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मैहर, मध्य प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच, माई की रसोई के संचालक और पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष धीरज पाण्डेय के सुपुत्र सौरज पाण्डेय ने एक सराहनीय पहल की है। उन्होंने मां शारदा देवी मंदिर रोड पर स्थित मां शारदा यात्री निवास के सामने अपनी निजी भूमि पर एक निशुल्क शीतल आरो वाटर प्लांट प्याऊ का विधिवत पूजा पाठ और फीता काटकर शुभारंभ किया है। सौरज पाण्डेय ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य आने वाले दर्शनार्थियों, श्रद्धालुओं और आम जनता को ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराना है, क्योंकि वे 'मानव सेवा को ही माधव सेवा' मानते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मैहर शहर में यह उनका तीसरा प्याऊ है। इससे पहले भी वे मैहर सिविल अस्पताल गेट के सामने और सरला नगर रोड पर पुरानी कचेहरी के सामने शीतल आरो वाटर प्याऊ स्थापित करवाकर दूर-दराज से आने वाले लोगों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था कर चुके हैं।

6 hrs ago
user_रामदत्त दाहिया
रामदत्त दाहिया
Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago

मैहर, मध्य प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच, माई की रसोई के संचालक और पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष धीरज पाण्डेय के सुपुत्र सौरज पाण्डेय ने एक सराहनीय पहल की है। उन्होंने मां शारदा देवी मंदिर रोड पर स्थित मां शारदा यात्री निवास के सामने अपनी निजी भूमि पर एक निशुल्क शीतल आरो वाटर प्लांट प्याऊ का विधिवत पूजा पाठ और फीता काटकर शुभारंभ किया है। सौरज पाण्डेय ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य आने वाले दर्शनार्थियों, श्रद्धालुओं और आम जनता को ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराना है, क्योंकि वे 'मानव सेवा को ही माधव सेवा' मानते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मैहर शहर में यह उनका तीसरा प्याऊ है। इससे पहले भी वे मैहर सिविल अस्पताल गेट के सामने और सरला नगर रोड पर पुरानी कचेहरी के सामने शीतल आरो वाटर प्याऊ स्थापित करवाकर दूर-दराज से आने वाले लोगों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था कर चुके हैं।

More news from Satna and nearby areas
  • भीषण गर्मी के मद्देनजर यात्रियों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से, एसईसीआर (SECR) ने अपनी एक पहल के तहत प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर मिस्टिंग सिस्टम की शुरुआत की है। इस व्यवस्था के माध्यम से बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और गोंदिया जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर यात्रियों को भीषण गर्मी से राहत और ठंडक मिल रही है।
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    भीषण गर्मी के मद्देनजर यात्रियों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से, एसईसीआर (SECR) ने अपनी एक पहल के तहत प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर मिस्टिंग सिस्टम की शुरुआत की है। इस व्यवस्था के माध्यम से बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और गोंदिया जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर यात्रियों को भीषण गर्मी से राहत और ठंडक मिल रही है।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    1 hr ago
  • सेमरिया विधानसभा की ग्राम पंचायत बरौ में श्री मकखू गौतम जी के निज निवास पर चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा में एक अलौकिक दिन देखने को मिला। व्यासपीठ से शास्त्री जी ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग इतने विस्तृत और भावपूर्ण तरीके से सुनाया कि पूरा पंडाल मानो वृंदावन में बदल गया। शास्त्री जी ने कंस के अत्याचारों से त्रस्त देवकी-वसुदेव के कारागार में बंद होने का मार्मिक चित्रण किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधी रात, घनघोर वर्षा और बिजली की गड़गड़ाहट के बीच अचानक कारागार में दिव्य प्रकाश हुआ और भगवान चतुर्भुज रूप में प्रकट हुए, जिनके हाथों में शंख, चक्र, गदा, पद्म थे और वे पीतांबर व वनमाला धारण किए हुए थे। माता देवकी की प्रार्थना पर भगवान मुस्कुराए और नन्हे शिशु के रूप में परिवर्तित हो गए। इस चमत्कार के साथ ही वसुदेव जी की हथकड़ियाँ और बेड़ियाँ खुल गईं, कारागार के सभी द्वार स्वयं खुल गए और पहरेदार गहरी नींद में सो गए। वसुदेव जी टोकरी में बालक को लेकर यमुना की ओर चल पड़े। शास्त्री जी ने यमुना लीला का वर्णन करते हुए बताया कि कैसे उफान पर आती यमुना जी बालक के चरणों को छूने को आतुर थीं और जब जल बालक के चरणों तक पहुँचा, तो शेषनाग ने फन फैलाकर छत्र किया और यमुना ने मार्ग दे दिया। गोकुल पहुँचकर वसुदेव जी ने बालक को यशोदा माता के पास सुला दिया और योगमाया को लेकर मथुरा लौट आए। जैसे ही शास्त्री जी ने "नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" का उद्घोष किया, पूरा पंडाल भक्तिभाव में झूम उठा। महिलाएँ सोहर गाने लगीं और ढोल-नगाड़े तथा मंजीरे बजने लगे। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की, तथा बाल गोपाल को झूले में बैठाकर "हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की" गाते हुए झुलाया गया। इसके उपरांत मिश्री, माखन और पंजीरी का प्रसाद वितरित किया गया। इस अद्भुत क्षण को देखकर कई भक्तों की आँखें नम हो गईं, और ऐसा प्रतीत हुआ मानो 5000 साल बाद बरौ गाँव में कान्हा ने फिर से जन्म लिया हो। पूरा वातावरण "बोलो नन्दलाल की जय", "बाल गोपाल की जय", "देवकीनंदन की जय" के नारों से गूँज उठा। श्री मकखू गौतम जी का परिवार और समस्त ग्रामवासी इस दिव्य आयोजन से स्वयं को धन्य महसूस कर रहे थे।
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    सेमरिया विधानसभा की ग्राम पंचायत बरौ में श्री मकखू गौतम जी के निज निवास पर चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा में एक अलौकिक दिन देखने को मिला। व्यासपीठ से शास्त्री जी ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग इतने विस्तृत और भावपूर्ण तरीके से सुनाया कि पूरा पंडाल मानो वृंदावन में बदल गया।

