बिलासपुर जिले में जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। जनपद पंचायत बिल्हा की ग्राम पंचायत बिटकुली उत्तर स्थित रामसागर तालाब में इंजेक्शन वेल एवं परकोलेशन टैंक का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। शनिवार रात 8:00 बजे पीआरओ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस नई संरचना के माध्यम से वर्षा जल का प्रभावी संचयन कर उसे भूगर्भ में पहुंचाया जाएगा, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि होगी और भविष्य में सिंचाई तथा पेयजल की उपलब्धता बेहतर हो सकेगी। कलेक्टर संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन और पहल पर जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से इंजेक्शन वेल और परकोलेशन टैंक का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। रामसागर तालाब में तैयार यह संरचना वर्षा जल को सीधे भूगर्भ में पहुंचाकर आसपास के क्षेत्रों के कुएं, हैंडपंप और बोरवेल को लंबे समय तक जलयुक्त बनाए रखने में मदद करेगी। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा और जल संकट से राहत मिलेगी। जिले में कुल 291 इंजेक्शन वेल बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 91 का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जबकि 200 निर्माणाधीन हैं। इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने पर बिलासपुर जिले में भूजल पुनर्भरण की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और यह जल संरक्षण के क्षेत्र में एक मजबूत उदाहरण के रूप में उभरेगा। जिला प्रशासन का मानना है कि ऐसी स्थायी संरचनाएं भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा और जल संकट से निपटने में जिले को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।
बिलासपुर जिले में जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। जनपद पंचायत बिल्हा की ग्राम पंचायत बिटकुली उत्तर स्थित रामसागर तालाब में इंजेक्शन वेल एवं परकोलेशन टैंक का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। शनिवार रात 8:00 बजे पीआरओ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस नई संरचना के माध्यम से वर्षा जल का प्रभावी संचयन कर उसे भूगर्भ में पहुंचाया जाएगा, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि होगी और भविष्य में सिंचाई तथा पेयजल की उपलब्धता बेहतर हो सकेगी। कलेक्टर संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन और पहल पर जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से इंजेक्शन वेल और परकोलेशन टैंक का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। रामसागर तालाब में तैयार यह संरचना वर्षा जल को सीधे भूगर्भ में पहुंचाकर आसपास के क्षेत्रों के कुएं, हैंडपंप और बोरवेल को लंबे समय तक जलयुक्त बनाए रखने में मदद करेगी। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा और जल संकट से राहत मिलेगी। जिले में कुल 291 इंजेक्शन वेल बनाए जा रहे हैं, जिनमें से 91 का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जबकि 200 निर्माणाधीन हैं। इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने पर बिलासपुर जिले में भूजल पुनर्भरण की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और यह जल संरक्षण के क्षेत्र में एक मजबूत उदाहरण के रूप में उभरेगा। जिला प्रशासन का मानना है कि ऐसी स्थायी संरचनाएं भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा और जल संकट से निपटने में जिले को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा।
- बिलासपुर जिले के ग्राम पंचायत सेलर में जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने मिलकर बच्चों के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है। इस पहल के तहत, बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया जा रहा है। रविवार सुबह 9 बजे मिली जानकारी के अनुसार, गांव की गलियों और सार्वजनिक स्थानों की दीवारों पर सामान्य ज्ञान, इतिहास, भूगोल, विज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित प्रश्न लिखे गए हैं। बच्चे रोज़ाना स्कूल जाते समय इन सवालों को पढ़ते हैं, जिससे उनकी जानकारी बढ़ती है और प्रतियोगी परीक्षाओं की नींव मज़बूत होती है।1
