ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय के नन्हे सितारों ने रची कहानियां, वार्षिक रिजल्ट डे के दिन विश्व पटल पर छाई पुस्तकें आरा। ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय ने 28 मार्च, अपने वार्षिक रिजल्ट डे को ऐतिहासिक बना दिया। विद्यालय के 14 बाल लेखकों की स्वरचित पुस्तकों का भव्य विमोचन हुआ। स्थानीय ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय के नन्हें लेखकों ने अपनी कल्पनाशीलता के आधार पर प्रेरक कहानियों की पुस्तकें रच दीं। इन पुस्तकों का विमाचन डॉ. सविता रूंगटा, प्रो. रणविजय कुमार, डॉ. तुषार आर्या, निदेशक डॉ. आदित्य बिजय जैन, प्राचार्या सीपी जैन, डॉ. हर्षित बिजय जैन ने संयुक्त रूप से किया। मुख्य अतिथि स्वरूप पधारे प्रो. रण विजय कुमार ने कहा कि इन नन्हे बाल लेखकों ने कमाल कर दिया है। इमेजिनेशन तो सभी कर लेते हैं, लेकिन उन्हें कलमबद्ध करना एक सराहनीय कदम है। इन बच्चों के साथ उनके अभिभावकों और विद्यालय परिवार का भी पूर्ण सहयोग मिला तभी ये सम्भव हो पाया है। आज के अत्याधुनिक युग में बच्चे अपने ग्रैण्ड पैरेन्ट्स से दूर हो रहे हैं। प्रो. रण विजय ने भावुकतापूर्ण शब्दों में कहा कि हमारे समाज में आज एक विडम्बना आ रही है कि कुछ युवा अभिभावक अपने बच्चों को उनके ग्रैण्ड पैरेन्ट्स के साथ ज्यादा समय बिताने से परहेज कर रहे हैं। डॉ. सविता रूंगटा ने कहा कि आज की इस आधुनिक युग में दादी-नानी की कहानियां विलुप्त हो रही हैं। पहले के समय में बच्चे अपने ग्रैण्ड पैरेन्ट्स से प्रेरक कहानियां सुनते थे। इससे उन्हें रोज एक नई शिक्षा भी मिलती थी। आज के डिजिटल जमाने में इस प्रकार बच्चों को प्रेरित करते हुए उन्हें इतना अच्छा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय परिवार बधाई का पात्र है। निदेशक डॉ. आदित्य बिजय जैन ने बताया कि ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय अपनी स्थापना काल से ही शिक्षा के साथ-साथ छात्रा-छात्राओं को कलात्मक और रचनात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करता रहा है। हमें यह बताते हुए अत्यंत हर्ष और गर्व का अनुभव हो रहा है कि इसी प्रेरणा के फलस्वरूप, वर्ग 4 से वर्ग 9 तक के कुल 14 मेधावी छात्रा-छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता से अद्भुत प्रेरणादायक कहानियाँ लिखी हैं। इन कहानियों को एक प्रतिष्ठित पब्लिकेशन संस्थान द्वारा अलग-अलग पुस्तकों के रूप में प्रकाशित किया गया है। प्राचार्या डॉ. सीपी जैन ने इस आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जब विद्यालय में छात्र-छात्राओं को ये सूचना दी गई कि आप अपनी कल्पना से कहानियां लिखें, तो बाल लेखकों की होड़ लग गई। लगभग 120 से अधिक बच्चों ने अपनी एक से बढ़कर एक काल्पनिक कहानी लिखी। इनमें से अभी पहली बार में कुल 14 सबसे अच्छी कहानियों का चयन किया गया और उन्हें पब्लिश कराया गया है। साथ ही प्राचार्या ने बताया कि इन 14 पुस्तकों में से भी बेस्ट 3 पुस्तकों का चयन अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के लिए किया गया है। पब्लिकेशन कम्पनी द्वारा एक प्रतियोगिता आयोजित कराई जाएगी और उसमें चयन होने पर उक्त बाल लेखक की पुस्तक विभिन्न ऑनलाईन पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगी। जिनवाणी मैनेजमेन्ट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. तुषार आर्या ने अपने सम्बोधन में कहा कि ये नन्हे बच्चे तो कॉलेज के बच्चों का मुकाबला अभी से कर रहे हैं। इनकी साकारात्मक सोंच और इनके वक्तव्य में अभी से कॉन्फीडेन्स दिख रहा है। पुस्तक प्रिंट की कॉॅर्डिनेटर जिनवाणी जैन ने लेखन से प्रकाशन तक के सफर पर प्रकाश डालते हुए सभी 14 बच्चों का नाम बताया। ये वर्ग 4 से 9 तक के सुधाकर सिंह, रवनीत कुमार, सारिका भारद्वाज, वैष्णवी, आस्था रानी, नव्या जैन, राजवीर सिंह, साक्षी परमार, श्रेष्ठ बिजय जैन, श्रेया, नायरा कश्यप, सात्विक वर्मा, आन्वी आर्या, आरण्य शिवाली हैं। जिनवाणी ने बताया कि सभी बच्चों ने स्वयं से कहानी लिखा फिर स्कूल प्रबन्धन द्वारा सलेक्ट किया गया और फिर बच्चों ने स्वयं से ही कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर पर टाईप किया और अपनी कहानी के अनुसार चित्र भी स्वयं ही सेट किया है। सिद्ध बिजय जैन ने हर्ष के साथ सूचित किया कि ये सभी पुस्तकें विश्व पटल पर ऑनलाईन पोर्टल पर उपलब्ध हैं। सभी पुस्तकों का क्यू-आर कोड दिया गया है और कोई भी व्यक्ति इस क्यू-आर कोड के द्वारा पुस्तक ऑनलाईन प्राप्त कर सकता है। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में बाल लेखकों के अभिभावकगण भी अत्यन्त प्रसन्नचित दिखे। अभिभावकों को अपने पुत्र-पुत्रियों पर गर्व हो रहा था। एक बाल लेखक सात्विक वर्मा के अभिभावक नीशित ज्ञान ने ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय को हमेशा कुछ नया करने और बच्चों को नया प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराते रहने के लिए साधुवाद दिया। अन्य सभी अभिभावकगण भी अपने बच्चों की उपलब्धी पर प्रसन्न दिखे। इस विमोचन कार्यक्रम में दीपक अकेला, अरिहन्त बिजय जैन, चतुरानन ओझा, रोमू जैन, दीपक उपाध्याय, अभय कुमार, भीम, विरेन्द्र, आशुतोष दीक्षित, विकास आदि समेत सैकड़ों अभिभावकगण उपस्थित थे।
ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय के नन्हे सितारों ने रची कहानियां, वार्षिक रिजल्ट डे के दिन विश्व पटल पर छाई पुस्तकें आरा। ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय ने 28 मार्च, अपने वार्षिक रिजल्ट डे को ऐतिहासिक बना दिया। विद्यालय के 14 बाल लेखकों की स्वरचित पुस्तकों का भव्य विमोचन हुआ। स्थानीय ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय के नन्हें लेखकों ने अपनी कल्पनाशीलता के आधार पर प्रेरक कहानियों की पुस्तकें रच दीं। इन पुस्तकों का विमाचन डॉ. सविता रूंगटा, प्रो. रणविजय कुमार, डॉ. तुषार आर्या, निदेशक डॉ. आदित्य बिजय जैन, प्राचार्या सीपी जैन, डॉ. हर्षित बिजय जैन ने संयुक्त रूप से किया। मुख्य अतिथि