डिंडौरी जिले में किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से आत्मा परियोजना और नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत एक दिवसीय कृषक भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान किसानों और कृषि सखियों को जैविक खेती की उन्नत तकनीकों और व्यवहारिक मॉडल की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत, डिंडौरी विकासखंड के बीआरसी (BRC) एवं सीआरपी (CRP) से जुड़े किसानों और कृषि सखियों ने नर्मदांचल गौ सेवा समिति ढोंढ़ा का भ्रमण किया। यहां उन्हें प्राकृतिक और गौवंश आधारित जैविक खेती की विभिन्न गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया, साथ ही किसानों को कम लागत में टिकाऊ खेती के तरीके समझाए गए। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत, अग्नि अस्त्र, बीज उपचार सहित जैविक कृषि से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं की प्रायोगिक जानकारी दी गई। फार्म हाउस में उगाई जा रही सब्जियों, फलों और धान की नर्सरी का प्रदर्शन भी किया गया। इसके अतिरिक्त, किसानों को गोबर गैस यानी बायोगैस यूनिट के संचालन की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि पशुधन आधारित यह मॉडल न केवल घरेलू गैस के खर्च को कम करने में सहायक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा देने में भी उपयोगी साबित हो सकता है। किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए समझाया गया कि वे छोटे स्तर से शुरुआत कर धीरे-धीरे जैविक मॉडल को अपना सकते हैं। इस बात पर जोर दिया गया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को रासायनिक खेती के विकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि सखी और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
डिंडौरी जिले में किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से आत्मा परियोजना और नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत एक दिवसीय कृषक भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान किसानों और कृषि सखियों को जैविक खेती की उन्नत तकनीकों और व्यवहारिक मॉडल की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत, डिंडौरी विकासखंड के बीआरसी (BRC) एवं सीआरपी (CRP) से जुड़े किसानों और कृषि सखियों ने नर्मदांचल गौ सेवा समिति ढोंढ़ा का भ्रमण किया। यहां उन्हें प्राकृतिक और गौवंश आधारित जैविक खेती की विभिन्न गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया, साथ ही किसानों को कम लागत में टिकाऊ खेती के तरीके समझाए गए। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत, अग्नि अस्त्र, बीज उपचार सहित जैविक कृषि से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं की प्रायोगिक जानकारी दी गई। फार्म हाउस में उगाई जा रही सब्जियों, फलों और धान की नर्सरी का प्रदर्शन
भी किया गया। इसके अतिरिक्त, किसानों को गोबर गैस यानी बायोगैस यूनिट के संचालन की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि पशुधन आधारित यह मॉडल न केवल घरेलू गैस के खर्च को कम करने में सहायक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा देने में भी उपयोगी साबित हो सकता है। किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए समझाया गया कि वे छोटे स्तर से शुरुआत कर धीरे-धीरे जैविक मॉडल को अपना सकते हैं। इस बात पर जोर दिया गया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को रासायनिक खेती के विकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि सखी और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- डिंडौरी जिले में किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती से जोड़ने के उद्देश्य से आत्मा परियोजना और नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत एक दिवसीय कृषक भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान किसानों और कृषि सखियों को जैविक खेती की उन्नत तकनीकों और व्यवहारिक मॉडल की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत, डिंडौरी विकासखंड के बीआरसी (BRC) एवं सीआरपी (CRP) से जुड़े किसानों और कृषि सखियों ने नर्मदांचल गौ सेवा समिति ढोंढ़ा का भ्रमण किया। यहां उन्हें प्राकृतिक और गौवंश आधारित जैविक खेती की विभिन्न गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया, साथ ही किसानों को कम लागत में टिकाऊ खेती के तरीके समझाए गए। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को केंचुआ खाद, वर्मीवाश, जीवामृत, अग्नि अस्त्र, बीज उपचार सहित जैविक कृषि से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं की प्रायोगिक जानकारी दी गई। फार्म हाउस में उगाई जा रही सब्जियों, फलों और धान की नर्सरी का प्रदर्शन भी किया गया। इसके अतिरिक्त, किसानों को गोबर गैस यानी बायोगैस यूनिट के संचालन की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि पशुधन आधारित यह मॉडल न केवल घरेलू गैस के खर्च को कम करने में सहायक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा देने में भी उपयोगी साबित हो सकता है। किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए समझाया गया कि वे छोटे स्तर से शुरुआत कर धीरे-धीरे जैविक मॉडल को अपना सकते हैं। इस बात पर जोर दिया गया कि जैविक उत्पाद मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को रासायनिक खेती के विकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि सखी और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।2
