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पडरौना डोल मेले पर प्रशासन की नजर, पीस कमेटी बैठक में सुरक्षा-यातायात को लेकर बनी रणनीति
MANOJ KUMAR YADAV
पडरौना डोल मेले पर प्रशासन की नजर, पीस कमेटी बैठक में सुरक्षा-यातायात को लेकर बनी रणनीति
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- FLN प्रशिक्षण में बीएसए ने परखी शिक्षा की गुणवत्ता, नामांकन बढ़ाने पर जोर सर्वाधिक नामांकन वाले विद्यालय को मिलेगा पुरस्कार, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई देवरिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने सोमवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) देवरिया सदर पर संचालित पांच दिवसीय FLN (Foundational Literacy and Numeracy) प्रशिक्षण कार्यक्रम का अनुश्रवण एवं निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति, छात्र नामांकन, विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशिक्षण में सीखी तकनीकों को कक्षा में लागू करने के निर्देश बीएसए ने प्रशिक्षण में प्रतिभाग कर रहे शिक्षकों एवं संदर्भदाताओं से संवाद कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि निपुण भारत मिशन के तहत प्राथमिक स्तर के बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान विकसित करना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आधारशिला है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण में सीखी गई टीएलएम आधारित आधुनिक शिक्षण तकनीकों एवं गतिविधियों का विद्यालयों की कक्षाओं में प्रभावी ढंग से प्रयोग किया जाए। साथ ही सभी शिक्षकों की शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सर्वाधिक नामांकन वाले विद्यालय को मिलेगा पुरस्कार बीएसए ने सदर विकास खंड के विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि इस शैक्षिक सत्र में सदर विकास खंड के जिस विद्यालय में सर्वाधिक छात्र नामांकन होगा, उसे विभाग की ओर से विशेष रूप से पुरस्कृत किया जाएगा। प्रार्थना सभा में बच्चों की उपस्थिति और जन्मदिन पर प्रोत्साहन उन्होंने सभी विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान छात्र-छात्राओं की निर्धारित समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बच्चों में विद्यालय के प्रति लगाव और सकारात्मक वातावरण विकसित करने के लिए उन्होंने कहा कि जिस बच्चे का जन्मदिन हो, उसे प्रार्थना सभा में प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाए। अभिभावकों से नियमित संवाद के निर्देश बीएसए ने शिक्षकों को अभिभावकों से नियमित संपर्क स्थापित करने और बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने समय-समय पर अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) आयोजित करने तथा विद्यालय का वातावरण बच्चों के लिए आकर्षक, आनंददायक एवं शिक्षण-अधिगम के अनुकूल बनाने पर जोर दिया। विभागीय योजनाओं की भी हुई समीक्षा निरीक्षण के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत चिन्हित पात्र असाक्षरों का शत-प्रतिशत पंजीकरण निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। SNA-SPARSH खातों को तत्काल खोलने एवं प्रभावी रूप से संचालित करने के साथ ही DBT और राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिए गए। कार्यालय में लंबित पत्रावलियों के तत्काल निस्तारण के निर्देश FLN प्रशिक्षण के अनुश्रवण के बाद बीएसए ने BRC देवरिया सदर एवं नगर क्षेत्र देवरिया के प्रशासनिक कार्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों एवं पटल सहायकों को समय से कार्यालय पहुंचने और कार्यों का निर्धारित समय में निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने अथवा विलंब से आने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी पटल पर पत्रावली अथवा पत्राचार अनावश्यक रूप से लंबित न रखने, आवेदनों एवं शासकीय कार्यों की डिजिटल फीडिंग और अभिलेखीकरण समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए। बीएसए ने कहा कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दायित्वों के निर्वहन में स्वेच्छाचारिता पाए जाने पर संबंधित की जवाबदेही तय कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारी देवरिया सदर देव मुनि वर्मा ने कहा कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का शिक्षक एवं कर्मचारी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और तत्परता के साथ पालन सुनिश्चित करेंगे। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी देवरिया सदर, बृजेश मणि त्रिपाठी, सोनू विश्वकर्मा, जयेन्द्र पाण्डेय, रवि राव, ARP सहित प्रशिक्षण में शामिल दर्जनों शिक्षक एवं प्रतिभागी मौजूद रहे।1
- सिकरीगंज में नाबालिग के अपहरण और मारपीट की सूचना पर पुलिस का एक्शन, 3 आरोपी गिरफ्तार; बाल अपचारी पुलिस हिरासत में गोरखपुर के सिकरीगंज थाना क्षेत्र में नाबालिग के अपहरण और मारपीट की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। क्षेत्राधिकारी खजनी दीपांशी राठौर ने मामले की जानकारी दी। #Gorakhpur #Sikriganj #SikriganjNews #GorakhpurNews #GorakhpurPolice #UPPolice #Khajni #BreakingNews #UPNews #CrimeNews1
- मथुरा में मुकेश सहनी का बड़ा ऐलान! 24 घंटे की मोहलत, FIR नहीं हुई तो 3 सितंबर को CM से सीधा सवाल1
- अयोध्या सिविल लाइंस स्थित लक्ष्मी स्वीट हाउस में लगी भीषण आग, शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना, फायर ब्रिगेड मौक़े पर, मौके पर जाम की स्थिति...1
- फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट एक पति ने लगाई न्याय की गुहार पत्नी के थे अन्य पुरुषों से संबंध आईए देखते हैं जिला संवाददाता की रिपोर्ट1