स्वरूप पधारे प्रो. रण विजय कुमार ने कहा कि इन नन्हे बाल लेखकों ने कमाल कर दिया है। इमेजिनेशन तो सभी कर लेते हैं, लेकिन उन्हें कलमबद्ध करना एक सराहनीय कदम है। इन बच्चों के साथ उनके अभिभावकों और विद्यालय परिवार का भी पूर्ण सहयोग मिला तभी ये सम्भव हो पाया है। आज के अत्याधुनिक युग में बच्चे अपने ग्रैण्ड पैरेन्ट्स से दूर हो रहे हैं। प्रो. रण विजय ने भावुकतापूर्ण शब्दों में कहा कि हमारे समाज में आज एक विडम्बना आ रही है कि कुछ युवा अभिभावक अपने बच्चों
को उनके ग्रैण्ड पैरेन्ट्स के साथ ज्यादा समय बिताने से परहेज कर रहे हैं। डॉ. सविता रूंगटा ने कहा कि आज की इस आधुनिक युग में दादी-नानी की कहानियां विलुप्त हो रही हैं। पहले के समय में बच्चे अपने ग्रैण्ड पैरेन्ट्स से प्रेरक कहानियां सुनते थे। इससे उन्हें रोज एक नई शिक्षा भी मिलती थी। आज के डिजिटल जमाने में इस प्रकार बच्चों को प्रेरित करते हुए उन्हें इतना अच्छा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय परिवार बधाई का पात्र है। निदेशक डॉ. आदित्य बिजय जैन ने बताया कि ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय अपनी स्थापना काल से ही शिक्षा के साथ-साथ छात्रा-छात्राओं को कलात्मक और रचनात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करता रहा है। हमें यह बताते हुए अत्यंत हर्ष और गर्व का अनुभव हो रहा है कि इसी प्रेरणा के फलस्वरूप, वर्ग 4 से वर्ग 9 तक के कुल 14 मेधावी छात्रा-छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता से अद्भुत प्रेरणादायक कहानियाँ लिखी हैं। इन कहानियों को एक प्रतिष्ठित पब्लिकेशन संस्थान द्वारा अलग-अलग पुस्तकों के रूप में प्रकाशित किया गया है। प्राचार्या डॉ. सीपी जैन ने इस आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जब विद्यालय में छात्र-छात्राओं
को ये सूचना दी गई कि आप अपनी कल्पना से कहानियां लिखें, तो बाल लेखकों की होड़ लग गई। लगभग 120 से अधिक बच्चों ने अपनी एक से बढ़कर एक काल्पनिक कहानी लिखी। इनमें से अभी पहली बार में कुल 14 सबसे अच्छी कहानियों का चयन किया गया और उन्हें पब्लिश कराया गया है। साथ ही प्राचार्या ने बताया कि इन 14 पुस्तकों में से भी बेस्ट 3 पुस्तकों का चयन अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के लिए किया गया है। पब्लिकेशन कम्पनी द्वारा एक प्रतियोगिता आयोजित कराई जाएगी और उसमें चयन होने पर उक्त बाल लेखक की पुस्तक विभिन्न ऑनलाईन पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगी। जिनवाणी मैनेजमेन्ट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. तुषार आर्या ने अपने सम्बोधन में कहा कि ये नन्हे बच्चे तो कॉलेज के बच्चों का मुकाबला अभी से कर रहे हैं। इनकी साकारात्मक सोंच और इनके वक्तव्य में अभी से कॉन्फीडेन्स दिख रहा है। पुस्तक प्रिंट की कॉॅर्डिनेटर जिनवाणी जैन ने लेखन से प्रकाशन तक के सफर पर प्रकाश डालते हुए सभी 14 बच्चों का नाम बताया। ये वर्ग 4 से 9 तक के सुधाकर सिंह, रवनीत कुमार, सारिका भारद्वाज, वैष्णवी, आस्था रानी, नव्या जैन, राजवीर सिंह, साक्षी परमार,
