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निवाड़ी गांव में आवासीय पट्टों को लेकर ग्रामीण ने की डीएम से शिकायत, ग्राम प्रधान व लेखपाल की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल आवासीय पट्टों पर बड़ा सवाल! पात्रों को दरकिनार कर अपात्रों को पट्टा देने का आरोप निवाड़ी गांव में आवासीय पट्टों को लेकर डीएम से शिकायत, ग्राम प्रधान व लेखपाल की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल कालपी/जालौन ग्राम पंचायत बरदौली परगना कालपी के मजरा निवाड़ी में आवासीय पट्टों के आवंटन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम निवासी रामसिंह पुत्र स्व. श्यामलाल ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि गांव में गाटा संख्या 202, 141, 180 और 172/1 में किए गए आवासीय पट्टों के संबंध में न तो खुली बैठक की गई और न ही आमजन को इसकी सूचना दी गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पात्र लोगों को दरकिनार कर कथित रूप से अपात्र लोगों को आवासीय पट्टे दिए गए। शिकायत में शीलादेवी पत्नी स्व. मान सिंह, रित्ता पत्नी स्व. अखिलेश, रामा पत्नी स्व. कृपाल और कुसुमकली पत्नी स्व. मोहन सिंह जैसी महिलाओं को पात्र होने के बावजूद पट्टे से वंचित किए जाने की बात कही गई है। शिकायत में ग्राम प्रधान और लेखपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि ग्राम प्रधान ने अपने सगे देवर संजय पुत्र गयाप्रसाद को आवासीय पट्टा दे दिया, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार संजय के पास पहले से लगभग 30 बीघा कृषि भूमि और कई आवासीय मकान हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि शिवकान्ती के नाम आवासीय पट्टा किए जाने के बावजूद वह संपन्न परिवार से हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक उनके पति संपन्न हैं, ससुर के नाम करीब 20 बीघा जमीन और तीन मकान हैं। इसी तरह गांव की लड़की आखरीन पुत्री शकील के विवाह के बाद उसके नाम भी आवासीय पट्टा किए जाने पर सवाल उठाया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल— क्या वास्तव में आवासीय पट्टों के लिए खुली बैठक और सार्वजनिक सूचना दी गई थी? यदि दी गई थी तो उसकी कार्यवाही और प्रस्ताव कहां है? क्या पट्टा पाने वाले सभी लोग सरकारी नियमों के अनुसार पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं? यदि किसी के पास पहले से जमीन और पक्का मकान है तो उसे आवासीय पट्टा किस आधार पर मिला? पात्र महिलाओं को कथित रूप से पट्टे से बाहर क्यों रखा गया? क्या ग्राम प्रधान और लेखपाल ने नियमों के अनुसार पूरी प्रक्रिया अपनाई? क्या राजस्व विभाग द्वारा मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया? यदि शिकायत सही पाई जाती है तो अपात्रों को दिए गए पट्टे निरस्त होंगे या नहीं? शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक विवादित पट्टे वाली जमीन पर कब्जा किए जाने से रोकने की मांग की है। अब निगाहें जिला प्रशासन की जांच पर टिकी हैं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही साबित होते हैं तो यह मामला सिर्फ पट्टा आवंटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पंचायत स्तर पर सरकारी जमीन के आवंटन की पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।

2 hrs ago
user_RC Rajpoot पत्रकार
RC Rajpoot पत्रकार
Advertising agency उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

निवाड़ी गांव में आवासीय पट्टों को लेकर ग्रामीण ने की डीएम से शिकायत, ग्राम प्रधान व लेखपाल की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल आवासीय पट्टों पर बड़ा सवाल! पात्रों को दरकिनार कर अपात्रों को पट्टा देने का आरोप निवाड़ी गांव में आवासीय पट्टों को लेकर डीएम से शिकायत, ग्राम प्रधान व लेखपाल की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल कालपी/जालौन ग्राम पंचायत बरदौली परगना कालपी के मजरा निवाड़ी में आवासीय पट्टों के आवंटन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम निवासी रामसिंह पुत्र स्व. श्यामलाल ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि गांव में गाटा संख्या 202, 141, 180 और 172/1 में किए गए आवासीय पट्टों के संबंध में न तो खुली बैठक की गई और न ही आमजन को इसकी सूचना दी गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पात्र लोगों को दरकिनार कर कथित रूप से अपात्र लोगों को आवासीय पट्टे दिए गए। शिकायत में शीलादेवी पत्नी स्व. मान सिंह, रित्ता पत्नी स्व. अखिलेश, रामा पत्नी स्व. कृपाल और कुसुमकली पत्नी स्व. मोहन सिंह जैसी महिलाओं को पात्र होने के बावजूद पट्टे से वंचित किए जाने की बात कही गई है। शिकायत में ग्राम प्रधान और लेखपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि ग्राम प्रधान ने अपने सगे देवर संजय पुत्र गयाप्रसाद को आवासीय पट्टा दे दिया, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार संजय के पास पहले से लगभग 30 बीघा कृषि भूमि और कई आवासीय मकान हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि शिवकान्ती के नाम आवासीय पट्टा किए जाने के बावजूद वह संपन्न परिवार से हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक उनके पति संपन्न हैं, ससुर के नाम करीब 20 बीघा जमीन और तीन मकान हैं। इसी तरह गांव की लड़की आखरीन पुत्री शकील के विवाह के बाद उसके नाम भी आवासीय पट्टा किए जाने पर सवाल उठाया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल— क्या वास्तव में आवासीय पट्टों के लिए खुली बैठक और सार्वजनिक सूचना दी गई थी? यदि दी गई थी तो उसकी कार्यवाही और प्रस्ताव कहां है? क्या पट्टा पाने वाले सभी लोग सरकारी नियमों के अनुसार पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं? यदि किसी के पास पहले से जमीन और पक्का मकान है तो उसे आवासीय पट्टा किस आधार पर मिला? पात्र महिलाओं को कथित रूप से पट्टे से बाहर क्यों रखा गया? क्या ग्राम प्रधान और लेखपाल ने नियमों के अनुसार पूरी प्रक्रिया अपनाई? क्या राजस्व विभाग द्वारा मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया? यदि शिकायत सही पाई जाती है तो अपात्रों को दिए गए पट्टे निरस्त होंगे या नहीं? शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक विवादित पट्टे वाली जमीन पर कब्जा किए जाने से रोकने की मांग की है। अब निगाहें जिला प्रशासन की जांच पर टिकी हैं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही साबित होते हैं तो यह मामला सिर्फ पट्टा आवंटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पंचायत स्तर पर सरकारी जमीन के आवंटन की पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।

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    निवाड़ी गांव में आवासीय पट्टों को लेकर ग्रामीण ने की डीएम से शिकायत, ग्राम प्रधान व लेखपाल की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
आवासीय पट्टों पर बड़ा सवाल! पात्रों को दरकिनार कर अपात्रों को पट्टा देने का आरोप
निवाड़ी गांव में आवासीय पट्टों को लेकर डीएम से शिकायत, ग्राम प्रधान व लेखपाल की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
कालपी/जालौन ग्राम पंचायत बरदौली परगना कालपी के मजरा निवाड़ी में आवासीय पट्टों के आवंटन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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इसी तरह गांव की लड़की आखरीन पुत्री शकील के विवाह के बाद उसके नाम भी आवासीय पट्टा किए जाने पर सवाल उठाया गया है।
अब सबसे बड़ा सवाल—
क्या वास्तव में आवासीय पट्टों के लिए खुली बैठक और सार्वजनिक सूचना दी गई थी?
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क्या पट्टा पाने वाले सभी लोग सरकारी नियमों के अनुसार पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं?
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पात्र महिलाओं को कथित रूप से पट्टे से बाहर क्यों रखा गया?
क्या ग्राम प्रधान और लेखपाल ने नियमों के अनुसार पूरी प्रक्रिया अपनाई?
क्या राजस्व विभाग द्वारा मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया?
यदि शिकायत सही पाई जाती है तो अपात्रों को दिए गए पट्टे निरस्त होंगे या नहीं?
शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक विवादित पट्टे वाली जमीन पर कब्जा किए जाने से रोकने की मांग की है।
अब निगाहें जिला प्रशासन की जांच पर टिकी हैं।
यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही साबित होते हैं तो यह मामला सिर्फ पट्टा आवंटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पंचायत स्तर पर सरकारी जमीन के आवंटन की पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।
    user_RC Rajpoot पत्रकार
    RC Rajpoot पत्रकार
    Advertising agency उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश बना इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का नया हब लखनऊ। योगी सरकार की निवेश-हितैषी नीतियों और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के चलते उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में बढ़ते निवेश से आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों को नई गति मिल रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हो रहे निवेश से उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसरों के द्वार भी खुल रहे हैं। सरकार का फोकस अत्याधुनिक तकनीक, बेहतर औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर है। तेजी से विकसित हो रहा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम उत्तर प्रदेश को देश की टेक्नोलॉजी ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी गति मिल रही है।
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    उत्तर प्रदेश बना इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का नया हब
लखनऊ। योगी सरकार की निवेश-हितैषी नीतियों और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के चलते उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में बढ़ते निवेश से आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों को नई गति मिल रही है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हो रहे निवेश से उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसरों के द्वार भी खुल रहे हैं। सरकार का फोकस अत्याधुनिक तकनीक, बेहतर औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर है। तेजी से विकसित हो रहा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम उत्तर प्रदेश को देश की टेक्नोलॉजी ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। 
इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी गति मिल रही है।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • आवास आवंटन में धांधली का आरोप: बिना खुली बैठक और मुनादी के अपात्रों को बांटे गए पट्टे ​ग्राम बरदौली के मजरा निवाड़ी का मामला; ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग ​संपन्न और प्रधान के परिजनों को पट्टा देने का आरोप, पात्र विधवा महिलाएं दरकिनार ​कालपी (जालौन)। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरदौली के मजरा निवाड़ी में आवासीय पट्टों के आवंटन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। गांव में गाटा संख्या 202, 141, 180 और 172/1 में किए गए पट्टा आवंटन को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ​ग्राम निवासी रामसिंह पुत्र स्वर्गीय श्यामलाल ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर आरोप लगाया है कि पट्टा आवंटन की पूरी प्रक्रिया में नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि न तो गांव में कोई खुली बैठक बुलाई गई और न ही ग्रामीणों को इसकी पूर्व सूचना या मुनादी कराई गई। आरोप है कि ग्राम प्रधान और हल्का लेखपाल की मिलीभगत से कागजों में ही पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई। ​पात्रों को दरकिनार कर चहेतों पर मेहरबानी ​शिकायत में कहा गया है कि गांव की अत्यंत गरीब और जरूरतमंद विधवा महिलाओं शीलादेवी पत्नी स्व. मान सिंह, रित्ता पत्नी स्व. अखिलेश, रामा पत्नी स्व. कृपाल तथा कुसुमकली पत्नी स्व. मोहन सिंह को पात्रता सूची से बाहर कर दिया गया। ​दूसरी ओर, ग्राम प्रधान पर अपने सगे देवर संजय पुत्र गयाप्रसाद को पट्टा आवंटित करने का सीधा आरोप लगा है। शिकायतकर्ता के अनुसार संजय के पास पहले से ही लगभग 30 बीघा कृषि भूमि और कई आवासीय मकान मौजूद हैं। इसके अलावा गांव के संपन्न परिवारों जैसे शिवकान्ती (जिनके पति संपन्न हैं और ससुर के नाम 20 बीघा जमीन व तीन मकान हैं) और विवाह के बाद अन्यत्र जा चुकी लड़की आखरीन पुत्री शकील के नाम भी पट्टे जारी करने पर सवाल खड़े किए गए हैं। ​प्रशासन के सामने खड़े हुए तीखे सवाल ​पूरे मामले को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि पट्टों के आवंटन के लिए खुली बैठक और मुनादी कराई गई थी, तो उसकी कार्यवाही का आधिकारिक प्रस्ताव और रजिस्टर कहां है। 20 से 30 बीघा जमीन और पक्के मकान वाले लोगों को किस आधार पर आवासहीन घोषित कर पट्टा जारी किया गया, जबकि प्राथमिक सूची में शामिल असहाय और गरीब विधवा महिलाओं को प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। इसके साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर जाकर कोई भौतिक सत्यापन किया था या केवल कागजी खानापूरी की गई। ​जांच पूरी होने तक कब्जे पर रोक की मांग ​शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच पूरी होने तक विवादित गाटा संख्याओं पर किसी भी प्रकार के निर्माण या कब्जे पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। ​अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमों के विरुद्ध किए गए पट्टे रद्द होना तय माना जा रहा है, साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों व प्रतिनिधियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।
