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बरगी क्रूज में हादसे के पहले की वीडियो हो रही वायरल अचानक हुआ हादसा जबलपुर के बरगी डैम में कृज हादसे के 15 घंटे बाद रेस्क्यू के दौरान दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है, एक मा का अपने बेटे को सीने से लगाए बाँह थामे मिला है जिसने यह दृश्य देखा वाह अपनी आंख से आंसू नहीं रोक पाया.... धन्य गई दुनिया में माँ जिन्दा ईश्वर है. #bargidam #jabalpur #RIP Jabalpur MP

1 hr ago
user_Umaria News 24
Umaria News 24
Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

बरगी क्रूज में हादसे के पहले की वीडियो हो रही वायरल अचानक हुआ हादसा जबलपुर के बरगी डैम में कृज हादसे के 15 घंटे बाद रेस्क्यू के दौरान दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है, एक मा का अपने बेटे को सीने से लगाए बाँह थामे मिला है जिसने यह दृश्य देखा वाह अपनी आंख से आंसू नहीं रोक पाया.... धन्य गई दुनिया में माँ जिन्दा ईश्वर है. #bargidam #jabalpur #RIP Jabalpur MP

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • कटनी शराब पीकर आने वाले लोगों का मंदिर के पास होना धार्मिक माहौल को प्रभावित करता है बहस, शोर-शराबा या अभद्र व्यवहार की संभावना महिलाओं और बुजुर्गों को असुरक्षा महसूस हो रही है 2. अस्पताल के मरीजों और परिजनों के लिए अस्पताल के पास शांति जरूरी होती है, लेकिन शराब दुकान के कारण भीड़ और शोर बढ़ सकता है नशे में लोग मरीजों या स्टाफ से उलझ सकते हैं एम्बुलेंस मूवमेंट में बाधा (भीड़/गाड़ियाँ खड़ी होने से) 3. स्कूल के बच्चों पर प्रभाव बच्चों के सामने नशे का माहौल बनना, जो मानसिक रूप से गलत संदेश देता है स्कूल टाइम में भीड़ या झगड़े होने का खतरा छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल 4. आम जनता के लिए सड़क पर भीड़, ट्रैफिक जाम गंदगी (खाली बोतलें, प्लास्टिक) अपराध की संभावना बढ़ना (छेड़छाड़, झगड़े आदि) संवेदनशील जगहों से न्यूनतम दूरी रखना अनिवार्य होता है, जैसे: स्कूल / कॉलेज मंदिर / मस्जिद / धार्मिक स्थल अस्पताल आम तौर पर यह दूरी 100 मीटर से 200 मीटर के बीच होती है
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    कटनी शराब पीकर आने वाले लोगों का मंदिर के पास होना धार्मिक माहौल को प्रभावित करता है
बहस, शोर-शराबा या अभद्र व्यवहार की संभावना
महिलाओं और बुजुर्गों को असुरक्षा महसूस हो रही है
2. अस्पताल के मरीजों और परिजनों के लिए
अस्पताल के पास शांति जरूरी होती है, लेकिन शराब दुकान के कारण भीड़ और शोर बढ़ सकता है
नशे में लोग मरीजों या स्टाफ से उलझ सकते हैं
एम्बुलेंस मूवमेंट में बाधा (भीड़/गाड़ियाँ खड़ी होने से)
3. स्कूल के बच्चों पर प्रभाव
बच्चों के सामने नशे का माहौल बनना, जो मानसिक रूप से गलत संदेश देता है
स्कूल टाइम में भीड़ या झगड़े होने का खतरा
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल
4. आम जनता के लिए
सड़क पर भीड़, ट्रैफिक जाम
गंदगी (खाली बोतलें, प्लास्टिक)
अपराध की संभावना बढ़ना (छेड़छाड़, झगड़े आदि)
संवेदनशील जगहों से न्यूनतम दूरी रखना अनिवार्य होता है, जैसे:
स्कूल / कॉलेज
मंदिर / मस्जिद / धार्मिक स्थल
अस्पताल
आम तौर पर यह दूरी 100 मीटर से 200 मीटर के बीच होती है
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • Post by Suraj singh Bais
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    Post by Suraj singh Bais
    user_Suraj singh Bais
    Suraj singh Bais
    ब्योहारी, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता, या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना। या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता, सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥ प्रात:कालीन दिव्य श्रृंगार दर्शन, मां शारदा मैया आपकी कृपा से मेरा सब काम हो रहा है करती है मेरी मां शारदा मैया नाम मेरा हो रहा है जय मां शारदा भवानी !! जय माई ‌की!! !! जय माई की !! !! जय माई की !! !! जय माई की !! !!जय हो माई शारदा की!! !!जय हो माई शारदा की!!
