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बाल एवं महिला सुरक्षा के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं -जिलाधिकारी बाल कल्याण समिति और वन स्टॉप सेंटर की बैठक में योजनाओं की समीक्षा, पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध लाभ दिलाने के निर्देश देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बाल कल्याण समिति एवं वन स्टॉप सेंटर से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल संरक्षण, महिला सुरक्षा तथा महिलाओं एवं बच्चों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल एवं महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शासन द्वारा संचालित योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध ढंग से लाभ दिलाने के लिए विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी की जाए। बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बाल संरक्षण से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के अधिकारों एवं सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। बाल कल्याण समिति के समक्ष आने वाले मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चों के पुनर्वास और संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने असहाय, निराश्रित एवं संकटग्रस्त बच्चों को आवश्यक संरक्षण और सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षित भविष्य के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर मिले सभी जरूरी सहयोग वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि हिंसा अथवा उत्पीड़न से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर परामर्श, विधिक सहायता, चिकित्सा सुविधा, पुलिस सहायता सहित अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। महिला सुरक्षा से संबंधित शिकायतों का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। विभिन्न योजनाओं की भी हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना एवं रानी लक्ष्मीबाई योजना सहित महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचे। अधिकारियों को आपसी समन्वय से पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन, आवेदन प्रक्रिया और लाभ वितरण की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र लोगों तक भी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाए। बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को बढ़ावा देने के साथ उनके बेहतर भविष्य के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। वन स्टॉप सेंटर ने 43 महिलाओं-बालिकाओं को योजनाओं से जोड़ा बैठक में बताया गया कि वन स्टॉप सेंटर द्वारा 13 कार्यक्रम एवं 4 पीटीएम आयोजित कर 43 महिलाओं एवं बालिकाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत 23 बालक-बालिकाओं का नामांकन कराया गया, जबकि 10 महिलाओं को विधवा पेंशन का लाभ दिलाया गया। इसके अलावा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नामांकन के लिए 11 बालिकाओं की काउंसलिंग, आयुष्मान कार्ड के लिए 5 ऑनलाइन आवेदन तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 5 महिलाओं का रोजगार के लिए पंजीकरण कराया गया। 3 दिव्यांग महिलाओं एवं बालिकाओं को भी योजनाओं का लाभ दिलाया गया। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना से एक बालिका को जोड़ा गया। अस्वस्थ होने पर संबंधित मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य से समन्वय स्थापित कर उसका उपचार भी कराया गया। लंबित मामलों में समयसीमा के भीतर कार्रवाई के निर्देश लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूरी करने तथा प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर विभागीय लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, संबंधित विभागों के अधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य तथा वन स्टॉप सेंटर से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

19 hrs ago
user_अवनीश शंकर राय
अवनीश शंकर राय
Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
19 hrs ago

बाल एवं महिला सुरक्षा के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं -जिलाधिकारी बाल कल्याण समिति और वन स्टॉप सेंटर की बैठक में योजनाओं की समीक्षा, पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध लाभ दिलाने के निर्देश देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बाल कल्याण समिति एवं वन स्टॉप सेंटर से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल संरक्षण, महिला सुरक्षा तथा महिलाओं एवं बच्चों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल एवं महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शासन द्वारा संचालित योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध ढंग से लाभ दिलाने के लिए विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी की जाए। बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बाल संरक्षण से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के अधिकारों एवं सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। बाल कल्याण समिति के समक्ष आने वाले मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चों के पुनर्वास और संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने असहाय, निराश्रित एवं संकटग्रस्त बच्चों को आवश्यक संरक्षण और सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षित भविष्य के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर मिले सभी