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गुजरात के भावनगर जिले में बिना गैस टंकी और लकड़ी के बनाया जाता है हजारों लोगों का भोजन
Arun Kumar Dubey
गुजरात के भावनगर जिले में बिना गैस टंकी और लकड़ी के बनाया जाता है हजारों लोगों का भोजन
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- Post by Arun Kumar Dubey1
- Post by Arjun rathore29941
- बड़ा हादसा टला, भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ रहा सिस्टम महिदपुर। शहर में एक बार फिर बिजली विभाग और संबंधित ठेकेदार कंपनी की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। यहाँ एक जर्जर बिजली का पोल अचानक धराशायी हो गया, जिसकी चपेट में आने से एक राहगीर बाल-बाल बच गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि व्यस्त सड़क पर आवाजाही के दौरान अचानक बिजली का भारी-भरकम पोल नीचे गिर जाता है। पोल गिरने के ठीक एक सेकंड पहले ही वहाँ से एक व्यक्ति गुजरा था। यदि वह व्यक्ति जरा सा भी धीमा होता, तो उसकी जान जाना निश्चित थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरी तरह "जाको राखे साइयां, मार सके न कोय" वाली स्थिति थी।1
- रूपाली शर्मा जो ब्राह्मण जाती की है इस हरामी ने दो साल पहले उत्तर प्रदेश के गोंडा में अपने माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध घर से बगावत करके घर से भागकर मादरजात मोहम्मद साबिर से निकाह की थी .. कुछ महीने में मोहम्मद साबिर ने रुपाली शर्मा को गर्भवती करके घर से निकाल दिया! तलाक की लड़ाई के दौरान साबिर ने अपना असली रंग दिखाया! उन्हें नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा!और अब उन्होंने अपने नवजात शिशु के साथ लखनऊ उच्च न्यायालय की इमारत से कूदने का प्रयास किया! आस-पास मौजूद लोगों ने दोनों को बचा लिया! हम हिंदूवादी नेता समझाते समझाते थक गए रे बहनों पर तुम समझने का नाम नहीं ले रही (लव जिहाद को भारत से खत्म करके ही रहूंगा)1
- Post by Ramprasad dhangar1
- Post by वचन(कमल ) प्रजापति1
- प्रतापगढ़, 14 अप्रैल 2026। डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर प्रतापगढ़ में भीम आर्मी भारत एकता मिशन एवं आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के संयुक्त तत्वावधान में भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान शहर में विशाल वाहन रैली निकाली गई, जिसमें बैंड-बाजे, डीजे, ढोल-नगाड़ों और नीले झंडों के साथ “जय भीम” के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। रैली सुबह 10 बजे पुराने कोर्ट चौराहे से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों — नल चौराहा, आरएसईबी चौराहा, पुरानी कोतवाली, सदर बाजार, गोपालगंज, गांधी चौराहा, बस स्टैंड, कृषि मंडी चौराहा और नीमच नाका होते हुए अम्बेडकर सर्कल पहुंची, जहां मुख्य समारोह आयोजित हुआ। समारोह स्थल पर जनसमूह ने बाबासाहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और उनके जीवन संघर्ष, शिक्षा, समानता व संविधान निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि बाबासाहेब ने देश के शोषित, वंचित, दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग और महिलाओं को संवैधानिक अधिकार दिलाकर उन्हें सम्मानजनक जीवन का मार्ग दिया। 👉 इसी बीच एक बड़ा सवाल भी उठा… भीम आर्मी भारत एकता मिशन के जिला अध्यक्ष गोविंद मेघवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा— “जब किसी जुलूस या नेताओं की रैली होती है, तब सर्व समाज के लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं… लेकिन जिन्होंने संविधान दिया, जिन महापुरुषों ने अपने परिवार तक का त्याग कर देश के वंचित वर्गों को अधिकार दिलाए — उनकी जयंती पर लोग पीछे क्यों रहते हैं? आखिर इसकी वजह क्या है?” उन्होंने आगे कहा कि समाज को अपने महापुरुषों के प्रति जागरूक और एकजुट होना होगा, तभी असली सम्मान संभव है। कार्यक्रम में भीम आर्मी भारत एकता मिशन, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम), संत शिरोमणि रविदास संस्थान, मेघवाल समाज, अखिल भारतीय बलाई महासभा सहित कई सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही।3
- Post by Mangal Dev rathore1