जालौन जनपद में एक बड़े कथित क्रिप्टोकरेंसी घोटाले का मामला सामने आया है, जहाँ 'सोलक्स कॉइन' नामक क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप लगाया गया है। दर्जनों पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को एक सामूहिक प्रार्थना पत्र सौंपा है, जिसमें कहा गया है कि आरोपियों ने खुद को कंपनी का मालिक बताकर लोगों का विश्वास जीता और उन्हें भारी मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया। प्रार्थना पत्र के अनुसार, इस घोटाले का मुख्य आरोपी शैलेन्द्र यादव है, जिसने उरई में अपने घर पर एक कार्यालय खोल रखा था और खुद को 'सोलक्स कॉइन' का संचालक व मालिक बताता था। आरोपी ने निवेशकों को आश्वासन दिया था कि उनका पैसा सुरक्षित रहेगा और निवेश पर बड़ा मुनाफा मिलेगा। पीड़ितों का आरोप है कि विश्वास दिलाने के लिए शैलेन्द्र यादव ने गारंटी के तौर पर अलग-अलग बैंक खातों के चेक बांटे, जिनमें से कई अन्य कंपनियों के खातों के बताए गए। जब निवेशकों ने इस पर सवाल उठाया, तो आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि "ये कंपनियां भी मेरी ही हैं।" शिकायत में बताया गया है कि लोगों को ₹12 हजार से लेकर ₹1 लाख या उससे अधिक रकम के सैकड़ों चेक दिए गए, जो बाद में फर्जी या एक्सपायर्ड निकले। शैलेन्द्र यादव के बेटे रोबिन यादव के साथ-साथ नसरुद्दीन और कुलदीप यादव का नाम भी इस धोखाधड़ी में सहयोगियों के तौर पर शामिल किया गया है। पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने अपना पैसा वापस मांगा, तो उन्हें धमकाया गया। उन्होंने स्थानीय पुलिस पर भी मामले में कार्रवाई करने में टालमटोल करने का आरोप लगाया है। अब पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच करने, आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और धमकी सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
जालौन जनपद में एक बड़े कथित क्रिप्टोकरेंसी घोटाले का मामला सामने आया है, जहाँ 'सोलक्स कॉइन' नामक क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप लगाया गया है। दर्जनों पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को एक सामूहिक प्रार्थना पत्र सौंपा है, जिसमें कहा गया है कि आरोपियों ने खुद को कंपनी का मालिक बताकर लोगों का विश्वास जीता और उन्हें भारी मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया। प्रार्थना पत्र के अनुसार, इस घोटाले का मुख्य आरोपी शैलेन्द्र यादव है, जिसने उरई में अपने घर पर एक कार्यालय खोल रखा था और खुद को 'सोलक्स कॉइन' का संचालक व मालिक बताता था। आरोपी ने निवेशकों को आश्वासन दिया था कि उनका पैसा सुरक्षित रहेगा और निवेश पर बड़ा मुनाफा मिलेगा। पीड़ितों का आरोप है कि विश्वास दिलाने के लिए शैलेन्द्र यादव ने गारंटी के तौर पर अलग-अलग बैंक खातों के चेक बांटे, जिनमें से कई अन्य कंपनियों के खातों के बताए गए। जब निवेशकों ने इस पर सवाल उठाया, तो आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि "ये कंपनियां भी मेरी ही हैं।" शिकायत में बताया गया है कि लोगों को ₹12 हजार से लेकर ₹1 लाख या उससे अधिक रकम के सैकड़ों चेक दिए गए, जो बाद में फर्जी या एक्सपायर्ड निकले। शैलेन्द्र यादव के बेटे रोबिन यादव के साथ-साथ नसरुद्दीन और कुलदीप यादव का नाम भी इस धोखाधड़ी में सहयोगियों के तौर पर शामिल किया गया है। पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने अपना पैसा वापस मांगा, तो उन्हें धमकाया गया। उन्होंने स्थानीय पुलिस पर भी मामले में कार्रवाई करने में टालमटोल करने का आरोप लगाया है। अब पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच करने, आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और धमकी सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
- जालौन जिले में संचालित हो रही स्लीपर कोच बसों के संचालकों पर दबंगई का आरोप लगा है। बताया गया है कि इन संचालकों ने एक महिला सिपाही को भी नहीं बख्शा, जिसके चलते महज़ 20 किलोमीटर के सफ़र में ही महिला सिपाही का मज़ाक़ बना कर रख दिया गया। द न्यूज़ जालौन पर देवेश कुमार स्वर्णकार की एक खास रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि कोई महिला स्लीपर कोच बसों में यात्रा कर रही है, तो उसे होशियार हो जाने की ज़रूरत है।1
- ट्रेन में एक वेंडर द्वारा समोसे पर पैर रखे जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसने यूजर्स के बीच भारी गुस्सा पैदा कर दिया है। इस वीडियो को लेकर लोगों में आक्रोश साफ देखा जा रहा है। वायरल वीडियो पर बढ़ती प्रतिक्रियाओं के बाद, रेलवे ने इस मामले पर अपनी सफाई पेश की है। रेलवे ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनकी किसी भी ट्रेन में ऐसा कोई भी वेंडर तैनात नहीं था जैसा कि वायरल वीडियो में दिखाया गया है।1