जरूरी सहयोग वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि हिंसा अथवा उत्पीड़न से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर परामर्श, विधिक सहायता, चिकित्सा सुविधा, पुलिस सहायता सहित अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। महिला सुरक्षा से संबंधित शिकायतों का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। विभिन्न योजनाओं की भी हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना एवं रानी लक्ष्मीबाई योजना सहित महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचे। अधिकारियों को आपसी समन्वय से पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन, आवेदन प्रक्रिया और लाभ वितरण की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र लोगों तक भी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाए। बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को बढ़ावा देने के साथ उनके बेहतर भविष्य के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। वन स्टॉप सेंटर ने 43 महिलाओं-बालिकाओं को योजनाओं से जोड़ा बैठक में बताया गया कि वन स्टॉप सेंटर द्वारा 13 कार्यक्रम एवं 4 पीटीएम आयोजित कर 43 महिलाओं एवं बालिकाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत 23 बालक-बालिकाओं का नामांकन कराया गया, जबकि 10 महिलाओं को विधवा पेंशन का लाभ दिलाया गया। इसके अलावा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नामांकन के लिए 11 बालिकाओं की काउंसलिंग, आयुष्मान कार्ड के लिए 5 ऑनलाइन आवेदन तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 5 महिलाओं का रोजगार के लिए पंजीकरण कराया गया। 3 दिव्यांग महिलाओं एवं बालिकाओं को भी योजनाओं का लाभ दिलाया गया। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना से एक बालिका को जोड़ा गया। अस्वस्थ होने पर संबंधित मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य से समन्वय स्थापित कर उसका उपचार भी कराया गया। लंबित मामलों में समयसीमा के भीतर कार्रवाई के निर्देश लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूरी करने तथा प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर विभागीय लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, संबंधित विभागों के अधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य तथा वन स्टॉप सेंटर से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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  • बाल एवं महिला सुरक्षा के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं -जिलाधिकारी बाल कल्याण समिति और वन स्टॉप सेंटर की बैठक में योजनाओं की समीक्षा, पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध लाभ दिलाने के निर्देश देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बाल कल्याण समिति एवं वन स्टॉप सेंटर से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल संरक्षण, महिला सुरक्षा तथा महिलाओं एवं बच्चों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल एवं महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शासन द्वारा संचालित योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध ढंग से लाभ दिलाने के लिए विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी की जाए। बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बाल संरक्षण से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के अधिकारों एवं सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। बाल कल्याण समिति के समक्ष आने वाले मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चों के पुनर्वास और संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने असहाय, निराश्रित एवं संकटग्रस्त बच्चों को आवश्यक संरक्षण और सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षित भविष्य के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर मिले सभी जरूरी सहयोग वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि हिंसा अथवा उत्पीड़न से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर परामर्श, विधिक सहायता, चिकित्सा सुविधा, पुलिस सहायता सहित अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। महिला सुरक्षा से संबंधित शिकायतों का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। विभिन्न योजनाओं की भी हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना एवं रानी लक्ष्मीबाई योजना सहित महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचे। अधिकारियों को आपसी समन्वय से पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन, आवेदन प्रक्रिया और लाभ वितरण की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र लोगों तक भी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाए। बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को बढ़ावा देने के साथ उनके बेहतर भविष्य के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। वन स्टॉप सेंटर ने 43 महिलाओं-बालिकाओं को योजनाओं से जोड़ा बैठक में बताया गया कि वन स्टॉप सेंटर द्वारा 13 कार्यक्रम एवं 4 पीटीएम आयोजित कर 43 महिलाओं एवं बालिकाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत 23 बालक-बालिकाओं का नामांकन कराया गया, जबकि 10 महिलाओं को विधवा पेंशन का लाभ दिलाया गया। इसके अलावा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नामांकन के लिए 11 बालिकाओं की काउंसलिंग, आयुष्मान कार्ड के लिए 5 ऑनलाइन आवेदन तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 5 महिलाओं का रोजगार के लिए पंजीकरण कराया गया। 