कानपुर देहात के भोगनीपुर विधानसभा के कठेटी गांव में सोमवार देर शाम कैबिनेट मंत्री राकेश सचान एक चौपाल में पहुंचे, जहां सैकड़ों ग्रामीण अपनी शिकायतों के निस्तारण की उम्मीद लेकर आए थे। किसानों ने अपनी समस्याएं सुनाईं, लेकिन उनके निस्तारण के लिए वहां कोई अधिकारी मौजूद नहीं था, जिसे देखकर मंत्री राकेश सचान का पारा चढ़ गया। अफसरों की इस गैरमौजूदगी और लापरवाही पर मंत्री ने तुरंत कानपुर देहात के डीएम कपिल सिंह को फोन किया और उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई। मंत्री सचान ने डीएम से सीधे तौर पर कहा कि उन्होंने पंचायतों को मजाक बना रखा है, और गांव में पंचायत चल रही है, फिर भी राजस्व विभाग का कोई अधिकारी वहां नहीं है। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि केवल कानूनगो मौजूद है, जबकि एसडीएम और तहसीलदार जैसे अधिकारियों को वहां होना चाहिए था। मंत्री ने सवाल उठाया कि कैबिनेट मंत्री के पहुंचने के बावजूद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और सरकार के निर्देशों का पालन नहीं हो रहा, जिससे सारा काम सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है।
कानपुर देहात के भोगनीपुर विधानसभा के कठेटी गांव में सोमवार देर शाम कैबिनेट मंत्री राकेश सचान एक चौपाल में पहुंचे, जहां सैकड़ों ग्रामीण अपनी शिकायतों के निस्तारण की उम्मीद लेकर आए थे। किसानों ने अपनी समस्याएं सुनाईं, लेकिन उनके निस्तारण के लिए वहां कोई अधिकारी मौजूद नहीं था, जिसे देखकर मंत्री राकेश सचान का पारा चढ़ गया। अफसरों की इस गैरमौजूदगी और लापरवाही पर मंत्री ने तुरंत कानपुर देहात के डीएम कपिल सिंह को फोन किया और उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई। मंत्री सचान ने डीएम से सीधे तौर पर कहा कि उन्होंने पंचायतों को मजाक बना रखा है, और गांव में पंचायत चल रही है, फिर भी राजस्व विभाग का कोई अधिकारी वहां नहीं है। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि केवल कानूनगो मौजूद है, जबकि एसडीएम और तहसीलदार जैसे अधिकारियों को वहां होना चाहिए था। मंत्री ने सवाल उठाया कि कैबिनेट मंत्री के पहुंचने के बावजूद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और सरकार के निर्देशों का पालन नहीं हो रहा, जिससे सारा काम सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है।
- कानपुर देहात के भोगनीपुर विधानसभा के कठेटी गांव में सोमवार देर शाम कैबिनेट मंत्री राकेश सचान एक चौपाल में पहुंचे, जहां सैकड़ों ग्रामीण अपनी शिकायतों के निस्तारण की उम्मीद लेकर आए थे। किसानों ने अपनी समस्याएं सुनाईं, लेकिन उनके निस्तारण के लिए वहां कोई अधिकारी मौजूद नहीं था, जिसे देखकर मंत्री राकेश सचान का पारा चढ़ गया। अफसरों की इस गैरमौजूदगी और लापरवाही पर मंत्री ने तुरंत कानपुर देहात के डीएम कपिल सिंह को फोन किया और उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई। मंत्री सचान ने डीएम से सीधे तौर पर कहा कि उन्होंने पंचायतों को मजाक बना रखा है, और गांव में पंचायत चल रही है, फिर भी राजस्व विभाग का कोई अधिकारी वहां नहीं है। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि केवल कानूनगो मौजूद है, जबकि एसडीएम और तहसीलदार जैसे अधिकारियों को वहां होना चाहिए था। मंत्री ने सवाल उठाया कि कैबिनेट मंत्री के पहुंचने के बावजूद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और सरकार के निर्देशों का पालन नहीं हो रहा, जिससे सारा काम सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है।1