शास्त्री जी ने कंस के अत्याचारों से त्रस्त देवकी-वसुदेव के कारागार में बंद होने का मार्मिक चित्रण किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधी रात, घनघोर वर्षा और बिजली की गड़गड़ाहट के बीच अचानक कारागार में दिव्य प्रकाश हुआ और भगवान चतुर्भुज रूप में प्रकट हुए, जिनके हाथों में शंख, चक्र, गदा, पद्म थे और वे पीतांबर व वनमाला धारण किए हुए थे। माता देवकी की प्रार्थना पर भगवान मुस्कुराए और नन्हे शिशु के रूप में परिवर्तित हो गए। इस चमत्कार के साथ ही वसुदेव जी की हथकड़ियाँ और बेड़ियाँ खुल गईं, कारागार के सभी द्वार स्वयं खुल गए और पहरेदार गहरी नींद में सो गए। वसुदेव जी टोकरी में बालक को लेकर यमुना की ओर चल पड़े। शास्त्री जी ने यमुना लीला का वर्णन करते हुए बताया कि कैसे उफान पर आती यमुना जी बालक के चरणों को छूने को आतुर थीं और जब जल बालक के चरणों तक पहुँचा, तो शेषनाग ने फन फैलाकर छत्र किया और यमुना ने मार्ग दे दिया। गोकुल पहुँचकर वसुदेव जी ने बालक को यशोदा माता के पास सुला दिया और योगमाया को लेकर मथुरा लौट आए।

जैसे ही शास्त्री जी ने "नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" का उद्घोष किया, पूरा पंडाल भक्तिभाव में झूम उठा। महिलाएँ सोहर गाने लगीं और ढोल-नगाड़े तथा मंजीरे बजने लगे। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की, तथा बाल गोपाल को झूले में बैठाकर "हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की" गाते हुए झुलाया गया। इसके उपरांत मिश्री, माखन और पंजीरी का प्रसाद वितरित किया गया। इस अद्भुत क्षण को देखकर कई भक्तों की आँखें नम हो गईं, और ऐसा प्रतीत हुआ मानो 5000 साल बाद बरौ गाँव में कान्हा ने फिर से जन्म लिया हो।

