सैफई महोत्सव में पैसे उड़ाने वाले आज शिक्षा व्यवस्था पर उठा रहे हैं सवाल, 81 शिक्षकों को सम्मानित किया गया गोरखपुर में शनिवार को सीएम योगी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा केि जन्मदिन पर जितने में बर्मिंघम से रथ मंगवाते थे, जितना पैसा आप सैफई महोत्सव में खर्च करते थे, उतने में तो शिक्षा व्यवस्था ही बदल जाती। बच्चों का भविष्य सुधर जाता। ये सिर्फ प्रश्न खड़ा कर सकते हैं। सीएम ने कहा- 2017 से पहले ठेके पर नकल होती थी। बदनाम शिक्षा व्यवस्था होती थी। पहचान का संकट हमारे युवाओं के सामने आता था। यूपी को शक की नजरों से देखा जाता था। भारत में सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य कटघरे में खड़ा होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। सीएम ने शिक्षक दिवस पर 81 शिक्षकों को सम्मानित किया। प्रोटोकॉल से अलग हटकर सभी को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया। कहा- मुझे बताया गया था कि सिर्फ 10 शिक्षक ही मंच पर आएंगे। लेकिन, सभी शिक्षक दूर-दूर से आए हैं, इसलिए सभी को बुलाया। सम्मानित होने वाले 81 शिक्षकों में बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षक शामिल हैं। इनमें 33 महिला शिक्षिकाएं भी हैं। इन शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र भी 2 साल बढ़ा दी गई है। अब ये रोडवेज बसों में मुफ्त सफर भी कर सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आयोजित होने वाली परीक्षाओं में किसी भी तरह की नकल या पेपर लीक नहीं हुआ है। परीक्षा के दौरान पूरा शिक्षा विभाग और अधिकारी तनावमुक्त होकर एकाग्रता से काम करते हैं और बच्चों के भविष्य पर किसी तरह की आंच नहीं आने देते। बच्चों का जीवन बदलने वाले शिक्षकों को अपने जीवन पर भी ध्यान देना चाहिए। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा- शिक्षा हमारी सरकार की प्राथमिकता है। आलोचना करने वालों से न हम कभी झुके थे और न कभी झुकेंगे। हम अपनी दूरदर्शी सोच के साथ आगे बढ़ते रहेंगे। अच्छे-अच्छे संस्थानों के शिक्षक भी हमारे शिक्षकों के आगे नहीं टिक पाएंगे। 2017 से पहले शिक्षा राजनीति का माध्यम बनी हुई थी। यह केवल सरकार के एजेंडे में होती थी, लेकिन काम नहीं होता था। बेसिक शिक्षा विभाग की पहले क्या दुर्गति थी, यह किसी से छिपी नहीं है। लेकिन 2017 के बाद इसमें बदलाव हुआ है।
सैफई महोत्सव में पैसे उड़ाने वाले आज शिक्षा व्यवस्था पर उठा रहे हैं सवाल, 81 शिक्षकों को सम्मानित किया गया गोरखपुर में शनिवार को सीएम योगी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा केि जन्मदिन पर जितने में बर्मिंघम से रथ मंगवाते थे, जितना पैसा आप सैफई महोत्सव में खर्च करते थे, उतने में तो शिक्षा व्यवस्था ही बदल जाती। बच्चों का भविष्य सुधर जाता। ये सिर्फ प्रश्न खड़ा कर सकते हैं। सीएम ने कहा- 2017 से पहले ठेके पर नकल होती थी। बदनाम शिक्षा व्यवस्था होती थी। पहचान का संकट हमारे युवाओं के सामने आता था। यूपी को शक की नजरों से देखा जाता था। भारत में सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य कटघरे में खड़ा होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। सीएम ने शिक्षक दिवस पर 81 शिक्षकों को सम्मानित किया। प्रोटोकॉल से अलग हटकर सभी को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया। कहा- मुझे बताया गया था कि सिर्फ 10 शिक्षक ही मंच पर आएंगे। लेकिन, सभी शिक्षक दूर-दूर से आए हैं, इसलिए सभी को बुलाया। सम्मानित होने वाले 81 शिक्षकों में बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षक शामिल हैं। इनमें 33 महिला शिक्षिकाएं भी हैं। इन शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र भी 2 साल बढ़ा दी गई है। अब ये रोडवेज बसों में मुफ्त सफर भी कर सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आयोजित होने वाली परीक्षाओं में किसी भी तरह की नकल या पेपर लीक नहीं हुआ है। परीक्षा के दौरान पूरा शिक्षा विभाग और अधिकारी तनावमुक्त होकर एकाग्रता से काम करते हैं और बच्चों के भविष्य पर किसी तरह की आंच नहीं आने देते। बच्चों का जीवन बदलने वाले शिक्षकों को अपने जीवन पर भी ध्यान देना चाहिए। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा- शिक्षा हमारी सरकार की प्राथमिकता है। आलोचना करने वालों से न हम कभी झुके थे और न कभी झुकेंगे। हम अपनी दूरदर्शी सोच के साथ आगे बढ़ते रहेंगे। अच्छे-अच्छे संस्थानों के शिक्षक भी हमारे शिक्षकों के आगे नहीं टिक पाएंगे। 2017 से पहले शिक्षा राजनीति का माध्यम बनी हुई थी। यह केवल सरकार के एजेंडे में होती थी, लेकिन काम नहीं होता था। बेसिक शिक्षा विभाग की पहले क्या दुर्गति थी, यह किसी से छिपी नहीं है। लेकिन 2017 के बाद इसमें बदलाव हुआ है।
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी में शानिवार को काशी विश्वनाथ मंदिर धाम में बाबा विश्वनाथ जी का दर्शन पूजन किया।1
- सैफई महोत्सव में पैसे उड़ाने वाले आज शिक्षा व्यवस्था पर उठा रहे हैं सवाल, 81 शिक्षकों को सम्मानित किया गया गोरखपुर में शनिवार को सीएम योगी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा केि जन्मदिन पर जितने में बर्मिंघम से रथ मंगवाते थे, जितना पैसा आप सैफई महोत्सव में खर्च करते थे, उतने में तो शिक्षा व्यवस्था ही बदल जाती। बच्चों का भविष्य सुधर जाता। ये सिर्फ प्रश्न खड़ा कर सकते हैं। सीएम ने कहा- 2017 से पहले ठेके पर नकल होती थी। बदनाम शिक्षा व्यवस्था होती थी। पहचान का संकट हमारे युवाओं के सामने आता था। यूपी को शक की नजरों से देखा जाता था। भारत में सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य कटघरे में खड़ा होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। सीएम ने शिक्षक दिवस पर 81 शिक्षकों को सम्मानित किया। प्रोटोकॉल से अलग हटकर सभी को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया। कहा- मुझे बताया गया था कि सिर्फ 10 शिक्षक ही मंच पर आएंगे। लेकिन, सभी शिक्षक दूर-दूर से आए हैं, इसलिए सभी को बुलाया। सम्मानित होने वाले 81 शिक्षकों में बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षक शामिल हैं। इनमें 33 महिला शिक्षिकाएं भी हैं। इन शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र भी 2 साल बढ़ा दी गई है। अब ये रोडवेज बसों में मुफ्त सफर भी कर सकेंगे। माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आयोजित होने वाली परीक्षाओं में किसी भी तरह की नकल या पेपर लीक नहीं हुआ है। परीक्षा के दौरान पूरा शिक्षा विभाग और अधिकारी तनावमुक्त होकर एकाग्रता से काम करते हैं और बच्चों के भविष्य पर किसी तरह की आंच नहीं आने देते। बच्चों का जीवन बदलने वाले शिक्षकों को अपने जीवन पर भी ध्यान देना चाहिए। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा- शिक्षा हमारी सरकार की प्राथमिकता है। आलोचना करने वालों से न हम कभी झुके थे और न कभी झुकेंगे। हम अपनी दूरदर्शी सोच के साथ आगे बढ़ते रहेंगे। अच्छे-अच्छे संस्थानों के शिक्षक भी हमारे शिक्षकों के आगे नहीं टिक पाएंगे। 2017 से पहले शिक्षा राजनीति का माध्यम बनी हुई थी। यह केवल सरकार के एजेंडे में होती थी, लेकिन काम नहीं होता था। बेसिक शिक्षा विभाग की पहले क्या दुर्गति थी, यह किसी से छिपी नहीं है। लेकिन 2017 के बाद इसमें बदलाव हुआ है।1
- गोरखपुर में योगी समर्थकों की पुलिस से झड़प,अखिलेश यादव का पुतला दहन करने जा रहे थे.... गोरखपुर में योगी समर्थकों की पुलिस से झड़प,अखिलेश यादव का पुतला दहन करने जा रहे थे....1
- सूर्यांश न्यूज़ 24 हर खबर पर नजर आपका अपना लोकप्रिय चैनल1
