बिलासपुर में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने प्राथमिक शाला तारबाहर के विद्यार्थियों के साथ सीड बॉल निर्माण गतिविधि में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ मिलकर सीड बॉल तैयार किए और उन्हें प्रकृति संरक्षण तथा पौधरोपण के महत्व से अवगत कराया। इस अवसर पर संयुक्त संचालक श्री अनिल तिवारी भी मौजूद रहे। श्री अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल शासन-प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की, साथ ही बताया कि सीड बॉल प्रकृति को हरा-भरा बनाने का एक आसान और प्रभावी तरीका है। वर्षा ऋतु में इन सीड बॉल को खुले स्थानों पर डालने से बीज अंकुरित होकर पौधे बन सकते हैं, जिससे हरित क्षेत्र का विस्तार होगा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को मिट्टी, गोबर खाद और बीजों के मिश्रण से सीड बॉल बनाने की विधि सिखाई गई, जिसमें विद्यार्थियों ने खूब उत्साह दिखाया। इस दौरान श्री अग्रवाल ने बच्चों से पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर संवाद किया और उन्हें जल संरक्षण, स्वच्छता एवं जैव विविधता के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना आवश्यक है, क्योंकि वे ही भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के सशक्त माध्यम बनेंगे। विद्यालय स्तर पर ऐसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना जगाने के साथ-साथ उन्हें प्रकृति से जोड़ने का काम करती हैं। विद्यार्थियों ने सीड बॉल निर्माण में रुचि दिखाते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
बिलासपुर में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने प्राथमिक शाला तारबाहर के विद्यार्थियों के साथ सीड बॉल निर्माण गतिविधि में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ मिलकर सीड बॉल तैयार किए और उन्हें प्रकृति संरक्षण तथा पौधरोपण के महत्व से अवगत कराया। इस अवसर पर संयुक्त संचालक श्री अनिल तिवारी भी मौजूद रहे। श्री अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल शासन-प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की, साथ ही बताया कि सीड बॉल प्रकृति को हरा-भरा बनाने का एक आसान और प्रभावी तरीका है। वर्षा ऋतु में इन सीड बॉल को खुले स्थानों पर डालने से बीज अंकुरित होकर पौधे बन सकते हैं, जिससे हरित क्षेत्र का विस्तार होगा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को मिट्टी, गोबर खाद और बीजों के मिश्रण से सीड बॉल बनाने की विधि सिखाई गई, जिसमें विद्यार्थियों ने खूब उत्साह दिखाया। इस दौरान श्री अग्रवाल ने बच्चों से पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर संवाद किया और उन्हें जल संरक्षण, स्वच्छता एवं जैव विविधता के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना आवश्यक है, क्योंकि वे ही भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के सशक्त माध्यम बनेंगे। विद्यालय स्तर पर ऐसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना जगाने के साथ-साथ उन्हें प्रकृति से जोड़ने का काम करती हैं। विद्यार्थियों ने सीड बॉल निर्माण में रुचि दिखाते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
- बिलासपुर में पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने प्राथमिक शाला तारबाहर के विद्यार्थियों के साथ सीड बॉल निर्माण गतिविधि में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ मिलकर सीड बॉल तैयार किए और उन्हें प्रकृति संरक्षण तथा पौधरोपण के महत्व से अवगत कराया। इस अवसर पर संयुक्त संचालक श्री अनिल तिवारी भी मौजूद रहे। श्री अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल शासन-प्रशासन की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की, साथ ही बताया कि सीड बॉल प्रकृति को हरा-भरा बनाने का एक आसान और प्रभावी तरीका है। वर्षा ऋतु में इन सीड बॉल को खुले स्थानों पर डालने से बीज अंकुरित होकर पौधे बन सकते हैं, जिससे हरित क्षेत्र का विस्तार होगा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को मिट्टी, गोबर खाद और बीजों के मिश्रण से सीड बॉल बनाने की विधि सिखाई गई, जिसमें विद्यार्थियों ने खूब उत्साह दिखाया। इस दौरान श्री अग्रवाल ने बच्चों से पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर संवाद किया और उन्हें जल संरक्षण, स्वच्छता एवं जैव विविधता के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना आवश्यक है, क्योंकि वे ही भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के सशक्त माध्यम बनेंगे। विद्यालय स्तर पर ऐसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना जगाने के साथ-साथ उन्हें प्रकृति से जोड़ने का काम करती हैं। विद्यार्थियों ने सीड बॉल निर्माण में रुचि दिखाते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।1
- बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र में पुराने विवाद को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। वार्ड क्रमांक 58 की महिलाओं ने एकजुट होकर प्रशासन और पुलिस को एक शिकायत पत्र सौंपा है, जिसमें क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा कुछ संदिग्ध लोगों की गतिविधियों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाया है कि बाहरी लड़कों को बुलाकर मारपीट की जा रही है, जिससे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल है। जानकारी के अनुसार, लगभग छह महीने पहले इसी क्षेत्र में शिवलिंग के कथित अपमान को लेकर एक बड़ा विवाद उत्पन्न हुआ था। वह मामला पुलिस थाने तक पहुंचा था, जिसके बाद पुलिस ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई भी की थी। अब एक बार फिर क्षेत्र की महिलाओं ने मोहल्ले की संवेदनशील स्थिति की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मोहल्ले में रहने वाले कुछ स्थानीय लोग बाहरी व्यक्तियों को ठहरा रहे हैं, जिनकी संदिग्ध गतिविधियों के कारण पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में डर व्याप्त है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने की गुहार लगाई है।1
- कोरबा जिले से एक नई रेल लाइन गुजरने वाली है, जो जिले के कुल 33 गांवों से होकर निकलेगी। इस परियोजना के मद्देनजर, इन 33 गांवों में भूमि की खरीदी-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।1
- कोरबा जिले के उरगा क्षेत्र के मड़वारानी में अवैध रेत खनन के दौरान एक ट्रैक्टर पलट गया। इस भीषण दुर्घटना में शिवकुमार पटेल नामक व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब रेत खनन पर प्रतिबंध लगा हुआ है, जिससे प्रतिबंध के बावजूद क्षेत्र में धड़ल्ले से जारी रेत तस्करी की गतिविधियों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1
- किसान अब पारम्परिक खेती के तरीकों से आगे बढ़कर उन्नत और मिश्रित खेती की ओर अपना रुख कर रहे हैं।1
- जांजगीर-चांपा जिले में रामबांधा तालाब की सफाई का काम एक बार फिर से शुरू हो गया है। यह कार्रवाई 'सलवा जुडूम मीडिया' की एक विशेष रिपोर्ट के प्रभाव के बाद हुई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस मामले से जुड़े कई सवाल अभी भी बरकरार हैं।1
- सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक स्थित उच्चपिण्डा में आर.के.एम. पावरजेन प्राइवेट लिमिटेड ने दिव्यांगजनों के जीवन को सुगम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। अपनी सामाजिक दायित्व (CSR) विभाग के अंतर्गत, कंपनी ने चार दिव्यांगजनों को बैटरी संचालित तिपहिया साइकिलें वितरित कीं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को बेहतर गतिशीलता प्रदान करना, उनकी दैनिक गतिविधियों को आसान बनाना और उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त करना है, जिससे उनकी दूसरों पर निर्भरता भी कम होगी। उच्चपिण्डा स्थित 4x360 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जिन चार लाभार्थियों को बैटरी संचालित तिपहिया साइकिलें प्रदान की गईं, उनमें बांधापाली से रूपचंद बघेल और कुमारी बघेल, केकराभाठ से संजू कुमार पटेल, और कानाकोट से मोहन मोती शामिल रहे। इस अवसर पर ग्राम पंचायत बांधापाली, केकराभाठ और निमोही के सरपंच भी उपस्थित रहे, साथ ही सभी लाभार्थी अपने परिवार के एक सदस्य के साथ इस कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्लांट हेड श्री हरिनाथ चक्रवर्ती ने की, और इस दौरान जी.एम. लाइजनिंग श्री प्रमोद गायकवाड़ तथा एच.आर. डी.जी.एम. श्री अजय कुमार शर्मा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम का समन्वय एवं संचालन सी.एस.आर. विभाग के वरिष्ठ अधिकारी श्री अखिल पारासेट एवं श्री अश्वनी पटेल द्वारा किया गया। अपने संबोधन में प्लांट हेड श्री हरिनाथ चक्रवर्ती ने कहा कि आर.के.एम. पावरजेन प्राइवेट लिमिटेड सामाजिक विकास एवं सामुदायिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, और भविष्य में भी सी.एस.आर. गतिविधियों के माध्यम से जरूरतमंद समुदायों के जीवन स्तर में सुधार हेतु निरंतर कार्य करते रहेंगे।1
- बिलासपुर में सेंट जेवियर दुष्कर्म कांड के विरोध में इंसाफ की हुंकार भरी गई। इस दौरान, कलेक्ट्रेट का घेराव किया गया, जिसमें घटना के दोषी को तत्काल फांसी देने की जोरदार मांग उठाई गई।1