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बांदा जनपद के मुरवल गांव में आए भीषण तूफान ने एक किसान की उम्मीदों पर ऐसा प्रहार किया है कि उसकी पूरी सिंचाई व्यवस्था पलभर में ठप हो गई है। गांव निवासी शिरोमण निषाद पुत्र छंगू निषाद के ट्यूबवेल पर प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना (पीएम-कुसुम) वर्ष 2024-25 के अंतर्गत लगाया गया सोलर सिस्टम तेज आंधी की चपेट में आकर बुरी तरह टूट गया। सरकार ने यह सौर ऊर्जा संयंत्र किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और डीजल-पेट्रोल के बढ़ते खर्च से राहत देने के उद्देश्य से अनुदान के जरिए स्थापित कराया था। हालाँकि, जिस सोलर पैनल से खेतों में हरियाली और घरों तक पानी पहुंचना था, वही अब टूटकर बेजान पड़ा है। तूफान की रफ्तार इतनी भयावह थी कि लोहे के ढांचे तक हिल गए और सोलर पैनल चकनाचूर हो गए, जिससे किसान की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह धराशायी हो गई। ग्रामीण अंचलों में खेती केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि पूरे परिवार की सांसों का सहारा होती है। ऐसे में सिंचाई का रुकना केवल तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि फसल के भविष्य पर एक गंभीर संकट का संकेत है। खेतों के सूखने से किसान की मेहनत, बीज और सभी उम्मीदों पर पानी फिर सकता है। इसके अतिरिक्त, ट्यूबवेल बंद होने से गांव में पेयजल संकट की आशंका भी गहराने लगी है। पीड़ित किसान ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल आर्थिक सहायता और शीघ्र मरम्मत की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे इस किसान तक राहत कितनी तेजी से पहुंचती है, क्योंकि किसान के लिए हर गुजरता दिन उसकी फसल की उम्र को कम कर रहा है।

18 hrs ago
user_Amod Kumar
Amod Kumar
रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
18 hrs ago

बांदा जनपद के मुरवल गांव में आए भीषण तूफान ने एक किसान की उम्मीदों पर ऐसा प्रहार किया है कि उसकी पूरी सिंचाई व्यवस्था पलभर में ठप हो गई है। गांव निवासी शिरोमण निषाद पुत्र छंगू निषाद के ट्यूबवेल पर प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना (पीएम-कुसुम) वर्ष 2024-25 के अंतर्गत लगाया गया सोलर सिस्टम तेज आंधी की चपेट में आकर बुरी तरह टूट गया। सरकार ने यह सौर ऊर्जा संयंत्र किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और डीजल-पेट्रोल के बढ़ते खर्च से राहत देने के उद्देश्य से अनुदान के जरिए स्थापित कराया था। हालाँकि, जिस सोलर पैनल से खेतों में हरियाली और घरों तक पानी पहुंचना था, वही अब टूटकर बेजान पड़ा है। तूफान की रफ्तार इतनी भयावह थी कि लोहे के ढांचे तक हिल गए और सोलर पैनल चकनाचूर हो गए, जिससे किसान की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह धराशायी हो गई। ग्रामीण अंचलों में खेती केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि पूरे परिवार की सांसों का सहारा होती है। ऐसे में सिंचाई का रुकना केवल तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि फसल के भविष्य पर एक गंभीर संकट का संकेत है। खेतों के सूखने से किसान की मेहनत, बीज और सभी उम्मीदों पर पानी फिर सकता है। इसके अतिरिक्त, ट्यूबवेल बंद होने से गांव में पेयजल संकट की आशंका भी गहराने लगी है। पीड़ित किसान ने प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल आर्थिक सहायता और शीघ्र मरम्मत की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे इस किसान तक राहत कितनी तेजी से पहुंचती है, क्योंकि किसान के लिए हर गुजरता दिन उसकी फसल की उम्र को कम कर रहा है।

