शहडोल के सिंहपुर थाना पुलिस ने एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। घटना की शुरुआत 24 मई 2026 को हुई, जब फरियादी ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग बेटी 21 मई 2026 की रात से लापता है। परिजनों द्वारा की गई तमाम कोशिशों के बावजूद जब बेटी का कोई पता नहीं चला, तो उन्होंने किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसे बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताई थी। मामले में पुलिस ने बी.एन.एस. के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर धारा 65(1) बी.एन.एस. तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4 का इजाफा किया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी की पहचान शनि बैगा, उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम पड़रिया के रूप में की। पुलिस द्वारा संलिप्तता प्रमाणित होने के बाद, गुरुवार 9 जुलाई 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी सिंहपुर के नेतृत्व में आशीष झारिया, सुभंवत चतुर्वेदी, पवन शुक्ला, सुनील शुक्ला, जोगेंद्र पटेल और रावजी डोडडे शामिल रहे।
शहडोल के सिंहपुर थाना पुलिस ने एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। घटना की शुरुआत 24 मई 2026 को हुई, जब फरियादी ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग बेटी 21 मई 2026 की रात से लापता है। परिजनों द्वारा की गई तमाम कोशिशों के बावजूद जब बेटी का कोई पता नहीं चला, तो उन्होंने किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसे बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताई थी। मामले में पुलिस ने बी.एन.एस. के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर धारा 65(1) बी.एन.एस. तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4 का इजाफा किया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी की पहचान शनि बैगा, उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम पड़रिया के रूप में की। पुलिस द्वारा संलिप्तता प्रमाणित होने के बाद, गुरुवार 9 जुलाई 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी सिंहपुर के नेतृत्व में आशीष झारिया, सुभंवत चतुर्वेदी, पवन शुक्ला, सुनील शुक्ला, जोगेंद्र पटेल और रावजी डोडडे शामिल रहे।
- शहडोल जिले के सोहागपुर में सरपंच संघ ने जिला पंचायत सीईओ पर अभद्रता करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस व्यवहार से नाराज सरपंच संघ ने अब सख्त रुख अपनाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया और स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।1
- उमरिया जिले की जनपद पंचायत पाली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अमिलिया में नाली निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है और बेहद घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सरिया की गुणवत्ता काफी कमजोर है। साथ ही, सीमेंट, गिट्टी और अन्य सामग्री की गुणवत्ता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं, जिससे नाली की मजबूती और लंबे समय तक टिकाऊ रहने पर संशय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस कार्य की तकनीकी जांच नहीं की गई, तो सरकारी धन का दुरुपयोग होगा और भविष्य में नाली के क्षतिग्रस्त होने का बड़ा खतरा बना रहेगा। संबंधित अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने और मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।4
- डिंडोरी जिले के बजाग में खरीफ फसलों के लिए फसल बीमा योजना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना की जानकारी किसानों तक पहुँचाने और उन्हें जागरूक करने के लिए सीएससी (CSC) संचालक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर सीएससी संचालक प्रत्येक व्यक्ति से संपर्क कर इस बीमा योजना के लाभों और प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दे रहे हैं ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।1
- उमरिया में 10 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश श्रमजीवी सफाई कर्मचारी संघ, संबंध भारतीय मजदूर संघ की एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। जिला अध्यक्ष श्री जग्गू चौहथा के नेतृत्व में हुई इस बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष श्री विजय महतेल, प्रदेश संगठन मंत्री श्री शारदा खुदीशा, मंडल अध्यक्ष श्री उमेश महतेल (बिरसिंहपुर पाली), जिला संगठन मंत्री श्री जितेंद्र कुमार और मंडल अध्यक्ष श्री प्रेमलाल लालपुरी समेत नगर पालिका उमरिया, बिरसिंहपुर पाली, नरोजाबाद, चंदिया एवं नगर परिषद मानपुर के बड़ी संख्या में कर्मचारी और पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान पांचों नगर निकायों के सफाई कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि शासन द्वारा निर्धारित सुविधाओं और योजनाओं का लाभ आज भी अधिकांश सफाई कर्मचारियों तक नहीं पहुंच रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है। इसके अलावा, कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सेवा करने के बावजूद उन्हें अधिकारों और सुविधाओं से वंचित रखने पर नाराजगी जताई गई और संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही एवं अनियमितताओं के आरोप लगाए गए। संगठन को मजबूत करने के लिए बैठक में नए पदाधिकारियों की नियुक्तियां भी की गईं। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब सभी सफाई कर्मचारी एक विशाल रैली निकालकर उमरिया के कलेक्टर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे। रैली की तिथि और समय की घोषणा जल्द ही की जाएगी।4
