शिक्षा बोर्ड तथा वार्षिक परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए शिक्षा उपनिदेशक ने सभी स्कूलों को दिए दिशा निर्देश कमजोरी तथा मेधावी छात्रों को दी जाए स्पेशल क्लासेस हमीरपुर हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड की मार्च माह में शुरू होने वाली परीक्षाओं और स्कूलों की वार्षिक परीक्षाओं में छात्रों के प्रदर्शन को बेहतरीन करने के उद्देश्य से हमीरपुर शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय के द्वारा सभी स्कूल प्रधानाचार्य को अपने स्कूलों में कमजोरी तथा मेधावी छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रिमेडियल क्लासेस चलाने के निर्देश जारी किए हैं शिक्षा विभाग के द्वारा प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने तथा सरकारी स्कूलों के छात्रों के बोर्ड में बेहतर प्रदर्शन के लगातार कार्य किया जा रहे हैं । हमीरपुर शिक्षा उपनिदेशक एलिमेंट्री कमल किशोर भारती ने बताया कि विभाग के द्वारा फरवरी माह में ही सभी स्कूल प्रधानाचार्य को इसकी गाइडलाइन भेज दी गई है ताकि परीक्षाओं से पहले छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाया जा सके और कमजोर छात्रों को परीक्षा के दौरान आने वाली दिक्कतों को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रमुखों को कहा गया है कि छात्रों के अभिभावकों को भी अवगत करवा कर बच्चों का रिकॉर्ड रखा जाए । उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह करने से जहाँ छात्रों के परीक्षा परिणाम बेहतर होंगे वही सरकारी स्कूल के छात्र बोर्ड मेरिट में बेहतर स्थान प्राप्त करेंगे ।
शिक्षा बोर्ड तथा वार्षिक परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए शिक्षा उपनिदेशक ने सभी स्कूलों को दिए दिशा निर्देश कमजोरी तथा मेधावी छात्रों को दी जाए स्पेशल क्लासेस हमीरपुर हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड की मार्च माह में शुरू होने वाली परीक्षाओं और स्कूलों की वार्षिक परीक्षाओं में छात्रों के प्रदर्शन को बेहतरीन करने के उद्देश्य से हमीरपुर शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय के द्वारा सभी स्कूल प्रधानाचार्य को अपने स्कूलों में कमजोरी तथा मेधावी छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रिमेडियल क्लासेस चलाने के निर्देश जारी किए हैं शिक्षा विभाग के द्वारा प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने तथा सरकारी स्कूलों के छात्रों के बोर्ड में बेहतर प्रदर्शन के लगातार कार्य किया जा रहे हैं । हमीरपुर शिक्षा उपनिदेशक एलिमेंट्री कमल किशोर भारती ने बताया कि विभाग के द्वारा फरवरी माह में ही सभी स्कूल प्रधानाचार्य को इसकी गाइडलाइन भेज दी गई है ताकि परीक्षाओं से पहले छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाया जा सके और कमजोर छात्रों को परीक्षा के दौरान आने वाली दिक्कतों को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रमुखों को कहा गया है कि छात्रों के अभिभावकों को भी अवगत करवा कर बच्चों का रिकॉर्ड रखा जाए । उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह करने से जहाँ छात्रों के परीक्षा परिणाम बेहतर होंगे वही सरकारी स्कूल के छात्र बोर्ड मेरिट में बेहतर स्थान प्राप्त करेंगे ।
- हमीरपुर हमीरपुर जिला के दुग्ध उत्पादक किसानों ने उपायुक्त हमीरपुर को ज्ञापन सौंप कर दुग्ध सबंधी आ रही समस्या से अवगत करवाया है। प्रतिनिधिमंडल के दौरान आए हुए दुग्ध उत्पादकों ने बताया कि दुग्ध उत्पादन के लिए विभाग के द्वारा दिलचस्पी नही दिखाई दे रही है जिसके चलते पिछले कुछ महीनों से दुग्ध उत्पादकों को समस्या हो रही है। इस अवसर पर किसान अनिल कुमार, रंजन सिंह के अलावा अन्य दूध उत्पादक मौजूद रहे। दूध उत्पादकों ने उपायुक्त हमीरपुर गर्धवा राठौर को ज्ञापन सौंपा और जल्द समस्या हल करने की गुहार लगाइ्र है। किसान अनिल कुमार ने बताया कि पिछले लगभग छह माह से पशुपालन विभाग द्वारा अन्य विभागों के सहयोग से विशेषकर हिमफैड की मदद से सोसायटियों का गठन युद्धस्तर पर किया गया था और किसानों को आश्वस्त किया गया था कि घर.द्वार से दुग्ध एकत्रण की व्यवस्था की जाएगी तथा पशुपालकों को चारा और कम रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसलिए इन योजनाओं से प्रेरित होकर अनेक किसानों ने अतिरिक्त दुग्ध उत्पादन शुरू कर दिया।लेकिन अभी तक जिले में दुग्ध एकत्रण प्रणाली प्रभावी रूप से शुरू नहीं हो पाई है जिससे दुग्ध उत्पादक किसानों को आर्थिक नुकसान और विपणन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वही अन्य किसानों ने विभाग से मांग की है कि इस दिशा में शीघ्र और प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके।प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि विभाग की उद्यमशीलता और सकारात्मक पहल पशुपालकों के लिए वरदान सिद्ध होगी। वहीं किसान रंजन ने बताया कि दुग्ध उत्पादकों के द्वारा दूध की पैदावार तेा की जा रही है लेकिन दूध बेचने के लिए अब समस्या बन रही है इसलिए जिला उपायुकत से आज मुलाकात की जा रही है। उन्हांेने बताया कि दूध उत्पादन में दो सौ लीटर की क्षमता पूरी की जा रही है लेकिन खपत के लिए कोई काम सरकार नही कर रही है जिसके लिए दुध उत्पादकों के द्वारा अब जिला प्रशासन से इस समरूस्या का हल करने के लिए गुहार लगाइ्र है1
