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दमोह कलेक्टर ऑफिस की गोपनीयता भंग करने वाले तीन कर्मचारियों पर हुई सख़्त कार्रवाई। मचा हड़कंप। लंबे समय से चल रही रेकी की प्रक्रिया का कलेक्टर ने खुद किया भंडाफोड़।
Shailesh Shrivastava
दमोह कलेक्टर ऑफिस की गोपनीयता भंग करने वाले तीन कर्मचारियों पर हुई सख़्त कार्रवाई। मचा हड़कंप। लंबे समय से चल रही रेकी की प्रक्रिया का कलेक्टर ने खुद किया भंडाफोड़।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- दमोह जिले के रसीलपुर ग्राम के युवा सरपंच ने एक दलित गरीब परिवार की बेटी की शादी का पूरा खर्च उठाया। उन्होंने धूमधाम से बेटी की विदाई कर समाज के सामने एक मिसाल पेश की।1
- दमोह कलेक्ट्रेट की गोपनीय स्टेनो शाखा में कार्यरत एक कर्मचारी ने फोन में कथित तौर पर रिसीवर लगाया। इस गंभीर अनुशासनहीनता के बाद कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले ने प्रशासनिक हलकों में गोपनीयता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- दमोह में अधिक गेहूँ तौलने की शिकायत पर कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई की गई। जांच के बाद उपार्जन केंद्र प्रभारी को निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा में प्रशासन की प्राथमिकता दर्शाती है।1
- मध्य प्रदेश के दमोह जिले में सामाजिक समरसता की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली है, जहाँ एक गरीब दलित परिवार की बेटी की शादी रसीलपुर गाँव के सरपंच ने धूमधाम से करवाई। सरपंच कमल दुबे ने शादी का पूरा खर्च उठाया और अपनी बेटी की तरह उसे विदा करते हुए घरेलू सामग्री भी भेंट की। इस समारोह में पूरा गाँव शामिल हुआ, जिससे प्रेम और सौहार्द का संदेश गया।1
- बंडा मंडी भाव1
- भाईचारा one top #bhaichara #bhaichara #वायरल1
- दमोह रेलवे स्टेशन परिसर में गुरुवार शाम एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। लंबे समय तक अचेत पड़े होने के बाद यात्रियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को शिनाख्त के लिए भेजकर, हत्या या हादसे के एंगल से जांच शुरू कर दी है।1
- दमोह में बिजली विभाग ने AC लगे रसूखदार घरों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 12 घरों में बिजली चोरी पकड़ी गई, जिसके तहत ₹2 लाख के मामले दर्ज कर कनेक्शन काटे गए। विभाग ने आम उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले असर को रोकने के लिए आगे भी ऐसे अभियान जारी रखने की चेतावनी दी है।1
- देवरी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान किसानों की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। जो किसान दिन-रात मेहनत करके देश और प्रदेश का पेट भरता है, आज वही किसान खरीदी केंद्रों पर अपमान, अव्यवस्था और शोषण झेलने को मजबूर है। देवरी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान किसानों की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। जो किसान दिन-रात मेहनत करके देश और प्रदेश का पेट भरता है, आज वही किसान खरीदी केंद्रों पर अपमान, अव्यवस्था और शोषण झेलने को मजबूर है। गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसानों से प्रति क्विंटल 2 से 3 किलो तक अतिरिक्त “अस्तरा” के नाम पर कटौती की जा रही है। यह सीधे-सीधे किसानों की मेहनत और हक पर डाका है। एक ओर सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर खरीदी केंद्रों पर किसानों को लूटने का काम किया जा रहा है। स्थिति इतनी खराब है कि किसान अपनी उपज बेचने के लिए दो-दो और तीन-तीन दिनों तक केंद्रों के बाहर लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी और 45 डिग्री तापमान में भी किसानों के लिए न तो छाया की व्यवस्था है, न पीने के पानी की, और न ही बैठने की कोई सुविधा उपलब्ध है। कई बुजुर्ग किसान और महिलाएं भी घंटों धूप में परेशान हो रही हैं, लेकिन प्रशासन पूरी तरह मौन बना हुआ है। खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था का आलम यह है कि किसानों को समय पर तौल नहीं मिल रही, बार-बार दस्तावेजों के नाम पर परेशान किया जा रहा है, और कर्मचारियों का रवैया भी किसानों के प्रति संवेदनशील नहीं दिखाई देता। किसान अपनी फसल बेचने के लिए घर-परिवार छोड़कर केंद्रों पर रातें बिताने को मजबूर हैं। प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार किसानों के हितों की बात करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो किसानों का सरकार और प्रशासन से विश्वास पूरी तरह खत्म हो जाएगा। हम प्रशासन और सरकार से मांग करते हैं कि खरीदी केंद्रों पर हो रही अवैध कटौती तत्काल बंद की जाए, किसानों के लिए पानी, छाया, बैठने और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, तथा खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया जाए ताकि अन्नदाता को सम्मान और न्याय मिल सके।1