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हटा नौवां दिन किसानों की अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन
Pushpendra hatta Press reporter
हटा नौवां दिन किसानों की अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- घर से लापता हुई दो नाबालिक बच्चियों को पुलिस ने चार घंटे में किया बरामद हटा थाना क्षेत्र का मामला1
- लोकेशन , नौगांव निर्माणाधीन स्वागत द्वार हादसा मजदूर की मौत के 10 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं पैदल मार्च कर सौंपा ज्ञापन । सीएमओ–उपयंत्री पर एफआईआर, परिवार को मुआवजा और पत्नी को नौकरी की मांग को लेकर सोपा ज्ञापन । दैनिक दी बेस्ट न्यूज़ नौगांव1
- नौगांव में नगरपालिका की लापरवाही ने ली मजदूर की जान तोरण द्वार बना मौत का जाल, सीएमओ–उपयंत्री के खिलाफ उबाल नगरपालिका की घोर लापरवाही और जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी ने एक मजदूर की जान ले ली। निर्माणाधीन तोरण द्वार हादसे के बाद नगर में गुस्सा फूट पड़ा। मृतक मजदूर के परिजन और सैकड़ों स्थानीय लोग सोमवार को सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप है कि बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी जांच और मानकों के तोरण द्वार का निर्माण कराया जा रहा था। हादसे के लिए नगरपालिका के सीएमओ और संबंधित उपयंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके तत्काल FIR और आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई। आक्रोशित परिजन कोठी चौराहे से पैदल मार्च करते हुए एसडीएम कार्यालय की ओर बढ़े। हाथों में तख्तियां, जुबान पर आक्रोश और आंखों में गुस्सा साफ झलक रहा था। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि यह हादसा किसी अधिकारी के परिवार के साथ हुआ होता, तो अब तक गिरफ्तारी हो चुकी होती। परिजनों ने मृतक परिवार को तत्काल मुआवजा, दोषी अधिकारियों पर एफआईआर, और पूरे मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की, तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। मार्च के दौरान कोठी चौराहे से एसडीएम कार्यालय तक माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा। भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति किसी तरह काबू में रही। ज्ञापन सौंपते हुए परिजनों ने दो टूक कहा कि मजदूर की मौत को “हादसा” बताकर फाइल बंद करने नहीं दिया जाएगा। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है—क्या सरकारी निर्माणों में मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं?1
- थाना बरही गैरतलाई निवासी ओम प्रकाश चौधरी वकील ने महिला द्वारा लगाये गए बलात्कार के आरोप को बताया निराधार कटनी एस पी से शिकायत कर की मामले की निष्पक्ष जाँच की मांग1
- लाड़ली बहनों के साथ बड़ा धोखा! 3000 की जगह 1500—सड़क पर उतरी महिलाएँ, भाजपा सरकार के खिलाफ फूटा आक्रोश 🔥 कटनी। जिस “लाड़ली बहना योजना” के नाम पर भाजपा सरकार सत्ता में आई, वही योजना आज लाखों महिलाओं के लिए छलावा बन चुकी है। तीन साल पहले किया गया 3000 रुपये प्रतिमाह का वादा आज तक पूरा नहीं हुआ। बढ़ती महंगाई, रसोई गैस, दाल, सब्जी और बच्चों की पढ़ाई के खर्च के बीच 1500 रुपये में महिलाओं का गुजारा असंभव है—इसी अन्याय के खिलाफ कटनी की महिलाएँ सड़क पर उतर आईं। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया के निर्देश पर महिला कांग्रेस नेत्री सौम्या राँधेलिया के नेतृत्व में पुरानी कचहरी चौक पर सैकड़ों महिलाओं ने हाथों में तख्तियाँ लेकर भाजपा सरकार को खुली चुनौती दी। महिलाओं ने दो टूक कहा— “वादा निभाओ, 3000 दो!” ✊ पाँच लाख बहनों के नाम काटे—यह साजिश नहीं तो क्या? प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सौम्या राँधेलिया ने कहा कि सरकार ने न सिर्फ राशि बढ़ाने से इनकार किया, बल्कि हाल ही में करीब पाँच लाख महिलाओं के नाम योजना से काट दिए, जो सीधे-सीधे महिलाओं के हक पर डाका है। उन्होंने सवाल उठाया— जब महिलाएँ सबसे ज़्यादा जरूरतमंद हैं, तब उनके नाम क्यों हटाए जा रहे हैं? 