- बाल एवं महिला सुरक्षा के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं -जिलाधिकारी बाल कल्याण समिति और वन स्टॉप सेंटर की बैठक में योजनाओं की समीक्षा, पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध लाभ दिलाने के निर्देश देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बाल कल्याण समिति एवं वन स्टॉप सेंटर से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल संरक्षण, महिला सुरक्षा तथा महिलाओं एवं बच्चों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल एवं महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शासन द्वारा संचालित योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध ढंग से लाभ दिलाने के लिए विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी की जाए। बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बाल संरक्षण से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के अधिकारों एवं सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। बाल कल्याण समिति के समक्ष आने वाले मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चों के पुनर्वास और संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने असहाय, निराश्रित एवं संकटग्रस्त बच्चों को आवश्यक संरक्षण और सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षित भविष्य के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर मिले सभी जरूरी सहयोग वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि हिंसा अथवा उत्पीड़न से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर परामर्श, विधिक सहायता, चिकित्सा सुविधा, पुलिस सहायता सहित अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। महिला सुरक्षा से संबंधित शिकायतों का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। विभिन्न योजनाओं की भी हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना एवं रानी लक्ष्मीबाई योजना सहित महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचे। अधिकारियों को आपसी समन्वय से पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन, आवेदन प्रक्रिया और लाभ वितरण की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र लोगों तक भी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाए। बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को बढ़ावा देने के साथ उनके बेहतर भविष्य के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। वन स्टॉप सेंटर ने 43 महिलाओं-बालिकाओं को योजनाओं से जोड़ा बैठक में बताया गया कि वन स्टॉप सेंटर द्वारा 13 कार्यक्रम एवं 4 पीटीएम आयोजित कर 43 महिलाओं एवं बालिकाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत 23 बालक-बालिकाओं का नामांकन कराया गया, जबकि 10 महिलाओं को विधवा पेंशन का लाभ दिलाया गया। इसके अलावा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नामांकन के लिए 11 बालिकाओं की काउंसलिंग, आयुष्मान कार्ड के लिए 5 ऑनलाइन आवेदन तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 5 महिलाओं का रोजगार के लिए पंजीकरण कराया गया। 3 दिव्यांग महिलाओं एवं बालिकाओं को भी योजनाओं का लाभ दिलाया गया। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना से एक बालिका को जोड़ा गया। अस्वस्थ होने पर संबंधित मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य से समन्वय स्थापित कर उसका उपचार भी कराया गया। लंबित मामलों में समयसीमा के भीतर कार्रवाई के निर्देश लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूरी करने तथा प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर विभागीय लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, संबंधित विभागों के अधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य तथा वन स्टॉप सेंटर से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- गोरखपुर के पिपराइच इलाके में 1 सितंबर की रात करीब 2:20 बजे पुलिस और दो संदिग्ध बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई, खबर है कि जंगल धूषण के पास पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम संयुक्त रूप से संदिग्ध बाइक और लोगों की चेकिंग कर रही थी, इसी दौरान पादरी बाजार की तरफ़ से बाइक पर आ रहे दो युवकों को पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन वे यू-टर्न लेकर भागने लगे, भागते समय बाइक गिर गई, पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण के लिये कहने पर एक बदमाश ने फायरिंग कर दी, जिसमें कांस्टेबल हनुमान घायल हो गये, इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश के बायें पैर में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया, पकड़े गये आरोपी की पहचान तिवारीपुर के निजामपुर निवासी मुमताज़ अहमद उर्फ राजू के रूप में हुई है. जिसके संबंध में... CO चौरी चौरा द्वारा दी गयी वीडियो बाईट...1
- फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट महिला थाने में न्याय की गुहार लगाती दहेज पीड़िता आईए देखते हैं जिला संवाददाता की रिपोर्ट1
- अघोरी ने जलती चिता से मांस निकालकर खाया। वीडियो वायरल होने की बाद मचा बवाल, नाराज संतों ने की कार्रवाई की मांग। आपको बता दें कि धार्मिक नगरी उज्जैन से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। खुद को 'अघोरी' बताने वाली एक महिला ने श्मशान घाट में जलती चिता से इंसान का मांस निकालकर खाया। वीडियो सामने आने के बाद संत समाज और आम लोगों में नाराजगी है। मामला उज्जैन के चक्रतीर्थ श्मशान घाट का है। अघोरी का नाम काली उर्फ नंद गिरि बताया जा रहा है। आरोप है महिला अघोरी नंद गिरि ने जलती चिता से इंसान का मांस निकालकर खाया। उन्होंने खुद ये वीडियो अपने इंस्टग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया है। जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अघोरी ने चिता से मांस निकालकर खाया वीडियो में नंद गिरि ने खुद को अघोरी और किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर बताया। वह कहती है 'हम आज इंसान का मांस खाएंगे।' इसके बाद कुछ मंत्र बोलने के बाद तलवार चिता के अंदर डालती हैं एक मांस का टुकड़ा निकालती है। इसके बाद वह उसे खाती हैं। इतना ही नहीं वह कहती है मांस गर्म और स्वादिष्ट है। उज्जैन के साधु-संतों में नाराजगी इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद उज्जैन के साधु-संतों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। साधु-संतों और अघोर परंपरा से जुड़े लोगों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोपी अघोरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। अघोरी अखाड़े के पीठाधीश्वर और राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़ेश्वरी अघोरी बाबा विष्णुनाथ ने मामले की पुलिस से शिकायत की है। वहीं, जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरी महाराज ने इसे अंतिम संस्कार और शव से छेड़छाड़ और अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि "अघोर की अपनी मर्यादा है और तंत्र क्रियाओं को गोपनीय रखना जरूरी है। उनका सार्वजनिक प्रदर्शन उचित नहीं है। आधुनिक समाज में मानव मांस खाने जैसी गतिविधि को नरपिशाची प्रवृत्ति के रूप में देखा जाता है। यह सनातन धर्म और अघोर परंपरा की मर्यादा के खिलाफ है। "1