्रवार को भी वार्ड में सख्ती से वसूली अभियान जारी रहेगा और जल कर जमा न होने पर कनेक्शन काटे जाएंगे। इस वसूली अभियान के दौरान नगर परिषद से जलकर वसूली प्रभारी नवेद क़ाज़ी के साथ धनसिंह मोगिया, शैलेष अग्रवाल, श्रीराम चिढ़ार, गिरीश पवार, वीरू करोसिया, अनिल नामदेव, धर्मेंद्र पंडा सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- ललितपुर जिले के खडोवरा गांव में बड़ी माता मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की तैयारी की जा रही है। इस अवसर के लिए समस्त ग्रामवासियों की एकजुटता से जयपुर से माँ शेरावाली की मूर्ति लाई गई है। ग्रामवासी इस कार्यक्रम को लेकर उत्साहित हैं और माँ भवानी का जयघोष कर रहे हैं।1
- निवाड़ी जिले के ओरछा का यथार्थ हॉस्पिटल बना मौत का अड्डा मरीजों के साथ की जाती है मारपीट सोसल मीडिया पर वीडियो हुआ बायरल देखिए खास रिपोर्ट1
- टीकमगढ़ की चित्रांश कॉलोनी में रेलवे पुल के नीचे सड़क निर्माण का कार्य शुरू हो गया है, जिसकी पहल भाजपा नेता विकास यादव ने की थी। कॉलोनीवासियों ने मंडल रेल प्रबंधक झांसी के नाम श्री यादव को पत्र सौंपकर सड़क निर्माण की मांग की थी, जिसके बाद श्री यादव ने झांसी पहुंचकर मंडल रेल प्रबंधक से मुलाकात की। उनके निर्देश पर रेलवे ने चित्रांश कॉलोनी में सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है। यह सड़क निर्माण महत्वपूर्ण है क्योंकि झांसी रोड कलेक्ट्रेट के सामने से चित्रांश नगर होते हुए कृषि उपज मंडी के लिए शासन द्वारा स्वीकृत सी.सी. रोड का हिस्सा है। पी.डब्ल्यू.डी. द्वारा इसका निर्माण और मरम्मत कार्य किया जा रहा था, लेकिन रेलवे विभाग के सीनियर सेक्शन इंजीनियर खजुराहो उ.म. रेलवे ने 25.03.26 को पत्र लिखकर पी.डब्ल्यू.डी. टीकमगढ़ को रेलवे पुल की सीमा में सड़क निर्माण कार्य न कराने के लिए कहा था। इस कारण रेलवे पुल के नीचे और आस-पास सड़क निर्माण नहीं हो पाया था। सड़क की समुचित व्यवस्था न होने से वहाँ नालियों के पानी से जलभराव और कीचड़ की समस्या उत्पन्न हो गई थी, जिससे आम नागरिकों, मंडी जाने वाले किसानों, मंदिर जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और वाहनों के आवागमन में काफी कठिनाई हो रही थी। यह मार्ग स्थानीय जनता के दैनिक आवागमन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और सड़क के अभाव में दुर्घटनाओं की आशंका के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस के आवागमन में भी बाधा आ रही थी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ अंकित खरे, पंचायत सचिव लक्ष्मण सिंह परिहार सहित कई स्थानीय लोगों ने भाजपा नेता विकास यादव से मिलकर उन्हें मार्ग का निरीक्षण कराया और मंडल रेल प्रबंधक झांसी के नाम पत्र सौंपकर सड़क निर्माण की मांग की थी। श्री यादव के विशेष प्रयासों से रेलवे द्वारा उक्त सड़क का निर्माण कार्य शुरू होने पर स्थानीय निवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भाजपा नेता विकास यादव और रेलवे प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया है।1
- मध्य प्रदेश के गुना स्थित सामान्य वन मंडल में वर्ष 2020 की विवादित तालाब और चेकडैम स्वीकृतियों का मामला अब सिर्फ निर्माण कार्यों तक सीमित न रहकर वन विभाग की पारदर्शिता, विभागीय जवाबदेही और सूचना के अधिकार (RTI) कानून के पालन पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन स्वीकृतियों पर अधिकारियों ने आपत्तियां दर्ज कीं और जिनके खिलाफ शिकायत के बाद विभागीय जांच शुरू होने के संकेत मिले, उन्हीं मामलों में जब RTI के तहत आरोप पत्रों की प्रतियां मांगी गईं तो विभाग ने यह कहकर जवाब देने से इनकार कर दिया कि संबंधित अधिकारी के विरुद्ध उपवनमंडल कार्यालय में कोई विभागीय जांच नहीं चल रही है। इससे यह मामला और भी पेचीदा हो गया है। वर्ष 2020 में कई तालाब और चेकडैम प्रस्तावों पर वन अधिकारियों ने अतिक्रमण, वन भूमि प्रभावित होने और वृक्षों को नुकसान जैसी आपत्तियां उठाई थीं। दस्तावेज़ों के अनुसार, कई प्रस्तावों पर गंभीर टिप्पणियां की गई थीं, लेकिन बाद में उन्हीं कार्यों को मंजूरी मिल गई। कटोरिया आदिवासी बस्ती, मुहालपुर, बीलखेड़ा, हिंगराजखेड़ा, जटाखेड़ा, रघोगढ़ और नागा बाबा पाटई जैसे क्षेत्रों से जुड़े प्रस्ताव बाद में विवाद का केंद्र बने। 