- Post by Dinesh Kumar1
- सुजानपुर हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि झूठ और भ्रम की राजनीति के सहारे प्रदेश नहीं चल सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बार-बार रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट (आर.डी.जी ) को लेकर केंद्र सरकार पर निराधार आरोप लगा रहे हैं, जबकि 15वें वित्त आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह ग्रांट चरणबद्ध तरीके से समाप्त की जाएगी और राज्यों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि जिन 17 राज्यों को इस संबंध में पहले से सचेत किया गया था, उनमें से 11 राज्य भाजपा शासित हैं, लेकिन वहां की सरकारों ने केंद्र पर दोषारोपण करने के बजाय अपने संसाधन बढ़ाने और वित्तीय प्रबंधन सुधारने पर ध्यान दिया। हिमाचल प्रदेश को भी इसी दिशा में काम करना चाहिए था, लेकिन सुक्खू सरकार बहानेबाजी की राजनीति में उलझी हुई है। उन्होंने कहा कि पूर्व यूपीए सरकार के कार्यकाल में हिमाचल को लगभग 18,000 करोड़ रुपये की रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट मिली थी, जबकि पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने प्रदेश को लगभग 88,000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र पर लगातार आरोप लगाना पूरी तरह राजनीतिक और तथ्यों से परे है। राजेंद्र राणा ने कहा कि राज्य सरकार का दायित्व होता है कि वह प्रदेश की आय बढ़ाने के लिए ठोस नीतियां बनाए, नए राजस्व स्रोत विकसित करे और वित्तीय अनुशासन लागू करे। लेकिन वर्तमान सरकार का रवैया ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन चलाने के बजाय छात्र संगठन की राजनीति की जा रही हो, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने विधानसभा बजट सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यपाल द्वारा सरकार के अभिभाषण को पढ़ने से इनकार करना प्रदेश के इतिहास की अभूतपूर्व घटना है। यह सरकार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। यदि सरकार के दावों में दम होता, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती। राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में वित्तीय संसाधनों के दुरुपयोग ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को और कमजोर किया है। महंगाई, बेरोजगारी और विकास कार्यों की धीमी गति से जनता त्रस्त है और अब सरकार से जवाब मांग रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश हित में आवश्यक है कि सरकार आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर आत्मनिर्भरता, राजस्व वृद्धि और सुशासन पर ध्यान केंद्रित करे। हिमाचल प्रदेश की जनता एक जिम्मेदार, पारदर्शी और दूरदर्शी नेतृत्व की अपेक्षा रखती है1
- चौकी मन्यार स्कूल में एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौकीमन्यार स्कूल में आर.ए.ए. (RAA) के अंतर्गत विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन बड़े उत्साह और सक्रिय भागीदारी के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा की अध्यक्षता में प्रातःकालीन सभा से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने आर.ए.ए. के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों द्वारा गणित एवं विज्ञान विषय के माडल एवं चार्ट बनाने की प्रतियोंगिता के साथ साथ गणित ओलंपियाड एवं विज्ञान प्रश्नोत्तरी का आयोजन करवाया गया। बहीं पर स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा ने विद्यार्थियों को अनुशासन, सहयोग और समाज सेवा के महत्व के साथ विज्ञान के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं इस प्रकार की गतिविधियों में बढ़ चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में बढ़िया प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को बाद में सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर स्कूल के प्रधानाचार्य संजीव रांगडा, कार्यक्रम के अध्यक्ष संजीव कुमार,अशोक कुमार,सीमा देवी विजय शर्मा,अजय शर्मा सहित अन्य स्कूल स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।2
