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लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक कॉम्पलेक्स में लगी भीषण आग की घटना को लेकर जॉइंट सीपी ने विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि आग की सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य आपातकालीन एजेंसियों को तत्काल घटनास्थल पर रवाना कर दिया गया था। जॉइंट सीपी के अनुसार, राहत एवं बचाव अभियान को प्राथमिकता के आधार पर चलाया गया, जिसमें प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस लगातार समन्वय में कार्य करती रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना के कारणों, सुरक्षा इंतजामों और संभावित लापरवाही के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक कॉम्पलेक्स में लगी भीषण आग की घटना को लेकर जॉइंट सीपी ने विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि आग की सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य आपातकालीन एजेंसियों को तत्काल घटनास्थल पर रवाना कर दिया गया था। जॉइंट सीपी के अनुसार, राहत एवं बचाव अभियान को प्राथमिकता के आधार पर चलाया गया, जिसमें प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग किया गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस लगातार समन्वय में कार्य करती रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना के कारणों, सुरक्षा इंतजामों और संभावित लापरवाही के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- मानवता को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए एक आवश्यक अपील की गई है, जिसमें कहा गया है कि किसी का एक छोटा सा प्रयास एक परिवार की खुशियों को वापस ला सकता है। इस अपील में गरीब मरीजों के इलाज और ऑपरेशन के खर्चों में आर्थिक सहायता देने का आग्रह किया गया है, क्योंकि एक छोटा सा दान किसी की जान बचा सकता है। यह भी सूचित किया गया है कि डोनेशन या मरीज के सत्यापन से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए सीधे टीम से संपर्क किया जाए।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र अंतर्गत उमरावखेड़ा (जेहटा) में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ एक पीड़ित परिवार दबंगों के जानलेवा हमलों, छेड़छाड़ और लूटपाट से तंग आकर अपना घर-द्वार छोड़ने पर मजबूर हो गया है। पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस, विशेषकर जेहटा चौकी पर, आरोपियों को खुला संरक्षण देने और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने का संगीन आरोप लगाया है। यह सिलसिला पिछले एक साल से जारी है, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। पीड़ित अशोक कुमार (निवासी उमरावखेड़ा, जेहटा) ने बताया कि बीते 30 मई 2026 की रात करीब 09:58 बजे पड़ोसी आरोपी काशी ने बाहर से एक टेंपो में अज्ञात गुंडों को बुलाया। इन बदमाशों ने उनके घर में घुसकर तांडव मचाया, पत्नी के साथ छेड़छाड़ व लूटपाट की, और पूरे परिवार को लाठी-डंडों व सरियों से बेरहमी से पीटा, जिससे सभी को गंभीर चोटें आईं। यह पूरी वारदात घर के बाहर और अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है। पीड़ित का आरोप है कि इस घटना के बाद उन्हें पूरी रात दुबग्गा थाने में बैठना पड़ा, तब जाकर मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन आज तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले में कार्रवाई न होने पर पीड़ित परिवार 5 जून 2026 को एसीपी महोदय के समक्ष पेश हुआ। एसीपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जेहटा चौकी इंचार्ज को फोन कर फटकार लगाई और गिरफ्तारी न होने का कारण पूछते हुए मुकदमे में उचित धाराएं बढ़ाकर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। हालाँकि, आरोप है कि जेहटा चौकी इंचार्ज ने एसीपी के आदेश को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया और कोई कदम नहीं उठाया। पीड़ित अशोक कुमार ने जेहटा चौकी इंचार्ज सुमित श्रीवास्तव और दरोगा जयप्रकाश पर आरोपियों से साठगांठ का आरोप लगाते हुए पूर्व की कई घटनाओं का भी ब्योरा दिया। इनमें 5 जुलाई 2025 को आरोपी राजेश, धीरज और पप्पू द्वारा लाठी-डंडों व सरियों से जानलेवा हमला शामिल है, जिसमें ग्रामीणों के बीच-बचाव से जान बची थी, लेकिन पुलिस ने मामूली धाराओं (BNS 126/135) में मामला रफा-दफा कर दिया था। 