श्रेष्ठ बिजय जैन, श्रेया, नायरा कश्यप, सात्विक वर्मा, आन्वी आर्या, आरण्य शिवाली हैं। जिनवाणी ने बताया कि सभी बच्चों ने स्वयं से कहानी लिखा फिर स्कूल प्रबन्धन द्वारा सलेक्ट किया गया और फिर बच्चों ने स्वयं से ही कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर पर टाईप किया और अपनी कहानी के अनुसार चित्र भी स्वयं ही सेट किया है। सिद्ध बिजय जैन ने हर्ष के साथ सूचित किया कि ये सभी पुस्तकें विश्व पटल पर ऑनलाईन पोर्टल पर उपलब्ध हैं। सभी पुस्तकों का क्यू-आर कोड दिया गया है और कोई भी व्यक्ति इस क्यू-आर कोड के द्वारा पुस्तक ऑनलाईन प्राप्त कर सकता है। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में बाल लेखकों के अभिभावकगण भी अत्यन्त प्रसन्नचित दिखे। अभिभावकों को अपने पुत्र-पुत्रियों पर गर्व हो रहा था। एक बाल लेखक सात्विक वर्मा के अभिभावक नीशित ज्ञान ने ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय को हमेशा कुछ नया करने और बच्चों को नया प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराते रहने के लिए साधुवाद दिया। अन्य सभी अभिभावकगण भी अपने बच्चों की उपलब्धी पर प्रसन्न दिखे। इस विमोचन कार्यक्रम में दीपक अकेला, अरिहन्त बिजय जैन, चतुरानन ओझा, रोमू जैन, दीपक उपाध्याय, अभय कुमार, भीम, विरेन्द्र, आशुतोष दीक्षित, विकास आदि समेत सैकड़ों अभिभावकगण उपस्थित थे।
- आरा। ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय ने 28 मार्च, अपने वार्षिक रिजल्ट डे को ऐतिहासिक बना दिया। विद्यालय के 14 बाल लेखकों की स्वरचित पुस्तकों का भव्य विमोचन हुआ। स्थानीय ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय के नन्हें लेखकों ने अपनी कल्पनाशीलता के आधार पर प्रेरक कहानियों की पुस्तकें रच दीं। इन पुस्तकों का विमाचन डॉ. सविता रूंगटा, प्रो. रणविजय कुमार, डॉ. तुषार आर्या, निदेशक डॉ. आदित्य बिजय जैन, प्राचार्या सीपी जैन, डॉ. हर्षित बिजय जैन ने संयुक्त रूप से किया। मुख्य अतिथि स्वरूप पधारे प्रो. रण विजय कुमार ने कहा कि इन नन्हे बाल लेखकों ने कमाल कर दिया है। इमेजिनेशन तो सभी कर लेते हैं, लेकिन उन्हें कलमबद्ध करना एक सराहनीय कदम है। इन बच्चों के साथ उनके अभिभावकों और विद्यालय परिवार का भी पूर्ण सहयोग मिला तभी ये सम्भव हो पाया है। आज के अत्याधुनिक युग में बच्चे अपने ग्रैण्ड पैरेन्ट्स से दूर हो रहे हैं। प्रो. रण विजय ने भावुकतापूर्ण शब्दों में कहा कि हमारे समाज में आज एक विडम्बना आ रही है कि कुछ युवा अभिभावक अपने बच्चों को उनके ग्रैण्ड पैरेन्ट्स के साथ ज्यादा समय बिताने से परहेज कर रहे हैं। डॉ. सविता रूंगटा ने कहा कि आज की इस आधुनिक युग में दादी-नानी की कहानियां विलुप्त हो रही हैं। पहले के समय में बच्चे अपने ग्रैण्ड पैरेन्ट्स से प्रेरक कहानियां सुनते थे। इससे उन्हें रोज एक नई शिक्षा भी मिलती थी। आज के डिजिटल जमाने में इस प्रकार बच्चों को प्रेरित करते हुए