16 जून 2023 को इस संबंध में एक विस्तृत शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें आरोप था कि अधिकारियों की आपत्तियों को महत्व नहीं दिया गया। शिकायत में तत्कालीन मानचित्रकार शाखा से जुड़े नवल किशोर सेन की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए थे। इसके बाद विभागीय स्तर पर पत्राचार और जांच संबंधी गतिविधियों के संकेत भी सामने आए थे। वर्ष 2025 के दस्तावेज़ों में जांच प्रक्रिया से जुड़े संकेत दिखाई दिए और विभागीय सूत्रों के अनुसार मामला जांच के लिए आगे बढ़ा, लेकिन उसके बाद न तो रिपोर्ट सार्वजनिक हुई, न निष्कर्ष सामने आया, न जिम्मेदारी तय हुई और न ही विभाग ने जांच की वर्तमान स्थिति स्पष्ट की। जब RTI के माध्यम से विभागीय जांच में दाखिल आरोप पत्रों और संबंधित अभिलेखों की प्रतियां मांगी गईं, तो विभाग ने स्पष्ट जानकारी देने के बजाय केवल यह कहा कि विभागीय जांच नहीं चल रही है। इससे कई सवाल खड़े हो गए हैं कि क्या मांगी गई सूचना और दिए गए जवाब का विषय अलग-अलग था, यदि आरोप पत्र मौजूद नहीं थे तो स्पष्ट रूप से क्यों नहीं बताया गया, और यदि रिकॉर्ड किसी अन्य कार्यालय में था तो आवेदन स्थानांतरित क्यों नहीं किया गया। अब जनता यह पूछ रही है कि यदि सब कुछ नियमों के अनुसार हुआ था तो जांच की आवश्यकता क्यों पड़ी, यदि जांच हुई तो उसका परिणाम कहां है, और यदि आरोप पत्रों की मांग की गई थी तो उनका जवाब क्यों नहीं दिया गया। सबसे बड़ा सवाल यह है कि "क्या तालाब स्वीकृति विवाद की पूरी सच्चाई कभी सामने आएगी, या यह मामला भी फाइलों के बोझ तले दबकर रह जाएगा?" यह प्रश्न अब केवल एक प्रकरण का नहीं, बल्कि वन विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही की कसौटी बन चुका है।1
- गुना कलेक्टर श्री किशोर कुमार ने 'स्कूल चले हम अभियान' के द्वितीय चरण के तहत पुरानी छावनी स्थित पीएमश्री शासकीय माध्यमिक विद्यालय का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को खूब बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए अभी से मेहनत शुरू करने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने छात्रों से योग, ध्यान और व्यायाम को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने की सलाह दी, ताकि वे स्वस्थ रहकर अपने परिवार, समाज और देश का भला कर सकें। उन्होंने नई जगहों पर घूमने और दुनिया को समझने के महत्व पर भी जोर दिया, जिससे सोच का दायरा बढ़ता है और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। विद्यालय पहुंचने पर कलेक्टर श्री किशोर कुमार का विद्यार्थियों ने स्वागत गीत गाकर अभिनंदन किया। कलेक्टर ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके भविष्य के सपनों पर चर्चा की और उन्हें बताया कि यह उम्र बड़े लक्ष्य तय करने की है। कलेक्टर ने कहा कि यदि विद्यार्थी अभी से अनुशासन, मेहनत और सकारात्मक आदतों को अपनाते हैं, तो वे जीवन में किसी भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।2
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत लारोन के पहाड़ी धाम मंदिर में बीती बुधवार रात को अज्ञात चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया। चोरों ने मंदिर से श्रीराम-जानकी की मूर्ति और श्री राधा-कृष्ण की मूर्तियों के साथ-साथ मंदिर की कुछ अन्य सामग्री भी चुरा ली। इस घटना से ग्रामीणों में आक्रोश है, जिसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी है। पलेरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- टीकमगढ़ जिले में अस्तौन निवासी एक महिला की मौत के मामले में सिविल सर्जन अमित शुक्ला ने अपना बयान दिया है। उन्होंने इस घटना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसे सुनने के लिए कहा गया है।1
- मध्य प्रदेश में रणथंबोर एक्सप्रेस ट्रेन से धुआँ निकलने की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद ट्रेन में सवार यात्री घबरा गए और वे तुरंत ट्रेन से नीचे उतर गए। फिलहाल, इस घटना के संबंध में अधिक विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।1