3 दिव्यांग महिलाओं एवं बालिकाओं को भी योजनाओं का लाभ दिलाया गया। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना से एक बालिका को जोड़ा गया। अस्वस्थ होने पर संबंधित मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य से समन्वय स्थापित कर उसका उपचार भी कराया गया। लंबित मामलों में समयसीमा के भीतर कार्रवाई के निर्देश लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूरी करने तथा प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर विभागीय लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, संबंधित विभागों के अधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य तथा वन स्टॉप सेंटर से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    बाल एवं महिला सुरक्षा के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं -जिलाधिकारी
बाल कल्याण समिति और वन स्टॉप सेंटर की बैठक में योजनाओं की समीक्षा, पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध लाभ दिलाने के निर्देश
देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बाल कल्याण समिति एवं वन स्टॉप सेंटर से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल संरक्षण, महिला सुरक्षा तथा महिलाओं एवं बच्चों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल एवं महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शासन द्वारा संचालित योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध ढंग से लाभ दिलाने के लिए विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी की जाए।
बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
बाल संरक्षण से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के अधिकारों एवं सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। बाल कल्याण समिति के समक्ष आने वाले मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चों के पुनर्वास और संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने असहाय, निराश्रित एवं संकटग्रस्त बच्चों को आवश्यक संरक्षण और सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षित भविष्य के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।
पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर मिले सभी जरूरी सहयोग
वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि हिंसा अथवा उत्पीड़न से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर परामर्श, विधिक सहायता, चिकित्सा सुविधा, पुलिस सहायता सहित अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। महिला सुरक्षा से संबंधित शिकायतों का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
विभिन्न योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना एवं रानी लक्ष्मीबाई योजना सहित महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचे। अधिकारियों को आपसी समन्वय से पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन, आवेदन प्रक्रिया और लाभ वितरण की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र लोगों तक भी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाए। बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को बढ़ावा देने के साथ उनके बेहतर भविष्य के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
वन स्टॉप सेंटर ने 43 महिलाओं-बालिकाओं को योजनाओं से जोड़ा
बैठक में बताया गया कि वन स्टॉप सेंटर द्वारा 13 कार्यक्रम एवं 4 पीटीएम आयोजित कर 43 महिलाओं एवं बालिकाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत 23 बालक-बालिकाओं का नामांकन कराया गया, जबकि 10 महिलाओं को विधवा पेंशन का लाभ दिलाया गया।
इसके अलावा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नामांकन के लिए 11 बालिकाओं की काउंसलिंग, आयुष्मान कार्ड के लिए 5 ऑनलाइन आवेदन तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 5 महिलाओं का रोजगार के लिए पंजीकरण कराया गया। 3 दिव्यांग महिलाओं एवं बालिकाओं को भी योजनाओं का लाभ दिलाया गया।
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना से एक बालिका को जोड़ा गया। अस्वस्थ होने पर संबंधित मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य से समन्वय स्थापित कर उसका उपचार भी कराया गया।
लंबित मामलों में समयसीमा के भीतर कार्रवाई के निर्देश
लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूरी करने तथा प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर विभागीय लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, संबंधित विभागों के अधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य तथा वन स्टॉप सेंटर से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_अवनीश शंकर राय
    अवनीश शंकर राय
    Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • मथुरा में मुकेश सहनी का बड़ा ऐलान! 24 घंटे की मोहलत, FIR नहीं हुई तो 3 सितंबर को CM से सीधा सवाल
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    मथुरा में मुकेश सहनी का बड़ा ऐलान! 24 घंटे की मोहलत, FIR नहीं हुई तो 3 सितंबर को CM से सीधा सवाल
    user_EN Daily National
    EN Daily National
    Journalist वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • अयोध्या सिविल लाइंस स्थित लक्ष्मी स्वीट हाउस में लगी भीषण आग, शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना, फायर ब्रिगेड मौक़े पर, मौके पर जाम की स्थिति...