पूरा वातावरण "बोलो नन्दलाल की जय", "बाल गोपाल की जय", "देवकीनंदन की जय" के नारों से गूँज उठा। श्री मकखू गौतम जी का परिवार और समस्त ग्रामवासी इस दिव्य आयोजन से स्वयं को धन्य महसूस कर रहे थे।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • सतना जिले में पीएचई विभाग द्वारा लगाया गया एक हैंडपंप पिछले चार महीने से खराब पड़ा है। बताया गया है कि हैंडपंप में पाइप की कमी है और वॉशर भी गायब है। इस समस्या के संबंध में 181 पर शिकायत संख्या 38372970 के तहत शिकायत दर्ज कराई गई है।
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    सतना जिले में पीएचई विभाग द्वारा लगाया गया एक हैंडपंप पिछले चार महीने से खराब पड़ा है। बताया गया है कि हैंडपंप में पाइप की कमी है और वॉशर भी गायब है। इस समस्या के संबंध में 181 पर शिकायत संख्या 38372970 के तहत शिकायत दर्ज कराई गई है।
    user_Rajesh Kumar saket
    Rajesh Kumar saket
    Taxi Driver रामनगर, सतना, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • एक तीखे सवाल में पूछा गया है कि आखिर जनता अपने हक की लड़ाई कब तक लड़ती रहेगी, और क्या देश के नेताओं का कोई दायित्व नहीं बनता। यह सवाल सीधे तौर पर नेताओं की जवाबदेही पर उठाया गया है, जो जनता की समस्याओं और उनके अधिकारों से जुड़ा है, और लोकतंत्र में उनकी आवाज को उजागर करता है।
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    एक तीखे सवाल में पूछा गया है कि आखिर जनता अपने हक की लड़ाई कब तक लड़ती रहेगी, और क्या देश के नेताओं का कोई दायित्व नहीं बनता। यह सवाल सीधे तौर पर नेताओं की जवाबदेही पर उठाया गया है, जो जनता की समस्याओं और उनके अधिकारों से जुड़ा है, और लोकतंत्र में उनकी आवाज को उजागर करता है।
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    1 hr ago
  • मैहर जिले में नौतपा की शुरुआत होते ही भीषण गर्मी और तपिश ने लोगों को बेहाल करना शुरू कर दिया है। नौतपा के पहले ही दिन सोमवार को मैहर जिले में तापमान में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। तेज धूप और गर्म हवाओं (लू) के कारण दोपहर होते ही सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसर गया, जिससे लोग केवल बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। मौसम विभाग और स्थानीय आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को मैहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह से ही सूरज के कड़े तेवर दिखने शुरू हो गए थे, और दोपहर तक आते-आते तीखी धूप व गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। इस भीषण गर्मी और लू के चलते मौसमी बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ गया है; जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में उल्टी, दस्त, तेज बुखार और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के मरीजों की संख्या में अचानक तेजी आई है। स्थानीय डॉक्टरों ने आम जनता से अपील की है कि वे इस जानलेवा गर्मी और लू से अपना बचाव करें। डॉक्टरों ने स्वास्थ्य को लेकर कई जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है, जिनमें दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच बिना वजह बाहर न निकलना, थोड़ी-थोड़ी देर में पानी, ओआरएस घोल, नींबू पानी या छाछ का सेवन करके हाइड्रेटेड रहना, खाली पेट धूप में न निकलना, और बाहर जाते समय सूती व हल्के रंग के कपड़े पहनकर सिर को टोपी, अंगोछे या छाते से ढकना शामिल है। उन्होंने यह भी सलाह दी है कि यदि चक्कर आना, तेज सिरदर्द, उल्टी या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में नौतपा के चलते तापमान में और भी बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। मध्य भारत न्यूज़ भी सभी नागरिकों से अपील करता है कि इस भीषण गर्मी में अपना और अपने परिवार का ख्याल रखें, पक्षियों के लिए छत पर पानी रखें और सुरक्षित रहें।
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    मैहर जिले में नौतपा की शुरुआत होते ही भीषण गर्मी और तपिश ने लोगों को बेहाल करना शुरू कर दिया है। नौतपा के पहले ही दिन सोमवार को मैहर जिले में तापमान में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। तेज धूप और गर्म हवाओं (लू) के कारण दोपहर होते ही सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसर गया, जिससे लोग केवल बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

मौसम विभाग और स्थानीय आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को मैहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह से ही सूरज के कड़े तेवर दिखने शुरू हो गए थे, और दोपहर तक आते-आते तीखी धूप व गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। इस भीषण गर्मी और लू के चलते मौसमी बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ गया है; जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में उल्टी, दस्त, तेज बुखार और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के मरीजों की संख्या में अचानक तेजी आई है।

स्थानीय डॉक्टरों ने आम जनता से अपील की है कि वे इस जानलेवा गर्मी और लू से अपना बचाव करें। डॉक्टरों ने स्वास्थ्य को लेकर कई जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है, जिनमें दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच बिना वजह बाहर न निकलना, थोड़ी-थोड़ी देर में पानी, ओआरएस घोल, नींबू पानी या छाछ का सेवन करके हाइड्रेटेड रहना, खाली पेट धूप में न निकलना, और बाहर जाते समय सूती व हल्के रंग के कपड़े पहनकर सिर को टोपी, अंगोछे या छाते से ढकना शामिल है। उन्होंने यह भी सलाह दी है कि यदि चक्कर आना, तेज सिरदर्द, उल्टी या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में नौतपा के चलते तापमान में और भी बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