उन्हें इतना अच्छा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय परिवार बधाई का पात्र है। निदेशक डॉ. आदित्य बिजय जैन ने बताया कि ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय अपनी स्थापना काल से ही शिक्षा के साथ-साथ छात्रा-छात्राओं को कलात्मक और रचनात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करता रहा है। हमें यह बताते हुए अत्यंत हर्ष और गर्व का अनुभव हो रहा है कि इसी प्रेरणा के फलस्वरूप, वर्ग 4 से वर्ग 9 तक के कुल 14 मेधावी छात्रा-छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता से अद्भुत प्रेरणादायक कहानियाँ लिखी हैं। इन कहानियों को एक प्रतिष्ठित पब्लिकेशन संस्थान द्वारा अलग-अलग पुस्तकों के रूप में प्रकाशित किया गया है। प्राचार्या डॉ. सीपी जैन ने इस आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जब विद्यालय में छात्र-छात्राओं को ये सूचना दी गई कि आप अपनी कल्पना से कहानियां लिखें, तो बाल लेखकों की होड़ लग गई। लगभग 120 से अधिक बच्चों ने अपनी एक से बढ़कर एक काल्पनिक कहानी लिखी। इनमें से अभी पहली बार में कुल 14 सबसे अच्छी कहानियों का चयन किया गया और उन्हें पब्लिश कराया गया है। साथ ही प्राचार्या ने बताया कि इन 14 पुस्तकों में से भी बेस्ट 3 पुस्तकों का चयन अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के लिए किया गया है। पब्लिकेशन कम्पनी द्वारा एक प्रतियोगिता आयोजित कराई जाएगी और उसमें चयन होने पर उक्त बाल लेखक की पुस्तक विभिन्न ऑनलाईन पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगी। जिनवाणी मैनेजमेन्ट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. तुषार आर्या ने अपने सम्बोधन में कहा कि ये नन्हे बच्चे तो कॉलेज के बच्चों का मुकाबला अभी से कर रहे हैं। इनकी साकारात्मक सोंच और इनके वक्तव्य में अभी से कॉन्फीडेन्स दिख रहा है। पुस्तक प्रिंट की कॉॅर्डिनेटर जिनवाणी जैन ने लेखन से प्रकाशन तक के सफर पर प्रकाश डालते हुए सभी 14 बच्चों का नाम बताया। ये वर्ग 4 से 9 तक के सुधाकर सिंह, रवनीत कुमार, सारिका भारद्वाज, वैष्णवी, आस्था रानी, नव्या जैन, राजवीर सिंह, साक्षी परमार, श्रेष्ठ बिजय जैन, श्रेया, नायरा कश्यप, सात्विक वर्मा, आन्वी आर्या, आरण्य शिवाली हैं। जिनवाणी ने बताया कि सभी बच्चों ने स्वयं से कहानी लिखा फिर स्कूल प्रबन्धन द्वारा सलेक्ट किया गया और फिर बच्चों ने स्वयं से ही कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर पर टाईप किया और अपनी कहानी के अनुसार चित्र भी स्वयं ही सेट किया है। सिद्ध बिजय जैन ने हर्ष के साथ सूचित किया कि ये सभी पुस्तकें विश्व पटल पर ऑनलाईन पोर्टल पर उपलब्ध हैं। सभी पुस्तकों का क्यू-आर कोड दिया गया है और कोई भी व्यक्ति इस क्यू-आर कोड के द्वारा पुस्तक ऑनलाईन प्राप्त कर सकता है। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में बाल लेखकों के अभिभावकगण भी अत्यन्त प्रसन्नचित दिखे। अभिभावकों को अपने पुत्र-पुत्रियों पर गर्व हो रहा था। एक बाल लेखक सात्विक वर्मा के अभिभावक नीशित ज्ञान ने ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय को हमेशा कुछ नया करने और बच्चों को नया प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराते रहने के लिए साधुवाद दिया। अन्य सभी अभिभावकगण भी अपने बच्चों की उपलब्धी पर प्रसन्न दिखे। इस विमोचन कार्यक्रम में दीपक अकेला, अरिहन्त बिजय जैन, चतुरानन ओझा, रोमू जैन, दीपक उपाध्याय, अभय कुमार, भीम, विरेन्द्र, आशुतोष दीक्षित, विकास आदि समेत सैकड़ों अभिभावकगण उपस्थित थे।4
- हरकेन कुमार ज्वेलर्स की ओर से आप सभी को पावन पर्व रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान श्रीराम आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आएं। 🙏✨1
- नमस्कार दोस्तों! आपका स्वागत है मिस्टर न्यूज़ चैनल पर, जहाँ आपको मिलती हैं देश और दुनिया की ताज़ा, सटीक और भरोसेमंद खबरें।बॉलीवुड में आज एक नई फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ हुआ, जिसे दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म में बड़े सितारे नजर आएंगे और इसके जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज़ होने की उम्मीद है।इसके जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज़ होने की उम्मीद है।1
- Post by एनामुल हक1
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- छपरा सदर अनुमंडल अंतर्गत मठिया गांव में नदी में डूबने से एक ही परिवार के तीन बच्चों का मौत हो गया है. घटना शुक्रवार की है. पोस्टमार्टम के बाद घर शव पहुंचते ही परिवार वालों का रोना पीटना लगा है. परिवार वाले जिला प्रशासन से मुआवजा देने का मांग कर रहे हैं.1
- बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महत्वाकांक्षी योजना हर जिला मुख्यालय में जननायक कर्पूरी ठाकुर एवं संविधान निर्माता डॉ अम्बेडकर साहब के स्मृति में पार्क बनाने की योजना प्रस्तावित थी l जिसके आलोक में तत्कालीन जिला प्रभारी मंत्री माननीय हरि सहनी एवं तत्कालीन जिला पदाधिकारी कुमार गौरव के द्वारा अनुमंडल कार्यालय अरवल के ठीक पीछे स्थल चयन कर शिलान्यास किया गया था l लेकिन अब वर्तमान जिला प्रशासन अरवल के द्वारा प्रस्तावित शिलान्यास स्थल पर अटल कला भवन बनाने की तैयारी की जा रही है l जिसके विरोध में प्रस्तावित स्थल पर अतिपिछड़ा एकता मंच अरवल के द्वारा शेषनाग ठाकुर के अध्यक्षता में बैठक किया गया l जिसमें सभी लोगों ने एक स्वर में कहा कि हमलोगों को हर हाल में शिलान्यास स्थल पर ही कर्पूरी ठाकुर पार्क बनना चाहिये l जिसमें मुख्य रूप से कामेश्वर ठाकुर, अजय विश्वकर्मा, डॉo भूषण चंद्रवंशी, मुन्ना कुमार , झपसी चौधरी, बिमल ठाकुर, रामचन्द्र गुप्ता गुड्डू चंद्रबांशी सहित सैंकड़ों लोगों ने भाग लेकर विरोध किया l इसके लिये आगामी बैठक 5 अप्रैल 2026 को रखा गया। और 15अप्रैल 2026 शिलान्यास स्थल पर विशाल धरना देने की तैयारी किया जायेगा l2
