निजीकरण के विरोध में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत अभियंता संघ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित निजीकरण के विरोध में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत अभियंता संघ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित रायपुर, 25 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत अभियंता संघ द्वारा विद्युत वितरण क्षेत्र में प्रस्तावित निजीकरण के विरोध एवं सार्वजनिक विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से आज रायपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में टाटा पावर कंपनी लिमिटेड द्वारा रायपुर जिले के रायपुर, धरसींवा, मंदिर हसौद एवं अभनपुर तहसीलों में विद्युत वितरण हेतु लाइसेंस प्राप्त करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) के समक्ष प्रस्तुत आवेदन पर गंभीरता से चर्चा की गई। बैठक में अभियंताओं ने कहा कि विद्युत वितरण केवल व्यावसायिक गतिविधि नहीं, बल्कि आम जनता से जुड़ी आवश्यक एवं मूलभूत सार्वजनिक सेवा है। इसलिए विद्युत वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार के परिवर्तन का निर्णय व्यापक जनहित, उपभोक्ता हित एवं कर्मचारी हित को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। बैठक में समानांतर लाइसेंसिंग (Parallel Licensing), क्रॉस-सब्सिडी, उपभोक्ता हितों की सुरक्षा, विद्युत दरों, सेवा की गुणवत्ता तथा सार्वजनिक विद्युत वितरण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। संघ ने आशंका व्यक्त की कि निजीकरण की स्थिति में लाभप्रद क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित होने तथा कम लाभ वाले ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में विद्युत सेवा की गुणवत्ता एवं उपलब्धता प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अभियंताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के अभियंता एवं कर्मचारी वर्षों से प्रदेश के शहरी, ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों में निरंतर विद्युत सेवा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्राकृतिक आपदा, आंधी-तूफान, तकनीकी खराबी एवं आपातकालीन परिस्थितियों में विद्युत कर्मियों द्वारा दिन-रात सेवा प्रदान की जाती है। ऐसी व्यवस्था को कमजोर करने के बजाय उसे आधुनिक तकनीक, पर्याप्त मानव संसाधन एवं बेहतर अधोसंरचना के माध्यम से और मजबूत किया जाना चाहिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि टाटा पावर के प्रस्तावित वितरण लाइसेंस के संबंध में CSERC के समक्ष तथ्यात्मक, तकनीकी एवं जनहित आधारित आपत्तियां एवं सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही आयोग द्वारा आमंत्रित सुझाव एवं आपत्तियों के संबंध में अभियंताओं एवं कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस विषय से अवगत कराया जाएगा। संघ ने यह भी निर्णय लिया कि विद्युत क्षेत्र से जुड़े सभी अभियंता एवं कर्मचारी संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर निजीकरण के संभावित प्रभावों के संबंध में एकजुट होकर प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रखा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर शासन, नियामक आयोग, जनप्रतिनिधियों एवं आम उपभोक्ताओं के समक्ष भी इस विषय को प्रमुखता से रखा जाएगा। बैठक में उपस्थित अभियंताओं ने एक स्वर में कहा कि विद्युत व्यवस्था का उद्देश्य केवल लाभ अर्जित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक उपभोक्ता को विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं सुलभ विद्युत सेवा उपलब्ध कराना होना चाहिए। सार्वजनिक विद्युत वितरण व्यवस्था को मजबूत करना ही प्रदेश एवं उपभोक्ताओं के दीर्घकालीन हित में है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत अभियंता संघ ने शासन एवं नियामक आयोग से मांग की कि रायपुर जिले के उक्त क्षेत्रों में प्रस्तावित निजी वितरण लाइसेंस पर निर्णय लेते समय जनहित, उपभोक्ता हित, कर्मचारी हित, क्रॉस-सब्सिडी व्यवस्था तथा प्रदेश की समग्र विद्युत व्यवस्था के प्रभावों का व्यापक मूल्यांकन किया जाए तथा सार्वजनिक विद्युत वितरण व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए इसे और अधिक सुदृढ़ किया जाए। संघ का स्पष्ट मत है— «“विद्युत सेवा जनसेवा है। इसका उद्देश्य केवल लाभ कमाना नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक उपभोक्ता तक विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण एवं सस्ती बिजली पहुंचाना होना चाहिए।”» — छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत अभियंता संघ