- उमरिया में 10 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश श्रमजीवी सफाई कर्मचारी संघ, भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध, की एक जिला स्तरीय बैठक संपन्न हुई। जिला अध्यक्ष श्री जग्गू चौहथा के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष श्री विजय महतेल, प्रदेश संगठन मंत्री श्री शारदा खुदीशा, मंडल अध्यक्ष श्री उमेश महतेल और श्री प्रेमलाल लालपुरी, तथा जिला संगठन मंत्री श्री जितेंद्र कुमार समेत नगर पालिका उमरिया, बिरसिंहपुर पाली, नरोजाबाद, चंदिया एवं नगर परिषद मानपुर के बड़ी संख्या में कर्मचारी व पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में पांचों नगर निकायों के सफाई कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीर चर्चा हुई। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि शासन की निर्धारित सुविधाओं और योजनाओं का लाभ उन तक नहीं पहुँच रहा है, और पूर्व में दिए गए ज्ञापनों के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला है। कर्मचारियों ने कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर दी गई सेवाओं का स्मरण कराते हुए संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही और अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए। संगठन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि जल्द ही जिले के पांचों नगर निकायों के सफाई कर्मचारी एक विशाल रैली निकालकर उमरिया के कलेक्टर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे। इस आंदोलन की तिथि और समय की घोषणा जल्द की जाएगी। बैठक में संगठन को मजबूती देने के लिए सफाई कर्मचारी भाइयों, माताओं और बहनों को नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए पदाधिकारियों की नियुक्ति भी की गई।4
- उमरिया जिले भर में अवैध पैकारी का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है, जिसने स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। इस पूरी स्थिति पर जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी बनी हुई है, जिसके चलते आम जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- अनूपपुर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रीमती अर्चना कुमारी ने प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के तहत जनमन और आवास प्लस कार्यों की समीक्षा की है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन हितग्राहियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय किस्त जारी की जा चुकी है, उनके आवास निर्माण का कार्य संतोषजनक रूप से दिखाई देना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने योजना की राशि का गबन करने वाले हितग्राहियों के मामलों में सख्त वसूली की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान सीईओ ने निर्देश दिए कि जिन हितग्राहियों के डीबीटी संबंधी कार्य लंबित हैं, उन्हें बैंक से समन्वय स्थापित कर जल्द पूर्ण कराया जाए। इसके अलावा, जिले के ग्राम पंचायत सकोल, बलबहरा, रेउसा और खजुरवार में सीएसईबी ब्लॉक निर्माण की समीक्षा करते हुए आवास निर्माण में इन ब्लॉक्स का उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय के सर्वे कार्य की जानकारी लेते हुए जिला पंचायत सीईओ ने निर्धारित सर्वे प्रपत्र के अनुसार एक सप्ताह में डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति के चिन्हांकन के लिए यह कार्य गंभीरता से किया जाए, ताकि शासन द्वारा जिले को दिए गए 2174 के लक्ष्य के अनुरूप पात्र लोगों को व्यक्तिगत शौचालय की स्वीकृति दी जा सके।1
- उमरिया जिले के नौरोजाबाद क्षेत्र में एसईसीएल की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ मुख्य मार्ग पर लगी सुरक्षा रेलिंग लंबे समय से टूटी हुई है। यह मार्ग स्थानीय ग्रामीणों, वाहन चालकों और खेर माता मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन का मुख्य रास्ता है, जहाँ इस क्षतिग्रस्त रेलिंग के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा होने का डर बना हुआ है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रेलिंग के टूटे होने से विशेषकर रात के समय वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई निराकरण नहीं किया गया है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन से मांग की है कि किसी बड़ी दुर्घटना के होने से पहले जल्द से जल्द इसकी मरम्मत कराई जाए और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।2
- मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में 15 से 30 जुलाई तक 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान चलाया जाएगा। राज्य सरकार के 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' के तहत आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं और प्रदेशवासियों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है। मुख्यमंत्री का कहना है कि नशा समाज, परिवार और युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए विनाशकारी है, इसलिए इसके खिलाफ लड़ाई में जनसहयोग अनिवार्य है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशा मुक्त भारत' के संकल्प और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा वर्ष 2029 तक देश को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। उमरिया में प्रशासन और पुलिस मिलकर जनजागरूकता रैलियां, शपथ ग्रहण समारोह और स्कूल-कॉलेजों में विशेष गतिविधियां आयोजित करेंगे। साथ ही, नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का आग्रह किया है, ताकि 'नशा मुक्त उमरिया' और 'नशा मुक्त मध्यप्रदेश' का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।2