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    आवास आवंटन में धांधली का आरोप: बिना खुली बैठक और मुनादी के अपात्रों को बांटे गए पट्टे
​ग्राम बरदौली के मजरा निवाड़ी का मामला; ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग
​संपन्न और प्रधान के परिजनों को पट्टा देने का आरोप, पात्र विधवा महिलाएं दरकिनार
​कालपी (जालौन)। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरदौली के मजरा निवाड़ी में आवासीय पट्टों के आवंटन को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। गांव में गाटा संख्या 202, 141, 180 और 172/1 में किए गए पट्टा आवंटन को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
​ग्राम निवासी रामसिंह पुत्र स्वर्गीय श्यामलाल ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर आरोप लगाया है कि पट्टा आवंटन की पूरी प्रक्रिया में नियमों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि न तो गांव में कोई खुली बैठक बुलाई गई और न ही ग्रामीणों को इसकी पूर्व सूचना या मुनादी कराई गई। आरोप है कि ग्राम प्रधान और हल्का लेखपाल की मिलीभगत से कागजों में ही पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
​पात्रों को दरकिनार कर चहेतों पर मेहरबानी
​शिकायत में कहा गया है कि गांव की अत्यंत गरीब और जरूरतमंद विधवा महिलाओं शीलादेवी पत्नी स्व. मान सिंह, रित्ता पत्नी स्व. अखिलेश, रामा पत्नी स्व. कृपाल तथा कुसुमकली पत्नी स्व. मोहन सिंह को पात्रता सूची से बाहर कर दिया गया।
​दूसरी ओर, ग्राम प्रधान पर अपने सगे देवर संजय पुत्र गयाप्रसाद को पट्टा आवंटित करने का सीधा आरोप लगा है। शिकायतकर्ता के अनुसार संजय के पास पहले से ही लगभग 30 बीघा कृषि भूमि और कई आवासीय मकान मौजूद हैं। इसके अलावा गांव के संपन्न परिवारों जैसे शिवकान्ती (जिनके पति संपन्न हैं और ससुर के नाम 20 बीघा जमीन व तीन मकान हैं) और विवाह के बाद अन्यत्र जा चुकी लड़की आखरीन पुत्री शकील के नाम भी पट्टे जारी करने पर सवाल खड़े किए गए हैं।
​प्रशासन के सामने खड़े हुए तीखे सवाल
​पूरे मामले को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि पट्टों के आवंटन के लिए खुली बैठक और मुनादी कराई गई थी, तो उसकी कार्यवाही का आधिकारिक प्रस्ताव और रजिस्टर कहां है। 20 से 30 बीघा जमीन और पक्के मकान वाले लोगों को किस आधार पर आवासहीन घोषित कर पट्टा जारी किया गया, जबकि प्राथमिक सूची में शामिल असहाय और गरीब विधवा महिलाओं को प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। इसके साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर जाकर कोई भौतिक सत्यापन किया था या केवल कागजी खानापूरी की गई।
​जांच पूरी होने तक कब्जे पर रोक की मांग
​शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच पूरी होने तक विवादित गाटा संख्याओं पर किसी भी प्रकार के निर्माण या कब्जे पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
​अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमों के विरुद्ध किए गए पट्टे रद्द होना तय माना जा रहा है, साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों व प्रतिनिधियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक सकती है।
    user_Ravindra Gautam
    Ravindra Gautam
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • 🎤तिरंगे के रंग में रंगा जालौन,गूंजा ‘भारत माता की जय’ का जयघोष🖥️ 🇮🇳हर घर तिरंगा अभियान में उमड़ा जनसैलाब,पुलिस लाइन से टाउन हॉल तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा 🇮🇳 शहरवासियों ने पुष्पवर्षा कर बढ़ाया उत्साह जनपद जालौन, हाथों में लहराता तिरंगा, जुबां पर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ का जयघोष, देशभक्ति गीतों से गूंजता वातावरण और सड़क के दोनों ओर उमड़ा नागरिकों का उत्साह, सोमवार को जिला मुख्यालय उरई का नजारा देखते ही बन रहा था। हर घर तिरंगा अभियान के तहत निकली विशाल तिरंगा यात्रा ने पूरे शहर को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया। यात्रा में उमड़े जनसैलाब ने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देशप्रेम की भावना का जीवंत संदेश दिया। पुलिस लाइन परिसर से शुरू हुई विशाल तिरंगा यात्रा में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक घनश्याम अनुरागी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने सहभागिता की। तिरंगा यात्रा जिला परिषद, अंबेडकर चौराहा और शहीद भगत सिंह चौराहा होते हुए टाउन हॉल पहुंची। यात्रा के आगे बढ़ने के साथ ही शहर की फिजा देशभक्ति के जज्बे से भरती गई। ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ के गगनभेदी उद्घोष और ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा’ जैसे देशभक्ति गीतों ने वातावरण को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया। सड़क पर लहराते तिरंगों का दृश्य मानो स्वतंत्रता दिवस से पहले ही पूरे शहर को राष्ट्रीय पर्व के उत्सव में बदल रहा था। तिरंगा यात्रा में पुलिस, पीएसी, होमगार्ड, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट-गाइड, सफाई कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, छात्र-छात्राएं सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जालौन की एकजुट राष्ट्रभावना का विराट प्रदर्शन बन गई। यात्रा के मार्ग में शहरवासियों ने जगह-जगह आत्मीय स्वागत किया और पुष्पवर्षा कर तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों का उत्साह बढ़ाया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आयु वर्ग के लोगों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति का भाव स्पष्ट दिखाई दिया।विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है। इसके सम्मान में देश का प्रत्येक नागरिक भावनात्मक रूप से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है और इसमें सभी लोगों को पूरे उत्साह के साथ सहभागी बनना चाहिए। माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन ने कहा कि देश को आजादी सहज रूप से नहीं मिली, बल्कि इसके लिए असंख्य वीरों ने अपना जीवन न्योछावर किया। तिरंगे के सम्मान का अर्थ उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान का सम्मान करना भी है। कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है। आज की तिरंगा यात्रा ने जनपदवासियों के भीतर देशप्रेम की भावना को और मजबूत किया है। उन्होंने सभी नागरिकों से स्वतंत्रता दिवस को उत्साहपूर्वक मनाने और हर घर तिरंगा अभियान में सहभागिता करने की अपील की। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक घनश्याम अनुरागी ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देश के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को मजबूत करने वाला अभियान है। उन्होंने जनपदवासियों से अपने घरों पर तिरंगा फहराकर राष्ट्रीय पर्व में सहभागी बनने का आह्वान किया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत आज से 15 अगस्त तक जनपद में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वयंसेवी संगठनों एवं विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से अनेक देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज जिला मुख्यालय पर विशाल तिरंगा यात्रा आयोजित की गई है। इसका उद्देश्य केवल तिरंगा फहराना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को यह एहसास कराना है कि देश की आजादी के पीछे कितने संघर्ष, त्याग और बलिदान की लंबी गाथा छिपी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों तक का बलिदान दिया। उनका त्याग और योगदान राष्ट्र के इतिहास में सदैव अमर रहेगा। आजादी के इस अमूल्य उपहार की रक्षा करना और देश की एकता-अखंडता को मजबूत रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएं और स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व को पूरे उत्साह एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के गौरव का प्रतीक है और इसके सम्मान में पूरा जनपद एकजुट होकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे। पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने भी तिरंगा यात्रा में सहभागिता करते हुए राष्ट्रीय एकता, अखंडता और राष्ट्रध्वज के सम्मान का संदेश दिया। पुलिस लाइन से टाउन हॉल तक निकली इस विशाल तिरंगा यात्रा ने जालौन की धरती पर देशभक्ति की ऐसी छटा बिखेरी कि पूरा शहर तिरंगे के रंग में रंगा नजर आया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज, अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद सहित जनप्रतिनिधि छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। व्यूरो रिपोर्ट:जनपद जालौन से soni news के लिये अजय सोनी उरई
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    🎤तिरंगे के रंग में रंगा जालौन,गूंजा ‘भारत माता की जय’ का जयघोष🖥️
🇮🇳हर घर तिरंगा अभियान में उमड़ा जनसैलाब,पुलिस लाइन से टाउन हॉल तक निकली भव्य तिरंगा यात्रा
🇮🇳 शहरवासियों ने पुष्पवर्षा कर बढ़ाया उत्साह
जनपद जालौन,
हाथों में लहराता तिरंगा, जुबां पर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ का जयघोष, देशभक्ति गीतों से गूंजता वातावरण और सड़क के दोनों ओर उमड़ा नागरिकों का उत्साह, सोमवार को जिला मुख्यालय उरई का नजारा देखते ही बन रहा था। हर घर तिरंगा अभियान के तहत निकली विशाल तिरंगा यात्रा ने पूरे शहर को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया। यात्रा में उमड़े जनसैलाब ने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देशप्रेम की भावना का जीवंत संदेश दिया।
पुलिस लाइन परिसर से शुरू हुई विशाल तिरंगा यात्रा में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक घनश्याम अनुरागी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने सहभागिता की। तिरंगा यात्रा जिला परिषद, अंबेडकर चौराहा और शहीद भगत सिंह चौराहा होते हुए टाउन हॉल पहुंची। यात्रा के आगे बढ़ने के साथ ही शहर की फिजा देशभक्ति के जज्बे से भरती गई। ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ के गगनभेदी उद्घोष और ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा’ जैसे देशभक्ति गीतों ने वातावरण को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया। सड़क पर लहराते तिरंगों का दृश्य मानो स्वतंत्रता दिवस से पहले ही पूरे शहर को राष्ट्रीय पर्व के उत्सव में बदल रहा था। तिरंगा यात्रा में पुलिस, पीएसी, होमगार्ड, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट-गाइड, सफाई कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, छात्र-छात्राएं सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जालौन की एकजुट राष्ट्रभावना का विराट प्रदर्शन बन गई। यात्रा के मार्ग में शहरवासियों ने जगह-जगह आत्मीय स्वागत किया और पुष्पवर्षा कर तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों का उत्साह बढ़ाया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आयु वर्ग के लोगों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति का भाव स्पष्ट दिखाई दिया।विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है। इसके सम्मान में देश का प्रत्येक नागरिक भावनात्मक रूप से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है और इसमें सभी लोगों को पूरे उत्साह के साथ सहभागी बनना चाहिए।
माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन ने कहा कि देश को आजादी सहज रूप से नहीं मिली, बल्कि इसके लिए असंख्य वीरों ने अपना जीवन न्योछावर किया। तिरंगे के सम्मान का अर्थ उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान का सम्मान करना भी है।
कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है। आज की तिरंगा यात्रा ने जनपदवासियों के भीतर देशप्रेम की भावना को और मजबूत किया है। उन्होंने सभी नागरिकों से स्वतंत्रता दिवस को उत्साहपूर्वक मनाने और हर घर तिरंगा अभियान में सहभागिता करने की अपील की।
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक घनश्याम अनुरागी ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देश के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को मजबूत करने वाला अभियान है। उन्होंने जनपदवासियों से अपने घरों पर तिरंगा फहराकर राष्ट्रीय पर्व में सहभागी बनने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत आज से 15 अगस्त तक जनपद में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वयंसेवी संगठनों एवं विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से अनेक देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज जिला मुख्यालय पर विशाल तिरंगा यात्रा आयोजित की गई है। इसका उद्देश्य केवल तिरंगा फहराना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को यह एहसास कराना है कि देश की आजादी के पीछे कितने संघर्ष, त्याग और बलिदान की लंबी गाथा छिपी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों तक का बलिदान दिया। उनका त्याग और योगदान राष्ट्र के इतिहास में सदैव अमर रहेगा। आजादी के इस अमूल्य उपहार की रक्षा करना और देश की एकता-अखंडता को मजबूत रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएं और स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व को पूरे उत्साह एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के गौरव का प्रतीक है और इसके सम्मान में पूरा जनपद एकजुट होकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने भी तिरंगा यात्रा में सहभागिता करते हुए राष्ट्रीय एकता, अखंडता और राष्ट्रध्वज के सम्मान का संदेश दिया। पुलिस लाइन से टाउन हॉल तक निकली इस विशाल तिरंगा यात्रा ने जालौन की धरती पर देशभक्ति की ऐसी छटा बिखेरी कि पूरा शहर तिरंगे के रंग में रंगा नजर आया। 
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज, अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद सहित जनप्रतिनिधि छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
व्यूरो रिपोर्ट:जनपद जालौन से soni news के लिये अजय सोनी उरई
    user_SONI NEWS
    SONI NEWS
    Media company उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • गरीब की झोपड़ी पर कब पड़ेगी सरकार की नजर?, नदीगांव ब्लॉक के कुठौंदा गांव से गरीब परिवार की दर्दनाक दास्तान!! आवास योजना के दावों के बीच 50 वर्षों से कच्चे मकान में जिंदगी काटने को मजबूर भूमिहीन परिवार! (जालौन)नदीगांव सरकार की योजनाओं में गरीबों को पक्का आशियाना देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर तमाम सरकारी योजनाओं के जरिए जरूरतमंद परिवारों को छत उपलब्ध कराने की बात कही जाती है। लेकिन नदीगांव ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुठौंदा से सामने आई एक तस्वीर इन दावों पर कई सवाल खड़े कर रही है। गांव की रहने वाली मुन्नी देवी पत्नी स्वर्गीय बाबूराम लुहार का परिवार आज भी कच्चे मकान में रहने को मजबूर बताया जा रहा है। परिवार के मुताबिक उनके चार बच्चे थे, जिनमें एक बच्चे की मृत्यु हो चुकी है, जबकि तीन बच्चे मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। बताया गया कि परिवार भूमिहीन भी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब परिवार के पास अपनी जमीन तक नहीं है और आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर बताई जा रही है, तो आखिर उसे सरकारी आवास योजना का लाभ क्यों नहीं मिल सका? सबसे बड़ा सवाल—आखिर गरीब की सुनवाई क्यों नहीं? क्या गरीब परिवार वास्तव में आवास योजना के मानकों में पात्र नहीं है? अगर पात्र है तो अब तक आवास क्यों नहीं मिला? क्या जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने परिवार की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया? क्या ग्राम पंचायत स्तर पर आवास के लिए परिवार का नाम पात्रता सूची में शामिल किया गया? अगर नाम शामिल नहीं किया गया तो उसका कारण क्या है? क्या किसी जिम्मेदार अधिकारी ने इस परिवार के घर पहुंचकर उसकी स्थिति देखी? सरकार गरीबों को पक्की छत देने की बात कर रही है, लेकिन अगर वास्तव में कोई भूमिहीन और जरूरतमंद परिवार आज भी कच्चे मकान में रहने को मजबूर है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है? यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद तक पहुंच रहा है या नहीं, इस सवाल से भी जुड़ा है। वीडियो को अंत तक जरूर देखिए और सुनिए मुन्नी देवी के परिवार की पूरी दास्तान। क्या आपके गांव में भी ऐसा कोई गरीब परिवार है, जिसे पात्र होने के बावजूद अभी तक आवास नहीं मिला? कमेंट में गांव का नाम और समस्या जरूर बताइए। हमारी टीम मामले को सामने लाने का प्रयास करेगी। हो सकता है आपकी एक आवाज किसी जरूरतमंद परिवार के सिर पर पक्की छत दिलाने की वजह बन जाए। अब सवाल सिर्फ आवास का नहीं, सरकारी योजनाओं के वास्तविक लाभार्थी तक पहुंचने का है।
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    गरीब की झोपड़ी पर कब पड़ेगी सरकार की नजर?, नदीगांव ब्लॉक के कुठौंदा गांव से गरीब परिवार की दर्दनाक दास्तान!!
