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आज सायंकाल जगाधरी में अभिभावकों ने 'एक देश–एक किताब–एक समान फीस' की मांग को लेकर एक अनोखी पदयात्रा और रोष प्रदर्शन किया। जगाधरी के झंडा चौक से खेड़ा मंदिर तक निकाली गई इस पदयात्रा के दौरान, कई अभिभावकों ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए अर्धनग्न होकर और गले में रस्सा बांधकर शिक्षा विभाग के एक प्रतीकात्मक पुतले को सड़कों पर घसीटा।
Gulshan Dhiman
आज सायंकाल जगाधरी में अभिभावकों ने 'एक देश–एक किताब–एक समान फीस' की मांग को लेकर एक अनोखी पदयात्रा और रोष प्रदर्शन किया। जगाधरी के झंडा चौक से खेड़ा मंदिर तक निकाली गई इस पदयात्रा के दौरान, कई अभिभावकों ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए अर्धनग्न होकर और गले में रस्सा बांधकर शिक्षा विभाग के एक प्रतीकात्मक पुतले को सड़कों पर घसीटा।
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- हरियाणा के करनाल में नहर में नहाते समय डूबे एक युवक, जिसकी पहचान करण के रूप में हुई है, का शव बरामद कर लिया गया है। इस दुखद घटना के बाद से करण का पूरा परिवार गहरे सदमे में है। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए हैं, साथ ही गोताखोरों की टीम, एसडीआरएफ और पुलिस भी वहाँ मौजूद है।1
- गांधी नगर पुलिस ने शिव कॉलोनी में अचानक पहुँचकर 'ऑपरेशन मैदान 2' के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नशा बेचने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।1
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- यमुनानगर स्थित सिखों के महान योद्धा और खालसा राज के संस्थापक बाबा बंदा सिंह बहादुर की स्मृति से जुड़ा ऐतिहासिक लौहगढ़ गुरुद्वारा साहिब आज मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। इस स्थिति को लेकर सिख समाज में भारी रोष व्याप्त है। देश-विदेश से श्रद्धालु यहां माथा टेकने आते हैं, लेकिन बिजली, पानी, सड़क और प्रकाश व्यवस्था जैसी आवश्यक सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सिख इतिहास, संस्कृति और विरासत के इस महत्वपूर्ण केंद्र में आज भी बिजली, स्वच्छ पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। भारतीय किसान यूनियन के डायरेक्टर मनदीप रोड छप्पर ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब में नियमित बिजली और पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं को खासकर गर्मी में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि यह स्थल केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सिख इतिहास और शौर्य का प्रतीक है, जिसकी अनदेखी श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत कर रही है और प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर भी सवाल उठा रही है। सिख समाज के प्रतिनिधियों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, बिजली मंत्री और संबंधित विभागों से मांग की है कि लौहगढ़ गुरुद्वारा साहिब को धार्मिक पर्यटन और ऐतिहासिक विरासत स्थल के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने स्थायी बिजली कनेक्शन, स्वच्छ पेयजल, बेहतर सड़क, पार्किंग, शौचालय, विश्राम स्थल और प्रकाश व्यवस्था जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की है। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस ऐतिहासिक स्थल की ओर शीघ्र ध्यान नहीं दिया तो सिख संगत और विभिन्न सामाजिक संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार बाबा बंदा सिंह बहादुर की ऐतिहासिक विरासत के सम्मान में लौहगढ़ साहिब के विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए जल्द ही ठोस कदम उठाएगी।2
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