तृतीय दिवस की कथा के बाद लौटते समय पूज्य बागेश्वर सरकार का एक हृदयस्पर्शी और करुणामयी दृश्य देखने को मिला। आश्रम से तार वाले ब्रिज की दूसरी ओर, रिमझिम वर्षा के बीच, एक छोटे से चबूतरे पर पन्नी के नीचे नेपाल की एक छोटी बच्ची अपने पिता के साथ भुट्टे भूनकर बेच रही थी। जब बागेश्वर सरकार वहां से गुजरे तो उनकी नजर उस बच्ची और उसके पिता पर पड़ी, जिसके बाद वे तुरंत वहीं रुक गए। पूज्य सरकार ने पहले बच्ची से स्वयं के लिए एक भुट्टा खरीदा, और फिर वहां मौजूद बाकी सभी भुट्टे भी खरीद लिए। उन्होंने भुट्टों की वास्तविक कीमत से लगभग तीन गुना अधिक राशि देकर उस परिवार की सहायता की। खरीदे हुए सभी भुट्टे बागेश्वर सरकार ने वहां उपस्थित श्रद्धालुओं में वितरित करवा दिए। रिमझिम बारिश के बीच सेवा, संवेदना और करुणा का यह दृश्य वहां मौजूद श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावुक कर देने वाला बन गया।
तृतीय दिवस की कथा के बाद लौटते समय पूज्य बागेश्वर सरकार का एक हृदयस्पर्शी और करुणामयी दृश्य देखने को मिला। आश्रम से तार वाले ब्रिज की दूसरी ओर, रिमझिम वर्षा के बीच, एक छोटे से चबूतरे पर पन्नी के नीचे नेपाल की एक छोटी बच्ची अपने पिता के साथ भुट्टे भूनकर बेच रही थी। जब बागेश्वर सरकार वहां से गुजरे तो उनकी नजर उस बच्ची और उसके पिता पर पड़ी, जिसके बाद वे तुरंत वहीं रुक गए। पूज्य सरकार ने पहले बच्ची से स्वयं के लिए एक भुट्टा खरीदा, और फिर वहां मौजूद बाकी सभी भुट्टे भी खरीद लिए। उन्होंने भुट्टों की वास्तविक कीमत से लगभग तीन गुना अधिक राशि देकर उस परिवार की सहायता की। खरीदे हुए सभी भुट्टे बागेश्वर सरकार ने वहां उपस्थित श्रद्धालुओं में वितरित करवा दिए। रिमझिम बारिश के बीच सेवा, संवेदना और करुणा का यह दृश्य वहां मौजूद श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावुक कर देने वाला बन गया।
- छतरपुर में संयुक्त ए.एन.एम. एसोसिएशन संघ ने आज, 29 मई को दोपहर करीब 4:30 बजे, मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से एएनएम कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई है। संघ ने यह ज़ोर दिया कि एएनएम स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं और उन्होंने कोविड टीकाकरण सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इसके बावजूद उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। एसोसिएशन की मुख्य मांगों में संविदा एएनएम का शोषण बंद करना, उन्हें पूर्व की भांति नर्सिंग कैडर में शामिल करना, और पिछले तीन वर्षों से कार्यरत एएनएम का नियमितीकरण करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, संघ ने वेतन विसंगति दूर कर ग्रेड पे बढ़ाने, पदोन्नति देने, तथा ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत एएनएम को यात्रा भत्ता एवं वाहन सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की है। छतरपुर जिले की एएनएम कर्मचारियों ने अपनी इन्हीं तीन सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम यह ज्ञापन सीएमएचओ को सौंपा है।1
- छतरपुर जिले के बिजावर थाना क्षेत्र के ग्राम पॉली में युवक बाबूलाल अहिरवार पर हुए कथित हमले का मामला अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुँच गया है। घायल युवक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि 27 मई को हुई घटना के बाद रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। परिजनों का कहना है कि हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। इसी मांग को लेकर परिजन एसपी कार्यालय पहुँचे और शिकायत पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच जारी है और जाँच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- टीकमगढ़ जिले के अजनौर में गरीबों के हक पर डाका डालने का मामला सामने आया है। यहां एक राशन की दुकान को सील कर दिया गया है, जहाँ से 119 क्विंटल अनाज गायब पाया गया है। यह कार्रवाई गरीबों के लिए आए अनाज की कथित हेराफेरी को लेकर की गई है।1
- बुंदेलखंड क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप मौसम में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस स्थिति के चलते, किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने खेतों की जुताई करवाएं और आगे के कृषि कार्यों को जारी रखें।1