मध्य भारत न्यूज़ भी सभी नागरिकों से अपील करता है कि इस भीषण गर्मी में अपना और अपने परिवार का ख्याल रखें, पक्षियों के लिए छत पर पानी रखें और सुरक्षित रहें।
    user_MADHYA BHARAT NEWS
    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के सतना जिले की उचेहरा तहसील के पहाड़ी ग्राम पोस्ट परसमनिया गाँव में पानी की गंभीर समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। यहाँ के ग्रामीण प्रतिदिन जल संकट से बुरी तरह परेशान हैं, क्योंकि गाँव में लगे नल पिछले दो साल से बंद पड़े हैं। इस स्थिति पर न तो कोई सरपंच ध्यान दे रहा है और न ही कोई सरकारी कर्मचारी। ग्रामीणों का कहना है कि चूँकि यह पूरा गाँव आदिवासी समाज का है, इसलिए कोई भी उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। लोग बताते हैं कि चुनावों के समय तो सभी नेता गाँव में आते हैं, लेकिन अब कोई उनकी सुध नहीं ले रहा। इस गंभीर पेयजल संकट के कारण गरीब लोग प्रतिदिन परेशान हो रहे हैं। इसके अलावा, बंद पड़े नलों के पास एक बड़ा गड्ढा बन गया है, जिसमें किसी भी व्यक्ति या बच्चे के गिरने का खतरा है, जिससे उनकी जान को भी खतरा हो सकता है।
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    मध्य प्रदेश के सतना जिले की उचेहरा तहसील के पहाड़ी ग्राम पोस्ट परसमनिया गाँव में पानी की गंभीर समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। यहाँ के ग्रामीण प्रतिदिन जल संकट से बुरी तरह परेशान हैं, क्योंकि गाँव में लगे नल पिछले दो साल से बंद पड़े हैं। इस स्थिति पर न तो कोई सरपंच ध्यान दे रहा है और न ही कोई सरकारी कर्मचारी।

ग्रामीणों का कहना है कि चूँकि यह पूरा गाँव आदिवासी समाज का है, इसलिए कोई भी उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। लोग बताते हैं कि चुनावों के समय तो सभी नेता गाँव में आते हैं, लेकिन अब कोई उनकी सुध नहीं ले रहा। इस गंभीर पेयजल संकट के कारण गरीब लोग प्रतिदिन परेशान हो रहे हैं। इसके अलावा, बंद पड़े नलों के पास एक बड़ा गड्ढा बन गया है, जिसमें किसी भी व्यक्ति या बच्चे के गिरने का खतरा है, जिससे उनकी जान को भी खतरा हो सकता है।
    user_MADAN RAWAT
    MADAN RAWAT
    नागौद, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अमरपाटन में सकल जैन समाज ने रीवा में हाल ही में हुई एक सड़क दुर्घटना में दो साध्वी माता जी के दुखद निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस दुखद घटना पर अपनी संवेदना व्यक्त करने और न्याय की मांग को लेकर, आज सुबह 8:30 बजे पूरे शहर में सैकड़ों लोगों ने सड़क पर एक मौन जुलूस निकाला। जुलूस के माध्यम से समाज ने शासन से इस घटना की गहन जांच की मांग की, साथ ही विहार पर निकले सकल साधुओं, गुरुओं और माताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार भी लगाई। अनुविभागीय अधिकारी को संबोधित यह ज्ञापन लेने के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट आर डी साकेत और थाना प्रभारी अमरपाटन विजय सिंह परस्ते अमरपाटन के सतना चौराहे पर पहुंचे। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को आश्वस्त किया कि इस विषय को सक्षम अधिकारी तक पहुंचाया जाएगा और घटना की विस्तृत जांच की जाएगी। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में समाज की माताएं, बहनें, पदाधिकारी और समाजसेवी लोग उपस्थित थे।
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    अमरपाटन में सकल जैन समाज ने रीवा में हाल ही में हुई एक सड़क दुर्घटना में दो साध्वी माता जी के दुखद निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस दुखद घटना पर अपनी संवेदना व्यक्त करने और न्याय की मांग को लेकर, आज सुबह 8:30 बजे पूरे शहर में सैकड़ों लोगों ने सड़क पर एक मौन जुलूस निकाला।