- कानपुर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए, डीसीपी पश्चिम के खुलासे में शिवराजपुर पुलिस और साइबर क्राइम सेल ने मिलकर एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन में 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर देशभर में लोगों को ठगने वाले 6 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी खुद को पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों से पैसे वसूलते थे। ठगी की गई रकम को वे P2P ट्रेडिंग के जरिए USDT क्रिप्टोकरेंसी में बदल देते थे। यह गैंग पिछले तीन वर्षों से पूरे देश में अपना साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहा था, जिसके परिणामस्वरूप अब तक करीब 2500 लोगों को इसका शिकार बनाया गया है। एनसीआरपी और प्रतिबिंब पोर्टल के अनुसार, इस गिरोह ने ₹15 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी को अंजाम दिया है। अपने काले कारोबार को छिपाने के लिए, गैंग ने लेन-देन के लिए 450 फर्जी और किराए के बैंक खातों का इस्तेमाल किया था। इस गिरोह के खिलाफ बिहार, तमिलनाडु, उत्तराखंड, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं, जो इसके बड़े पैमाने पर फैले नेटवर्क को दर्शाती हैं। आरोपियों के पास से 5 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 1 टैबलेट, 10 बैंक पासबुक, 2 चेकबुक और 12 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। शिवराजपुर थाना क्षेत्र में चल रहे इस साइबर फ्रॉड के काले कारोबार पर नकेल कसने वाली पुलिस टीम को ₹25 हजार का नकद पुरस्कार भी दिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 308(2)/318(4) और 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।1
- सोमवार को थाना सजेती क्षेत्रान्तर्गत ग्राम मकरन्दपुर में जमीन संबंधी विवाद के दौरान फायरिंग होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची, जहाँ घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान, फायरिंग की घटना को सत्य पाया गया। इसके उपरांत, पुलिस और फील्ड यूनिट द्वारा साक्ष्य संकलित किए गए और संदिग्ध अभियुक्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर, घटना में प्रयुक्त एक अवैध तमंचा और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया। पीड़ित पक्ष से प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है, और मामले में अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।1
- व्हाट्सएप के माध्यम से न्यूज़ वीडियो प्राप्त करने का एक अवसर प्रस्तुत किया गया है। इच्छुक व्यक्ति मात्र 30 रुपये में एक वीडियो खरीद सकते हैं। इस सेवा का लाभ उठाने के लिए, आज ही +916387533383 पर व्हाट्सएप पर संपर्क करने का आग्रह किया गया है।1
- कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र के यशोदा नगर में नमक फैक्ट्री चौराहे के पास सीएम ग्रिड के कार्य के दौरान सीयूजीएल की गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन फटने के कारण क्षेत्र में गैस सप्लाई बाधित हो गई, जिससे आसपास के लोगों में हड़कंप की स्थिति मच गई। जानकारी के अनुसार, नमक फैक्ट्री चौराहे के पास यह सीएम ग्रिड का कार्य योजना सुपरवाइजर रवि के निर्देशन में किया जा रहा था। इसी दौरान खुदाई करते समय सीयूजीएल की भूमिगत पाइपलाइन टूट गई। घटना की सूचना मिलते ही सीयूजीएल की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत में जुट गई। सीयूजीएल कर्मचारियों का कहना है कि यह कार्य बिना किसी पूर्व सूचना के किया गया था, जिसके चलते यह हादसा हुआ और क्षेत्र की गैस आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित हुई। फिलहाल, इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं है। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए हैं, और सीयूजीएल की टीम जल्द से जल्द गैस आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास कर रही है।1
- CJP के संस्थापक पर सरेआम हमला हुआ है, जहाँ उन्हें थप्पड़ जड़े गए और उनके साथ मारपीट की गई। इस घटना से उनके समर्थकों में भारी हड़कंप मच गया है। बताया गया है कि यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है।1