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    या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता,
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता,
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
प्रात:कालीन दिव्य श्रृंगार दर्शन, मां शारदा मैया आपकी कृपा से मेरा सब काम हो रहा है करती है मेरी मां शारदा मैया नाम मेरा हो रहा है जय मां शारदा भवानी 
!! जय माई ‌की!! !! जय माई की !!
!! जय माई की !! !! जय माई की !!
!!जय हो माई शारदा की!!
!!जय हो माई शारदा की!!
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    24 min ago
  • *#सेमराधनाथ #विजयतेतराम* #भदोही के सरकार *सेमराधनाथ धाम* के *परम पूज्य गुरुदेव पं श्री रामप्रसाद पाण्डेय जी* सभी भक्तजनों का हार्दिक स्वागत करते हैं # *प्रधान पुजारी पण्डित श्री सूर्यकान्त पाण्डेय जी* #सेमराधनाथ धाम में दिव्य श्रृंगार व आरती #01/05/2026 #अन्नदाता सुखीनो भवः *#सेमराधनाथ धाम पालकी सेवा समिति* अध्यक्ष-योगेश सिंह 9499718103
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    *#सेमराधनाथ #विजयतेतराम*
#भदोही के सरकार *सेमराधनाथ धाम* के
*परम पूज्य गुरुदेव पं श्री रामप्रसाद पाण्डेय जी* सभी भक्तजनों का  हार्दिक स्वागत करते हैं # *प्रधान पुजारी पण्डित श्री सूर्यकान्त पाण्डेय जी* #सेमराधनाथ धाम में दिव्य श्रृंगार व आरती  #01/05/2026
#अन्नदाता सुखीनो भवः *#सेमराधनाथ धाम पालकी सेवा समिति* अध्यक्ष-योगेश सिंह  9499718103
    user_YOGESH SINGH
    YOGESH SINGH
    State Department of Tourism मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • Post by BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्
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    Post by BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्
    user_BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्
    BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्
    Local Politician मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • मैहर वार्ड क्रमांक 19 में झोपड़ी में लगी आग, दमकल और स्थानीय लोगों की मदद से पाया गया काबू मैहर के वार्ड क्रमांक 19 में एक गरीब परिवार की झोपड़ी में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। वहीं दमकल विभाग की टीम भी समय पर पहुंच गई, जिसके संयुक्त प्रयास से आग पर काबू पा लिया गया। आगजनी की इस घटना में झोपड़ी को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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    मैहर वार्ड क्रमांक 19 में झोपड़ी में लगी आग, दमकल और स्थानीय लोगों की मदद से पाया गया काबू
मैहर के वार्ड क्रमांक 19 में एक गरीब परिवार की झोपड़ी में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। वहीं दमकल विभाग की टीम भी समय पर पहुंच गई, जिसके संयुक्त प्रयास से आग पर काबू पा लिया गया।
आगजनी की इस घटना में झोपड़ी को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी जनहानि की सूचना नहीं है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • एक वीडियो आया सामने बरगी बांध जबलपुर में क्रूर डूबने पर प्रशासन पर उठे सवाल लोगों ने की निंदा बहुत ही दुखद घटना
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    एक वीडियो आया सामने बरगी बांध जबलपुर में क्रूर डूबने पर प्रशासन पर उठे सवाल लोगों ने की निंदा बहुत ही दुखद घटना
    user_आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
    आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
    Social worker कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • Post by BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्
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    Post by BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्
    user_BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्
    BJMP जिला अध्यक्ष सतना भूपेंद्
    Local Politician मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • ​जबलपुर/भोपाल | विशेष संवाददाता ​जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम हुआ क्रूज हादसा सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि सिस्टम की आपराधिक लापरवाही का जीता-जागता सबूत है। जब बचाव दल ने पानी की गहराइयों से एक मां और उसके मासूम बेटे के शव को बाहर निकाला, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। मां ने मरते दम तक अपने कलेजे के टुकड़े को सीने से सटाए रखा था, लेकिन सिस्टम की 'बहरात' ने उनकी जिंदगी छीन ली। ​चेतावनी को किया अनसुना, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाईं ​इस हादसे ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग ने पहले ही तेज आंधी और बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद क्रूज को गहरे पानी में ले जाने की अनुमति दी गई। ​NGT और सुप्रीम कोर्ट की