📢 मांगें साफ—अब आर-पार की लड़ाई महिला कांग्रेस ने साफ शब्दों में मांग रखी कि— लाड़ली बहना की राशि तुरंत 3000 रुपये की जाए नए रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल खोला जाए हटाई गई सभी पात्र महिलाओं को फिर से योजना में जोड़ा जाए ⚠️ चेतावनी: बहनों के हक पर चुप्पी नहीं, आंदोलन तेज होगा महिला कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि फरवरी से राशि नहीं बढ़ाई गई और महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय को बंद नहीं किया गया, तो यह आंदोलन कटनी से प्रदेशभर में आग की तरह फैलेगा। प्रदर्शन के बाद महिला कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सरकार को अंतिम चेतावनी दी। इस दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष एड. अमित शुक्ला, पूर्व विधायक सुनील मिश्रा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष मोसूफ बिट्टू, युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव दिव्यांशु मिश्रा, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहम्मद इसराइल, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष शुभम मिश्रा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता व सैकड़ों महिलाएँ मौजूद रहीं।2
- Post by Media panna atul Raikwar4
- एक साल कब बीत गया पता ही नहीं चला कुछ यादें हमारे फोन में कैद थी सोचा अपनों तक पहुंचाये मुक्ति धाम में श्रमदान किया करते थे1
- *महाराज छत्रसाल जगत सागर मेला महोत्सव का भव्य शुभारंभ*, *25 वर्षों पुरानी परंपरा को ग्रामीणों ने संजोया* छतरपुर क्षेत्र में स्थित महाराज छत्रसाल जगत सागर मेला महोत्सव का भव्य और उत्साहपूर्ण शुभारंभ किया गया। यह मेला लगभग 25 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है, जिसे ग्रामवासियों के आपसी सहयोग और सामूहिक सहभागिता से हर वर्ष सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाता है। यह मेला न सिर्फ मनोरंजन का माध्यम है, क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक भी माना जाता है। मेला महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर क्षेत्रीय विधायक कामाख्या प्रताप सिंह टीका राजा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ प्रदेश मंत्री भारतीय जनता पार्टी अर्चना गुड्डू सिंह, महाराजा छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान के अध्यक्ष भरत पाठक, विधायक प्रतिनिधि प्रवीण प्रताप सिंह रिंकू राजा, जनपद अध्यक्ष राकेश पाठक, उपस्थित रहे कार्यक्रम में सरपंच बहन कुमारी अप्पू राजा सोनी, ने सभी अतिथियों का ग्रामीणों द्वारा पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया। उद्घाटन समारोह के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। गांव के वरिष्ठ नागरिकों, युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। ग्रामीणों ने बताया कि यह मेला वर्षों से आपसी भाईचारे, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और स्थानीय परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का कार्य कर रहा है। अपने संबोधन में विधायक कामाख्या प्रताप सिंह ने कहा कि ऐसे पारंपरिक मेले हमारी संस्कृति की पहचान हैं और इन्हें संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने मेला आयोजन के लिए ग्रामवासियों को बधाई देते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।1
