महराजगंज के नौतनवा स्थित गोरखा स्कूल परिसर में गुरुवार को भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में रहने वाले भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के लिए सुविधाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नेपाल और नौतनवा क्षेत्र के पूर्व सैनिकों ने हिस्सा लिया और उनकी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि नेपाल सीमा क्षेत्र में लगभग 5,000 पूर्व सैनिक और वीर नारियां भारतीय सेना द्वारा संचालित सीएसडी कैंटीन की सुविधाओं से वंचित हैं। उन्हें कैंटीन से सामान खरीदकर लाने पर सीमा पर कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और उनका सामान रोक दिया जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए जीआरडी कुनराघाट के कमांडेंट ने एक पहल की है, जिसके तहत गोरखपुर कैंटीन से खरीदे गए सामान को बस के माध्यम से सोनौली बॉर्डर तक निःशुल्क पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। यह सेवा अगले महीने से शुरू होने की संभावना है, जिससे सीमा क्षेत्र के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। बैठक में नेपाल में रहने वाले भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों और महराजगंज जनपद के पूर्व सैनिक संगठनों को एक मंच पर लाने का भी निर्णय लिया गया। इसके लिए एक संयुक्त समिति के गठन पर सहमति बनी, जिसके पदाधिकारियों का चुनाव नेपाल में होने वाली अगली बैठक में किया जाएगा। यह समिति दोनों देशों की सीमा पर रहने वाले पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर कार्य करेगी। बैठक में नेपाल स्थित भारतीय सेना पूर्व सैनिक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन भेष शंकर पुरी और नौतनवा पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष नर बहादुर राना सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं वीर नारियां मौजूद रहीं, जिनमें सूबेदार मोहन थापा, कैप्टन डमर बहादुर गुरुंग (एसएम), राम कुमार थापा, कैप्टन श्याम किशोर थापा, नरेश राना, सूबेदार पदम प्रकाश जीसी, सोनौली अध्यक्ष पृथा बहादुर गुरुंग, याम बहादुर गुरुंग, नर बहादुर कार्की, श्रीमती नीरू गुरुंग, प्रेमी सरा राना, लील बहादुर खड़का, हकम बहादुर राना, मैन बहादुर पून, रवि थापा और मीन बहादुर थापा शामिल थे।
महराजगंज के नौतनवा स्थित गोरखा स्कूल परिसर में गुरुवार को भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में रहने वाले भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के लिए सुविधाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नेपाल और नौतनवा क्षेत्र के पूर्व सैनिकों ने हिस्सा लिया और उनकी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि नेपाल सीमा क्षेत्र में लगभग 5,000 पूर्व सैनिक और वीर नारियां भारतीय सेना द्वारा संचालित सीएसडी कैंटीन की सुविधाओं से वंचित हैं। उन्हें कैंटीन से सामान खरीदकर लाने पर सीमा पर कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और उनका सामान रोक दिया जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए जीआरडी कुनराघाट के कमांडेंट ने एक पहल की है, जिसके तहत गोरखपुर कैंटीन से खरीदे गए सामान को बस के माध्यम से सोनौली बॉर्डर तक निःशुल्क पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। यह सेवा अगले महीने से शुरू होने की संभावना है, जिससे सीमा क्षेत्र के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। बैठक में नेपाल में रहने वाले भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों और महराजगंज जनपद के पूर्व सैनिक संगठनों को एक मंच पर लाने का भी निर्णय लिया गया। इसके लिए एक संयुक्त समिति के गठन पर सहमति बनी, जिसके पदाधिकारियों का चुनाव नेपाल में होने वाली अगली बैठक में किया जाएगा। यह समिति दोनों देशों की सीमा पर रहने वाले पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर कार्य करेगी। बैठक में नेपाल स्थित भारतीय सेना पूर्व सैनिक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन भेष शंकर पुरी और नौतनवा पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष नर बहादुर राना सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं वीर नारियां मौजूद रहीं, जिनमें सूबेदार मोहन थापा, कैप्टन डमर बहादुर गुरुंग (एसएम), राम कुमार थापा, कैप्टन श्याम किशोर थापा, नरेश राना, सूबेदार पदम प्रकाश जीसी, सोनौली अध्यक्ष पृथा बहादुर गुरुंग, याम बहादुर गुरुंग, नर बहादुर कार्की, श्रीमती नीरू गुरुंग, प्रेमी सरा राना, लील बहादुर खड़का, हकम बहादुर राना, मैन बहादुर पून, रवि थापा और मीन बहादुर थापा शामिल थे।