निजीकरण के विरोध में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत अभियंता संघ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित निजीकरण के विरोध में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत अभियंता संघ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित रायपुर, 25 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत अभियंता संघ द्वारा विद्युत वितरण क्षेत्र में प्रस्तावित निजीकरण के विरोध एवं सार्वजनिक विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से आज रायपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में टाटा पावर कंपनी लिमिटेड द्वारा रायपुर जिले के रायपुर, धरसींवा, मंदिर हसौद एवं अभनपुर तहसीलों में विद्युत वितरण हेतु लाइसेंस प्राप्त करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) के समक्ष प्रस्तुत आवेदन पर गंभीरता से चर्चा की गई। बैठक में अभियंताओं ने कहा कि विद्युत वितरण केवल व्यावसायिक गतिविधि नहीं, बल्कि आम जनता से जुड़ी आवश्यक एवं मूलभूत सार्वजनिक सेवा है। इसलिए विद्युत वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार के परिवर्तन का निर्णय व्यापक जनहित, उपभोक्ता हित एवं कर्मचारी हित को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। बैठक में समानांतर लाइसेंसिंग (Parallel Licensing), क्रॉस-सब्सिडी, उपभोक्ता हितों की सुरक्षा, विद्युत दरों, सेवा की गुणवत्ता तथा सार्वजनिक विद्युत वितरण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। संघ ने आशंका व्यक्त की कि निजीकरण की स्थिति में लाभप्रद क्षेत्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित होने तथा कम लाभ वाले ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में विद्युत सेवा की गुणवत्ता एवं उपलब्धता प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अभियंताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के अभियंता एवं कर्मचारी वर्षों से प्रदेश के शहरी, ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों में निरंतर विद्युत सेवा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्राकृतिक आपदा, आंधी-तूफान, तकनीकी खराबी एवं आपातकालीन परिस्थितियों में विद्युत कर्मियों द्वारा दिन-रात सेवा प्रदान की जाती है। ऐसी व्यवस्था को कमजोर करने के बजाय उसे आधुनिक तकनीक, पर्याप्त मानव संसाधन एवं बेहतर अधोसंरचना के माध्यम से और मजबूत किया जाना चाहिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि टाटा पावर के प्रस्तावित वितरण लाइसेंस के संबंध में CSERC के समक्ष तथ्यात्मक, तकनीकी एवं जनहित आधारित आपत्तियां एवं सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही आयोग द्वारा आमंत्रित सुझाव एवं आपत्तियों के संबंध में अभियंताओं एवं कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस विषय से अवगत कराया जाएगा। संघ ने यह भी निर्णय लिया कि विद्युत क्षेत्र से जुड़े सभी अभियंता एवं कर्मचारी संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर निजीकरण के संभावित प्रभावों के संबंध में एकजुट होकर प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रखा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर शासन, नियामक आयोग, जनप्रतिनिधियों एवं आम उपभोक्ताओं के समक्ष भी इस विषय को प्रमुखता से रखा जाएगा। बैठक में उपस्थित अभियंताओं ने एक स्वर में कहा कि विद्युत व्यवस्था का उद्देश्य केवल लाभ अर्जित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक उपभोक्ता को विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं सुलभ विद्युत सेवा उपलब्ध कराना होना चाहिए। सार्वजनिक विद्युत वितरण व्यवस्था को मजबूत करना ही प्रदेश एवं उपभोक्ताओं के दीर्घकालीन हित में है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत अभियंता संघ ने शासन एवं नियामक आयोग से मांग की कि रायपुर जिले के उक्त क्षेत्रों में प्रस्तावित निजी वितरण लाइसेंस पर निर्णय लेते समय जनहित, उपभोक्ता हित, कर्मचारी हित, क्रॉस-सब्सिडी व्यवस्था तथा प्रदेश की समग्र विद्युत व्यवस्था के प्रभावों का व्यापक मूल्यांकन किया जाए तथा सार्वजनिक विद्युत वितरण व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए इसे और अधिक सुदृढ़ किया जाए। संघ का स्पष्ट मत है— «“विद्युत सेवा जनसेवा है। इसका उद्देश्य केवल लाभ कमाना नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक उपभोक्ता तक विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण एवं सस्ती बिजली पहुंचाना होना चाहिए।”» — छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत अभियंता संघ
