जनगणना 2027 जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित अशोकनगर। कलेक्टर श्री साकेत मालवीय की अध्यक्षता में बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट भवन के ई-दक्ष केन्द्र में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में कलेक्टर श्री साकेत मालवीय द्वारा प्रशिक्षण ले रहे नोडल अधिकारियो एवं सहायकों को निर्देशित किया गया कि जनगणना प्रशिक्षण की बारीकियों को अच्छी तरह से समझे जिससे आगामी समय में होने वाली जनगणना को सफलता पूर्वक किया जा सके। प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना 2027 का कार्य दो चरणों में संपादित किया जाना है। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य मध्यप्रदेश राज्य में 01 मई, 30 मई, 2026 की अवधि में किया जाना है, राज्य में जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना तथा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अद्यतन करने के कार्य के लिये 3 दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यकम जनगणना कार्य निदेशालय, म.प्र.भोपाल के प्रशिक्षक प्रशिक्षण अधिकारी श्री मोहम्मद जमील खान, श्री राकेश मीना द्वारा जिला स्तर से जनगणना अधिकारी, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (NIC), जनगणना लिपिक एवं चार्ज स्तर से चार्ज अधिकारी, अतिरिक्त नार्ज अधिकारी तथा जनगणना लिपिक को ग्रामीण चार्ज अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही जनगणना निदेशालय से प्राप्त निर्देशानुसार ऑनलाईन की जाने वाली कार्यवाही के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में प्रशिक्षकों द्वारा जनगणना कार्यों की बारीकियों की जानकारी विस्तार से दी। प्रशिक्षण में बताया गया कि जिले में दो चरणों में जनगणना का कार्य होगा। पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 के मध्य किया जाएगा। जिसमें मकान का सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जायेगा। वहीं द्वितीय चरण का कार्य फरवरी 2027 में संपन्न होना है। इस बार जनगणना का कार्य डिजिटल रूप से मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़ों का संकलन कर किया जायेगा, जो भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इस बार नागरिकों को अपना जनगणना डेटा स्वयं ऑनलाईन भरने की सुविधा के लिये स्व गणना वेब पोर्टल विकसित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं के साथ-साथ अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी अधिकारियों को दी गई। साथ ही, जनगणना कार्य के दौरान संभावित समस्याओं और प्रश्नों पर प्रतिभागियों से चर्चा की गई। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों की समस्याओं का समाधान भी किया गया। भारत की जनगणना, भारत के लोगों की विभिन्न विशेषताओं पर सांख्यिकीय जानकारी का सबसे बड़ा एकल स्रोत है। भारत की जनगणना को दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में से एक माना जाता है। आगामी जनगणना वर्ष 2027 के दौरान की जाएगी जो वर्ष 1872 से 16 वीं एवं स्वतंत्रता के बाद की 8 वीं जनगणना होगी। पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी। जनगणना 2027 में स्व.गणना पोर्टल, मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़ों का संकलन किया जायेगा। इसी क्रम में मकान सूचीकरण ब्लॉक क्रिएटर वेब पोर्टल के माध्यम से मकान सूचीकरण ब्लॉक का सृजन किया जायेगा। जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली वेब पोर्टल के माध्यम से मैनेजमेंट एवं मॉनिटरिंग की जाएगी। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री डी.एन सिंह, जनगणना अधिकारी, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जनगणना लिपिक, नगर जनगणना अधिकारी, चार्ज अधिकार सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
