सूरत में अग्निकांड... इमारत में लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत इस हादसे मेंगुजरात के सूरत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां लिंबायत क्षेत्र की मीठी खाड़ी के पास स्थित एक रिहायशी इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। एक ही परिवार के पांच सदस्य, जिनमें एक बच्चा और महिलाएं शामिल हैं, बुरी तरह झुलस गए। अस्पताल ले जाने के बाद इलाज के दौरान सभी पांचों लोगों ने दम तोड़ दिया। साड़ियों के ढेर ने घर को बनाया 'मौत का जाल' शुरुआती जाँच और अधिकारियों के बयानों के अनुसार, यह परिवार साड़ी बनाने और संग्रहण का काम करता था। घर के भीतर लगभग 10 टन साड़ियां रखी हुई थीं। पूर्व मेयर दक्षेशभाई मावानी ने बताया कि घर इतना छोटा था कि साड़ियों के ढेर के बीच चलने-फिरने तक की जगह नहीं थी। बड़ी मात्रा में कपड़ों की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैली और घना धुआं भर गया।
सूरत में अग्निकांड... इमारत में लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत इस हादसे मेंगुजरात के सूरत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां लिंबायत क्षेत्र की मीठी खाड़ी के पास स्थित एक रिहायशी इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। एक ही परिवार के पांच सदस्य, जिनमें एक बच्चा और महिलाएं शामिल हैं, बुरी तरह झुलस गए। अस्पताल ले जाने के बाद इलाज के दौरान सभी पांचों लोगों ने दम तोड़ दिया। साड़ियों के ढेर ने घर को बनाया 'मौत का जाल' शुरुआती जाँच और अधिकारियों के बयानों के अनुसार, यह परिवार साड़ी बनाने और संग्रहण का काम करता था। घर के भीतर लगभग 10 टन साड़ियां रखी हुई थीं। पूर्व मेयर दक्षेशभाई मावानी ने बताया कि घर इतना छोटा था कि साड़ियों के ढेर के बीच चलने-फिरने तक की जगह नहीं थी। बड़ी मात्रा में कपड़ों की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैली और घना धुआं भर गया।
- નિકુંજ અનડકટરાજકોટ પૂર્વ, રાજકોટ, ગુજરાત😔6 hrs ago
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- RamanMangrol, Surat👏8 hrs ago
- सूरत में अग्निकांड... इमारत में लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत इस हादसे मेंगुजरात के सूरत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां लिंबायत क्षेत्र की मीठी खाड़ी के पास स्थित एक रिहायशी इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। एक ही परिवार के पांच सदस्य, जिनमें एक बच्चा और महिलाएं शामिल हैं, बुरी तरह झुलस गए। अस्पताल ले जाने के बाद इलाज के दौरान सभी पांचों लोगों ने दम तोड़ दिया। साड़ियों के ढेर ने घर को बनाया 'मौत का जाल' शुरुआती जाँच और अधिकारियों के बयानों के अनुसार, यह परिवार साड़ी बनाने और संग्रहण का काम करता था। घर के भीतर लगभग 10 टन साड़ियां रखी हुई थीं। पूर्व मेयर दक्षेशभाई मावानी ने बताया कि घर इतना छोटा था कि साड़ियों के ढेर के बीच चलने-फिरने तक की जगह नहीं थी। बड़ी मात्रा में कपड़ों की मौजूदगी के कारण आग तेजी से फैली और घना धुआं भर गया।1
- Post by GUJARAT MANTRA NEWS1
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- सूरत (जोलवा): सूरत जिले के जोलवा गांव में विकास के नाम पर सरकारी धन की बर्बादी और ठेकेदार की मनमानी का एक बड़ा मामला सामने आया है। गांव में नवनिर्मित आरसीसी (RCC) रोड अपनी गुणवत्ता और अधूरे निर्माण को लेकर विवादों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रोड निर्माण में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर जनता की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। *खोदा पहाड़, निकली चुहिया: खुदाई 40 फीट, रोड मात्र 20 फीट* ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन द्वारा रोड बनाने के लिए 30 से 40 फीट चौड़ी खुदाई की गई थी। लोगों को उम्मीद थी कि अब गांव को एक चौड़ा और सुगम रास्ता मिलेगा। लेकिन जब निर्माण कार्य संपन्न हुआ, तो असलियत कुछ और ही निकली। * हैरानी की बात यह है कि इतनी चौड़ी खुदाई के बावजूद रोड मात्र 20 फीट का ही बनाया गया। * किनारों पर लगाए गए 2 फुट के ब्लॉक भी पूरी तरह बेअसर साबित हो रहे हैं। * बाकी बची हुई जगह को गहरा और खुला छोड़ दिया गया है, जो अब राहगीरों के लिए मौत का गड्ढा बन चुकी है। अभी रोड का उद्घाटन हुए कुछ ही समय बीता है और सड़क पर दरारें दिखाई देने लगी हैं। यह निर्माण कार्य की घटिया गुणवत्ता और मटेरियल में की गई हेराफेरी की ओर साफ इशारा कर रहा है। सड़क के किनारे छोड़े गए गहरे गड्ढों के कारण आए दिन वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। *"जब रोड इतना पतला ही बनाना था, तो इतनी बड़ी खुदाई करके उसे खुला क्यों छोड़ दिया गया? क्या प्रशासन किसी बड़ी जानलेवा दुर्घटना का इंतज़ार कर रहा है?"* — एक स्थानीय ग्रामीण का आक्रोश प्रशासन और कॉन्टैक्टर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल स्थानीय जनता के बीच अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या सरकारी काम में ऐसी लापरवाही आम बात हो गई है? लोगों का सीधा आरोप है कि कॉन्टैक्टर अपनी जेब भरने के चक्कर में काम अधूरा और घटिया छोड़कर 'रफूचक्कर' होने की फिराक में है। मुख्य सवाल जो जवाब मांगते हैं: * इतनी ज्यादा चौड़ाई में खुदाई करने के बाद उसे वैसे ही क्यों छोड़ दिया गया? * नए बने आरसीसी रोड में अभी से दरारें पड़ने के पीछे कौन जिम्मेदार है? * क्या दोषी ठेकेदार के खिलाफ जिला प्रशासन कोई सख्त कार्यवाही करेगा? जोलवा के निवासी अब मांग कर रहे हैं कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और सड़क के किनारे पड़े गड्ढों को तुरंत भरकर रोड को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि किसी की जान न जाए। सूरत के ग्रामीण विस्तार से नरेंद्र पटेल की रिपोर्ट1
- सूरत विस्तार आजाद नगर में जमीन विवाद में लड़ाई इतना बढ़ गया कि कमिश्नर तक जाना पड़ा1
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