राजधानी लखनऊ के पुरनिया (सेक्टर-डी) स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। इस अग्निकांड में कई विद्यार्थी घायल हो गए, जिनका उपचार किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तुरंत ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहाँ उन्होंने घायल विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से मरीजों के स्वास्थ्य के संबंध में विस्तृत जानकारी ली और सभी घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को चौबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने, उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने तथा हर संभव सहायता प्रदान करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने इस दुखद घड़ी में ईश्वर से सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और घटना से प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। प्रदेश सरकार ने इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। वर्तमान में, आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
राजधानी लखनऊ के पुरनिया (सेक्टर-डी) स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। इस अग्निकांड में कई विद्यार्थी घायल हो गए, जिनका उपचार किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तुरंत ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहाँ उन्होंने घायल
विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से मरीजों के स्वास्थ्य के संबंध में विस्तृत जानकारी ली और सभी घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को चौबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने, उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने तथा हर संभव सहायता प्रदान करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने इस दुखद
घड़ी में ईश्वर से सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और घटना से प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। प्रदेश सरकार ने इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। वर्तमान में, आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
- मुख्यमंत्री योगी ने एक भीषण अग्निकांड की घटना का संज्ञान लिया है, जिसके बाद उन्होंने अलीगढ़ से अपने सभी कार्यक्रम निरस्त कर तत्काल वापस लौटने का फैसला किया है। उन्होंने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिनकी वजह से यह इतनी बड़ी घटना हुई है। घटना स्थल पर डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह, और डिप्टी सीएम पहले से मौजूद हैं, वहीं मुख्यमंत्री सुरक्षा टीम भी पिछले एक घंटे से मौके पर पहुँच चुकी है। मुख्यमंत्री ने इस अग्निकांड पर जल्द एक्शन लेने की बात कही है। इस मामले में एलडीए (LDA), फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं कि ऐसे भवन के लिए एनओसी (NOC) कैसे जारी की गई, जिसमें दो रास्ते तक नहीं थे। फायर विभाग और एलडीए ने आखिर कैसे एनओसी प्रदान की, इस पर भी जांच होगी और इन विभागों के जिम्मेदारों पर जल्द ही बड़ा एक्शन लिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने बताया है कि मुख्यमंत्री योगी स्वयं घटना स्थल पर पहुँचेंगे, जबकि प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद मुख्यमंत्री योगी को कॉल पर पल-पल की अपडेट दे रहे हैं। इस अग्निकांड में बिल्डिंग में अभी भी धुआँ भरा हुआ है, जिसके चलते लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है। इस घटना में अब तक 14 मौतों की आधिकारिक पुष्टि हुई है, जबकि घायलों का इलाज केजीएमयू (KGMU) के ट्रामा सेंट्रल में विशेषज्ञों की देखरेख में चल रहा है।1
- भीषण गर्मी को देखते हुए, एलायंस क्लब इंटरनेशनल प्रतापगढ़ के अंतरराष्ट्रीय निदेशक और समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य के नेतृत्व में पशु-पक्षियों के संरक्षण के लिए एक अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष भी, पिछले साल की तरह, चौराहों और खुले स्थानों पर जल पात्र रखे जा रहे हैं, ताकि बेजुबान पशु-पक्षियों को पानी के लिए भटकना न पड़े। अभियान के तहत, मिट्टी के घड़े, मिट्टी के जल पात्र और फाइबर से बने बड़े पात्र भी आम जनता में वितरित किए जा रहे हैं, जिन्हें पेड़ों या घरों के दरवाजों पर टांगा जा सकता है। आज ये जल पात्र चिलबिला, सदर बाजार, चौक, श्री राम चौराहा और भगवा चुंगी सहित विभिन्न जगहों पर वितरित किए गए। रोशनलाल उमरवैश्य ने सभी से भीषण गर्मी में बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था कर उन्हें अकाल मृत्यु से बचाने का आह्वान किया।1
- रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के टिकरान गांव में रविवार देर रात नशे की हालत में पिता और पुत्र के बीच हुए विवाद ने एक दुखद मोड़ ले लिया, जहाँ पिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे परिवार में गहरा कोहराम मच गया है और परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की पड़ताल करते हुए मृतक के पुत्र को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विवाद के दौरान पुत्र द्वारा पिता की कथित रूप से पिटाई किए जाने की बात सामने आ रही है, हालाँकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस विभिन्न पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है। इस हृदय विदारक घटना से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल व्याप्त है।2
- भाजपा सरकार के 12 साल को 'बेमिसाल' बताते हुए उसे सेवा, सुशासन और विकास की नई मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया गया। इसी कड़ी में, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह की पदयात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जो इस दावे का एक प्रमाण रहा।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर 2:15 बजे एक बड़ा अग्निकांड हुआ, जिसमें अब तक 15 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में ज्यादातर कोचिंग के छात्र बताए जा रहे हैं। इस भीषण आग से बचने के लिए कुछ छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया, जबकि कई अन्य पहले फ्लोर से कूद गए। कुछ छात्र जान बचाने के लिए तारों से लटककर नीचे उतरे। इंसानों के साथ-साथ कई जानवर भी इस आग की चपेट में आकर फंस गए थे। अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए फायरकर्मियों ने बिल्डिंग की पीछे की दीवार तोड़ दी, जिसके बाद एक-एक करके शवों को बाहर निकाला गया। घटनास्थल पर शवों को देखकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की आंखों से भी आंसू छलक आए।3
- बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के ग्राम खाईखेड़ा में मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक गंभीर घटना सामने आई है। दो व्यक्तियों पर गलत इरादे से एक बच्चे से आपत्तिजनक नारा लगवाने और उसका वीडियो वायरल करने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया है। नवाबगंज क्षेत्राधिकारी श्री नीलेश मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ दीपक भूकर के निर्देशन में, आगामी मोहर्रम पर्व के मद्देनज़र, क्षेत्राधिकारी पट्टी मनोज कुमार सिंह रघुवंशी ने उपजिलाधिकारी पट्टी, तहसीलदार पट्टी, प्रभारी निरीक्षक कंधई और अन्य अधिकारियों के साथ थाना कंधई क्षेत्र के ताजिया दफन स्थल का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने विशेष रूप से ताजिया दफन स्थल, वहाँ तक पहुँचने वाले आवागमन मार्गों और समग्र सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। इस समीक्षा के बाद, संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्व के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।1
- रायबरेली जनपद के विकासखंड सरेनी क्षेत्र की ग्राम सभा भोजपुर में विकास के बड़े-बड़े दावों और जमीनी हकीकत के बीच गहरा विरोधाभास देखने को मिल रहा है। गांव की दलित बस्ती पिछले लगभग पाँच वर्षों से टूटी नालियों, गंदगी और जर्जर रास्तों की विकट समस्या से जूझ रही है, जो स्वच्छ भारत मिशन और ग्रामीण सड़क विकास के सरकारी दावों की पोल खोलती है। जानकारी के अनुसार, भल्लर के दरवाजे से लेकर रामसहाय, श्यामलाल, शीतल दीन और जीतू के घरों तक जाने वाला मार्ग करीब पाँच वर्षों से बदहाल स्थिति में है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए उन्होंने कई बार प्रधान, संबंधित अधिकारियों और उच्च स्तर तक शिकायतें की हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2022 में केवल कुछ स्थानों पर नालियों का सीमित निर्माण कराया गया था, जबकि दलित बस्ती के कई घरों के सामने आज भी नालियां टूटी पड़ी हैं। नियमित सफाई व्यवस्था के अभाव में लोग अपने घरों के सामने की नालियां खुद साफ करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब कीचड़ और गंदे पानी के कारण लोगों का घरों से निकलना भी दूभर हो जाता है। इस गंभीर स्थिति पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब गांवों के विकास और स्वच्छता पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे किए जाते हैं, तो फिर ये योजनाएं इस दलित बस्ती तक क्यों नहीं पहुंच पा रही हैं? क्या जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी सिर्फ कागजों पर विकास दिखाकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लेंगे? इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी रायबरेली से हुई बातचीत में उन्होंने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब ग्रामीणों की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि उन्हें कब तक गंदगी और बदहाल रास्तों से मुक्ति मिलेगी और उनके गांव में भी विकास की किरण कब पहुंचेगी।2
- लखनऊ के पुरानिया इलाके के पास स्थित अलीगंज लाइब्रेरी में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। इस आगजनी के दौरान एक व्यक्ति ने बचने के लिए छलांग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस पूरे मामले का मुख्यमंत्री योगी ने संज्ञान लिया है।1