आवास योजना के दावों के बीच 50 वर्षों से कच्चे मकान में जिंदगी काटने को मजबूर  भूमिहीन परिवार!
(जालौन)नदीगांव
सरकार की योजनाओं में गरीबों को पक्का आशियाना देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। 
प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर तमाम सरकारी योजनाओं के जरिए जरूरतमंद परिवारों को छत उपलब्ध कराने की बात कही जाती है। 
लेकिन नदीगांव ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुठौंदा से सामने आई एक तस्वीर इन दावों पर कई सवाल खड़े कर रही है।
गांव की रहने वाली मुन्नी देवी पत्नी स्वर्गीय बाबूराम लुहार का परिवार आज भी कच्चे मकान में रहने को मजबूर बताया जा रहा है। 
परिवार के मुताबिक उनके चार बच्चे थे, जिनमें एक बच्चे की मृत्यु हो चुकी है, जबकि तीन बच्चे मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।
बताया गया कि परिवार भूमिहीन भी है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब परिवार के पास अपनी जमीन तक नहीं है और आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर बताई जा रही है, तो आखिर उसे सरकारी आवास योजना का लाभ क्यों नहीं मिल सका?
सबसे बड़ा सवाल—आखिर गरीब की सुनवाई क्यों नहीं?
क्या गरीब परिवार वास्तव में आवास योजना के मानकों में पात्र नहीं है?
अगर पात्र है तो अब तक आवास क्यों नहीं मिला?
क्या जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने परिवार की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया?
क्या ग्राम पंचायत स्तर पर आवास के लिए परिवार का नाम पात्रता सूची में शामिल किया गया?
अगर नाम शामिल नहीं किया गया तो उसका कारण क्या है?
क्या किसी जिम्मेदार अधिकारी ने इस परिवार के घर पहुंचकर उसकी स्थिति देखी?
सरकार गरीबों को पक्की छत देने की बात कर रही है, लेकिन अगर वास्तव में कोई भूमिहीन और जरूरतमंद परिवार आज भी कच्चे मकान में रहने को मजबूर है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद तक पहुंच रहा है या नहीं, इस सवाल से भी जुड़ा है।
वीडियो को अंत तक जरूर देखिए और सुनिए मुन्नी देवी के परिवार की पूरी दास्तान।
क्या आपके गांव में भी ऐसा कोई गरीब परिवार है, जिसे पात्र होने के बावजूद अभी तक आवास नहीं मिला?
