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राजस्थान अधिकारी/कर्मचारी माइनोरिटी एशोसिएशन (RAKMA) की नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। इस नवीन कार्यकारिणी में डीग जिले के दो पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जुरहेरा के व्याख्याता जनाब तैय्यब हुसैन को प्रदेश महासमिति सभा अध्यक्ष बनाया गया है, वहीं लुहेसर के अध्यापक जनाब मौसम खान को प्रदेश संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। इन दोनों पदाधिकारियों ने नई जिम्मेदारी मिलने पर प्रदेश अध्यक्ष जनाब अतीक अहमद जी का आभार व्यक्त किया है। इस दोहरी नियुक्ति पर डीग जिले के रकमा (RAKMA) जिला अध्यक्ष जनाब अखतर अली बिरार और समस्त जिला कार्यकारिणी ने खुशी जताई है। जिला अध्यक्ष और पूरी कार्यकारिणी ने दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों को इस सफलता पर बधाई और मुबारकबाद पेश की है।
एमडी शौकीन खान संवाददाता डीग
राजस्थान अधिकारी/कर्मचारी माइनोरिटी एशोसिएशन (RAKMA) की नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। इस नवीन कार्यकारिणी में डीग जिले के दो पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जुरहेरा के व्याख्याता जनाब तैय्यब हुसैन को प्रदेश महासमिति सभा अध्यक्ष बनाया गया है, वहीं लुहेसर के अध्यापक जनाब मौसम खान को प्रदेश संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। इन दोनों पदाधिकारियों ने नई जिम्मेदारी मिलने पर प्रदेश अध्यक्ष जनाब अतीक अहमद जी का आभार व्यक्त किया है। इस दोहरी नियुक्ति पर डीग जिले के रकमा (RAKMA) जिला अध्यक्ष जनाब अखतर अली बिरार और समस्त जिला कार्यकारिणी ने खुशी जताई है। जिला अध्यक्ष और पूरी कार्यकारिणी ने दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों को इस सफलता पर बधाई और मुबारकबाद पेश की है।
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- राजस्थान के डीग जिले की नगर विधानसभा (बृजनगर) में सरकारी कीमत पर यूरिया खाद न मिलने और खाद विक्रेताओं द्वारा की जा रही कालाबाजारी के विरोध में किसानों और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा (प्रदेश महासचिव, भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (महासंघ) इंटक प्रदेश सचिव, राजीव गांधी पंचायत राज विभाग एवं असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस राजस्थान) के नेतृत्व में किया गया। किसानों का कहना है कि पूरे डीग जिले में यूरिया खाद की भारी किल्लत है, जिसके कारण कृषक वर्ग को भारी परेशानी और असंतोष का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खाद विक्रेता अधिक मुनाफा कमाने के लालच में सरकार द्वारा निर्धारित ₹270 की कीमत पर 45 किलोग्राम का कट्टा देने के बजाय इसे चोरी-छिपे ऊंचे दामों में बेच रहे हैं। इसके अलावा, कुछ यूरिया खाद विक्रेता ₹270 में कट्टा तो दे रहे हैं, लेकिन उसके साथ महंगे कीटनाशक खरीदना अनिवार्य कर रहे हैं। यदि कोई किसान कीटनाशक नहीं खरीदता, तो उसे यूरिया खाद नहीं दी जाती है। इस मजबूरी के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है जिससे उनमें भारी रोष है। एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि पहले ₹270 में 50 किलोग्राम का कट्टा आता था जिसे घटाकर 45 किलोग्राम कर दिया गया, और अब चर्चा है कि सरकार इसे और घटाकर 40 किलोग्राम करने का विचार कर रही है। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि नगर विधानसभा सहित पूरे डीग जिले में यूरिया की कालाबाजारी को तुरंत रोका जाए, सरकारी कीमत पर ही खाद उपलब्ध कराई जाए, और किसानों के हित में खाद के कट्टे का वजन अब और न घटाया जाए। इस प्रदर्शन के अवसर पर प्रताप सिंह नौगावा, रामफल सैनी, शुभम बंसल, सुभान खान और सुनील सैनी सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित रहे।1