- टीकमगढ़ के पलेरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं, जहां भीषण गर्मी में सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुँच रहे हैं, लेकिन डॉक्टर नदारद मिल रहे हैं और कुर्सियां खाली पड़ी हैं। डॉक्टरों की इस लापरवाही से मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। मरीजों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सरकारी डॉक्टर सरकार से वेतन लेने के बावजूद अस्पताल पर कम ध्यान देते हैं। वे अपनी निजी क्लिनिक और घरों से मरीजों को देखते हैं, जबकि मरीजों को मेडिकल की बाहरी दवाइयां लिखकर अच्छा-खासा मुनाफा कमा रहे हैं। अस्पताल में पहले से ही दवाओं और डॉक्टरों की कमी है, जिसके कारण मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है और घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी इलाज नहीं मिल पाता। हाल ही में, अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार संरक्षण संगठन के प्रांतीय नेतृत्व दल ने CHC पलेरा का आकस्मिक निरीक्षण किया। प्रांतीय महासचिव राम रतन दीक्षित के निरीक्षण में अस्पताल की भौतिक स्थिति अत्यंत दयनीय पाई गई, जिससे प्रशासनिक और नैतिक स्तर पर घोर अनियमितताएं उजागर हुईं। निरीक्षण के दौरान पता चला कि चिकित्सालय का मुख्य भवन अत्यंत प्राचीन और जीर्ण-शीर्ण है; स्टाफ ने बताया कि वर्षाकाल में छत से पानी टपकता है, जिससे बहुमूल्य चिकित्सीय उपकरण नष्ट हो रहे हैं और मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। संगठन ने अस्पताल में कुछ शासकीय कर्मचारियों की 'वटवृक्ष प्रवृत्ति' पर भी प्रकाश डाला, जो 5 से 10 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं और शासकीय सेवा की आड़ में अवैध धनार्जन के लिए अनैतिक जड़ें फैला चुके हैं। इसके अतिरिक्त, 'हस्ताक्षर संस्कृति' का खुलासा हुआ, जहाँ कई कर्मचारी ड्यूटी से नदारद रहते हैं; वे या तो आते ही नहीं, या केवल उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर कर तुरंत चले जाते हैं, जिससे शासन को गुमराह कर बिना काम किए वेतन लिया जा रहा है। राम रतन दीक्षित ने इस स्थिति को शासकीय नियमों का घोर उल्लंघन और पलेरा क्षेत्र की गरीब जनता के स्वास्थ्य व मानव अधिकारों के साथ खिलवाड़ बताया है। संगठन ने जनहित में CMHO टीकमगढ़ से शिकायत कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में केवल हस्ताक्षर करके भागने वाले कर्मचारियों पर अंकुश लगाने के लिए अस्पताल में डिजिटल/बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करना और समय-समय पर औचक निरीक्षण दल भेजना शामिल है।2
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के ओडेरा गांव में एक महिला का शव आम के पेड़ पर लटका हुआ मिला है। 'जनता के राज चेनल' के अवधेश जी इस खबर को दिखा रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग को एक बहुत अच्छे न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर सराहा गया है।1
- छतरपुर में जमीन धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ पीड़िता दीपा अहिरवार ने आज 29 मई को दोपहर करीब 3:30 बजे पुलिस अधीक्षक को एक आवेदन सौंपकर आरोपी हीरा बंसल पर फर्जीवाड़ा, कूटरचना और आपराधिक विश्वासघात के आरोप लगाए हैं। पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2020 में आरोपी ने लगभग 1600 वर्गफुट भूमि 90 हजार रुपये में विक्रय इकरारनामा के ज़रिए बेचकर कब्जा दे दिया था। हालांकि, बाद में उन्हें पता चला कि यह भूमि शासकीय पट्टे की थी, जिसकी वजह से इसकी रजिस्ट्री संभव नहीं थी। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने इस तथ्य को छिपाकर, यानी पूर्व में किए गए विक्रय इकरारनामे और कब्जे की जानकारी को छिपाकर, अधिकारियों के समक्ष गलत तथ्य प्रस्तुत किए और उसी भूमि का दोबारा विक्रय व हस्तांतरण कर दिया। इस धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक विश्वासघात के मामले में, पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- चौरासी कोस धाम मथुरा-वृंदावन में इस समय मथुरा की परिक्रमा को अत्यंत पुनीत और पवित्र माना जाता है।1
- टीकमगढ़ जिले के कनेरा चौकी अंतर्गत आने वाले ग्राम कुड़ियाला में एक शराब दुकान के विरोध में ग्रामीणों का भारी गुस्सा देखा गया है। गांव की महिलाओं ने इस विरोध प्रदर्शन की कमान संभालते हुए पलेरा-जतारा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है और स्थानीय युवाओं का भविष्य भी बर्बाद हो रहा है। इस चक्काजाम के चलते मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। घटना स्थल पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन महिलाएं अपनी मांग पर अड़ी हुई हैं और पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।1