खीरी जिले की गौरीफंटा पुलिस टीम ने रविवार रात गश्त और चेकिंग के दौरान एक अभियान में दो नेपाली नागरिकों को अवैध पटाखों के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कवच आउटपोस्ट सूडा से मोहना नदी घाट जाने वाले कच्चे रास्ते पर की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नेपाल के जिला कैलाली स्थित जुगेड़ा कटान वार्ड नं. 10, उपमहानगरपालिका धनगढ़ी निवासी योगेश राना पुत्र मंत्री राना और विनोद राना पुत्र राम सिंह राना के रूप में हुई है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से कुल 03 पैकेट 60 शॉट्स पटाखे और 04 पैकेट 30 शॉट्स पटाखे बरामद किए, जिन्हें नेपाल ले जाया जा रहा था। इस बरामदगी के आधार पर थाना गौरीफंटा में मु.अ.सं. 18/2026 के तहत धारा 9बी विस्फोटक अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक वीर प्रताप सिंह, कांस्टेबल राजीव सिंह और कांस्टेबल अमित कुमार शामिल रहे। पुलिस द्वारा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
खीरी जिले की गौरीफंटा पुलिस टीम ने रविवार रात गश्त और चेकिंग के दौरान एक अभियान में दो नेपाली नागरिकों को अवैध पटाखों के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कवच आउटपोस्ट सूडा से मोहना नदी घाट जाने वाले कच्चे रास्ते पर की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नेपाल के जिला कैलाली स्थित जुगेड़ा कटान वार्ड नं. 10, उपमहानगरपालिका धनगढ़ी निवासी योगेश राना पुत्र मंत्री राना और विनोद राना पुत्र राम सिंह राना के रूप में हुई है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से कुल 03 पैकेट 60 शॉट्स पटाखे और 04 पैकेट 30 शॉट्स पटाखे बरामद किए, जिन्हें नेपाल ले जाया जा रहा था। इस बरामदगी के आधार पर थाना गौरीफंटा में मु.अ.सं. 18/2026 के तहत धारा 9बी विस्फोटक अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक वीर प्रताप सिंह, कांस्टेबल राजीव सिंह और कांस्टेबल अमित कुमार शामिल रहे। पुलिस द्वारा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में पड़ रही भीषण गर्मी और रिकॉर्डतोड़ तापमान ने केवल इंसानों को ही नहीं, बल्कि दुधवा नेशनल पार्क के बाघों को भी बेहाल कर दिया है। चिलचिलाती धूप और उमस से राहत पाने के लिए जंगल के राजा दुधवा पार्क में बने कृत्रिम तालाबों (वाटर होल्स) का सहारा ले रहे हैं। वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, दोपहर में तापमान बढ़ने के साथ ही अमूमन शांत रहने वाले बाघ पानी के स्रोतों के आसपास जमावड़ा लगा लेते हैं। दुधवा के अलग-अलग इलाकों से ऐसी कई तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें बाघ घंटों पानी में डुबकी लगाकर अपने शरीर का तापमान नियंत्रित कर रहे हैं। पार्क प्रशासन वन्यजीवों को पीने के पानी और ठंडक की कमी न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए मुस्तैद है। सभी वाटर होल्स को टैंकरों और पंपिंग सेट के जरिए लगातार भरा रखने के निर्देश दिए गए हैं। यह नजारा पर्यटकों के लिए भी रोमांचक अनुभव से कम नहीं है।1
- लखीमपुर खीरी के निघासन क्षेत्र स्थित दुबहा गाँव में दशकों पुरानी प्रमुख सिंचाई नहर की हालत बदहाल है, जहाँ समुचित देखभाल के अभाव में यह नहर झाड़ियों, खरपतवार और जमा गंदगी से अटी पड़ी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले जिस नहर में पानी का सुचारु प्रवाह रहता था, वह अब जंगली घास, वनस्पतियों, प्लास्टिक और घरेलू कचरे से इस कदर भर गई है कि इसका बहाव नलियों जैसा दिख रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग समय-समय पर नहर की सफाई के दावे तो करता रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत है, क्योंकि नियमित सफाई न होने के कारण नहर की क्षमता घट गई है। इस स्थिति से बारिश के समय जलभराव और जलस्रोतों के दूषित होने जैसी चिंताएँ बढ़ गई हैं। किसानों ने विशेष चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सिंचाई के लिए नहरों का सुचारु संचालन बेहद आवश्यक है, और यदि इसकी अभी सफाई नहीं की गई तो आने वाले सीजन में खेतों तक पानी पहुंचाने में बाधा आ सकती है, जिससे रबी और खरीफ दोनों फसलें प्रभावित हो सकती हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत नहर की सफाई कराने, उचित निकासी सुनिश्चित करने और एक नियमित निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि नहरों की उपेक्षा से न केवल जल प्रबंधन पर नकारात्मक असर पड़ेगा, बल्कि आसपास के पर्यावरण और ग्रामीण स्वच्छता भी प्रभावित होगी। गाँव के बुजुर्गों ने पिछली बार सफाई के वादों पर भरोसा जताने का जिक्र करते हुए कहा कि तब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए थे। निगरानी में तैनात कुछ स्थानीय स्वयंसेवकों ने भी सुझाव दिया है कि सफाई केवल अनौपचारिक निरीक्षणों तक सीमित न रहे, बल्कि बाकायदा मशीनों और जनशक्ति का उपयोग किया जाए। उन्होंने नहर के किनारे कूड़ा जलाने और फेंकने पर रोक लगाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर हेल्पडेस्क बनाकर शिकायतों का नियमित निस्तारण करने की भी सिफारिश की है। फिलहाल, इस मुद्दे पर अधिकारी स्तर से कोई समेकित टिप्पणी नहीं मिली है, हालांकि प्रशासन ने पहले नहरों की सफाई को योजनानुसार जारी रखने की बात कही थी। ग्रामीण अब प्रशासन की वास्तविक कार्रवाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि सिंचाई व्यवस्था और स्थानीय पर्यावरण दोनों को सुरक्षित किया जा सके।1
- लखीमपुर खीरी के इंडो-नेपाल बॉर्डर पर स्थित तिकुनिया कस्बे में महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज ग्राउंड पर पहली बार एक भव्य नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है। ऑल इंडिया प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन (APPJA) के बैनर तले आयोजित इस प्रतियोगिता में कुल 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र के खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। टूर्नामेंट का शानदार शुभारंभ 20 जून 2026 की शाम 7 बजे पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी ने फीता काटकर किया। इस उद्घाटन समारोह में उन्होंने स्वयं पिच पर बल्ला थामकर कुछ शानदार शॉट खेले और खिलाड़ियों का भरपूर उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर APPJA के जिला सचिव अतीक शेख, तिकुनिया इकाई अध्यक्ष राजीव खत्री, संरक्षक रूपनारायण मिश्रा, कोषाध्यक्ष अतुल तिवारी, महामंत्री आनंद अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष योगेश श्रीवास्तव, मीडिया प्रभारी सुरेंद्र सिंगल ‘चट्टान’, उपाध्यक्ष विशाल विश्वकर्मा और महासचिव मुन्नालाल विश्वकर्मा समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार रखे गए हैं, जिसमें विजेता टीम को ₹31,000 नकद के साथ ट्रॉफी, उपविजेता टीम को ₹15,000 नकद के साथ ट्रॉफी और मैन ऑफ द सीरीज चुने जाने वाले खिलाड़ी को ₹2,100 का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। तिकुनिया इकाई अध्यक्ष राजीव खत्री के नेतृत्व में आयोजित इस टूर्नामेंट को सफल बनाने में तिकुनिया व्यापार मंडल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसके अध्यक्ष हैप्पी कुंछल सहित सभी पदाधिकारी सक्रिय सहयोग दे रहे हैं। महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज के प्रबंधक आशीष अग्रवाल और कॉलेज प्रशासन भी इस आयोजन में पूरा सहयोग कर रहा है। आयोजकों ने दूर-दराज से आने वाली सभी टीमों के लिए भोजन और ठहरने की उचित व्यवस्था भी की है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें इस रोमांचक प्रतियोगिता पर टिकी हैं, यह जानने के लिए कि 16 टीमों के बीच होने वाले इन मुकाबलों में कौन सी टीम चैंपियन बनेगी और किस खिलाड़ी को अपनी नई पहचान मिलेगी।1
- छोटी काशी गोला गोकरननाथ में सोमवार के पावन अवसर पर अपने घर में माँ भगवती के स्वरूप कन्याओं का पूजन किया गया। मोहल्ला पश्चिमी दीक्षिताना स्थित एक घर में पूरे विधि-विधान से कन्या पूजन का आयोजन हुआ, जहाँ कन्याओं को घर बुलाकर उनके कोमल चरण धोए गए। परिवार की मुखिया ने सभी कन्याओं के माथे पर रोली-अक्षत का तिलक लगाकर उन्हें प्रेम और श्रद्धा से 'क्वारी' का प्रसाद परोसा। इस पूजन में कन्याओं को साक्षात देवी का रूप माना जाता है, क्योंकि इनमें देवी का वास होता है। ऐसी मान्यता है कि इन कन्याओं के आशीष से घर में सुख-शांति बनी रहती है।1