- मथुरा के थाना हाजा क्षेत्र में एटीएम में नकदी जमा करने के नाम पर 7,80,400 रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी कंपनी प्रतिनिधि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कानपुर नगर निवासी हनुमान शरण पुत्र नारायण प्रसाद तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई है कि उन्होंने हिताची पेमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से संचालित तीन एटीएम की फ्रेंचाइजी ली थी। आरोप है कि कंपनी के प्रतिनिधि पप्पेंद्र पुत्र श्री राम (निवासी गांव भैनीनगर-9, गली नंबर-2, सीपीएस कॉलेज के पीछे, टुंडला बिहार, ज्योति नगर, मथुरा) ने एटीएम में जमा करने के लिए दिए गए कुल 7,80,400 रुपये की धोखाधड़ी कर उसे हड़प लिया और एटीएम में नकदी जमा नहीं की। इस शिकायत के आधार पर थाना हाजा पुलिस ने मु.अ.सं. 495/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 318(4) में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मथुरा के आईपीएस आसन चौधरी के अनुसार, पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- मथुरा के भूतेश्वर अखाड़े पर हुए विवाद के बाद अब मामला एक नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है, जहां चर्चित पहलवान देवा पहलवान के समर्थन में शहर के कई लोग सामने आए हैं। समर्थकों का दावा है कि घटना के दौरान देवा पहलवान ने केवल बीच-बचाव कर विवाद शांत कराने का प्रयास किया था, लेकिन बाद में उन्हें भी इस मामले में घसीटने की कोशिश की जा रही है। समर्थकों का आरोप है कि कुछ लोग अपने राजनीतिक हित साधने के लिए एक सम्मानित पहलवान की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। खेल और समाज में वर्षों से सक्रिय रहे देवा पहलवान की साफ-सुथरी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से उन पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। इसी के चलते शहर के कई नागरिकों और खेल प्रेमियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और साक्ष्यों के आधार पर जांच की जाए, ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो। इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और जो भी साक्ष्य एवं तथ्य उपलब्ध होंगे, उनके आधार पर ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।2
- मथुरा में हूटर को लेकर छिड़ा विवाद अब अखाड़े तक पहुंच गया है। इस विवाद के बाद अब वहां के हिंदूवादी संगठनों के बीच आपसी टकराहट और खींचतान लगातार बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा में मुड़िया पूर्णिमा मेले की तैयारियों पर मंथन किया जा रहा है। इस मेले के आयोजन को लेकर की जा रही तैयारियों के बीच बिजली व्यवस्था को सुचारू रखना प्रशासन के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बना हुआ है।1
- मथुरा में फलाहारी बाबा ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने लोगों का ध्यान खींचते हुए मुख्यमंत्री जी की बातों पर विशेष ध्यान देने की बात कही है।1
- मथुरा जनपद के छाता तहसील के निकट एच-19 हाईवे पर कोसी और छाता के बीच दो वाहनों की भीषण टक्कर हो गई। दौताना के पास हुई इस आमने-सामने की भिड़ंत में गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और दोनों गाड़ियों के चालक व सवार लोग बाल-बाल बच गए। हालांकि, इस टक्कर के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर बने स्पीड ब्रेकर के कारण यह दुर्घटना हुई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा है। घटना की सूचना मिलते ही दौताना चौकी प्रभारी अंशुमान अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल स्थिति को संभालते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया और दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को आवश्यक कार्रवाई के लिए थाने भेज दिया। इसके साथ ही हाईवे पर यातायात को सुचारु कराया गया, जिससे लंबा जाम लगने की स्थिति नहीं बनी। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते पुलिस के पहुंचने से बड़ी घटना और विवाद को टाल दिया गया, अन्यथा स्थिति बिगड़ सकती थी।2