- महराजगंज पुलिस का विशेष चेकिंग अभियान, 505 वाहन चालकों पर कार्रवाई महराजगंज पुलिस ने जिलेभर में विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 505 वाहनों का चालान किया। बिना हेलमेट, बिना ड्राइविंग लाइसेंस, ट्रिपल राइडिंग और तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक भी किया।1
- महाराजगंज पुलिस ने तकनीक का इस्तेमाल करते हुए 105 लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें वापस लौटा दिया, जिससे उनके चेहरों पर खुशी लौट आई। इन बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल कीमत 31 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने इन फोनों को ट्रेस करने और बरामद करने के लिए तकनीकी संसाधनों का सहारा लिया। यह कार्रवाई उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है, जिनके मोबाइल फोन खो गए थे या चोरी हो गए थे।1
- पैदल जा रही महिला कार चालक ने कु*च*ला, घायल, रेफर सीसीटीवी में कैद हुई घ*ट*ना, फरेंदा कस्बे के विष्णु मंदिर तिराहे के समीप बुधवार शाम एक महिला कार की च*पे*ट में आकर गंभीर रूप से घा*य*ल हो गई। घ*ट*ना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बताया जाता है कि फरेंदा थाना क्षेत्र के ग्राम गनेशपुर टोला जनकजोत निवासी सुभावती किसी कार्य से फरेंदा कस्बे आई थीं। बुधवार शाम करीब पांच बजे वह विष्णु मंदिर तिराहे के पास सड़क पार कर रही थीं, तभी एक कार ने उन्हें ट*क्कर मार दी। हादसे में महिला गंभीर रूप से घा*यल हो गईं। घ*ट*ना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्काल घा*यल महिला को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गं*भी*र स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दु*र्घ*टना की पूरी घ*ट*ना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। वहीं घायल महिला के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।स्थानीय लोगों ने दु*र्घट*ना स्थल पर यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घ*ट*ना*ओं पर अंकुश लगाया जा सके। #Maharajganj #accident #police #traffic #rule #CCTV #viralreelsシ #video1
- महराजगंज पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए जिले भर से खोए हुए 105 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 31 लाख रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री शक्ति मोहन अवस्थी के कुशल निर्देशन में सर्विलांस सेल द्वारा CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग करके की गई। पुलिस विभाग के अनुसार, सर्विलांस टीम ने विभिन्न माध्यमों से प्राप्त प्रार्थना पत्रों और CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर IMEI नंबर ट्रैकिंग, तकनीकी विश्लेषण और व्यापक निगरानी के जरिए इन मोबाइलों का पता लगाया। इस अभियान के तहत पिछले तीन महीनों में कुल 307 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 90 लाख रुपये है। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सभी संबंधित मोबाइल स्वामियों को बुलाकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके फोन वापस किए गए। अपना खोया हुआ मोबाइल पाकर लोगों ने खुशी व्यक्त की और महराजगंज पुलिस तथा विशेष रूप से पुलिस अधीक्षक श्री शक्ति मोहन अवस्थी का आभार जताया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने सर्विलांस सेल की टीम को बधाई दी और कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल चोरी या गुम होने पर तत्काल नजदीकी थाने या सर्विलांस सेल में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि CEIR पोर्टल के माध्यम से शीघ्र कार्रवाई की जा सके। इस बरामदगी में उपनिरीक्षक ग्रेड-बी सुशील सिंह, उपनिरीक्षक ग्रेड-बी शिवानन्द पासवान, मुख्य आरक्षी मोहम्मद कुतुबुद्दीन, मुख्य आरक्षी राजकुमार राजभर, मुख्य आरक्षी आलोक पाण्डेय, आरक्षी सुधीर कुमार यादव, आरक्षी सूरज गुप्ता, आरक्षी नीरज कुमार गोंड और CEIR टीम के अन्य कर्मचारी शामिल थे। महराजगंज पुलिस की इस कार्रवाई को तकनीकी पुलिसिंग और जनसेवा का सराहनीय उदाहरण माना जा रहा है।1