- हिमाचल प्रदेश में रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट (आरडीजी) को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच वित्तीय अधिकारों को लेकर चल रही खींचतान अब नेताओं के तीखे बयानों तक पहुंच गई है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने मंगलवार को ऊना में पत्रकार वार्ता करते हुए भाजपा और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर पर सीधा हमला बोला। रायजादा ने आरोप लगाया कि हिमाचल के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भाजपा नेता चुप्पी साधे हुए हैं और जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से आरडीजी बंद करने संबंधी कथित दावों पर सवाल उठाते हुए प्रमाण सार्वजनिक करने की मांग की। बयानबाजी के इस दौर ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जहां वित्तीय सहयोग और राज्य के अधिकारों को लेकर राजनीतिक दल आमने-सामने नजर आ रहे हैं।1
- । 🔥 सनातनी योद्धा रूमित सिंह ठाकुर जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🔥 आपने सनातन समाज की आवाज़ को न केवल प्रदेश में, बल्कि देशभर में एक नई दिशा देने का कार्य किया है। आपके नेतृत्व, साहस और स्पष्ट विचारधारा ने समाज को संगठित होने की प्रेरणा दी है। माँ भवानी से प्रार्थना है कि आपको अटूट शक्ति, साहस और दीर्घायु प्रदान करें, ताकि सनातन समाज की आवाज़ हर विधानसभा और देश की लोकसभा तक मजबूती से पहुँचे। आपका संघर्ष, समर्पण और संकल्प आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने। जय माँ भवानी! 🚩 जय देवभूमि! ✊ #देवभुमि_क्षत्रिय_संगठन_एवम_सवर्ण_मोर्चा #राष्ट्रीय_देवभूमि_पार्टी — ब्यास ठाकुर देवभूमि क्षत्रिय संगठन उपाध्यक्ष जिला मण्डी1
- ग्रामीणों के श्रमदान से सजी आस्था की मिसाल — मोईन शिव मंदिर में महाशिवरात्रि उत्सव का भव्य समापन खबर: प्राचीन शिव मंदिर मोईन में महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का सोमवार को पूर्ण आहुति, हवन-पूजन और विशाल भंडारे के साथ भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर श्रद्धा, परंपरा और सामूहिक सहयोग का अनूठा संगम देखने को मिला। वर्षों से चली आ रही परंपरा को जीवंत रखते हुए इस बार भी ग्रामीणों ने एकजुट होकर आयोजन को सफल बनाया। लोगों ने न केवल आर्थिक सहयोग दिया, बल्कि बढ़-चढ़कर श्रमदान करते हुए पूरे आयोजन की व्यवस्था संभाली, जिससे मंदिर परिसर में भक्तिभाव का अद्भुत वातावरण बना रहा। प्रसाद पैकिंग बनी विशेष आकर्षण इस भंडारे की सबसे खास बात यह रही कि मंदिर में आने वाले हर श्रद्धालु को सम्मानपूर्वक भोजन कराने के साथ-साथ प्रसाद की पैकिंग भी भेंट की गई। मंदिर कमेटी के अनुसार यह अनूठी परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है, ताकि कोई भी श्रद्धालु खाली हाथ न लौटे और सभी तक प्रसाद का लाभ पहुंचे। नई पीढ़ी संभाल रही विरासत मंदिर कमेटी के सदस्य राजेश पाराशर, अरुण शर्मा, पंकज शर्मा और मुख्य सदस्य रजनीश कुमार ने बताया कि मंदिर स्थापना के समय से ही बुजुर्गों ने महाशिवरात्रि को उत्सव के रूप में मनाने की परंपरा शुरू की थी। आज नई पीढ़ी भी उसी समर्पण और उत्साह के साथ इन परंपराओं को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक सहयोग की मिसाल भी है, जो हर वर्ष लोगों को एक सूत्र में जोड़ देता है।2
- हमीरपुर हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड की मार्च माह में शुरू होने वाली परीक्षाओं और स्कूलों की वार्षिक परीक्षाओं में छात्रों के प्रदर्शन को बेहतरीन करने के उद्देश्य से हमीरपुर शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय के द्वारा सभी स्कूल प्रधानाचार्य को अपने स्कूलों में कमजोरी तथा मेधावी छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रिमेडियल क्लासेस चलाने के निर्देश जारी किए हैं शिक्षा विभाग के द्वारा प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने तथा सरकारी स्कूलों के छात्रों के बोर्ड में बेहतर प्रदर्शन के लगातार कार्य किया जा रहे हैं । हमीरपुर शिक्षा उपनिदेशक एलिमेंट्री कमल किशोर भारती ने बताया कि विभाग के द्वारा फरवरी माह में ही सभी स्कूल प्रधानाचार्य को इसकी गाइडलाइन भेज दी गई है ताकि परीक्षाओं से पहले छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाया जा सके और कमजोर छात्रों को परीक्षा के दौरान आने वाली दिक्कतों को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रमुखों को कहा गया है कि छात्रों के अभिभावकों को भी अवगत करवा कर बच्चों का रिकॉर्ड रखा जाए । उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह करने से जहाँ छात्रों के परीक्षा परिणाम बेहतर होंगे वही सरकारी स्कूल के छात्र बोर्ड मेरिट में बेहतर स्थान प्राप्त करेंगे ।1