- लखीमपुर खीरी के सदर कोतवाली के मालखाने से एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के सोने के गहने गायब होने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस संबंध में पुलिस ने अदालत में जो दलील पेश की, उसने सभी को अचंभित कर दिया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि कुछ सोने के गहने बारिश के कारण खराब हो गए, जबकि शेष बचे हुए गहनों को बंदर उठा ले गए। पुलिस के इस असाधारण स्पष्टीकरण पर अदालत ने गहरी हैरानी व्यक्त की है और इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। करोड़ों के गहनों के इस तरह गायब होने को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, और यह पूरा मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- बेंगलुरु में आयोजित NEET-UG 2026 की री-एग्जाम के दौरान शहर में उत्पन्न हुई भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि कांग्रेस की एक विशाल रैली के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ, जिससे परीक्षा में शामिल होने जा रहे छात्रों और उनके अभिभावकों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ा। इस अव्यवस्था के चलते कुछ अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र तक समय पर न पहुंच पाने के दावे भी सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कई अभिभावकों ने अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक आयोजनों की वजह से छात्रों के भविष्य को दांव पर नहीं लगाया जाना चाहिए। रिपोर्टों के अनुसार, बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड में कांग्रेस के कार्यक्रम के कारण शहर के कई इलाकों में ट्रैफिक का भारी दबाव बढ़ गया। इस मामले को लेकर भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा है, जबकि कांग्रेस के नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परीक्षा के प्रभावित होने के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह अहम सवाल खड़ा कर दिया है कि राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षाओं के दौरान प्रशासन और राजनीतिक दलों को बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना चाहिए। जैसा कि कहा गया है, "छात्रों का भविष्य राजनीति से ऊपर है। परीक्षा के दिनों में किसी भी तरह के बड़े आयोजन से बचना सभी दलों और प्रशासन की जिम्मेदारी है।" यह आवश्यक है ताकि छात्रों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।1
- शहीद भारत भूषण तिवारी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपनी शहादत से ठीक पहले के अपने “आखिरी लब्ज़” बयां किए हैं। इस वीडियो में उन्होंने सीधे तौर पर बिहार के मुख्यमंत्री और बिहार सरकार के प्रशासन के कुछ अधिकारियों, जिन्हें वे “गदहवा सब साला SDM वा” कहते हैं, पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, ये अधिकारी SDM के इशारे पर उनका “एनकाउंटर” कराना चाहते हैं। तिवारी ने यह भी बताया है कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है कि अब बाहर से एक टीम पूरी तैयारी के साथ उनका एनकाउंटर करने के लिए आ रही है। तिवारी ने इन आरोपों के साथ एक ज़बरदस्त चुनौती भी दी है, यह पूछते हुए कि “अब कई भेड़ीएं मिलकर एक शेर का शिकार करेगा रे?” उन्होंने ललकारा है कि अब उनके साथ “शिकार शिकार हिं खेला जाएगा”। उन्होंने इसे “समाज और देश के इस युद्ध” का हिस्सा बताया है, जिसमें वे खुद को “सिर्फ अकेला” और दूसरे पक्ष को “तुमसभी भेड़ीए” कहकर संबोधित करते हैं, और कहते हैं कि इसमें “आनंद हिं आनंद आएगा”। उन्होंने सभी लोगों से यह भी कहा है कि उन्हें यह देखना चाहिए कि ऐसे युद्ध करने में व्यक्ति को अपना “बहुत कुछ कैसे खो देना पड़ता है”। तिवारी के अनुसार, यह तो “सिर्फ शुरुवात है” और समाज व देश के लिए अभी “बहुत कुछ त्याग देना पड़ेगा”, क्योंकि किसी भी देश में कोई क्रांति ऐसे ही नहीं आती। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उन्हें अब इसका “फल धीरे धीरे मिलना शुरू हो गया है” और “कुछ बदलाव जरूर आने वाला है”।1
- मिली जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले ही भरत तिवारी जी से मुलाकात हुई थी। अब यह दुखद समाचार मिला है कि उन्होंने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देते हुए शहादत प्राप्त की है।1