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  • चरखारी में जगद्गुरु शंकराचार्य का आगमन हुआ, जहाँ उन्होंने धर्म, संस्कृति और गौ रक्षा का महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह आगमन इन विषयों पर प्रकाश डालने और इनके प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से हुआ।
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    चरखारी में जगद्गुरु शंकराचार्य का आगमन हुआ, जहाँ उन्होंने धर्म, संस्कृति और गौ रक्षा का महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह आगमन इन विषयों पर प्रकाश डालने और इनके प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से हुआ।
    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • veerpal ji rajput महोबा शहर में 29/05/2026. 10:45pm UP Uttar Pradesh
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    veerpal ji rajput 
महोबा शहर में 29/05/2026.  10:45pm  UP Uttar Pradesh
    user_Veerpal ji Rajput
    Veerpal ji Rajput
    Pharmacist महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • हमीरपुर में आए भयंकर तूफान ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे आम और जायद की फसलों को तगड़ा झटका लगा है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण हजारों की संख्या में आम, नीम, महुआ, पीपल, लभेरा और शीशम जैसे पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गए हैं। विशेष रूप से, आम की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। इसके साथ ही, फैक्ट्री एरिया में भी तूफान का असर देखने को मिला है, जहाँ कई कंपनियों के टीनशेड जमींदोज हो गए हैं। किसानों की खेतों में रखी मूंग की फसल भी तूफान की भेंट चढ़ गई। जानकारी के अनुसार, बंडा के किसान संजय सिंह की पाँच बीघा, कमल सिंह की सात बीघा और बांक के छोटे लाल की 12 बीघा मूंग की फसल तूफान से उड़ गई है। मानवीय क्षति के अलावा, इस तूफान ने जीव-जंतुओं पर भी कहर बरपाया है; फैक्ट्री एरिया में दो दर्जन से अधिक तोतों की मौत हो गई, और ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई मवेशी इसकी चपेट में आकर मारे गए हैं।
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    हमीरपुर में आए भयंकर तूफान ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे आम और जायद की फसलों को तगड़ा झटका लगा है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण हजारों की संख्या में आम, नीम, महुआ, पीपल, लभेरा और शीशम जैसे पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गए हैं। विशेष रूप से, आम की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। इसके साथ ही, फैक्ट्री एरिया में भी तूफान का असर देखने को मिला है, जहाँ कई कंपनियों के टीनशेड जमींदोज हो गए हैं।

किसानों की खेतों में रखी मूंग की फसल भी तूफान की भेंट चढ़ गई। जानकारी के अनुसार, बंडा के किसान संजय सिंह की पाँच बीघा, कमल सिंह की सात बीघा और बांक के छोटे लाल की 12 बीघा मूंग की फसल तूफान से उड़ गई है। मानवीय क्षति के अलावा, इस तूफान ने जीव-जंतुओं पर भी कहर बरपाया है; फैक्ट्री एरिया में दो दर्जन से अधिक तोतों की मौत हो गई, और ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई मवेशी इसकी चपेट में आकर मारे गए हैं।
    user_संतोष कुमार चक्रवर्ती
    संतोष कुमार चक्रवर्ती
    Journalist हमीरपुर, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • महोबा के पनवाड़ी ब्लॉक क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसान 26 मई से आमरण अनशन पर बैठे हैं। यह अनशन पनवाड़ी ब्लॉक में छतेसर से रूरीकला तक सड़क चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा न मिलने के विरोध में किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के लिए उनकी भूमि ली गई है, लेकिन उन्हें अब तक निर्धारित मुआवजा राशि नहीं दी गई है। मुआवजा न मिलने के कारण क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी है, जिसके चलते उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। अनशन पर बैठे किसानों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर उनकी समस्या का समाधान करने की मांग की है। किसान नेताओं का कहना है कि आर्थिक प्रतिपूर्ति न मिलने से उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी भूमि का उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और भी व्यापक रूप देंगे। इस आंदोलन को क्षेत्रीय किसानों और ग्रामीणों का भी समर्थन मिल रहा है।
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    महोबा के पनवाड़ी ब्लॉक क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसान 26 मई से आमरण अनशन पर बैठे हैं। यह अनशन पनवाड़ी ब्लॉक में छतेसर से रूरीकला तक सड़क चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा न मिलने के विरोध में किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के लिए उनकी भूमि ली गई है, लेकिन उन्हें अब तक निर्धारित मुआवजा राशि नहीं दी गई है।

