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कोरिया जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री मोहित राम पैकरा की अध्यक्षता में एक सामान्य सभा की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में मुख्य रूप से अध्यक्ष श्री पैकरा ने अपनी भूमिका निभाई।
Jay dhirhi
कोरिया जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री मोहित राम पैकरा की अध्यक्षता में एक सामान्य सभा की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में मुख्य रूप से अध्यक्ष श्री पैकरा ने अपनी भूमिका निभाई।
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- बिलासपुर के कोनी में 200 करोड़ रुपये की लागत से बने सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार सुबह 10 बजे मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेता विजय केशरवानी ने कहा कि अस्पताल का विशाल भवन तो बनकर तैयार है, लेकिन इसके बावजूद मरीजों को यहाँ अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी है, जिसके कारण सुविधाएं मुहैया नहीं हो पा रही हैं। इस गंभीर कमी के चलते, आज भी गंभीर मरीजों को इलाज के लिए सिम्स, जिला अस्पताल या अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जा रहा है, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- बिलासपुर में 29 जून से 6 जुलाई तक सहकारी सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न गतिविधियों का संचालन होगा, जिसमें सदस्यता अभियान, संगोष्ठी, ड्रोन तकनीक पर चर्चा और वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।1
- बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में नाली में पेशाब करने जैसी मामूली बात पर हुए खूनी विवाद के मामले में पुलिस ने एक और फरार आरोपी, अमन अहिरवार उर्फ नाचू (24 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 25 अप्रैल 2026 की रात करीब 12 बजे प्रभात चौक, चिंगराजपारा में हुई थी, जिसमें सनत सारथी और चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस के अनुसार, प्रभात चौक निवासी सनत सारथी खाना खाने के बाद मोहल्ले में टहल रहे थे। इसी दौरान नाली में पेशाब करने की बात को लेकर विक्की अहिरवार और उसके साथियों ने पहले गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद हमलावरों ने लाठी, डंडे, मुक्के और चाकू से सनत सारथी पर जानलेवा हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे रेखा सारथी, बेटू विश्वकर्मा, सोनी सिंह ठाकुर और तिलक दास मानिकपुरी भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित की शिकायत पर सरकंडा थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक (सिविल लाइन) निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें लगभग 15 लोग मुंह ढंककर मारपीट करते दिखाई दिए थे। सघन जांच के बाद, पुलिस ने अब तक कुल 4 आरोपियों, जिनमें शैलेन्द्र रावत उर्फ बांडिया, दीपक निषाद उर्फ बुटु, दुर्गेश अहिरवार उर्फ सीनातान और नवीनतम गिरफ्तार अमन अहिरवार शामिल हैं, के साथ-साथ 7 अपचारी बालकों को भी गिरफ्तार किया है। फरार चल रहे अमन अहिरवार उर्फ नाचू को मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर उसके श्यामनगर, लिंगियाडीह स्थित ठिकाने से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल भेज दिया गया है।1
- बिलासपुर में नगर निगम ने नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू की है। निगम की टीम जब इस कार्रवाई के लिए पहुँची तो कुछ संचालकों के साथ विवाद की स्थिति भी बनी। इस अभियान के तहत होटल अशोका और कृषि कोचिंग सेंटर को सील कर दिया गया है, और पाँच से अधिक अन्य स्थानों पर भी निरीक्षण जारी है। निगम ने स्पष्ट किया है कि नियम तोड़ने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे शहर में हड़कंप मच गया है।1
- बिलासपुर जिले के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र स्थित कोनी में लगभग ₹200 करोड़ की लागत से निर्मित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की अधूरी स्वास्थ्य सेवाओं और संचालन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा गया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 29 अक्टूबर 2024 को इस अस्पताल का लोकार्पण किया जा चुका है और मुख्यमंत्री भी इसका निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल अब तक अपनी पूर्ण क्षमता के साथ संचालित नहीं हो सका है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि क्षेत्र के हजारों गरीब, मजदूर, किसान और आम नागरिकों को इस अस्पताल से हार्ट, किडनी एवं ब्रेन जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार की उम्मीद थी, ताकि उन्हें बड़े शहरों का रुख न करना पड़े। हालांकि, आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध न होने के कारण गंभीर मरीजों को आज भी अन्य अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, अत्याधुनिक आईसीयू, कैथ लैब, ऑक्सीजन प्लांट, पूर्ण सुविधा वाली एंबुलेंस, विशेषज्ञ चिकित्सक, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों जैसी बुनियादी सुविधाएं अभी तक पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं, जिसके चलते गंभीर मरीजों को सिम्स मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में भेजना पड़ रहा है। यह भी बताया गया कि अस्पताल का नाम स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के नाम पर रखा गया है, और ऐसे में केवल भवन निर्माण और नामकरण पर्याप्त नहीं है, बल्कि अस्पताल को पूरी क्षमता के साथ संचालित करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। वक्ताओं ने अस्पताल के भविष्य को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की, और पूछा कि क्या भविष्य में इस अस्पताल को किसी निजी संस्था को सौंपने की कोई योजना है। साथ ही सरकार से इस संबंध में स्पष्ट जवाब देकर जनता का विश्वास कायम रखने की मांग की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रमुख माँगें रखी गईं, जिनमें अस्पताल को शीघ्र पूर्ण क्षमता के साथ शुरू करना, विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ एवं तकनीकी कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति, ऑक्सीजन प्लांट, कैथ लैब सहित आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराना, 24 घंटे इमरजेंसी सेवा एवं पूर्ण सुविधा वाली एंबुलेंस शुरू करना, गंभीर मरीजों के रेफरल की स्थिति समाप्त करना तथा अस्पताल के संभावित निजीकरण पर सरकार का स्पष्ट पक्ष सामने रखना शामिल है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध में नहीं, बल्कि बिलासपुर की जनता के स्वास्थ्य अधिकार और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।3
- बिलासपुर जिले में जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। जनपद पंचायत बिल्हा की ग्राम पंचायत बिटकुली उत्तर स्थित रामसागर तालाब में इंजेक्शन वेल एवं परकोलेशन टैंक का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। शनिवार रात 8:00 बजे पीआरओ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस नई संरचना के माध्यम से वर्षा जल का प्रभावी संचयन कर उसे भूगर्भ में पहुंचाया जाएगा, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि होगी और भविष्य में सिंचाई तथा पेयजल की उपलब्धता बेहतर हो सकेगी। कलेक्टर संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन और पहल पर जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से इंजेक्शन वेल और परकोलेशन टैंक का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। रामसागर तालाब में तैयार यह संरचना वर्षा जल को सीधे भूगर्भ में पहुंचाकर आसपास के क्षेत्रों के कुएं, हैंडपंप और बोरवेल को लंबे समय तक जलयुक्त बनाए रखने में मदद करेगी। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा और जल संकट से राहत मिलेगी। जिले में कुल 291 इंजेक्शन वेल बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 91 का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जबकि 200 निर्माणाधीन हैं। इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने पर बिलासपुर जिले में भूजल पुनर्भरण की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और यह जल संरक्षण के क्षेत्र में एक मजबूत उदाहरण के रूप में उभरेगा। जिला प्रशासन का मानना है कि ऐसी स्थायी संरचनाएं भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा और जल संकट से निपटने में जिले को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।1
- बिलासपुर जिले के ग्राम पंचायत सेलर में जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने मिलकर बच्चों के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है। इस पहल के तहत, बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया जा रहा है। रविवार सुबह 9 बजे मिली जानकारी के अनुसार, गांव की गलियों और सार्वजनिक स्थानों की दीवारों पर सामान्य ज्ञान, इतिहास, भूगोल, विज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित प्रश्न लिखे गए हैं। बच्चे रोज़ाना स्कूल जाते समय इन सवालों को पढ़ते हैं, जिससे उनकी जानकारी बढ़ती है और प्रतियोगी परीक्षाओं की नींव मज़बूत होती है।1
- छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी ज़िले में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहाँ एक तेज़ रफ़्तार ट्रक ने 12 वर्षीय स्कूली छात्रा को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना शुक्रवार सुबह क़रीब 10:50 बजे ग्राम गुंडरदेही में हुई। कक्षा छठवीं की छात्रा पूनम (पिता- राजेश हल्बा) सड़क किनारे खड़ी थी, तभी बेकाबू ट्रक उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद, कथित नशे में धुत ट्रक चालक मौक़े पर रुकने के बजाय ट्रक को बेहद तेज़ रफ़्तार से भगा ले गया। पुलिस के अनुसार, इस दौरान चालक ने कई जगहों पर पुलिस के बैरिकेड्स भी तोड़े और भीड़भाड़ वाले इलाक़ों से भी तेज़ गति से गाड़ी निकालकर लोगों की जान जोखिम में डाली। पुलिस ने लगभग 55 किलोमीटर तक पीछा (चेज़) करने के बाद फ़रार चालक को आख़िरकार गिरफ़्तार कर लिया है।1