- पुलिस से पहले पब्लिक के हाथ लगा गांजा आखिर कहा चुक रही हैं प्रशासन रायपुर में गांजा बरामदगी की घटनाओं के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह है कि नशे का सामान पुलिस की कार्रवाई से पहले ही आम लोगों के हाथ कैसे पहुंच रहा है? लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने पुलिस की निगरानी और कार्रवाई के तरीके को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अब मुद्दा सिर्फ गांजा बरामद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क तक पहुंचने का है। सवाल यह भी है कि क्या कार्रवाई केवल बरामदगी और छोटे स्तर के आरोपियों तक सीमित रहेगी, या पुलिस तस्करी के स्रोत, सप्लायर और पूरे नेटवर्क की तह तक जाकर प्रभावी कार्रवाई करेगी?1
- रायपुर : - आज भाटागाव रायपुर मे एक पेट्रोल पम्प के पास बरसात का पानी भरने से लोगों को आने जाने मे बहुत ही तकलीफ़ो का सामना करना पड़ा, जब -जब बारिश होता है तब तब आस पास का पानी नाले से उपर आकर सड़क मे 2 फ़िट तक पानी बहता है, और इसका मुख्य कारण है नालियों का साफ़ सफ़ाई ना करना, ये नालिया पौलिथीन, प्लास्टिक बोतल और झाड़ीयो से चोक हो गया है जिसमें बारिश का सारा पानी सड़क पर आ जाता है और जनता को बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन रायपुर नगर निगम मौन है, जब टैक्स लेते हैं नगर निगम तो गार्मी के दिनों मे नालियों का साफ़ साफ़ाई भी किया जाना चाहिए, रायपुर नगर निगम इस पर ध्यान दो ताकी जनता को परेशानियो का सामना करना ना पड़े !1
- त्रिवेणी संगम के मध्य में विराजमान भगवान श्री कुलेश्वरनाथ महादेव का 26 अगस्त बुधवार को होगा जलाभिषेक नवापारा राजिम। श्री कुलेश्वरनाथ बोल बम कांवरिया संघ के तत्वावधान में तीन पवित्र नदियों के स्वर्णिम संगम पर विराजमान देवाधिदेव भगवान श्री कुलेश्वरनाथ महादेव का भव्य जलाभिषेक कार्यक्रम 26 अगस्त, बुधवार को आयोजित किया जाएगा। जलाभिषेक कार्यक्रम सुबह 8 बजे से विधिवत प्रारंभ होगा। आयोजन को लेकर कांवरिया संघ एवं श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। भगवान श्री कुलेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। कार्यक्रम के दौरान भक्तजन भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना एवं दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे। आयोजन संस्था ने क्षेत्र के सभी शिवभक्तों एवं धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर भगवान श्री कुलेश्वरनाथ महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करने की विनम्र अपील की है। संघ द्वारा आयोजन को लेकर आवश्यक तैयारियां भी की जा रही हैं। श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से सहभागी बनने का आग्रह किया गया है।2
- शासकीय हाई स्कूल पेन्ड्रावन में शिक्षकों की कमी: नाराज छात्रों ने दूसरी बार किया खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग जाम, लगा लंबा जाम BREAKING NEWS / धमधा लोकेशन -धमधा रिपोर्टर -हेमंत उमरे शासकीय हाई स्कूल पेन्ड्रावन में शिक्षकों की कमी: नाराज छात्रों ने दूसरी बार किया खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग जाम, लगा लंबा जाम *धमधा, दुर्ग।* इस वक्त की बड़ी खबर दुर्ग जिले के विकासखंड धमधा से निकलकर सामने आ रही है। विकासखंड के शासकीय हाई स्कूल पेन्ड्रावन के छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों की कमी को लेकर आज फिर खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया है। बच्चों का कहना है कि यह सड़क जाम उन्होंने दूसरी बार किया है। हाई स्कूल में कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ाई के लिए मात्र 4 ही शिक्षक हैं। जिससे उनकी पढ़ाई पूरी तरह से ठप पड़ी है। छात्रों ने बताया कि एक सप्ताह पहले भी उन्होंने इसी मांग को लेकर मुख्य मार्ग जाम किया था। उस समय शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जल्द शिक्षकों की व्यवस्था करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया था। लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी स्कूल में एक भी नए शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई। आश्वासन पूरा न होने से नाराज होकर आज छात्रों ने फिर से सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया है। छात्रों का साफ कहना है कि जब तक स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था नहीं होगी, वे सड़क से नहीं हटेंगे। सड़क जाम की सूचना पर मौके पर भारी पुलिस बल और शिक्षा विभाग के अधिकारी पहुंच गए हैं। छात्रों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। इधर मुख्य मार्ग जाम होने से दोनों तरफ भारी वाहनों की लंबी कतार लग गई है और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।3