- गोरखपुर के कैंपियरगंज थाना क्षेत्र स्थित मछलीगांव पुलिस चौकी ने सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। चौकी प्रभारी श्रेयांश राय के नेतृत्व में पुलिस ने इंटर कॉलेज मोड़, पुलिस चौकी मोड़ और करीमनगर मस्जिद समेत कई दुर्घटना संभावित स्थानों पर रिफ्लेक्टर और डेलीनेटर पोस्ट स्थापित किए हैं।1
- महराजगंज पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के कुशल नेतृत्व में सर्विलांस सेल ने हाल ही में 105 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंपे हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत 31 लाख रुपये बताई जा रही है। इन फोनों को CEIR पोर्टल और आधुनिक तकनीकी माध्यमों का उपयोग करके विभिन्न प्रार्थना-पत्रों के आधार पर बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में महराजगंज पुलिस कुल 307 मोबाइल फोन बरामद कर नागरिकों को वापस कर चुकी है, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 90 लाख रुपये है। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोगों ने महराजगंज पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया, जिससे उनके चेहरे खिल उठे।2
- महाराजगंज में आम आदमी पार्टी (AAP) ने सोमवार को निचलौल तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। AAP की जनपद इकाई के जिला उपाध्यक्ष और विधानसभा 317 के प्रभारी जाहिद अली के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने किसानों और आम जनता से जुड़ी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर महाराजगंज के जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार निचलौल को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने निचलौल क्षेत्र के सरकारी गोदामों पर तत्काल डीएपी खाद और यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी गोदामों पर खाद न मिलने के कारण किसान परेशान हैं, जबकि निजी दुकानों और गोदामों पर खाद अधिक कीमतों पर बेची जा रही है। कार्यकर्ताओं के अनुसार, किसानों को डीएपी खाद 1350 रुपये के बजाय 1800 से 2000 रुपये में और यूरिया 250 रुपये के बजाय 400 से 500 रुपये तक में खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इसलिए, उन्होंने सभी सरकारी गोदामों पर पर्याप्त मात्रा में खाद और यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की ताकि किसानों को राहत मिल सके। उनकी दूसरी मांग निचलौल क्षेत्र की सभी नहरों, नालों, तालाबों, पोखरों और पोखरियों की बरसात शुरू होने से पहले तत्काल सफाई कराने से संबंधित थी। कार्यकर्ताओं ने बताया कि समय पर सफाई न होने के कारण बरसात के दिनों में गंदा पानी गांवों और मोहल्लों की सड़कों पर भर जाता है, जिससे सड़कें खराब हो जाती हैं और लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। तीसरी मांग में क्षेत्र में बढ़ते मच्छरों के प्रकोप पर चिंता व्यक्त करते हुए, शहर से लेकर गांव तक तत्काल मच्छररोधी दवाओं के छिड़काव की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मच्छरों के कारण विभिन्न बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, अतः जनहित में शीघ्र प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस प्रदर्शन के दौरान राधेश्याम यादव, सत्तार अली, दशरथ प्रजापति, विद्यासागर सिंह, ओमकार मिश्रा, सुदामा, लॉरी भाई, रिंकेश भारती, मुसाफिर, राजेश हुसैन, रामआसरे, मुर्तुजा, इंद्रजीत यादव, परमानंद, कृष्णमुरारी, सीताराम सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- महराजगंज के सिसवा विकासखंड स्थित कारीडीहा-जहदा मार्ग की हालत बेहद खराब हो चुकी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और उखड़ी हुई गिट्टियां राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। वहीं विभाग का कहना है कि सड़क के नवीनीकरण का प्रस्ताव वर्ष 2026 की कार्ययोजना में भेजा गया है।1