6 दिसंबर 2025 को आरोपी धीरज ने पीड़ित के बेटे को इतना पीटा कि उसकी उंगली टूट गई, जिस पर पुलिस ने सिर्फ एक मामूली NCR दर्ज की। 14 अप्रैल 2026 को आरोपी धीरज ने शाम को पीड़ित के घर की तरफ बारूद जैसी ज्वलनशील वस्तु फेंकी, जिससे परिवार में दहशत फैल गई। इसके बाद 18 अप्रैल 2026 को जब धीरज की पत्नी द्वारा पीड़ित के बेटे को पीटने की शिकायत लेकर परिवार जेहटा चौकी पहुंचा, तो आरोपी काशी ने चौकी इंचार्ज सुमित श्रीवास्तव और दरोगा जयप्रकाश के सामने ही पीड़ित परिवार को 'बोटी-बोटी काटने' की धमकी दी, जिस पर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित परिवार ने उच्चाधिकारियों को दिए पत्र में स्पष्ट कहा है कि वे अपनी जान बचाने के लिए पलायन कर चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो उसके जिम्मेदार नामजद आरोपियों (काशी, राजेश, धीरज, पप्पू, पूर्णिमा, शांति) के साथ-साथ जेहटा चौकी इंचार्ज और संबंधित दरोगा भी होंगे। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच जेहटा चौकी पुलिस से हटाकर किसी अन्य उच्चाधिकारी से कराने, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने और दबंगों व उनके अज्ञात गुंडों को गिरफ्तार कर परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार लगाई है।3
- लखनऊ में एक अवैध निर्माण के मामले में 4 अधिकारियों को निलंबित किया गया है और 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह पूरा मामला 2016 से जुड़ा है, जब लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने 10 मई 2016 को अवैध निर्माण को गिराने का आदेश जारी किया था। हालांकि, हैरानी की बात यह रही कि महज़ दो महीने के भीतर ही, 5 जुलाई 2016 को इस आदेश को वापस ले लिया गया था, जिसके बाद अब यह कार्रवाई की गई है।1
- लखनऊ में योगीराज के तहत, थाना विभूतिखंड क्षेत्र के जलवा क्लब, साइबर हाइट्स के बाहर एक किशोरी के साथ हुई गंभीर आपराधिक घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जलवा क्लब में गांजा और अफीम परोसा जा रहा है, और इसी क्लब के बाहर एक महिला से मारपीट, नशेबाज़ी और वीडियो बनाकर उसे बदनाम करने का प्रयास किया गया। समिट पुलिस चौकी प्रभारी पर कार्रवाई न करने का भी गंभीर आरोप है। पीड़िता किशोरी ने बताया कि 25 जनवरी 2026 की रात करीब 12:10 बजे कुछ युवतियों ने उसे कागज़ात लौटाने के बहाने बुलाकर योजनाबद्ध तरीके से बेरहमी से पीटा। इस दौरान न केवल मारपीट की गई, बल्कि गाली-गलौज करते हुए उसका वीडियो भी बनवाया गया, जिससे उसे बदनाम करने की धमकी दी गई। किशोरी का कहना है कि आरोपी युवतियां पहले भी चोरी, धमकी और नशे की हालत में हिंसा जैसी घटनाओं में शामिल रही हैं। जलवा क्लब के बाहर देर रात तक खुलेआम नशेबाज़ी और गांजा पीने के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जो कानून-व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाते हैं। घटना सीसीटीवी में कैद होने और 112 पर कॉल करने के बावजूद, अब तक प्राथमिकी (FIR) दर्ज न होना पुलिस की लापरवाही को दर्शाता है। किशोरी पीड़ित ने स्पष्ट किया है कि यदि लखनऊ पुलिस उनकी सुनवाई नहीं करती है, तो उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। उसने प्रशासन पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ योगी सरकार है और दूसरी तरफ लखनऊ पुलिस बेलगाम हो चुकी है, जिसके कारण उसकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा है। यह सवाल बना हुआ है कि क्या इस मामले में कार्रवाई होगी या इसे भी दबा दिया जाएगा।1
- लखनऊ के पुरनिया इलाके में एक दुकान में भीषण आग लग गई, जिसके कारण पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग धुएं और लपटों से घिर गई। जानकारी के अनुसार, इस दुकान के ऊपर एक कोचिंग सेंटर था, जहाँ कई छात्र-छात्राएं फंसे हुए थे। अपनी जान बचाने के लिए कुछ लोग बिल्डिंग के छज्जे और छत से कूदने को मजबूर हुए। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं, जहाँ स्थानीय लोग भी राहत-बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रयास लगातार जारी हैं।1