जनगणना 2027 जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित अशोकनगर। कलेक्टर श्री साकेत मालवीय की अध्यक्षता में बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट भवन के ई-दक्ष केन्द्र में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में कलेक्टर श्री साकेत मालवीय द्वारा प्रशिक्षण ले रहे नोडल अधिकारियो एवं सहायकों को निर्देशित किया गया कि जनगणना प्रशिक्षण की बारीकियों को अच्छी तरह से समझे जिससे आगामी समय में होने वाली जनगणना को सफलता पूर्वक किया जा सके। प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना 2027 का कार्य दो चरणों में संपादित किया जाना है। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य मध्यप्रदेश राज्य में 01 मई, 30 मई, 2026 की अवधि में किया जाना है, राज्य में जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना तथा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अद्यतन करने के कार्य के लिये 3 दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यकम जनगणना कार्य निदेशालय, म.प्र.भोपाल के प्रशिक्षक प्रशिक्षण अधिकारी श्री मोहम्मद जमील खान, श्री राकेश मीना द्वारा जिला स्तर से जनगणना अधिकारी, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (NIC), जनगणना लिपिक एवं चार्ज स्तर से चार्ज अधिकारी, अतिरिक्त नार्ज अधिकारी तथा जनगणना लिपिक को ग्रामीण चार्ज अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही जनगणना निदेशालय से प्राप्त निर्देशानुसार ऑनलाईन की जाने वाली कार्यवाही के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में प्रशिक्षकों द्वारा जनगणना कार्यों की बारीकियों की जानकारी विस्तार से दी। प्रशिक्षण में बताया गया कि जिले में दो चरणों में जनगणना का कार्य होगा। पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 के मध्य किया जाएगा। जिसमें मकान का सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जायेगा। वहीं द्वितीय चरण का कार्य फरवरी 2027 में संपन्न होना है। इस बार जनगणना का कार्य डिजिटल रूप से मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़ों का संकलन कर किया जायेगा, जो भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इस बार नागरिकों को अपना जनगणना डेटा स्वयं ऑनलाईन भरने की सुविधा के लिये स्व गणना वेब पोर्टल विकसित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं के साथ-साथ अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी अधिकारियों को दी गई। साथ ही, जनगणना कार्य के दौरान संभावित समस्याओं और प्रश्नों पर प्रतिभागियों से चर्चा की गई। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों की समस्याओं का समाधान भी किया गया। भारत की जनगणना, भारत के लोगों की विभिन्न विशेषताओं पर सांख्यिकीय जानकारी का सबसे बड़ा एकल स्रोत है। भारत की जनगणना को दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में से एक माना जाता है। आगामी जनगणना वर्ष 2027 के दौरान की जाएगी जो वर्ष 1872 से 16 वीं एवं स्वतंत्रता के बाद की 8 वीं जनगणना होगी। पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी। जनगणना 2027 में स्व.गणना पोर्टल, मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़ों का संकलन किया जायेगा। इसी क्रम में मकान सूचीकरण ब्लॉक क्रिएटर वेब पोर्टल के माध्यम से मकान सूचीकरण ब्लॉक का सृजन किया जायेगा। जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली वेब पोर्टल के माध्यम से मैनेजमेंट एवं मॉनिटरिंग की जाएगी। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री डी.एन सिंह, जनगणना अधिकारी, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जनगणना लिपिक, नगर जनगणना अधिकारी, चार्ज अधिकार सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- लोकल न्यूज़ बीना में भाई ने भाई के सिर पर पाइप से किया हमला, गंभीर घायल, पुलिस ने मामला किया दर्ज1
- खिमलासा में थ्रेसर में घुसा आदमी हुई मौत पत्नी बताई गई गर्भवती2
- लोकेशन बीना रिपोर्टर राकेश सेन बीना :- शहर में बकाया कर वसूली को लेकर नगर पालिका बीना ने सख्ती शुरू कर दी है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी राहुल कौरव के निर्देशन में बुधवार को नगर पालिका की जल टीम ने बकाया जल कर नहीं जमा करने वाले कई मकानों के नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई की। इस दौरान नगर पालिका की टीम विभिन्न वार्डों में पहुंची और जिन उपभोक्ताओं ने लंबे समय से जल कर का भुगतान नहीं किया था, उनके कनेक्शन अस्थायी रूप से बंद करने की चेतवानी दी मुख्य नगर पालिका अधिकारी राहुल कौरव बताया कि शहर में काफी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन पर जल कर और मकान टैक्स का बकाया है। बार-बार सूचना और अपील के बावजूद कई लोग समय पर कर जमा नहीं कर रहे हैं, जिससे नगर पालिका की आय प्रभावित हो रही है और विकास कार्यों में भी बाधा आ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी के निर्देश पर बकाया कर वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान जल विभाग की टीम ने जवाहर वार्ड में नल कनेक्शन काटा और अन्य लोगों को न काटने की चेतावनी दी और संबंधित उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द बकाया राशि जमा करने की चेतावनी दी। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जब तक बकाया कर जमा नहीं किया जाएगा, तब तक कनेक्शन दोबारा नहीं जोड़ा जाएगा। इसके अलावा जिन लोगों पर मकान टैक्स का भी लंबा बकाया है, उनके घरों पर कुर्की की नोटिस चस्पा करने की प्रक्रिया भी शुरू की है मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि नगर के विकास और बेहतर सुविधाओं के लिए सभी नागरिकों का सहयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि जल आपूर्ति, सफाई व्यवस्था, सड़क मरम्मत और अन्य मूलभूत सेवाओं के लिए नगर पालिका को नियमित आय की आवश्यकता होती है, जो मुख्य रूप से मकान टैक्स और जल कर से प्राप्त होती है। इसलिए सभी नागरिक समय पर अपने करों का भुगतान करें। उन्होंने यह भी कहा कि नगर पालिका द्वारा बार-बार सूचना देने के बावजूद यदि कोई उपभोक्ता कर जमा नहीं करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें नल कनेक्शन काटना, मकान पर कुर्की की नोटिस चस्पा करना और अन्य कानूनी कार्रवाई भी शामिल है। नगर पालिका प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए अपने बकाया मकान टैक्स और जल कर को जल्द से जल्द नगर पालिका कार्यालय में जमा कर दें। समय पर कर भुगतान करने से न केवल कार्रवाई से बचा जा सकता है, बल्कि शहर के विकास कार्यों को भी गति मिल सकेगी।3
- खबर,बीना खिमलासा से। थ्रैशर,के डाला में फसने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौके पर ही मौत। जानकारी अनुसार, खिमलासा, थाना अंतर्गत गुलाब सिंह लोधी के 32,वर्षीय लड़के की खेत पर थ्रेसर करते समय किसी कारण बस, डाला में फंस जाने से खोपड़ी,और पसलियों की हड्डियां चूर चूर हो गई। घटना ग्राम,,,,सदरपुर टांडा की बताई जा रही है।मृतक, का नाम नंदू /लोधी गुलाब लोधी,खिमलासा निवासी ,,मजदूरी से थ्रेसर पर गया था।ट्रैक्टर, थ्रेसर लखन पटेल,भरत, पटेल का बताया गया। है।पुलिस जांच में जुटी।1
- बीना के युवा नेता राहुल राय ने कोलकाता में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से की मुलाकात, समाज की समस्याओं पर हुई चर्चा! इस दौरान राहुल राय ने पश्चिम बंगाल में निवासरत जायसवाल, राय और कलार समाज से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और सामाजिक मुद्दों से दोनों वरिष्ठ नेताओं को अवगत कराया। उन्होंने समाज के लोगों की समस्याओं के समाधान और उनके विकास के लिए सहयोग की अपेक्षा भी व्यक्त की।1
- रेलवे ट्रैक पर एक तेंदुआ ट्रेन से टकराया जिससे उसके दोनों पैर कटे और गंभीर रूप से घायल हुआ.1
- ललितपुर में ट्रेन से टकराकर तेंदुआ हुआ गंभीर रूप से घायल, घायल तेंदुआ का वीडियो हुआ सोशल मीडिया पर वायरल, ललितपुर स्थित जखौरा रेलवे स्टेशन के पास की घटना पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा1
- बीना में अंबेडकर तिराहे पर सब्जी विक्रेताओं से परेशान व्यापारी, नगर पालिका सीएमओ से की कार्रवाई की मांग बीना। शहर के व्यस्ततम क्षेत्र अंबेडकर तिराहे पर सड़क किनारे लगने वाली सब्जी दुकानों से आसपास के व्यापारी परेशान हो गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि रोजाना बड़ी संख्या में सब्जी विक्रेता सड़क किनारे ठेले और दुकानें लगा लेते हैं, जिससे रास्ता संकरा हो जाता है और ग्राहकों के साथ-साथ आम लोगों को भी आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। व्यापारियों का आरोप है कि अव्यवस्थित तरीके से लगने वाले ठेलों के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे आसपास की दुकानों के कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर व्यापारियों ने नगर पालिका सीएमओ से शिकायत कर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि सब्जी विक्रेताओं के लिए अलग स्थान निर्धारित किया जाए, ताकि बाजार क्षेत्र में व्यवस्था बनी रहे और लोगों को परेशानी न हो।1