महोबा के पनवाड़ी ब्लॉक क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसान 26 मई से आमरण अनशन पर बैठे हैं। यह अनशन पनवाड़ी ब्लॉक में छतेसर से रूरीकला तक सड़क चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा न मिलने के विरोध में किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के लिए उनकी भूमि ली गई है, लेकिन उन्हें अब तक निर्धारित मुआवजा राशि नहीं दी गई है। मुआवजा न मिलने के कारण क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी है, जिसके चलते उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। अनशन पर बैठे किसानों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर उनकी समस्या का समाधान करने की मांग की है। किसान नेताओं का कहना है कि आर्थिक प्रतिपूर्ति न मिलने से उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी भूमि का उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और भी व्यापक रूप देंगे। इस आंदोलन को क्षेत्रीय किसानों और ग्रामीणों का भी समर्थन मिल रहा है।
महोबा के पनवाड़ी ब्लॉक क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसान 26 मई से आमरण अनशन पर बैठे हैं। यह अनशन पनवाड़ी ब्लॉक में छतेसर से रूरीकला तक सड़क चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा न मिलने के विरोध में किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के लिए उनकी भूमि ली गई है, लेकिन उन्हें अब तक निर्धारित मुआवजा राशि नहीं दी गई है। मुआवजा न मिलने के कारण क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी है, जिसके चलते उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। अनशन पर बैठे किसानों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर उनकी समस्या का समाधान करने की मांग की है। किसान नेताओं का कहना है कि आर्थिक प्रतिपूर्ति न मिलने से उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी भूमि का उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और भी व्यापक रूप देंगे। इस आंदोलन को क्षेत्रीय किसानों और ग्रामीणों का भी समर्थन मिल रहा है।
- महोबा जिले में पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) की तानाशाही नीतियों के विरोध में अन्नदाताओं का लगातार धरना पाँच दिनों से जारी है। विभाग के मनमाने रवैये से भड़के किसानों ने अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया है, और यह अनवरत आंदोलन अभी भी जारी है।1
- veerpal ji rajput महोबा शहर में 29/05/2026. 10:45pm UP Uttar Pradesh1
- महोबा के पनवाड़ी ब्लॉक क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसान 26 मई से आमरण अनशन पर बैठे हैं। यह अनशन पनवाड़ी ब्लॉक में छतेसर से रूरीकला तक सड़क चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का मुआवजा न मिलने के विरोध में किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के लिए उनकी भूमि ली गई है, लेकिन उन्हें अब तक निर्धारित मुआवजा राशि नहीं दी गई है। मुआवजा न मिलने के कारण क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी है, जिसके चलते उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। अनशन पर बैठे किसानों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर उनकी समस्या का समाधान करने की मांग की है। किसान नेताओं का कहना है कि आर्थिक प्रतिपूर्ति न मिलने से उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी भूमि का उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और भी व्यापक रूप देंगे। इस आंदोलन को क्षेत्रीय किसानों और ग्रामीणों का भी समर्थन मिल रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के ओडेरा गांव में एक महिला का शव आम के पेड़ पर लटका हुआ मिला है। 'जनता के राज चेनल' के अवधेश जी इस खबर को दिखा रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग को एक बहुत अच्छे न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर सराहा गया है।1
- महोबा जिले की ग्राम पंचायत काशीपुरा के मजरा माधवगंज में कीचड़ और जलभराव की गंभीर समस्या व्याप्त है। इस क्षेत्र में कीचड़ का अत्यधिक जमाव हो गया है, जिसे स्थानीय लोग 'कीचड़ का भौकाल' बता रहे हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी महोदय से निवेदन किया है कि वे इस जलभराव और कीचड़ की समस्या का शीघ्र समाधान करें।1
- हमीरपुर में हुए पुल हादसे में 6 मजदूरों की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में 'द सेल्टर कंपनी' के मालिक और ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। इसके साथ ही, इस घटना को लेकर विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। जांच में यह सामने आया है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन किया गया था। पुल का एक हिस्सा अचानक गिरने से मजदूर मलबे में दब गए थे, जिसके कारण 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया और कड़ी कार्रवाई की लगातार मांग उठ रही थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मामले की गहन जांच फिलहाल जारी है, और मृतकों के परिजनों को मुआवजा प्रदान करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।1
- तृतीय दिवस की कथा के बाद लौटते समय पूज्य बागेश्वर सरकार का एक हृदयस्पर्शी और करुणामयी दृश्य देखने को मिला। आश्रम से तार वाले ब्रिज की दूसरी ओर, रिमझिम वर्षा के बीच, एक छोटे से चबूतरे पर पन्नी के नीचे नेपाल की एक छोटी बच्ची अपने पिता के साथ भुट्टे भूनकर बेच रही थी। जब बागेश्वर सरकार वहां से गुजरे तो उनकी नजर उस बच्ची और उसके पिता पर पड़ी, जिसके बाद वे तुरंत वहीं रुक गए। पूज्य सरकार ने पहले बच्ची से स्वयं के लिए एक भुट्टा खरीदा, और फिर वहां मौजूद बाकी सभी भुट्टे भी खरीद लिए। उन्होंने भुट्टों की वास्तविक कीमत से लगभग तीन गुना अधिक राशि देकर उस परिवार की सहायता की। खरीदे हुए सभी भुट्टे बागेश्वर सरकार ने वहां उपस्थित श्रद्धालुओं में वितरित करवा दिए। रिमझिम बारिश के बीच सेवा, संवेदना और करुणा का यह दृश्य वहां मौजूद श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावुक कर देने वाला बन गया।1
- चरखारी में जगद्गुरु शंकराचार्य का आगमन हुआ, जहाँ उन्होंने धर्म, संस्कृति और गौ रक्षा का महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह आगमन इन विषयों पर प्रकाश डालने और इनके प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से हुआ।1