मुआवजा न मिलने के कारण क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी है, जिसके चलते उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। अनशन पर बैठे किसानों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर उनकी समस्या का समाधान करने की मांग की है। किसान नेताओं का कहना है कि आर्थिक प्रतिपूर्ति न मिलने से उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी भूमि का उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और भी व्यापक रूप देंगे। इस आंदोलन को क्षेत्रीय किसानों और ग्रामीणों का भी समर्थन मिल रहा है।
    user_Hari Singh
    Hari Singh
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • फतेहपुर जिले के लिए अगले 24 घंटे भारी रहने वाले हैं, जहाँ मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। 'सचेत ऐप' से मिली जानकारी के अनुसार, इन अगले 24 घंटों में 80-90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना है। इसी के मद्देनजर जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने जिले के लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम में बिना किसी जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें। साथ ही, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की भी सलाह दी गई है। जिला प्रशासन इस स्थिति को लेकर पूरी तरह से अलर्ट पर है।
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    फतेहपुर जिले के लिए अगले 24 घंटे भारी रहने वाले हैं, जहाँ मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। 'सचेत ऐप' से मिली जानकारी के अनुसार, इन अगले 24 घंटों में 80-90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना है।

इसी के मद्देनजर जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने जिले के लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम में बिना किसी जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें। साथ ही, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की भी सलाह दी गई है। जिला प्रशासन इस स्थिति को लेकर पूरी तरह से अलर्ट पर है।
    user_Bablu singh Raftaar media
    Bablu singh Raftaar media
    निष्पक्ष पत्रकारिता करना उद्देश्य Fatehpur, Uttar Pradesh•
    38 min ago
  • जिस दिन महान योद्धा आल्हा का जन्म हुआ था, उस दिन धरती अढ़ाई हाथ धंस गई थी। यह एक प्रसिद्ध लोकगाथा है जो उनके जन्म के साथ जुड़ी हुई है और उनकी असाधारण शक्ति का परिचायक है।
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    जिस दिन महान योद्धा आल्हा का जन्म हुआ था, उस दिन धरती अढ़ाई हाथ धंस गई थी। यह एक प्रसिद्ध लोकगाथा है जो उनके जन्म के साथ जुड़ी हुई है और उनकी असाधारण शक्ति का परिचायक है।
    user_इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    इंडिया न्यूज यूपी एक्सप्रेस
    महोबा, महोबा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में गुरुवार देर रात तेज आंधी-तूफान और बारिश के बीच एक बड़ा हादसा हो गया, जहां बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक भरभराकर गिर गया। इस दुखद घटना में मलबे में दबने से 6 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन मजदूर घायल हुए हैं। यह दुर्घटना थाना ललपुरा क्षेत्र के मोराकांदर परसनी और थाना कुरारा क्षेत्र के नैठी गांव को जोड़ने वाले पुल पर रात करीब 3 बजे हुई। बताया गया है कि तेज बारिश और आंधी के दौरान पुल का स्लैब ढह गया, जब कई मजदूर उसके नीचे और आसपास काम कर रहे थे। स्लैब गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान लोकेंद्र निषाद (22), कुलदीप निषाद (19), सावंत यादव (28), सभाजीत (30), पुष्पेंद्र सिंह चौहान (34) और राजेश पाल (42) के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। रेस्क्यू टीम ने जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों ने भी मदद की। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि राहत कार्य तेजी से चलाया गया और सभी मजदूरों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुखद और हृदय विदारक बताया। उन्होंने जिला प्रशासन को SDRF के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दिवंगत मजदूरों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
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    उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में गुरुवार देर रात तेज आंधी-तूफान और बारिश के बीच एक बड़ा हादसा हो गया, जहां बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक भरभराकर गिर गया। इस दुखद घटना में मलबे में दबने से 6 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन मजदूर घायल हुए हैं। यह दुर्घटना थाना ललपुरा क्षेत्र के मोराकांदर परसनी और थाना कुरारा क्षेत्र के नैठी गांव को जोड़ने वाले पुल पर रात करीब 3 बजे हुई।

