Shuru
Apke Nagar Ki App…
अभिषेक कुमार ई-मीडिया ने देश में व्याप्त एक महत्वपूर्ण सामाजिक विरोधाभास की ओर ध्यान आकर्षित किया है, जहाँ 70 वर्ष की आयु के लोग मंत्री पद प्राप्त कर रहे हैं, वहीं 30 वर्ष की आयु के युवा रोजगार के बिना हैं और बेरोजगार बने हुए हैं।
Abhishek Kumar eMedia
अभिषेक कुमार ई-मीडिया ने देश में व्याप्त एक महत्वपूर्ण सामाजिक विरोधाभास की ओर ध्यान आकर्षित किया है, जहाँ 70 वर्ष की आयु के लोग मंत्री पद प्राप्त कर रहे हैं, वहीं 30 वर्ष की आयु के युवा रोजगार के बिना हैं और बेरोजगार बने हुए हैं।
More news from बिहार and nearby areas
- पिता ने किया पुत्र को लॉन्च , धर्म के साथ कमाई भी Abhishek Kumar eMedia पिता ने किया पुत्र को लॉन्च , धर्म के साथ कमाई भी Abhishek Kumar eMedia1
- बिहार में विकलांग व्यक्तियों के लिए आवंटित धनराशि अभी तक उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। आरोप लगाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब से 'गया समाज चौधरी' को भेजा है, तब से विकलांगों के लिए निर्धारित यह पैसा भेजा ही नहीं गया है। इस गंभीर स्थिति पर सवाल उठ रहा है कि क्या यह सारा धन घोटाले के जरिए हड़पा जा रहा है।1
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा थाना क्षेत्र के टाल गांव में एक 30 वर्षीय विवाहिता की हत्या कर उसके शव को जला देने का मामला दर्ज किया गया है। यह प्रकरण हसपुरा थाने में दर्ज किया गया है।1
- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन पर उनके आवास पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद से सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। गुरुवार को हुए इस कार्यक्रम में लोक गायक छोटू छलिया द्वारा सोहर गाने और कथित तौर पर हीरे के कंगन दिए जाने की चर्चाओं ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। इस पूरे मामले को लेकर विभिन्न तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, वहीं राजद खेमा इसे विपक्ष की एक गहरी साजिश और मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दे रहा है। इसी बीच, राजद एमएलसी सुनील सिंह के बयान ने चर्चाओं को एक नया मोड़ दिया है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी कभी हीरे के कंगन नहीं पहनती हैं और उनके पास ऐसा कोई कंगन नहीं है। इस बयान के बाद यह मामला और भी तूल पकड़ता दिख रहा है। शुक्रवार दोपहर लगभग 2:00 बजे पीरो, चरपोखरी सहित पूरे इलाके में इस मुद्दे पर गरमागरम बहस जारी थी। स्थानीय लोग इसे अलग-अलग तरह से देख रहे हैं, कुछ इसे राजनीतिक रंग दे रहे हैं तो कुछ इसे एक सामान्य सांस्कृतिक कार्यक्रम की खुशी मान रहे हैं। राजद समर्थकों का कहना है कि लालू प्रसाद यादव हमेशा से गरीबों, पिछड़ों और वंचितों की आवाज रहे हैं, और उनके बढ़ते जनसमर्थन से घबराकर विपक्ष इस तरह के बेबुनियाद मुद्दे उछाल रहा है। पीरो में यह साफ देखा जा सकता है कि तमाम विवादों के बावजूद लालू यादव की लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ा है। उनके समर्थक आज भी मजबूती से उनके साथ खड़े हैं और क्षेत्र में "लालू नाम ही काफी है" का नारा लगातार गूँज रहा है, जो गरीबों के इस मसीहा पर उनके अटूट भरोसे को दर्शाता है।1
- मधेपुरा जिले से प्रशिक्षण लेकर लौट रहे दरोगा नीरज कुमार का सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन हो गया, जिसके बाद शनिवार को गया जिले के कोंच थाना क्षेत्र स्थित उनके पैतृक गांव डिहुरी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके इस असामयिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। अंतिम विदाई के इस अवसर पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशांत कुमार चंचल, सर्किल इंस्पेक्टर अर्जुन प्रसाद, और कोंच थाना अध्यक्ष सुदेह कुमार सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे। पुलिस बल द्वारा दिवंगत दरोगा को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी गई, और तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस भावुक क्षण में बड़ी संख्या में ग्रामीण, परिजन, जनप्रतिनिधि और शुभचिंतक उपस्थित थे। सभी ने नम आंखों से नीरज कुमार को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। ग्रामीणों ने बताया कि नीरज कुमार एक मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी थे, और उनकी आकस्मिक मृत्यु से गांव ने अपना एक होनहार पुत्र खो दिया है। उनकी अंतिम यात्रा में भारी भीड़ उमड़ी, और "नीरज कुमार अमर रहें" के नारों के बीच उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। पुलिस अधिकारियों ने इस दौरान दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।1
- Post by CHANDAN KUMAR1
- गाँव में आकर मुख्य सरपंच को देखने का आग्रह किया गया है। यह आमंत्रण या जानकारी दी गई है कि मुख्य सरपंच गाँव में उपस्थित हैं।1
- अभिषेक कुमार ई-मीडिया ने देश में व्याप्त एक महत्वपूर्ण सामाजिक विरोधाभास की ओर ध्यान आकर्षित किया है, जहाँ 70 वर्ष की आयु के लोग मंत्री पद प्राप्त कर रहे हैं, वहीं 30 वर्ष की आयु के युवा रोजगार के बिना हैं और बेरोजगार बने हुए हैं।1