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आज रात में नरवर तहसील के ग्राम पंचायत बड़खारी से हुई बैस चोरी कर हुई ना काम में आओ बेस्ट चुराने में वीडियो वायरल
उमाशंकर कुशवाहा
आज रात में नरवर तहसील के ग्राम पंचायत बड़खारी से हुई बैस चोरी कर हुई ना काम में आओ बेस्ट चुराने में वीडियो वायरल
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- नरवर। नरवर थाना क्षेत्र के ग्राम बरखाड़ी में बीती रात भैंस चोरी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की सूझबूझ और तत्परता से भैंसों को ले जा रही बुलेरो पिकअप गाड़ी को पकड़ लिया गया, जिसमें से तीन भैंसों को बचा लिया गया, जबकि चार भैंसें अभी भी गायब बताई जा रही हैं। नरवर। नरवर थाना क्षेत्र के ग्राम बरखाड़ी में बीती रात भैंस चोरी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की सूझबूझ और तत्परता से भैंसों को ले जा रही बुलेरो पिकअप गाड़ी को पकड़ लिया गया, जिसमें से तीन भैंसों को बचा लिया गया, जबकि चार भैंसें अभी भी गायब बताई जा रही हैं।1
- जर्जर स्कूल भवन के चलते टापरी में पढ़ने को मजबूर 53 विद्यार्थी जिले के अंतिम छोर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय सनगवां में जर्जर भवन के कारण 53 विद्यार्थियों की पढ़ाई घास-फूस व लकड़ियों से बनी टापरी के नीचे कराई जा रही है। ग्रामीणों ने अस्थायी व्यवस्था के लिए तिरपाल लगाकर टापरी बनाई है। ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन समिति का आरोप है कि कई बार तहसीलदार और एसडीएम को शिकायत व ज्ञापन देने के बावजूद नया भवन स्वीकृत नहीं हुआ। अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए जल्द पक्का विद्यालय भवन, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- नरवर खाद गोदाम पर खाद के लिए उमड़ी किसानों की भीड़, सुबह 7 बजे से लगी लंबी कतारें नरवर खाद गोदाम पर खाद के लिए उमड़ी किसानों की भीड़, सुबह 7 बजे से लगी लंबी कतारें1
- 840 किमी की पदयात्रा पर निकले संत आकाश का सिरसौद में स्वागत शिवपुरी जिले के सिरसौद गांव में गौसेवा का संदेश लेकर हरिद्वार से पदयात्रा पर निकले संत आकाश का सिरसौद साजौर के ग्रामीणों ने शुक्रवार की सुबह 11 बजे फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। संत आकाश ने बताया कि वे 11 अप्रैल को हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर निकले थे और अब तक 812 किमी की यात्रा पूरी कर चुके हैं। वे 10 अगस्त को खोड़ स्थित धाय महादेव मंदिर में गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। संत ने गौसेवा का संदेश देते हुए प्रत्येक गांव के मंदिर में एक गाय रखने और निराश्रित गायों की सेवा करने की अपील की। 840 किमी की पदयात्रा पर निकले संत आकाश का सिरसौद में स्वागत शिवपुरी जिले के सिरसौद गांव में गौसेवा का संदेश लेकर हरिद्वार से पदयात्रा पर निकले संत आकाश का सिरसौद साजौर के ग्रामीणों ने शुक्रवार की सुबह 11 बजे फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। संत आकाश ने बताया कि वे 11 अप्रैल को हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर निकले थे और अब तक 812 किमी की यात्रा पूरी कर चुके हैं। वे 10 अगस्त को खोड़ स्थित धाय महादेव मंदिर में गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। संत ने गौसेवा का संदेश देते हुए प्रत्येक गांव के मंदिर में एक गाय रखने और निराश्रित गायों की सेवा करने की अपील की।1
- *अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर हादसे का खतरा: सड़क किनारे खड़े बजरी-ईंटों से भरे ट्रैक्टर बने परेशानी, बस स्टैंड की उठी मांग* दो ट्रकों की भिड़ंत में टला बड़ा हादसा, स्थानीय समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल दिनारा। दिनारा स्थित अशोक होटल–पिछोर तिराहे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब सड़क पर खड़े बजरी से भरे ट्रैक्टरों के कारण दो ट्रकों की आपस में भिड़ंत हो गई। गनीमत रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था और सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास आए दिन बजरी और ईंटों से भरे ट्रैक्टर सड़क के किनारे अथवा सड़क के हिस्से में खड़े दिखाई देते हैं। इसके अलावा सड़क किनारे खड़े आपे वाहनों के कारण भी मार्ग संकरा होने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनती है। ऐसे में तेज गति से आने वाले वाहनों के लिए अचानक सामने आने वाले वाहन या अवरोध दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। समाजसेवी कल्लू महाराज सहित स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि इस मार्ग पर यातायात का दबाव लगातार बना रहता है। दिनभर भारी वाहन, ट्रैक्टर, बसें और अन्य छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क किनारे वाहनों के खड़े रहने से वाहन चालकों को निकलने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पूर्व में इसी क्षेत्र में कई सड़क हादसे हो चुके हैं। हालांकि इन घटनाओं के कारणों और जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित जांच के बाद ही किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों से तत्काल यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की जा रही है। बस स्टैंड बनाने की मांग ने पकड़ा जोर अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास व्यवस्थित बस स्टैंड बनाए जाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। समाजसेवियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बसों, यात्रियों और ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य वाहनों के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध हो जाए, तो मुख्य सड़क पर अनावश्यक भीड़ और वाहनों के रुकने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। समाजसेवी पुष्पेंद्र तिवारी, जितेंद्र लोधी, छोटू पाल, गजेंद्र लोधी, मैथिलीशरण गुप्त और आनंद शर्मा सहित अन्य लोगों ने मांग उठाते हुए कहा कि यात्रियों की सुविधा और सड़क सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान पर व्यवस्थित बस स्टैंड की आवश्यकता है। ‘बड़ा हादसा होने का इंतजार क्यों स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि सड़क पर वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से बार-बार यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, तो संबंधित विभागों को समय रहते व्यवस्था क्यों नहीं करनी चाहिए? लोगों ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों, पुलिस और प्रशासन द्वारा मौके का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाया जाए। लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल हादसे के बाद की कार्रवाई नहीं, बल्कि हादसा होने से पहले की सावधानी भी है। इसलिए अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर पार्किंग, बसों के ठहराव और भारी वाहनों के खड़े होने के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस जनहित की मांग पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं। *अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर हादसे का खतरा: सड़क किनारे खड़े बजरी-ईंटों से भरे ट्रैक्टर बने परेशानी, बस स्टैंड की उठी मांग* दो ट्रकों की भिड़ंत में टला बड़ा हादसा, स्थानीय समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल दिनारा। दिनारा स्थित अशोक होटल–पिछोर तिराहे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब सड़क पर खड़े बजरी से भरे ट्रैक्टरों के कारण दो ट्रकों की आपस में भिड़ंत हो गई। गनीमत रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था और सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास आए दिन बजरी और ईंटों से भरे ट्रैक्टर सड़क के किनारे अथवा सड़क के हिस्से में खड़े दिखाई देते हैं। इसके अलावा सड़क किनारे खड़े आपे वाहनों के कारण भी मार्ग संकरा होने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनती है। ऐसे में तेज गति से आने वाले वाहनों के लिए अचानक सामने आने वाले वाहन या अवरोध दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। समाजसेवी कल्लू महाराज सहित स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि इस मार्ग पर यातायात का दबाव लगातार बना रहता है। दिनभर भारी वाहन, ट्रैक्टर, बसें और अन्य छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क किनारे वाहनों के खड़े रहने से वाहन चालकों को निकलने में परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि पूर्व में इसी क्षेत्र में कई सड़क हादसे हो चुके हैं। हालांकि इन घटनाओं के कारणों और जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित जांच के बाद ही किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों से तत्काल यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की जा रही है। बस स्टैंड बनाने की मांग ने पकड़ा जोर अशोक होटल–पिछोर तिराहे के आसपास व्यवस्थित बस स्टैंड बनाए जाने की मांग भी जोर पकड़ रही है। समाजसेवियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बसों, यात्रियों और ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अन्य वाहनों के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध हो जाए, तो मुख्य सड़क पर अनावश्यक भीड़ और वाहनों के रुकने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। समाजसेवी पुष्पेंद्र तिवारी, जितेंद्र लोधी, छोटू पाल, गजेंद्र लोधी, मैथिलीशरण गुप्त और आनंद शर्मा सहित अन्य लोगों ने मांग उठाते हुए कहा कि यात्रियों की सुविधा और सड़क सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान पर व्यवस्थित बस स्टैंड की आवश्यकता है। ‘बड़ा हादसा होने का इंतजार क्यों स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि सड़क पर वाहनों के बेतरतीब खड़े होने से बार-बार यातायात प्रभावित हो रहा है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, तो संबंधित विभागों को समय रहते व्यवस्था क्यों नहीं करनी चाहिए? लोगों ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों, पुलिस और प्रशासन द्वारा मौके का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाया जाए। लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल हादसे के बाद की कार्रवाई नहीं, बल्कि हादसा होने से पहले की सावधानी भी है। इसलिए अशोक होटल–पिछोर तिराहे पर पार्किंग, बसों के ठहराव और भारी वाहनों के खड़े होने के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि यात्रियों, वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस जनहित की मांग पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं।1