- कटनी में इंसानियत शर्मसार! गरीब दलित महिला के बेटे को झूठे बलात्कार केस में फँसाने की साजिश! सरपंच पर ₹1 लाख की अवैध वसूली, धमकी और षड्यंत्र के गंभीर आरोप कटनी। जिले के बरही थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गैरतलाई से एक बेहद सनसनीखेज और लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एक अनुसूचित जाति की गरीब माँ ने आरोप लगाया है कि उसके निर्दोष बेटे को योजनाबद्ध तरीके से झूठे और गंभीर आपराधिक प्रकरण—यहाँ तक कि बलात्कार जैसे अपराध में फँसाने की साजिश रची जा रही है। पीड़िता शीला चौधरी, पति प्रेमलाल चौधरी, निवासी ग्राम गैरतलाई ने पुलिस अधीक्षक कटनी को दिए शिकायती आवेदन में बताया कि 05 जनवरी 2026 को उनका पुत्र वकील चौधरी पंजाब नेशनल बैंक गैरतलाई के पास सब्जी खरीद रहा था। इसी दौरान सब्जी के दाम को लेकर मामूली कहासुनी हुई, जो बाद में झगड़े में बदल गई। महिला सब्जी विक्रेता द्वारा ही पहले मारपीट और पैसे छीनने का प्रयास किया गया, जिसे मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने शांत कराया। इसके बावजूद सब्जी विक्रेता द्वारा थाना बरही में केवल मारपीट का प्रकरण दर्ज कराया गया, जो वास्तविक और सीमित घटना थी। लेकिन यहीं से शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग और षड्यंत्र का खतरनाक खेल। ₹1 लाख दो, नहीं तो बेटे को जेल भेज देंगे! पीड़िता का आरोप है कि घटना के तीन दिन बाद ग्राम की सरपंच रमा कुमारी कोल, अपने साथियों सुजीत परौहा उर्फ कल्लू, अजय चतुर्वेदी और उमेश तिवारी के साथ उसके घर पहुँची और खुलेआम कहा गया— “₹1,00,000 खर्च कर दो, केस खत्म करवा देंगे, वरना तुम्हारे बेटे को ऐसे गंभीर केस में फँसा देंगे जिसमें जमानत भी नहीं होगी।” गरीबी का हवाला देने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी, गाली-गलौज और जातिसूचक अपमान झेलना पड़ा। आरोप है कि आरोपियों ने कहा कि “हम गवाही देंगे, तेरे लड़के को कहीं का नहीं छोड़ेंगे।” वीडियो बयान में महिला ने खुद माना—कोई गलत घटना नहीं सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि उसी महिला सब्जी विक्रेता ने कटनी में पुलिस के समक्ष वीडियोग्राफी में साफ कहा था कि उसके साथ कोई ऐसा कृत्य नहीं हुआ जिससे उसकी इज्जत पर आँच आई हो। यह भी सामने आया कि सरपंच और उसके साथी महिला पर झूठा बयान देने का दबाव बना रहे थे। पहले भी कई लोगों को SC/ST एक्ट में फँसाने के आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि सरपंच रमा कुमारी कोल द्वारा पहले भी कई ग्रामीणों को SC/ST एक्ट जैसे गंभीर कानूनों में फँसाकर समझौते के नाम पर लाखों रुपये वसूले गए हैं। जो पैसे दे पाए, वे बच गए और जो गरीब थे—वे आज भी मुकदमे झेल रहे हैं। सवालों के घेरे में व्यवस्था यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था, गरीबों की सुरक्षा और कानून के दुरुपयोग पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्या अब गरीब होना ही सबसे बड़ा अपराध बन गया है? क्या जनप्रतिनिधि ही कानून का हथियार बनाकर लोगों को डराने लगें, तो आम आदमी कहाँ जाए? पीड़िता की मांग पीड़ित माँ ने हाथ जोड़कर मांग की है कि— उसके बेटे को झूठे मामलों में फँसाने की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो सरपंच व उसके साथियों पर धमकी, अवैध वसूली, षड्यंत्र, गाली-गलौज और जातिगत अपमान का प्रकरण दर्ज किया जाए गरीब और निर्दोष परिवार को न्याय और सुरक्षा दी जाए अब देखना यह है कि कटनी पुलिस और प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है, या फिर एक गरीब माँ की पुकार भी फाइलों में दबकर रह जाएगी।3