- छत्तीसगढ़ (दुर्ग-भिलाई और बलौदाबाजार) में HTC (Heavy Transport Company) के डायरेक्टर इंद्रजीत सिंह उर्फ छोटू के ठिकानों पर स्टेट GST की रेड 24 अगस्त 2026 (सोमवार) को हुई। मुख्य डिटेल्स (अपडेटेड, 25 अगस्त 2026 तक) कब और कहाँ: सोमवार दोपहर करीब 3-4 बजे स्टेट GST (दुर्ग यूनिट) की टीम भिलाई के हथखोज स्थित HTC ऑफिस, गोदाम और इंडस्ट्रियल एरिया में पहुँची। साथ ही बलौदाबाजार स्थित कंपनी के यार्ड में भी एक साथ दबिश दी गई। टीम का आकार: लगभग 10-12 से लेकर 24-25 अधिकारी/कर्मचारी अलग-अलग जगहों पर लगे। कुछ रिपोर्ट्स में 10 घंटे तक जाँच चली, कुछ में करीब 6 घंटे; टीम देर रात तक मौजूद रही। कार्रवाई मंगलवार तक जारी रहने की भी खबर थी। क्या खंगाला गया: कारोबारी दस्तावेज, GST रिकॉर्ड, खरीद-बिक्री, भुगतान, लेन-देन, वाहनों से जुड़े रजिस्टर, टैक्स रसीदें, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (कंप्यूटर आदि) और डिजिटल बैकअप। बलौदाबाजार यार्ड से पुराने रिकॉर्ड और अटैच वाहनों का विवरण भी लिया गया। कंपनी और इंद्रजीत सिंह के बारे में इंद्रजीत सिंह उर्फ छोटू HTC के डायरेक्टर हैं। कंपनी के पास 1500 से ज्यादा ट्रक (ट्रक, डंपर, ट्रेलर) बताए जाते हैं। कारोबार BSP (भिलाई स्टील प्लांट) से जुड़ा है — करीब 60-70 गाड़ियाँ वहाँ लोडिंग/परिवहन में लगी हैं। बलौदाबाजार क्षेत्र के सीमेंट प्लांट्स की ढुलाई में भी कंपनी की बड़ी हिस्सेदारी बताई जाती है। कारोबार खदानों और देश के अन्य हिस्सों तक फैला है। वे भिलाई के प्रमुख ट्रांसपोर्टर्स में गिने जाते हैं। अन्य पद: SBS हॉस्पिटल भिलाई के डायरेक्टर, भिलाई ट्रक-ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, यूथ सिख सेवा समिति, सर्व समाज कल्याण समिति और न्यू गतका स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष। राजनीति में आने/विधानसभा चुनाव लड़ने की भी चर्चा रही है। जाँच के संभावित कारण और शुरुआती संकेत विभाग की ओर से आधिकारिक तौर पर स्पष्ट कारण (शिकायत/गड़बड़ी) अभी घोषित नहीं किया गया। जाँच रिपोर्ट का इंतजार है। Patrika जैसी रिपोर्ट्स में कहा गया है कि तलाशी में कथित बोगस बिलिंग, कच्चे/कैश लेन-देन से जुड़े दस्तावेज मिले। लंबे समय से टैक्स चोरी की शिकायतें मिलने की बात भी सामने आई — कारोबार बढ़ने के बावजूद नुकसान दिखाकर कम टैक्स जमा करने का आरोप। एक अन्य शिकायत: एक ही पंजीयन नंबर से कई ट्रकों का संचालन। वाहनों की संख्या, पंजीयन और वास्तविक कारोबार के बीच तालमेल की जाँच हो रही है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों से जानकारी लेने की तैयारी है। प्राथमिक जाँच में कुछ अनियमितताएँ बताई गईं, लेकिन टैक्स चोरी की सटीक राशि और देनदारी विस्तृत जाँच के बाद ही तय होगी। कई रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। नोट: यह घटना बहुत ताज़ा है (24-25 अगस्त 2026)। आधिकारिक GST बयान या फाइनल रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई। अपडेट्स के लिए दैनिक भास्कर, Patrika, ETV Bharat जैसे स्थानीय स्रोतों पर नज़र रखें। कोई गिरफ्तारी या फाइनल टैक्स डिमांड की खबर अभी नहीं है। SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH हमेशा फुल फैक्ट्स के साथ आपके साथ। 🔥1
- कुरूद नगर भाजपा संयोजक भोजराज चंद्राकर ने वीडियो जारी कर पति-पत्नी पर स्कूलों की आड़ में राजनीति चमकाने का लगाया आरोप कुरूद नगर भाजपा संयोजक भोजराज चंद्राकर ने वीडियो जारी कर पति-पत्नी पर स्कूलों की आड़ में अपनी राजनीति चमकाने का आरोप लगाया है। देखिए क्या कुछ कहा है।1
- 🌾🌾फसल बचने खाद जरुरी हो गया है।🌾🌾किसान खेतो में खाद छिडकाई करते हुए। #राजिम #rajim_gariyaband #kisan #धानकाफसल किसान खेतो में खाद छिडकाई करते हुए, फसल बचने खाद जरुरी हो गया है।1
- स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ l SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH - DIGITAL MAGAZINE1