शाजापुर में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को डीजल उपलब्ध कराने में आ रही समस्याओं को लेकर शाजापुर पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने सोमवार शाम करीब 5 बजे कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केन और कुप्पी में डीजल प्रदाय करने की अनुमति देने की मांग की गई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम गिरी ने बताया कि शासन के वर्तमान निर्देशों के अनुसार पेट्रोल पंपों से केन या कुप्पी में डीजल देने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इस प्रतिबंध के कारण किसानों और पेट्रोल पंप संचालकों दोनों को ही भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई किसान अपने खेतों में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों के लिए डीजल लेने के लिए आते हैं, लेकिन मौजूदा नियमों के चलते उन्हें डीजल नहीं दिया जा सकता, जिससे पंप संचालकों और किसानों के बीच विवाद की स्थिति भी बन रही है। ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया गया है कि वर्तमान में खेतों में बखरनी और बोवनी का कार्य शुरू हो चुका है, और कृषि कार्य के लिए यह अवधि अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में किसानों को समय पर डीजल उपलब्ध कराना आवश्यक है। एसोसिएशन ने प्रशासन से जिले के किसानों को राहत प्रदान करने हेतु अस्थायी रूप से केन में डीजल देने की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया है। इसके अतिरिक्त, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और रिलायंस जैसी तेल कंपनियों को जिले में पर्याप्त मात्रा में डीजल-पेट्रोल उपलब्ध कराने के निर्देश देने की भी मांग की गई है, ताकि ईंधन की कोई कमी न हो।
शाजापुर में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को डीजल उपलब्ध कराने में आ रही समस्याओं को लेकर शाजापुर पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने सोमवार शाम करीब 5 बजे कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केन और कुप्पी में डीजल प्रदाय करने की अनुमति देने की मांग की गई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम गिरी ने बताया कि शासन के वर्तमान निर्देशों के अनुसार पेट्रोल पंपों से केन या कुप्पी में डीजल देने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इस प्रतिबंध के कारण किसानों और पेट्रोल पंप संचालकों दोनों को ही भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई किसान अपने खेतों में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों के लिए डीजल लेने के लिए आते हैं, लेकिन मौजूदा नियमों के चलते उन्हें डीजल नहीं दिया जा सकता, जिससे पंप संचालकों और किसानों के बीच विवाद की स्थिति भी बन रही है। ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया गया है कि वर्तमान में खेतों में बखरनी और बोवनी का कार्य शुरू हो चुका है, और कृषि कार्य के लिए यह अवधि अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में किसानों को समय पर डीजल उपलब्ध कराना आवश्यक है। एसोसिएशन ने प्रशासन से जिले के किसानों को राहत प्रदान करने हेतु अस्थायी रूप से केन में डीजल देने की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया है। इसके अतिरिक्त, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और रिलायंस जैसी तेल कंपनियों को जिले में पर्याप्त मात्रा में डीजल-पेट्रोल उपलब्ध कराने के निर्देश देने की भी मांग की गई है, ताकि ईंधन की कोई कमी न हो।
- शाजापुर जिले के थाना सुनेरा परिसर में सोमवार शाम करीब 6:30 बजे शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शाजापुर के एसडीओपी अजय कुमार मिश्रा और थाना प्रभारी सुनेरा अंकित मुकाती ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों से आगामी पर्वों और त्योहारों को आपसी भाईचारे तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। बैठक में ग्राम सुनेरा, पनवाड़ी और बछानिया के सरपंच, वरिष्ठ नागरिकगण तथा मोहर्रम कमेटी के सदर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सभी से प्रशासन का सहयोग करने, अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने भी क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने का आश्वासन देते हुए आगामी पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं आपसी सद्भाव के साथ मनाने का संकल्प लिया।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के बेमिसाल कार्यकाल के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे 'गांव चलो अभियान' के तहत, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने शाजापुर जिले के गुलाना मंडल में जनता के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अभियान का उद्देश्य जनसंघ के समय से पार्टी का कार्य कर रहे वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ताओं और मातृ शक्तियों का सम्मान करना भी था। अपने दौरे के दौरान, मंत्री इंदर सिंह परमार कौशलपुर, गुलाना, तिगंजपुर, मदाना, किलोदा, मंगलाज और खेड़ावद सहित कई गांवों में पहुंचे। उन्होंने वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ताओं को दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया और बुजुर्ग कार्यकर्ताओं से आशीर्वाद भी लिया। मंत्री परमार ने गांव-गांव चौपाल लगाकर जन संवाद किया, जहां उन्होंने जनता को सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी और उनकी समस्याओं को सुनकर उनका तत्काल निराकरण किया। मंत्री का यह व्यापक दौरा रात्रि 11 बजे तक चला और उन्होंने गांव में ही रात्रि विश्राम भी किया।1