- आरा। श्रीरामनवमी शोभायात्रा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष त्रिकालदर्शी, परमसिद्ध संतश्रीदेवराहाशिवनाथजी महाराज के नेतृत्व में आज आरा शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई।इस भव्य शोभायात्रा की शुरुआत रामगढिय़ा में भगवान श्रीराम और संतश्रीदेवराहाशिवनाथजी महाराज की महाआरती से हुई।महाआरती के बाद संतश्रीदेवराहाशिवनाथजी महाराज ने रामगढिय़ा में शोभायात्रा में शामिल रामभक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि आज श्रीधाम अयोध्या और आरा का एकीकरण हो गया है।आज श्री रामभक्तो के उमड़े हुए जनसैलाब को देखकर मुझे यह समझ ही नहीं आता कि मैं अयोध्या में हूं या फिर आरा में।दिसि अरु बिदिसि पंथ नहीं सूझा।को मैं चलेऊं कहां नहीं बूझा।संतश्री ने आगे कहा कि भक्त सुतीक्ष्ण को हर जगह सिर्फ भगवान राम ही दिखाई देते थे। अनेकों स्थान से श्रद्धालु भक्त भगवान राम की शोभायात्रा में शामिल होने के लिए आए हैं। इससे सम्पूर्ण आरा राममय हो गया है।आज हमें भक्त और भगवान का महामिलन देखने को मिला।हम धन्य हो गया। इसके बाद जयश्रीराम के गगनभेदी उद्घोष के साथ यह भव्य शोभायात्रा रामगढिय़ा से बडी चौक,गोपाली चौक, जेल रोड, शिवगंज, बडी मठिया, महादेवा,धर्मन चौक, चित्रटोली रोड, रमना रोड, महावीर टोला, करमन टोला, नवादा, स्टेशन रोड, एसपी कोठी, ब्लॉक रोड, कतिरा, पकडी चौक, जज कोठी होते हुए रमना मैदान पहुंची ।वहीं इस दौरान समिति के कार्यकारी अध्यक्ष गुड्डू सिंह बबुआन, महासचिव श्री शंभू प्रसाद चौरसिया,कोषाध्यक्ष गोकुल सिंह सह कोषाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह,सचिव सुधीर जी,रथ सजावट प्रमुख अनिल जी,उपाध्यक्ष सह ग्रामीण अध्यक्ष सन्नी पांडे, उपाध्यक्ष नवीन प्रकाश,, शहर सजावट प्रमुख बादल जालान, सुरक्षा प्रमुख राजेश्वर पासवान, झांकी प्रमुख शंभू सिंह सह प्रमुख हरिओम जी, आचार्य धर्मेन्द्र जी,अखंडानंदजी महाराज,अशोक तिवारी,हर्ष राज मंगलम, स्टार प्रचारक सरोज पांडेय, रोहित सिंह बजरंगी सहित समिति के सभी सदस्य थे। जयश्रीराम, हर घर भगवा छायेगा राम राज फिर आयेगा की भक्ति गीतों पर रामभक्त थिरकते रहे।वहीं सड़क के दोनों किनारों पर खडे होकर महिला-पुरुष पुष्प वर्षा करते रहे।वहीं पर जगह-जगह रामभक्तों ने भगवान श्रीराम की आरती कर रहे थे। जगह-जगह रामभक्तों के सेवार्थ विभिन्न जगहों पर पानी-शरबत, मिठाई, हलुआ आदि का प्रसाद रामभक्तों को खिला रहे थे।वहीं समिति के महासचिव शंभू प्रसाद चौरसिया ने कहा कि हमलोग मर्यादा पुरुषोत्तम राम का जन्मोत्सव मना रहे हैं।इस बार की शोभायात्रा में पिछले वर्षों की तुलना में काफी रामभक्त शामिल हुए हैं।इसके लिए मैं सबको धन्यवाद देता हूँ।साथ ही साथ मैं प्रशासन और मीडिया बंधुओं को धन्यवाद देता हूँ। वहीं इस भव्य शोभायात्रा में बिहार सरकार के श्रम एवं संसाधन मंत्री संजय सिंह टाईगर, पूर्व विधायक अमरेन्द्र प्रताप सिंह, डुमरांव विधायक राहुल जी, संदेश विधायक राधाचरण सेठजी सहित सभी रामभक्तो ने संतश्रीदेवराहाशिवनाथदासजी महाराज के चरणों को स्पर्श कर अपने और समस्त जनता के लिए आशीर्वाद मांगा।4