- *महुली पुलिस की सतर्क निगरानी — शराब की दुकानों के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन चेकिंग, पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा* पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीणा द्वारा अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा आमजन में सुरक्षा की भावना को और मजबूत करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के क्रम में थाना महुली पुलिस द्वारा क्षेत्र में व्यापक चेकिंग एवं पैदल गश्त अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान थाना क्षेत्र में स्थित शराब की दुकानों एवं उनके आसपास एकत्रित व्यक्तियों की सघन चेकिंग की गई। मौके पर बैठे संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर उनकी गतिविधियों की जानकारी ली गई तथा किसी भी प्रकार की संदिग्ध अथवा अवांछनीय गतिविधि पर कड़ी नजर रखी गई। इसके साथ ही आसपास खड़े एवं आवागमन कर रहे संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की गई। वाहन चालकों से आवश्यक पूछताछ करते हुए वाहन के कागजात एवं अन्य आवश्यक बिंदुओं की जांच की गई। संदिग्ध परिस्थितियों में पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं वाहनों के संबंध में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पैदल गश्त से बढ़ाया सुरक्षा का भरोसा महुली पुलिस टीम द्वारा प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थानों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल गश्त किया गया। गश्त के दौरान स्थानीय दुकानदारों, व्यापारियों एवं आम नागरिकों से संवाद स्थापित कर क्षेत्र की गतिविधियों एवं समस्याओं की जानकारी ली गई। पुलिस टीम द्वारा आमजन को आश्वस्त किया गया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना एवं नागरिकों की सुरक्षा महुली पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन अथवा गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया गया। “सतर्क पुलिस, सुरक्षित समाज” महुली पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया कि अपराध नियंत्रण केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लगातार निगरानी, सक्रिय गश्त, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और आमजन के साथ बेहतर समन्वय के माध्यम से अपराध की संभावनाओं को समय रहते रोकना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। महुली पुलिस द्वारा क्षेत्र में लगातार भ्रमण एवं चेकिंग अभियान जारी रखते हुए अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिस की सक्रिय मौजूदगी से आमजन में सुरक्षा का विश्वास और अपराधियों में कानून का भय बनाए रखने का प्रयास निरंतर जारी है। महुली पुलिस — आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।4
- प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश पांडे के नेतृत्व में स्वच्छ थाना–स्वस्थ पुलिस” की दिशा में महुली पुलिस की अनूठी पहल* स्वच्छ थाना–स्वस्थ पुलिस” की दिशा में महुली पुलिस की अनूठी पहल* *पुलिस अधीक्षक महोदय के आदेश पर चला वृहद स्वच्छता अभियान, श्रम के साथ योग-ध्यान एवं व्यायाम से पुलिसकर्मियों ने लिया स्वस्थ एवं अनुशासित पुलिसिंग का संकल्प* पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीणा के निर्देशन एवं आदेश के क्रम में थाना महुली परिसर में आज वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में थाना प्रभारी सहित समस्त पुलिसकर्मियों ने पूरे उत्साह, ऊर्जा और टीम भावना के साथ सहभागिता की।