- गोंडवाना साम्राज्य की अमर शहीद वीरांगना महारानी रानी दुर्गावती जी के बलिदान दिवस के अवसर पर घुघरी में एक भव्य श्रद्धांजलि और प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह एक ऐतिहासिक एवं गौरवशाली आयोजन है, जिसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, समाज प्रमुख और बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल होंगे। यह कार्यक्रम गोंडवाना गुरुदेव परम श्रद्धेय दादा दुर्गे भगत सिद्धार जी एवं ममतामयी माता दुर्गे दुलेश्वरी दाई जी के सानिध्य में संपन्न होगा। इस आयोजन का मूल उद्देश्य वीरांगना रानी दुर्गावती के अदम्य साहस, उनके बलिदान और संघर्षपूर्ण जीवन से समाज को प्रेरणा देना है, साथ ही उनके अमूल्य योगदान को आने वाली भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना भी है। आयोजकों ने समाज के सभी वर्गों, युवाओं, महिलाओं एवं क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर महारानी रानी दुर्गावती को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करें और प्रतिमा अनावरण के इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनें। यह पूरा आयोजन राजा शंकर शाह–कुंवर रघुनाथ शाह समिति, घुघरी एवं सर्व आदिवासी समाज, गढ़ मंडला के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।1
- भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ, जिला इकाई शहडोल ने पत्रकारों के विरुद्ध कथित तौर पर झूठी और भ्रामक शिकायतें कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने के प्रयासों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में, महासंघ ने पुलिस अधीक्षक शहडोल को एक ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। महासंघ के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी द्वारा प्रस्तुत आवेदन में बताया गया है कि वरिष्ठ पत्रकार साथी एवं ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता तथा संभागीय उपाध्यक्ष निलेश सोनी के खिलाफ पत्रकार सूर्यभान यादव ने फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की है, जिसे महासंघ ने प्रथम दृष्टया तथ्यहीन और भ्रामक करार दिया है। महासंघ के अनुसार, ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत ने निलेश सोनी को दूरभाष पर यह जानकारी दी थी कि पत्रकार सूर्यभान यादव द्वारा किसी अन्य संगठन के नाम पर राशि लिए जाने और अतिरिक्त धनराशि की मांग किए जाने की बात सामने आई थी। इसी संबंध में तथ्य जानने के उद्देश्य से निलेश सोनी ने सूर्यभान यादव से फोन पर संपर्क किया था, जिसके दौरान बातचीत में विवाद की स्थिति बनी। इसके बाद कथित रूप से ऑडियो को संपादित कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और निलेश सोनी के विरुद्ध थाना ब्यौहारी में शिकायत भी दर्ज करा दी गई। महासंघ ने यह भी आरोप लगाया है कि ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता के विरुद्ध भी बिना किसी ठोस आधार के शिकायत दर्ज कराई गई, जिससे उनकी पत्रकारिता और सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। इस मामले को लेकर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्लॉक इकाई ब्यौहारी ने 17 जून 2026 को थाना प्रभारी ब्यौहारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से पत्रकारों में असंतोष व्याप्त है। महासंघ का कहना है कि पत्रकारों के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करना और मानसिक प्रताड़ना देना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। संगठन ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति लगातार पत्रकार साथियों को बदनाम करने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि वायरल किए गए ऑडियो की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराई जाए ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शिकायत मिथ्या एवं दुर्भावनापूर्ण पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। महासंघ ने प्रभावित पत्रकारों की प्रतिष्ठा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन निष्पक्षता और कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए पूरे मामले में न्याय सुनिश्चित करेगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह पत्रकारों की गरिमा एवं स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और किसी भी दुर्भावनापूर्ण गतिविधि का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से विरोध करता रहेगा।1
- शहडोल नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत शहडोल रेलवे स्टेशन पर बीती रात दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हो गया। इस घटना का एक वीडियो सोमवार दोपहर लगभग 2:30 बजे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच हुई झड़प स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। विवाद के बाद, स्थानीय लोगों ने तुरंत आरपीएफ पुलिस को सूचना दी, जिसके मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। इस दौरान घटना स्थल पर लोगों की अच्छी खासी भीड़ जमा हो गई थी।1
- शहडोल में भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की जिला इकाई ने पत्रकारों के खिलाफ कथित तौर पर झूठी और भ्रामक शिकायतें दर्ज कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के प्रयासों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। महासंघ ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक, शहडोल को एक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। महासंघ के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी द्वारा सौंपे गए आवेदन में कहा गया है कि महासंघ के वरिष्ठ पत्रकार रामराज गुप्ता (ब्लॉक महासचिव) और नीलेश सोनी (संभागीय उपाध्यक्ष) के खिलाफ पत्रकार सूर्यभान यादव ने फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई है। महासंघ ने इस शिकायत को प्रथम दृष्टया तथ्यहीन और भ्रामक बताया है। महासंघ के अनुसार, ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत ने नीलेश सोनी को दूरभाष पर बताया था कि पत्रकार सूर्यभान यादव किसी अन्य संगठन के नाम पर राशि ले रहे हैं और अतिरिक्त धन की मांग कर रहे हैं। इस जानकारी की पुष्टि के लिए नीलेश सोनी ने सूर्यभान यादव से संपर्क किया, जिसके दौरान विवाद हुआ। बाद में, कथित तौर पर इस बातचीत का ऑडियो संपादित कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और नीलेश सोनी के खिलाफ थाना ब्यौहारी में शिकायत दर्ज करा दी गई। महासंघ ने यह भी आरोप लगाया है कि ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता के खिलाफ भी बिना किसी ठोस आधार के शिकायत दर्ज की गई, जिससे उनकी पत्रकारिता और सामाजिक प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इस मामले पर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्यौहारी ब्लॉक इकाई ने 17 जून 2026 को थाना प्रभारी ब्यौहारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण पत्रकारों में असंतोष बढ़ रहा है। महासंघ का कहना है कि पत्रकारों के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती है। संगठन ने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति लगातार पत्रकार साथियों को बदनाम करने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। इसी के मद्देनजर, महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से वायरल ऑडियो की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। यदि शिकायतें झूठी और दुर्भावनापूर्ण पाई जाती हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। महासंघ ने प्रभावित पत्रकारों की प्रतिष्ठा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी अपील की है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में निष्पक्ष और कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए न्याय सुनिश्चित करेगा। महासंघ ने स्पष्ट किया कि वह पत्रकारों की गरिमा और स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से विरोध करता रहेगा।1
- अनूपपुर जिले की बिजुरी पुलिस ने चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया सामान और घटना में प्रयुक्त वाहन भी बरामद किया है। यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब 31 मई, 2026 को कोठी निवासी रामबहोर साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 30 मई, 2026 को बिजुरी अस्पताल के पास खड़ी उनकी बाइक की डिग्गी से किसी अज्ञात चोर ने 50,000 रुपये नकद और जरूरी कागजात चुरा लिए थे। इस शिकायत पर धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे संदेही की पहचान भोलगढ़, अनूपपुर निवासी ओमप्रकाश सिसोदिया उर्फ बच्चा कंजर के रूप में हुई। शातिर चोर की तलाश में लगातार दबिश देने के बाद, आरोपी को 22 जून, 2026 को शहडोल जिले के खमरौत चाका से पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। हिकमत अमली से की गई पूछताछ के दौरान, आरोपी ने थाना बिजुरी की इस चोरी के साथ-साथ थाना रामनगर क्षेत्र में भी इसी प्रकार की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किए गए 47,500 रुपये और वारदात में प्रयुक्त मोटर सायकल बरामद की तथा वैधानिक कार्यवाही की है। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी एक शातिर और आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध मध्य प्रदेश के सतना, रीवा, सिंगरौली जैसे विभिन्न जिलों और छत्तीसगढ़ राज्य में चोरी, लूट, नकबजनी और आर्म्स एक्ट के 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस त्वरित कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक विकास सिंह, उपनिरीक्षक विपुल शुक्ला, सउनि उदय प्रजापति, आरक्षक लक्ष्मण दांगी, मनोज उपाध्याय, रवि सिंह, रामनिवास गुर्जर, विश्वजीत मिश्रा और करमजीत सिंह की मुख्य भूमिका रही। थाना बिजुरी पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में नगदी, कीमती सामान या आवश्यक दस्तावेज असुरक्षित स्थिति में न छोड़ें और बैंक से बड़ी रकम निकालने के बाद विशेष सावधानी बरतें। पुलिस ने आमजन से यह भी अनुरोध किया है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे, तो वे तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को इसकी सूचना दें।1
- भीषण गर्मी और लगातार घटते जलस्तर के कारण घुघरी क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि ग्रामीणों को अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए भी पानी की एक-एक बूंद जुटाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर, कुओं का जलस्तर इतना नीचे चला गया है कि लोगों को रस्सी और छोटे बर्तनों की मदद से थोड़ा-थोड़ा पानी निकालना पड़ रहा है। जनपद पंचायत घुघरी की चोवा ग्राम पंचायत में ग्रामीण एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, जो क्षेत्र में जल संकट की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।1
- लखनऊ के अलीगंज के पुरनिया इलाके में स्थित एक इमारत में लगी भीषण आग के कारण एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया है। इस घटना में कुल 15 छात्रों की मौत हो गई, जिनकी उम्र 20 से 24 साल के बीच बताई जा रही है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत इमारत में बनी एक पेट शॉप और गेमिंग जोन से हुई थी। लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि वे ऊपर चल रही एक कोचिंग तक पहुंच गईं, जिसके कारण कई छात्र इमारत के अंदर फंस गए। आग पर काबू पाने और फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए SDRF, NDRF और दमकल विभाग की 10 से अधिक गाड़ियों को मौके पर तैनात किया गया। राहत और बचाव कार्य देर रात तक लगातार जारी रहा। अधिकारियों ने राहत कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।1