- रायगढ़ पुलिस ने "ऑपरेशन क्लीन हंट" के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फ्लोरा मैक्स चिटफंड कंपनी द्वारा की गई 49.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में श्याम सिंह राजपूत और बलराम बंजारा उर्फ बल्लू शामिल हैं, जिन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला वर्ष 2024 में थाना धरमजयगढ़ में दर्ज किया गया था। कंपनी के संचालकों ने 165 ग्रामीण महिलाओं को स्व-रोजगार, अधिक मुनाफा कमाने और बैंक ऋण दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया। प्रत्येक महिला से 30-30 हजार रुपये का निवेश कराया गया और उनके नाम पर बैंक से ऋण भी दिलवाया गया। हालांकि, कंपनी के संचालकों ने व्यवसाय से होने वाली आय पर कब्जा कर लिया और महिलाओं को प्रतिमाह 2,700 रुपये देने का अपना वादा पूरा नहीं किया, जिसके चलते महिलाएं बैंक ऋण के बोझ तले दब गईं। जांच में सामने आया कि कंपनी के संचालकों और अधिकारियों ने धरमजयगढ़ क्षेत्र के चैनपुर, सिथरा, जबगा और जमाबीरा गांव की कुल 165 महिलाओं से लगभग 49.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। इस मामले में थाना धरमजयगढ़ में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ छत्तीसगढ़ निक्षेपकों का संरक्षण अधिनियम और ईनामी चिट एवं धन परिचालन स्कीम (प्रतिबंध) अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। पुलिस ने बताया कि इस प्रकरण में पहले कंपनी की एजेंट मंजू चौहान सहित कुछ अन्य आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं, मुख्य आरोपी अखिलेश सिंह, राजू सिंह और गुड़िया देवी को अन्य संबंधित प्रकरणों में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस तब से ही फरार चल रहे श्याम सिंह राजपूत और बलराम बंजारा की लगातार तलाश कर रही थी। ऑपरेशन क्लीन हंट के दौरान मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने श्याम सिंह राजपूत को जांजगीर-चांपा जिले के हथनेवरा से और बलराम बंजारा उर्फ बल्लू को खरसिया क्षेत्र से सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराधों और फरार आरोपियों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा और आम जनता की मेहनत की कमाई हड़पने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत कटगी के सरपंच और बीडीसी सदस्य के खिलाफ एक युवती द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों की पुलिस जांच में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने इस मामले को कथित तौर पर सेक्स एक्सटॉर्शन और भयादोहन (ब्लैकमेल) से जुड़ा पाया है। युवती ने सरपंच और बीडीसी सदस्य के खिलाफ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर जांच शुरू हुई। जांच के दौरान, पुलिस को ऐसे तथ्य मिले जिनसे यह पूरा मामला एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा लगा। कसडोल के उप पुलिस अधीक्षक वासनिक ने पुष्टि की कि कई नए तथ्य सामने आए हैं, जिसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और विवेचना जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं, और आने वाले समय में कुछ और आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि युवती ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर कथित रूप से इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम देने का प्रयास किया था। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित जांच जारी है, और अंतिम स्थिति जांच पूर्ण होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- रायपुर में थाना पुरानी बस्ती पुलिस ने इंस्टाग्राम के माध्यम से अश्लील फोटो पोस्ट करने और उन्हें वायरल करने की धमकी देने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी ने उनकी पुत्री की इंस्टाग्राम आईडी के जरिए संपर्क साधकर निजी तस्वीरें प्राप्त की थीं। इसके बाद, आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अश्लील तस्वीरें पोस्ट कर उन्हें वायरल करने की धमकी दी। इस शिकायत के आधार पर, थाना पुरानी बस्ती में अपराध क्रमांक 295/2026 के तहत मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की गई। घटना की जानकारी डीसीपी पश्चिम श्री संदीप पटेल, एडिशनल डीसीपी पश्चिम श्री राहुल देव शर्मा और एसीपी पुरानी बस्ती देवांश सिंह राठौर को दी गई थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन और पर्यवेक्षण में, आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश प्राप्त हुए। विवेचना के दौरान, तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए गए, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी सोहेब सिद्दीकी, पिता शफीक सिद्दीकी, उम्र 21 वर्ष, निवासी वाल्मीकि अंबेडकर आवास, कबीर नगर, रायपुर की संलिप्तता पाई गई और उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान, घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया गया। आरोपी के विरुद्ध बीएनएस, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई है, और प्रकरण में आगे की कार्यवाही जारी है। रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग करें तथा किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धमकी, अश्लील सामग्री या साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करें।1