* यह अभियान महज थाना परिसर की सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि “स्वच्छ वातावरण, सकारात्मक सोच और बेहतर पुलिसिंग” के संकल्प के रूप में सामने आया। सुबह की शुरुआत जब हाथों में हथियारों के साथ नहीं, बल्कि झाड़ू और सफाई के उपकरणों के साथ हुई तो यह दृश्य अपने आप में एक प्रेरणादायी संदेश बन गया। वर्दी में तैनात पुलिसकर्मियों ने अपने पद और जिम्मेदारियों के साथ-साथ यह भी प्रदर्शित किया कि जिस स्थान से समाज की सुरक्षा और सेवा का संकल्प लिया जाता है, उसकी स्वच्छता और गरिमा बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। *स्वच्छता अभियान के दौरान थाना परिसर के कार्यालयों, मुख्य भवनों, बैरक एवं आसपास के महत्वपूर्ण स्थानों की गहन साफ-सफाई की गई। कार्यालयों में रखे अभिलेखों एवं पत्रावलियों की धूल-मिट्टी साफ कर उन्हें व्यवस्थित किया गया, जिससे न केवल परिसर की स्वच्छता बेहतर हुई बल्कि अभिलेखों के सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया गया।* अभियान के दौरान प्रत्येक पुलिसकर्मी ने अपने कार्यस्थल को बेहतर बनाने में अपना योगदान दिया। किसी ने कार्यालय की सफाई की, किसी ने अभिलेख व्यवस्थित किए तो किसी ने परिसर एवं भवनों की सफाई की। पद और जिम्मेदारी अलग हो सकती है, लेकिन टीम के रूप में लक्ष्य एक ही रहा—थाना महुली को स्वच्छ, सुंदर, व्यवस्थित और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण बनाना। स्वच्छता के बाद स्वास्थ्य और मानसिक मजबूती की ओर कदम स्वच्छता अभियान के उपरांत पुलिसकर्मियों द्वारा योग, ध्यान एवं व्यायाम किया गया। पुलिस की ड्यूटी अत्यंत चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण होती है। दिन-रात कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं आमजन की समस्याओं के बीच लगातार सक्रिय रहने वाले पुलिसकर्मियों के लिए शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक शांति भी अत्यंत आवश्यक है। योग एवं ध्यान के माध्यम से पुलिसकर्मियों को तनावमुक्त, एकाग्र एवं सकारात्मक रहने के लिए प्रेरित किया गया, वहीं व्यायाम के माध्यम से शरीर को स्वस्थ एवं चुस्त-दुरुस्त रखने का संदेश दिया गया। *“वर्दी केवल पहनने की चीज नहीं, जिम्मेदारी निभाने का संकल्प है।”"* थाना महुली पुलिस का मानना है कि पुलिसिंग केवल अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है। अनुशासन, स्वच्छता, स्वास्थ्य, संवेदनशीलता और टीम भावना—ये सभी प्रभावी पुलिसिंग के महत्वपूर्ण आधार हैं। एक स्वच्छ थाना पुलिसकर्मियों के भीतर भी सकारात्मक ऊर्जा पैदा करता है और वहां आने वाले प्रत्येक फरियादी को यह एहसास कराता है कि वह एक व्यवस्थित, जिम्मेदार और संवेदनशील व्यवस्था के बीच अपनी बात रखने आया है। *आज का यह अभियान इसी सोच का प्रतिबिंब रहा कि—* “जहां पुलिसकर्मी अपने कार्यस्थल को अपना घर समझकर स्वच्छ रखते हैं, वहीं से जनता की सेवा का भाव और भी मजबूत होकर निकलता है।” थाना महुली पुलिस ने इस अवसर पर यह संदेश भी दिया कि स्वच्छता किसी एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि हमारी कार्यसंस्कृति और दैनिक अनुशासन का हिस्सा होनी चाहिए। *पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में थाना महुली पुलिस का संकल्प है कि स्वच्छ थाना, स्वस्थ पुलिसकर्मी, सकारात्मक कार्य वातावरण और संवेदनशील पुलिसिंग के माध्यम से आमजन के विश्वास को और मजबूत किया जाएगा।* “थाना हमारा कार्यस्थल है, जनता हमारी जिम्मेदारी है, स्वच्छता हमारा अनुशासन है, स्वास्थ्य हमारी शक्ति है, और सेवा हमारा संकल्प है।” थाना महुली पुलिस — सुरक्षा, सेवा, संवेदना और अनुशासन के साथ।2
- गोरखपुर में Lions Club का भव्य अधिष्ठापन समारोह | नए पदाधिकारियों ने ली शपथ | Lions Club Gorakhpur1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भावी पीढ़ी को गढ़ने व शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और अन्य उत्कृष्ट प्रयासों से समाज को नई दिशा देने वाले प्रदेश के 81 शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर किया सम्मानित । गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित शिक्षकों को 'राज्य अध्यापक पुरस्कार 2025' एवं 'मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार 2025' प्रदान किया।1
- गोरखपुर में अखिलेश यादव का पुतला दहन करने जा रहे ,योगी समर्थको से पुलिस की झड़प..।1