अनदेखी: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पहले ही इस क्षेत्र में मशीनी नावों के संचालन पर पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण रोक लगाने का निर्देश दिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां कोर्ट ने सुरक्षा और पर्यावरण को सर्वोपरि रखने की बात कही थी। लेकिन पर्यटन के नाम पर हो रही इस 'मौज' ने नियमों को ताक पर रख दिया। ​लाइफ जैकेट का दिखावा: प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों का आरोप है कि नाव पर पर्याप्त लाइफ जैकेट नहीं थे। जो थे, वे भी हादसे के वक्त सही से काम नहीं आए। मां-बेटे की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें लाइफ जैकेट तो दिख रही है, लेकिन वह उस मासूम की जान बचाने के लिए नाकाफी साबित हुई। ​चश्मदीदों की रूह कंपा देने वाली दास्तां ​हादसे में जीवित बचे लोगों का कहना है कि जब आंधी शुरू हुई, तो उन्होंने चालक से नाव वापस किनारे पर ले जाने की मिन्नतें की थीं। किनारे पर खड़े लोग भी चिल्ला-चिल्ला कर आगाह कर रहे थे, लेकिन चालक ने उन चेतावनियों को अनसुना कर दिया। देखते ही देखते क्रूज पलट गया और देखते ही देखते हंसते-खेलते परिवार पानी में समा गए। ​अब तक का अपडेट: ​कुल मौतें: अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं। ​रेस्क्यू ऑपरेशन: NDRF, SDRF और सेना की टीमें अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। ​मुआवजा: राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। ​संपादकीय टिप्पणी: क्या चंद रुपयों के राजस्व के लिए इंसानी जानों से खेलना जायज है? अगर प्रशासन ने मौसम की चेतावनी और अदालती आदेशों को गंभीरता से लिया होता, तो आज उस मां की गोद सूनी न होती और न ही जबलपुर का ये पानी अपनों के खून से लाल होता। अब जांच की बात हो रही है, लेकिन सवाल वही है—क्या खोई हुई जानें वापस आएंगी? ​मध्य भारत न्यूज़ - निष्पक्ष, निर्भीक, आपके साथ।
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    ​जबलपुर/भोपाल | विशेष संवाददाता
​जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार शाम हुआ क्रूज हादसा सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि सिस्टम की आपराधिक लापरवाही का जीता-जागता सबूत है। जब बचाव दल ने पानी की गहराइयों से एक मां और उसके मासूम बेटे के शव को बाहर निकाला, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। मां ने मरते दम तक अपने कलेजे के टुकड़े को सीने से सटाए रखा था, लेकिन सिस्टम की 'बहरात' ने उनकी जिंदगी छीन ली।
​चेतावनी को किया अनसुना, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाईं
​इस हादसे ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग ने पहले ही तेज आंधी और बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद क्रूज को गहरे पानी में ले जाने की अनुमति दी गई।
​NGT और सुप्रीम कोर्ट की अनदेखी: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पहले ही इस क्षेत्र में मशीनी नावों के संचालन पर पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण रोक लगाने का निर्देश दिया था। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां कोर्ट ने सुरक्षा और पर्यावरण को सर्वोपरि रखने की बात कही थी। लेकिन पर्यटन के नाम पर हो रही इस 'मौज' ने नियमों को ताक पर रख दिया।
​लाइफ जैकेट का दिखावा: प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों का आरोप है कि नाव पर पर्याप्त लाइफ जैकेट नहीं थे। जो थे, वे भी हादसे के वक्त सही से काम नहीं आए। मां-बेटे की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें लाइफ जैकेट तो दिख रही है, लेकिन वह उस मासूम की जान बचाने के लिए नाकाफी साबित हुई।
​चश्मदीदों की रूह कंपा देने वाली दास्तां
​हादसे में जीवित बचे लोगों का कहना है कि जब आंधी शुरू हुई, तो उन्होंने चालक से नाव वापस किनारे पर ले जाने की मिन्नतें की थीं। किनारे पर खड़े लोग भी चिल्ला-चिल्ला कर आगाह कर रहे थे, लेकिन चालक ने उन चेतावनियों को अनसुना कर दिया। देखते ही देखते क्रूज पलट गया और देखते ही देखते हंसते-खेलते परिवार पानी में समा गए।
​अब तक का अपडेट:
​कुल मौतें: अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं।
​रेस्क्यू ऑपरेशन: NDRF, SDRF और सेना की टीमें अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।
​मुआवजा: राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
​संपादकीय टिप्पणी: क्या चंद रुपयों के राजस्व के लिए इंसानी जानों से खेलना जायज है? अगर प्रशासन ने मौसम की चेतावनी और अदालती आदेशों को गंभीरता से लिया होता, तो आज उस मां की गोद सूनी न होती और न ही जबलपुर का ये पानी अपनों के खून से लाल होता। अब जांच की बात हो रही है, लेकिन सवाल वही है—क्या खोई हुई जानें वापस आएंगी?
​मध्य भारत न्यूज़ - निष्पक्ष, निर्भीक, आपके साथ।
    user_MADHYA BHARAT NEWS
    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
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