शहडोल,,,, ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट,, बाणसागर: शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाणसागर प्रभारी प्राचार्य श्री शिवेंद्र मणि त्रिपाठी के मार्गदर्शन में आयोजित नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ पर भव्य 'प्रवेश उत्सव' का आयोजन किया गया। शासन के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में नव-प्रवेशी छात्र-छात्राओं का स्वागत पारंपरिक और उत्साहपूर्ण तरीके से तिलक लगाकर हुआ स्वागत विद्यालय की गरिमा के अनुरूप, शिक्षकों और वरिष्ठ छात्रों ने नव-प्रवेशी विद्यार्थियों का प्रवेश द्वार पर ही तिलक लगाकर और फूल-मालाओं के साथ आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान छात्रों के चेहरे पर नई कक्षा और नए सत्र को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।प्रवेश उत्सव के अवसर पर विद्यालय में कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना के साथ हुई। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य और शिक्षकों ने दीप प्रज्वलित कर माता का आशीर्वाद लिया।। छात्र-छात्राओं ने विभिन्न लोक गीतों, नृत्यों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा के महत्व और 'स्कूल चलें हम' अभियान का संदेश दिया गया। इस दौरान कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्र-छात्राओं को उनकी अंकसूची प्रदान की गई। साथ ही, आगामी शैक्षणिक सत्र के सुचारू संचालन हेतु शासन की योजना के तहत विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया गया। विद्यालय का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा, जिसमें कई छात्र-छात्राओं ने प्रथम श्रेणी में स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। अंकसूची प्राप्त करने के तुरंत बाद विद्यार्थियों को नए सत्र की पुस्तकें प्रदान की गईं, ताकि वे अपनी आगे की पढ़ाई समय पर शुरू कर सकें। इस अवसर पर उपस्थित अभिभावकों को उनके बच्चों की प्रगति के बारे में जानकारी दी गई और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला गया। अतिथियों का उद्बोधन: कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्थानीय नगर परिषद खांड (बाणसागर) अध्यक्ष श्री मती सुशीला सिंह भाजपा मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र बैस, वरिष्ठ समाजसेवी गया पयासी और निपेंद्र सिंह, रामजी गौतम संबोधन में विद्यार्थियों को बधाई दी और उन्हें भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करने हेतु प्रेरित किया। प्राचार्य का संबोधन:इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री शिवेंद्र मणि त्रिपाठी ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि "शिक्षा ही सफलता की कुंजी है। नई पुस्तकें विद्यार्थियों के लिए नए सपनों की शुरुआत हैं।" उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक रहें और उन्हें नियमित विद्यालय भेजें।परीक्षा परिणाम पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे और वे नई पुस्तकें पाकर बेहद उत्साहित नजर आए।
शहडोल,,,, ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट,, बाणसागर: शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाणसागर प्रभारी प्राचार्य श्री शिवेंद्र मणि त्रिपाठी के मार्गदर्शन में आयोजित नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ पर भव्य 'प्रवेश उत्सव' का आयोजन किया गया। शासन के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में नव-प्रवेशी छात्र-छात्राओं का स्वागत पारंपरिक और उत्साहपूर्ण तरीके से तिलक लगाकर हुआ स्वागत विद्यालय की गरिमा के अनुरूप, शिक्षकों और वरिष्ठ छात्रों ने नव-प्रवेशी विद्यार्थियों का प्रवेश द्वार पर ही तिलक लगाकर और फूल-मालाओं के साथ आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान छात्रों के चेहरे पर नई कक्षा और नए सत्र को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।प्रवेश उत्सव के अवसर पर विद्यालय में कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना के साथ हुई। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य और शिक्षकों ने दीप प्रज्वलित कर माता का आशीर्वाद लिया।। छात्र-छात्राओं ने विभिन्न लोक गीतों, नृत्यों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा के महत्व और 'स्कूल चलें हम' अभियान का संदेश दिया गया। इस दौरान कक्षा 9वीं और 11वीं के छात्र-छात्राओं को उनकी अंकसूची प्रदान की गई। साथ ही, आगामी शैक्षणिक सत्र के सुचारू संचालन हेतु शासन की योजना के तहत विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया गया। विद्यालय का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा, जिसमें कई छात्र-छात्राओं ने प्रथम श्रेणी में स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। अंकसूची प्राप्त करने के तुरंत बाद विद्यार्थियों को नए सत्र की पुस्तकें प्रदान की गईं, ताकि वे अपनी आगे की पढ़ाई समय पर शुरू कर सकें। इस अवसर पर उपस्थित अभिभावकों को उनके बच्चों की प्रगति के बारे में जानकारी दी गई और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला गया। अतिथियों का उद्बोधन: कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्थानीय नगर परिषद खांड (बाणसागर) अध्यक्ष श्री मती सुशीला सिंह भाजपा मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र बैस, वरिष्ठ समाजसेवी गया पयासी और निपेंद्र सिंह, रामजी गौतम संबोधन में विद्यार्थियों को बधाई दी और उन्हें भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करने हेतु प्रेरित किया। प्राचार्य का संबोधन:इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री शिवेंद्र मणि त्रिपाठी ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि "शिक्षा ही सफलता की कुंजी है। नई पुस्तकें विद्यार्थियों के लिए नए सपनों की शुरुआत हैं।" उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक रहें और उन्हें नियमित विद्यालय भेजें।परीक्षा परिणाम पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे और वे नई पुस्तकें पाकर बेहद उत्साहित नजर आए।
- शहडोल। जिले के गोहपारू वन क्षेत्र में हाल ही में हुई घटनाओं ने प्रशासनिक सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां एक तेंदुए की कुएं में गिरने से मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर वन विभाग के कर्मचारियों पर हमले की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अव्यवस्थाएं बनी हुई हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। इससे लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। मुख्य सवाल जो उठ रहे हैं: 👉 वन्यजीव सुरक्षा पर लापरवाही? तेंदुए की मौत को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त थे। यदि कुएं के आसपास सुरक्षा दीवार या घेराबंदी होती, तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी। 👉 कर्मचारियों की सुरक्षा पर खतरा वन विभाग की टीम पर हमले की घटना ने यह साफ कर दिया है कि फील्ड में काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा पर्याप्त नहीं है। ऐसे में उनके मनोबल पर भी असर पड़ रहा है। 👉 जिम्मेदारी तय क्यों नहीं? घटनाओं के बाद भी अब तक किसी स्तर पर स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं होने से प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर बढ़ रही चिंता गोहपारू क्षेत्र में लगातार सामने आ रही घटनाओं से ग्रामीणों और कर्मचारियों दोनों में असुरक्षा की भावना है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। क्या होनी चाहिए आगे की कार्रवाई? पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए वन्यजीव सुरक्षा के लिए मूलभूत ढांचे (जैसे कुओं की सुरक्षा) को मजबूत किया जाए फील्ड कर्मचारियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए संबंधित मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए निष्कर्ष गोहपारू की घटनाएं सिर्फ एक इलाके की समस्या नहीं, बल्कि सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इन संकेतों को गंभीरता से लेकर ठोस कदम उठाता है या नहीं।1
- Post by Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa1
- सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा की पहुंचे सिहावल दिए लोगों को आवश्यक निर्देश1
- 1 क्विंटल गांजा तस्करी के चर्चित मामले में राहुल प्यासी समेत सभी आरोपी बरी अधिवक्ता राजीव सिंह शेरा ने की दमादर पैरवी1