- ग्राम मोहना के समाजसेवी कमल जामलिया की पत्नी शेजला जामलिया के घर पुत्री रत्न की प्राप्ति होने से उनकी एक मन्नत पूर्ण हुई है। इस खुशी के अवसर पर, श्री राधा कृष्ण मंदिर में धार्मिक आस्था के साथ फलों से तुलाई का आयोजन किया गया। इस तुलाई कार्यक्रम में जामलिया परिवारजनों के अलावा श्रद्धालु और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मंदिर परिसर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्री राधा-कृष्ण का आशीर्वाद लिया गया और फिर फलों को प्रसाद के रूप में सभी को वितरित किया गया। यह जानकारी जुगल पटेल द्वारा प्रदान की गई है।1
- Post by Manish Dhakd1
- शुजालपुर-आष्टा नेशनल हाईवे क्रमांक 752सी पर ग्राम अमलाय पत्थर स्थित अजमेरा फ्लोर मिल के पास रविवार शाम करीब 6 बजे सड़क की खराब हालत के कारण एक बाइक सवार दंपती दुर्घटना का शिकार हो गए। सड़क के बीच बनी गहरी दरार में बाइक का पहिया फंसने से वाहन अनियंत्रित होकर गिर पड़ा, जिससे पति-पत्नी घायल हो गए। ग्राम निपानियाकला निवासी संतोष खाती अपनी पत्नी अनीता खाती (46) के साथ शुजालपुर से इलाज कराकर बाइक से घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। हालांकि, पीछे से आ रहे एक ट्रैक्टर चालक की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया, जिसने तत्काल ब्रेक लगाकर वाहन को सड़क किनारे मोड़ दिया, जिससे दंपती ट्रैक्टर की चपेट में आने से बच गए। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि हाईवे के इस हिस्से में लंबे समय से सड़क पर दरारें और गड्ढे मौजूद हैं, जिसकी जानकारी कई बार जिम्मेदार विभाग और स्थानीय प्रशासन को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है। उनका आरोप है कि बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और अधिक खतरनाक हो गई है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों ने इस हादसे के लिए नेशनल हाईवे के रखरखाव के लिए जिम्मेदार विभाग और प्रशासन की लापरवाही को ठहराया है। उन्होंने तत्काल सड़क की दरारों और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी जनहानि से बचा जा सके। हादसे के बाद क्षेत्रवासियों में नाराजगी देखी गई, जिन्होंने आरोप लगाया कि सड़क सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार विभाग केवल कागजी दावों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत में खराब सड़क वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बनी हुई है।1
- आगर मालवा, मध्य प्रदेश से जिला ब्यूरो के पत्रकार शिव गोस्वामी ने भारत सरकार द्वारा जारी उस आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है, जिसमें डीजल को कैन या कुपी में नहीं डालने का प्रावधान है। उन्होंने इस निर्देश को 'तुगलकी आदेश' करार दिया और जोर देकर कहा कि यह किसान भाइयों के बुवाई एवं खेत की जुताई जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में बाधा उत्पन्न करेगा। गोस्वामी ने किसानों की आवश्यकताओं को देखते हुए इस आदेश को तुरंत रद्द करने की पुरजोर मांग की है।1
- सुसनेर वन विभाग की टीम को एक बड़ी सफलता मिली है। विभाग की टीम ने एक ट्रैक्टर को जब्त किया है।1
- शाजापुर में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को डीजल उपलब्ध कराने में आ रही समस्याओं को लेकर शाजापुर पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने सोमवार शाम करीब 5 बजे कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केन और कुप्पी में डीजल प्रदाय करने की अनुमति देने की मांग की गई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम गिरी ने बताया कि शासन के वर्तमान निर्देशों के अनुसार पेट्रोल पंपों से केन या कुप्पी में डीजल देने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इस प्रतिबंध के कारण किसानों और पेट्रोल पंप संचालकों दोनों को ही भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई किसान अपने खेतों में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों के लिए डीजल लेने के लिए आते हैं, लेकिन मौजूदा नियमों के चलते उन्हें डीजल नहीं दिया जा सकता, जिससे पंप संचालकों और किसानों के बीच विवाद की स्थिति भी बन रही है। ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया गया है कि वर्तमान में खेतों में बखरनी और बोवनी का कार्य शुरू हो चुका है, और कृषि कार्य के लिए यह अवधि अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में किसानों को समय पर डीजल उपलब्ध कराना आवश्यक है। एसोसिएशन ने प्रशासन से जिले के किसानों को राहत प्रदान करने हेतु अस्थायी रूप से केन में डीजल देने की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया है। इसके अतिरिक्त, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और रिलायंस जैसी तेल कंपनियों को जिले में पर्याप्त मात्रा में डीजल-पेट्रोल उपलब्ध कराने के निर्देश देने की भी मांग की गई है, ताकि ईंधन की कोई कमी न हो।1