- जांजगीर-चांपा में CSP योगिताबाली ने अपने कर्तव्य के साथ मानवीयता का परिचय देते हुए तीन लोगों की जान बचाई है। उनके इस सराहनीय कार्य के लिए उन्हें 'वर्दी में फरिश्ता' बताया जा रहा है।1
- कोरबा जिले के प्रकाश इंडस्ट्रीज में एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ ऊंचाई से गिरने के कारण एक श्रमिक की मौत हो गई।1
- कोरिया जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री मोहित राम पैकरा की अध्यक्षता में एक सामान्य सभा की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस बैठक में मुख्य रूप से अध्यक्ष श्री पैकरा ने अपनी भूमिका निभाई।1
- बिलासपुर। सीपत पुलिस और ए.सी.सी.यू. बिलासपुर की संयुक्त टीम ने ग्राम खम्हरिया स्थित रमेश ज्वेलर्स में हुई लाखों रुपये की चोरी का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2.88 किलोग्राम चांदी के जेवर, 13.30 ग्राम सोने के जेवर और घटना में प्रयुक्त एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल सहित करीब 6.80 लाख रुपये की कुल संपत्ति बरामद की है। यह चोरी 20 फरवरी 2026 की शाम को हुई थी। पुलिस के अनुसार, वारदात उस समय हुई जब रमेश ज्वेलर्स के संचालक विभूति विनय सोनी अपनी दुकान बंद कर रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से दो बैगों में रखे सोने-चांदी के जेवरों और एक लाख रुपये नकद पर हाथ साफ कर दिया। चोरी को अंजाम देने के बाद आरोपी पहले से तैयार एक मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर ए.सी.सी.यू. और थाना सीपत की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने ग्राम खम्हरिया, आसपास के क्षेत्रों और बलौदा शहर में लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर लगातार आरोपियों की तलाश की। जांच के दौरान, चौकी कोटमीकला, थाना पेंड्रा (जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) से सूचना मिली कि एक अन्य मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी खुशीराम साहू, मनीष उर्फ राहुल मंडल और राजाराम साहू ने पूछताछ के दौरान रमेश ज्वेलर्स चोरीकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। आरोपियों ने पुलिस को यह भी बताया कि उन्होंने चोरी के जेवर आपस में बांटे थे और कुछ सामान बेचा भी था। पुलिस ने आरोपी खुशीराम साहू की निशानदेही पर उसके पास छिपाकर रखे गए सोने-चांदी के जेवर बरामद किए, साथ ही उसके द्वारा ग्राम सेल निवासी दीपक वर्मा को बेचे गए चांदी के जेवर भी जब्त किए गए। आरोपी राजाराम साहू के कब्जे से एक जोड़ी चांदी की पायल और दो नग सोने के टॉप्स बरामद हुए। घटना में इस्तेमाल की गई एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (क्रमांक CG-10-BF-2654) भी ग्राम मड़ई के श्मशान घाट के पास झाड़ियों से मिली। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी मनीष उर्फ राहुल मंडल के पास से चोरी की कुछ संपत्ति और देशी कट्टा-कारतूस पहले ही देवघर रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस द्वारा जब्त किए जा चुके थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में खुशीराम साहू (65 वर्ष), मनीष उर्फ राहुल मंडल (30 वर्ष), राजाराम साहू (25 वर्ष) और चोरी का माल खरीदने वाला दीपक वर्मा (42 वर्ष) शामिल हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरे मामले के सफल खुलासे में ए.सी.सी.यू. बिलासपुर और थाना सीपत की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- छत्तीसगढ़ में गौण खनिज नियमों में एक बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके तहत अब अवैध खनन पर पहले से कहीं अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने इन नए नियमों के माध्यम से एक कड़ा संदेश दिया है कि अवैध खनन अब आसान नहीं होगा। यह कदम खनन माफियाओं पर सरकार के एक बड़े प्रहार के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें अवैध उत्खनन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।1