- रिश्तों की पवित्रता और विश्वास के साथ खिलवाड़ का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक 'लक्ष्मी' घर की 'लुटेरी' बन गई। जिस पति ने सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा किया था, उसी की पीठ में पत्नी ने खंजर घोंप दिया। पूरा मामला सीधी जिले के ग्राम कमर्जी का है। पीड़ित पति अखिलेश द्विवेदी रोजी-रोटी की तलाश में नागपुर में पसीना बहा रहा था, ताकि उसका परिवार खुश रह सके। लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी गैर-मौजूदगी में उसकी पत्नी इंस्टाग्राम की रंगीन दुनिया में किसी और के ख्वाब बुन रही है। बताया जा रहा है कि इंस्टाग्राम पर रील्स देखते-देखते पत्नी की दोस्ती अमन शर्मा नाम के युवक से हुई। यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और फिर शुरू हुआ बर्बादी का खेल। अखिलेश का आरोप है कि उसकी पत्नी ने अपने इसी प्रेमी के साथ मिलकर घर में रखे सोने-चांदी के कीमती जेवरात, बर्तन और मेहनत से जोड़े गए ₹71,000 नगद पर हाथ साफ कर दिया। हैरानी की बात तो यह है कि लूट की इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पत्नी अपने प्रेमी संग फरार हो गई है। अब पीड़ित पति और उसके मासूम बच्चों को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। जिस आशियाने को अखिलेश ने तिनका-तिनका जोड़कर बनाया था, वह आज उजड़ चुका है। पीड़ित अखिलेश द्विवेदी अब न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी को दिए आवेदन में उसने मांग की है कि: दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। चोरी किया गया कीमती सामान और नकदी बरामद की जाए। उसे और उसके बच्चों को सुरक्षा प्रदान की जाए। सोशल मीडिया की आभासी दुनिया ने आज एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। सवाल यह है कि क्या पुलिस इस पीड़ित को न्याय दिला पाएगी? क्या रसूख और धमकियों के आगे एक मजदूर की आवाज दब जाएगी? देखिए पूरी रिपोर्ट1
- विश्व हिंदू परिषद बजंरग दल प्रखण्ड मझौली के तत्वावधान में मड़वास खण्ड में हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर भव्य रामचरित मानस पाठ एवं शोभायात्रा का आयोजन किया गया जिसमें रामचरित मानस प्रारम्भ 1 अप्रैल 2026 और समापन 2 अप्रैल 2026 वहीं 1 अप्रैल को शाम 4 बजे शोभायात्रा निकाली गई जिसमें DJ ,बैंड के साथ पूरे मड़वास क्षेत्र में भृमड करवाया गया सुंदर झाँकी के साथ जगह जगह पूजन पाठ किया गया तथा शोभायात्रा महावीरन धाम मड़वास से प्रारम्भ होकर मड़वास बाजार के आस पास के सभी गाँवो में भृमड कर मड़वास तहसील होते हुए महावीरन धाम में यात्रा का समापन हुआ इसमें मुख्य रूप से आयोजक महावीरन धाम युवा मंडली ,तथा बजंरग दल प्रखण्ड मझौली तथा कृष्ण कुमार पांडेय जी समस्त परिवार की ओर से शोभायात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई इसमें मुख्य रूप से कृष्ण कुमार पांडेय,अंकित सोनी,रीतेश मिश्रा, नीतीश पांडेय,रोहणी रमन मिश्रा,रमेश साहू,पिंटू प्यासी, शुभम मिश्रा, अतुल पांडेय,रतन सिंह,पवन यादव,कपिल केसरी,रामभजन जयसवाल, धनेसवेर यादव,निलय मिश्रा, प्रफुल पांडेय,चंद्रेश,प्रिंस,सुधांशु,संदीप, अम्बुजेस एवं समस्त युवा साथी रहे मौजूद3
- Post by Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa1
- हमारे देश में जब तक ऐसी पब्लिक रहेगी तब तक नेता फलते फूलते रहेंगे1
- शहडोल /जिला जेल शहडोल में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद एक बंदी ने आत्महत्या की कोशिश कर डाली। बंदी ने किसी नुकीली वस्तु से अपना ही गला काट लिया, जिससे जेल प्रशासन में अफरा-तफरी फैल गई। जानकारी के मुताबिक, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी पाए गए बंदी पंकज कटारे को हाल ही में अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सजा के बाद से ही वह मानसिक रूप से बेहद तनाव में बताया जा रहा था। 🔴 सुबह बैरक खुलते ही सामने आया खौफनाक मंजर बुधवार सुबह जब सुरक्षाकर्मी बैरक खोलने पहुंचे, तो चादर पर खून के निशान देखकर उनके होश उड़ गए। पास जाकर देखा तो बंदी के हाथ में टीन का धारदार टुकड़ा था और वह अपने गले पर वार कर चुका था। ⚡ तुरंत बचाई गई जान सुरक्षाकर्मियों ने फौरन स्थिति संभाली, बंदी को काबू में लिया और तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि गले में गहरा घाव था, जिस पर टांके लगाए गए हैं। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और खतरे से बाहर बताई जा रही है। 🔎 तनाव बना वजह? जेल प्रशासन के अनुसार, बंदी पिछले करीब एक साल से जेल में था और इस दौरान उससे मिलने कोई परिजन नहीं आया। कानूनी सहायता भी नहीं मिल सकी, जिससे वह लगातार मानसिक दबाव में था। उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद उसका तनाव और बढ़ गया, जिसने उसे यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। ⚠️ पहले भी रहा है आपराधिक इतिहास बताया जा रहा है कि आरोपी पहले भी दुष्कर्म के मामले में सजा काट चुका है और हाल ही में रिहा होने के बाद फिर एक गंभीर अपराध में लिप्त पाया गया था। 👉 फिलहाल मामले ने जेल सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों की मानसिक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1