कमेंट में गांव का नाम और समस्या जरूर बताइए। हमारी टीम मामले को सामने लाने का प्रयास करेगी। हो सकता है आपकी एक आवाज किसी जरूरतमंद परिवार के सिर पर पक्की छत दिलाने की वजह बन जाए। अब सवाल सिर्फ आवास का नहीं, सरकारी योजनाओं के वास्तविक लाभार्थी तक पहुंचने का है।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से बढ़ेगी सैन्य ताकत, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई उड़ान लखनऊ। उत्तर प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विस्तार से प्रदेश की रक्षा उत्पादन क्षमता को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। कॉरिडोर के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ आधुनिक सैन्य उपकरणों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को नए अवसर मिलेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने के साथ बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होने की संभावना है। रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में यह कॉरिडोर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आधुनिक हथियारों, रक्षा उपकरणों और तकनीकी उत्पादों के निर्माण से देश की सैन्य क्षमता मजबूत होगी और विदेशों से रक्षा सामग्री के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों के मुताबिक डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के जरिए निवेश, तकनीक और रोजगार के नए अवसरों का संगम तैयार होगा। इससे उत्तर प्रदेश रक्षा क्षेत्र में एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान और मजबूत कर सकता है।
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    डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से बढ़ेगी सैन्य ताकत, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई उड़ान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विस्तार से प्रदेश की रक्षा उत्पादन क्षमता को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। कॉरिडोर के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ आधुनिक सैन्य उपकरणों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को नए अवसर मिलेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने के साथ बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होने की संभावना है। रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में यह कॉरिडोर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आधुनिक हथियारों, रक्षा उपकरणों और तकनीकी उत्पादों के निर्माण से देश की सैन्य क्षमता मजबूत होगी और विदेशों से रक्षा सामग्री के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के जरिए निवेश, तकनीक और रोजगार के नए अवसरों का संगम तैयार होगा। इससे उत्तर प्रदेश रक्षा क्षेत्र में एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान और मजबूत कर सकता है।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सियार ने महिला और बालक पर बोला हमला, दोनों घायल ग्रामीणों के अनुसार दोनों पर हमला करने के बाद सियार बचाव के लिए पहुंचे लोगों की ओर भी झपटा। आटा। थाना क्षेत्र के परासन ग्राम पंचायत के मजरा कुइयाझोर में सोमवार शाम जंगली सियार ने अलग-अलग स्थानों पर एक महिला और एक बालक पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। चरवाहों और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह दोनों को सियार के चंगुल से छुड़ाया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर गांव के आसपास निगरानी कर रहे हैं। कुइयाझोर निवासी क्रांति (48) सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे खेत से चारा काटकर घर लौट रही थीं। गांव से करीब 400 मीटर पहले झाड़ियों से निकले सियार ने अचानक उन पर हमला कर दिया। सियार ने उनके हाथों में काट लिया, जिससे वह घायल हो गईं। महिला के शोर मचाने पर वहां से गुजर रहे चरवाहे मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को सूचना दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और सियार को खदेड़कर महिला को बचाया। इसी दिन कुइयाझोर निवासी छोटू (13) किसी काम से परासन गया था। शाम को वह पैदल गांव लौट रहा था। गांव से करीब एक किलोमीटर पहले उसी सियार ने उस पर भी हमला कर दिया। सियार ने बालक के सीने में काट लिया, जिससे वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। बालक की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद चरवाहे और ग्रामीण दौड़ पड़े और उसे भी सुरक्षित बचा लिया। ग्रामीणों के अनुसार दोनों पर हमला करने के बाद सियार बचाव के लिए पहुंचे लोगों की ओर भी झपटा। हालांकि ग्रामीणों की संख्या अधिक होने के कारण वह जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते लोग मौके पर नहीं पहुंचते तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी
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    सियार ने महिला और बालक पर बोला हमला, दोनों घायल ग्रामीणों के अनुसार दोनों पर हमला करने के बाद सियार बचाव के लिए पहुंचे लोगों की ओर भी झपटा।
आटा। थाना क्षेत्र के परासन ग्राम पंचायत के मजरा कुइयाझोर में सोमवार शाम जंगली सियार ने अलग-अलग स्थानों पर एक महिला और एक बालक पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। चरवाहों और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह दोनों को सियार के चंगुल से छुड़ाया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर गांव के आसपास निगरानी कर रहे हैं।
कुइयाझोर निवासी क्रांति (48) सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे खेत से चारा काटकर घर लौट रही थीं। गांव से करीब 400 मीटर पहले झाड़ियों से निकले सियार ने अचानक उन पर हमला कर दिया। सियार ने उनके हाथों में काट लिया, जिससे वह घायल हो गईं। महिला के शोर मचाने पर वहां से गुजर रहे चरवाहे मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को सूचना दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और सियार को खदेड़कर महिला को बचाया।
इसी दिन कुइयाझोर निवासी छोटू (13) किसी काम से परासन गया था। शाम को वह पैदल गांव लौट रहा था। गांव से करीब एक किलोमीटर पहले उसी सियार ने उस पर भी हमला कर दिया। सियार ने बालक के सीने में काट लिया, जिससे वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। बालक की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद चरवाहे और ग्रामीण दौड़ पड़े और उसे भी सुरक्षित बचा लिया।
ग्रामीणों के अनुसार दोनों पर हमला करने के बाद सियार बचाव के लिए पहुंचे लोगों की ओर भी झपटा। हालांकि ग्रामीणों की संख्या अधिक होने के कारण वह जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते लोग मौके पर नहीं पहुंचते तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी
    user_Gyanendra srivastav
    Gyanendra srivastav
    उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    53 min ago
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