- उत्तर प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है, जिसके तहत 'सोलर दीदी' योजना शुरू की गई है। इस योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे तकनीकी रूप से सक्षम होकर रोजगार प्राप्त कर सकेंगी। चयनित महिलाओं को हर महीने ₹14,196 का मानदेय प्रदान किया जाएगा। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को मुफ्त सोलर प्लांट और इंडक्शन चूल्हा भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाना है। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ हरित ऊर्जा मिशन को गांव-गांव तक पहुंचाना है। इस पहल से महिलाएं न केवल अपने परिवार की आय बढ़ा पाएंगी, बल्कि समाज में अपनी नई पहचान भी बना सकेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करेगी, जिससे प्रदेश में सौर ऊर्जा के उपयोग को तेजी से बढ़ावा मिलेगा।1
- उत्तर प्रदेश के कोंच में आगामी 'गविष्टि यात्रा' के आगमन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। यह 'गौ रक्षा रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा' 30 मई को कोंच पहुंचेगी।1
- जालौन के डकोर कोतवाली क्षेत्र के कुसमिलिया गांव में 25 मई की शाम एक भीषण अग्निकांड हुआ, जहाँ घूरे के ढेर से उठी एक चिंगारी ने तेज हवाओं और भीषण गर्मी के कारण विकराल रूप ले लिया। इस आग की चपेट में करीब 25 घर आ गए, जिससे कई परिवारों के कच्चे मकान, छप्पर, कपड़े, राशन और पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। आग लगते ही गांव में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई, जहाँ ग्रामीण अपने सामान बचाने में जुटे रहे, लेकिन अधिकांश लोग कुछ भी नहीं बचा सके। सूचना पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया; वहीं धुएं से बेहोश हुई एक महिला को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया और अधिकारियों को तत्काल राहत व सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय देर शाम स्वयं गांव पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उनके साथ प्रशासन, राजस्व, दमकल और पुलिस विभाग की टीमें भी मौके पर मौजूद थीं, जबकि एसडीएम ज्योति सिंह ने राहत कार्यों की निगरानी करते हुए कोटेदार को तत्काल राशन सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री, भोजन और पीने के पानी की व्यवस्था की, साथ ही गांव में लंगर भी संचालित कराया गया। राजस्व विभाग की टीम द्वारा नुकसान का विस्तृत सर्वे किया जा रहा है, और दैवीय आपदा राहत मद से प्रभावित परिवारों के खातों में तत्काल आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, सभी प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत किए गए हैं, ताकि वे अपना उजड़ा आशियाना फिर से बसा सकें। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि बलराम प्रजापति, रामकिशोर प्रजापति, मंगल सिंह श्रीवास और भूरे सिंह राजपूत को 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। वहीं, अन्य प्रभावित परिवारों को 4 हजार से 9 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। जिलाधिकारी ने प्रदेश सरकार की प्राथमिकता दोहराते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में हर पीड़ित परिवार को तत्काल राहत और सम्मानजनक पुनर्वास मिलना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रभावित परिवारों को दोबारा सामान्य जीवन से जोड़ने तक हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई और राहत कार्यों से पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत मिली है, जिससे उन्हें यह विश्वास हुआ है कि इस कठिन समय में वे अकेले नहीं हैं।1
- जालौन जिले के जालौन कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत जालौन नगर में चुंगी नंबर 4 के पास एक अनियंत्रित लोडर पुलिया से टकरा गई। इस घटना में लोडर की चपेट में आने से एक सब्जी विक्रेता चुटहिल हो गया है।1
- उत्तर प्रदेश में 'योगी मॉडल' के तहत कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। एक समय जो प्रदेश अपराध और अव्यवस्था के लिए जाना जाता था, आज वही उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, धार्मिक पर्यटन और निवेश का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। काशी, अयोध्या, मथुरा और प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर अब देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुँच रहे हैं। बेहतर सड़कों, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं के कारण उत्तर प्रदेश को 'नए भारत के ग्रोथ इंजन' के रूप में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया है, जो राज्य की बदलती तस्वीर और बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।1
- जालौन में चौरासी गुम्बद के ठीक सामने स्थित वन क्षेत्र में भीषण आग लग गई है, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया है। यह आग वन क्षेत्र में अचानक लगी और तेजी से फैलने लगी, जिससे चिंता बढ़ गई। आग का दायरा बढ़ता देख वहां से गुजर रहे राहगीरों ने तत्काल दमकल विभाग को इसकी सूचना दी। हालांकि, सूचना दिए जाने के बावजूद अभी तक मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां नहीं पहुंची हैं, जिससे आग बुझाने में देरी हो रही है। यह पूरा मामला जालौन के कालपी कोतवाली क्षेत्र में चौरासी गुंबद के सामने के वन क्षेत्र से संबंधित है।3