बताया गया है कि तेज बारिश और आंधी के दौरान पुल का स्लैब ढह गया, जब कई मजदूर उसके नीचे और आसपास काम कर रहे थे। स्लैब गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान लोकेंद्र निषाद (22), कुलदीप निषाद (19), सावंत यादव (28), सभाजीत (30), पुष्पेंद्र सिंह चौहान (34) और राजेश पाल (42) के रूप में हुई है।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। रेस्क्यू टीम ने जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाया, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों ने भी मदद की। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि राहत कार्य तेजी से चलाया गया और सभी मजदूरों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुखद और हृदय विदारक बताया। उन्होंने जिला प्रशासन को SDRF के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दिवंगत मजदूरों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
    user_संतोष कुमार चक्रवर्ती
    संतोष कुमार चक्रवर्ती
    Journalist हमीरपुर, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • आज जहां कुछ लोग अपनी जेब भरने की होड़ में लगे रहते हैं, वहीं कुछ समाजसेवी अपनी मानवता की मिसाल पेश कर लोगों का दिल जीत रहे हैं। इसी क्रम में, इकारी और रमवा रेलवे क्रॉसिंग पुल के पास, समाजसेवी नौशाद अहमद ने तपती धूप में राहगीरों को रोक-रोककर शरबत पिलाया और उनकी दुआएं लीं। आजाद समाज पार्टी भीम आर्मी के एक सच्चे सिपाही के तौर पर नौशाद अहमद लगातार लोगों के बीच अपनी जगह बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। आजाद समाज पार्टी भीम आर्मी के इन्हीं सच्चे सिपाहियों ने इस सराहनीय कार्य के जरिए राहगीरों को गर्मी से राहत दिलाई।
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    आज जहां कुछ लोग अपनी जेब भरने की होड़ में लगे रहते हैं, वहीं कुछ समाजसेवी अपनी मानवता की मिसाल पेश कर लोगों का दिल जीत रहे हैं। इसी क्रम में, इकारी और रमवा रेलवे क्रॉसिंग पुल के पास, समाजसेवी नौशाद अहमद ने तपती धूप में राहगीरों को रोक-रोककर शरबत पिलाया और उनकी दुआएं लीं। आजाद समाज पार्टी भीम आर्मी के एक सच्चे सिपाही के तौर पर नौशाद अहमद लगातार लोगों के बीच अपनी जगह बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। आजाद समाज पार्टी भीम आर्मी के इन्हीं सच्चे सिपाहियों ने इस सराहनीय कार्य के जरिए राहगीरों को गर्मी से राहत दिलाई।
    user_Mohd Asif patrkaar
    Mohd Asif patrkaar
    Local News Reporter Fatehpur, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • जनपद हमीरपुर में बीती रात आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई, जिसके चलते लालपुरा थाना क्षेत्र में बेतवा नदी पर परसनी और कुरारा कंदौर गांव के बीच निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक भरभराकर गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में छह मजदूरों, लोकेन्द्र (22), कुलदीप निषाद (19), सावंत यादव (28), सभाजीत (30), पुष्पेंद्र चौहान (34) और राजेश पाल (42) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अवधेश निषाद, कल्लू यादव और राजेश निषाद गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया है कि पुल का निर्माण कार्य दो शिफ्टों में चल रहा था और आंधी-तूफान के बीच स्लैब ढहने के समय दूसरी शिफ्ट के मजदूर ऊपर काम कर रहे थे, जबकि पहली शिफ्ट के कुछ मजदूर नीचे आराम कर रहे थे या ऊपरी हिस्से पर सो रहे थे, जिससे वे मलबे में दब गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को मलबे से निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया है, वहीं लालपुरा थाना प्रभारी राजेश कुमार सरोज ने बताया कि मलबा हटाने का काम जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य व्यक्ति मलबे में दबा न हो। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने जिला प्रशासन को एसडीआरएफ के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य को तेजी से संचालित करने के निर्देश भी दिए हैं।
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    जनपद हमीरपुर में बीती रात आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई, जिसके चलते लालपुरा थाना क्षेत्र में बेतवा नदी पर परसनी और कुरारा कंदौर गांव के बीच निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक भरभराकर गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में छह मजदूरों, लोकेन्द्र (22), कुलदीप निषाद (19), सावंत यादव (28), सभाजीत (30), पुष्पेंद्र चौहान (34) और राजेश पाल (42) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अवधेश निषाद, कल्लू यादव और राजेश निषाद गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया है कि पुल का निर्माण कार्य दो शिफ्टों में चल रहा था और आंधी-तूफान के बीच स्लैब ढहने के समय दूसरी शिफ्ट के मजदूर ऊपर काम कर रहे थे, जबकि पहली शिफ्ट के कुछ मजदूर नीचे आराम कर रहे थे या ऊपरी हिस्से पर सो रहे थे, जिससे वे मलबे में दब गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को मलबे से निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया है, वहीं लालपुरा थाना प्रभारी राजेश कुमार सरोज ने बताया कि मलबा हटाने का काम जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य व्यक्ति मलबे में दबा न हो। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने जिला प्रशासन को एसडीआरएफ के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य को तेजी से संचालित करने के निर्देश भी दिए हैं।
    user_Raj kumar जिला ब्यूरो चीफ
    Raj kumar जिला ब्यूरो चीफ
    मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
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