जुलूस के माध्यम से समाज ने शासन से इस घटना की गहन जांच की मांग की, साथ ही विहार पर निकले सकल साधुओं, गुरुओं और माताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार भी लगाई। अनुविभागीय अधिकारी को संबोधित यह ज्ञापन लेने के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट आर डी साकेत और थाना प्रभारी अमरपाटन विजय सिंह परस्ते अमरपाटन के सतना चौराहे पर पहुंचे। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को आश्वस्त किया कि इस विषय को सक्षम अधिकारी तक पहुंचाया जाएगा और घटना की विस्तृत जांच की जाएगी। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में समाज की माताएं, बहनें, पदाधिकारी और समाजसेवी लोग उपस्थित थे।
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मैहर सिविल अस्पताल में अव्यवस्था और कर्मचारियों के व्यवहार पर उस समय गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब कुछ पत्रकार अस्पताल की व्यवस्थाओं को कवर करने पहुँचे। आरोप है कि वहाँ मौजूद कुछ नर्सों ने पत्रकारों से ठीक ढंग से बात नहीं की, उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें वीडियो रिकॉर्डिंग बंद करने की धमकी भी दी। पत्रकारों का कहना है कि जब मीडियाकर्मियों के साथ इस तरह का बर्ताव किया जा रहा है, तो आम मरीजों और उनके परिजनों के साथ किस प्रकार का व्यवहार होता होगा, इसका आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने चिंता जताई कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोग पहले से ही परेशान रहते हैं, और कर्मचारियों का रूखा व्यवहार उनकी मुश्किलों को और बढ़ा देता है। स्थानीय लोगों ने भी अस्पताल प्रशासन से कर्मचारियों के व्यवहार में सुधार लाने की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल सेवा का स्थान होता है, जहाँ मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशीलता और सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाना चाहिए। अब देखना यह होगा कि अस्पताल प्रशासन इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और कर्मचारियों को अनुशासन तथा बेहतर व्यवहार के लिए क्या निर्देश देता है।
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    मैहर सिविल अस्पताल में अव्यवस्था और कर्मचारियों के व्यवहार पर उस समय गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब कुछ पत्रकार अस्पताल की व्यवस्थाओं को कवर करने पहुँचे। आरोप है कि वहाँ मौजूद कुछ नर्सों ने पत्रकारों से ठीक ढंग से बात नहीं की, उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें वीडियो रिकॉर्डिंग बंद करने की धमकी भी दी।

पत्रकारों का कहना है कि जब मीडियाकर्मियों के साथ इस तरह का बर्ताव किया जा रहा है, तो आम मरीजों और उनके परिजनों के साथ किस प्रकार का व्यवहार होता होगा, इसका आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने चिंता जताई कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोग पहले से ही परेशान रहते हैं, और कर्मचारियों का रूखा व्यवहार उनकी मुश्किलों को और बढ़ा देता है। स्थानीय लोगों ने भी अस्पताल प्रशासन से कर्मचारियों के व्यवहार में सुधार लाने की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल सेवा का स्थान होता है, जहाँ मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवेदनशीलता और सम्मानपूर्वक व्यवहार किया जाना चाहिए।

अब देखना यह होगा कि अस्पताल प्रशासन इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और कर्मचारियों को अनुशासन तथा बेहतर व्यवहार के लिए क्या निर्देश देता है।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    4 hrs ago
  • मैहर के अस्पताल में कथित तौर पर स्वास्थ्य व्यवस्था ठप्प हो गई है, जहाँ डिजिटल इंडिया के दौर में भी मरीजों की पर्ची क्यूआर कोड के माध्यम से नहीं काटी जा रही है। अस्पताल प्रभारी के एक बड़े बयान के बाद, अब पूरा प्रबंधन सवालों के घेरे में आ गया है। इस स्थिति के कारण जनता बेहद परेशान है, जबकि सिस्टम इस गंभीर समस्या से बेखबर प्रतीत हो रहा है। यह मुद्दा जिम्मेदार कौन है, इस सवाल को उठाता है, और अस्पताल के प्रबंधन पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
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    मैहर के अस्पताल में कथित तौर पर स्वास्थ्य व्यवस्था ठप्प हो गई है, जहाँ डिजिटल इंडिया के दौर में भी मरीजों की पर्ची क्यूआर कोड के माध्यम से नहीं काटी जा रही है। अस्पताल प्रभारी के एक बड़े बयान के बाद, अब पूरा प्रबंधन सवालों के घेरे में आ गया है। इस स्थिति के कारण जनता बेहद परेशान है, जबकि सिस्टम इस गंभीर समस्या से बेखबर प्रतीत हो रहा है। यह मुद्दा जिम्मेदार कौन है, इस सवाल को उठाता है, और अस्पताल के प्रबंधन पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
    user_Satyanarayan tiwari
    Satyanarayan tiwari
    Local News Reporter मैहर•
    4 hrs ago
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