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    अयोध्या सिविल लाइंस स्थित लक्ष्मी स्वीट हाउस में लगी भीषण आग, शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना, फायर ब्रिगेड मौक़े पर, मौके पर जाम की स्थिति...
    user_फ़िरोज़ अहमद
    फ़िरोज़ अहमद
    Photographer वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • स्वच्छता अभियान में जनप्रतिनिधियों ने उठाया कूड़ा, ग्रामीणों को किया जागरूक रामकोला, कुशीनगर। स्वच्छ रामकोला अभियान के तहत एक सितंबर से दो अक्टूबर तक चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान के क्रम में मंगलवार को क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए गांवों को साफ-सुथरा रखने में सामूहिक भागीदारी की अपील की। रामपुर बगहा गांव में ग्राम प्रधान मंतिरा देवी और ग्राम पंचायत सचिव शोभनाथ सिंह ने स्वयं कूड़ा उठाकर सफाई की। जनप्रतिनिधियों को सफाई करते देख ग्रामीण भी अभियान में शामिल होने के लिए प्रेरित हुए। इस दौरान लोगों से घरों के साथ सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई करने और कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने की अपील की गई। एडीओ पंचायत प्रदीप मल्ल ने कहा कि स्वच्छ गांव के लिए प्रत्येक ग्रामीण की सहभागिता जरूरी है। केवल सफाई कर्मचारियों के भरोसे गांव को स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता। ग्रामीण अपने घर और आसपास के स्थानों की नियमित सफाई करें और दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करें। ग्राम पंचायत अडरौना में ग्राम प्रधान कमलेश यादव, ग्राम पंचायत सचिव तैमूर अंसारी और खंड प्रेरक भगवान सिंह के नेतृत्व में जागरूकता अभियान चलाया गया। प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने गांव में भ्रमण कर ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। बच्चों ने कूड़ा इधर-उधर न फेंकने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की अपील की। अभियान के दौरान 'स्वच्छ ग्राम, स्वस्थ ग्राम, समृद्ध ग्राम' का संदेश दिया गया। ग्रामीणों ने श्रमदान कर गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में सहयोग करने का संकल्प लिया। इस दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, ग्रामीण, कर्मचारी और विद्यालय के बच्चे मौजूद रहे।
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    स्वच्छता अभियान में जनप्रतिनिधियों ने उठाया कूड़ा, ग्रामीणों को किया जागरूक
रामकोला, कुशीनगर। स्वच्छ रामकोला अभियान के तहत एक सितंबर से दो अक्टूबर तक चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान के क्रम में मंगलवार को क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए गांवों को साफ-सुथरा रखने में सामूहिक भागीदारी की अपील की।
रामपुर बगहा गांव में ग्राम प्रधान मंतिरा देवी और ग्राम पंचायत सचिव शोभनाथ सिंह ने स्वयं कूड़ा उठाकर सफाई की। जनप्रतिनिधियों को सफाई करते देख ग्रामीण भी अभियान में शामिल होने के लिए प्रेरित हुए। इस दौरान लोगों से घरों के साथ सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई करने और कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने की अपील की गई।
एडीओ पंचायत प्रदीप मल्ल ने कहा कि स्वच्छ गांव के लिए प्रत्येक ग्रामीण की सहभागिता जरूरी है। केवल सफाई कर्मचारियों के भरोसे गांव को स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता। ग्रामीण अपने घर और आसपास के स्थानों की नियमित सफाई करें और दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करें।
ग्राम पंचायत अडरौना में ग्राम प्रधान कमलेश यादव, ग्राम पंचायत सचिव तैमूर अंसारी और खंड प्रेरक भगवान सिंह के नेतृत्व में जागरूकता अभियान चलाया गया। प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने गांव में भ्रमण कर ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। बच्चों ने कूड़ा इधर-उधर न फेंकने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की अपील की।
अभियान के दौरान 'स्वच्छ ग्राम, स्वस्थ ग्राम, समृद्ध ग्राम' का संदेश दिया गया। ग्रामीणों ने श्रमदान कर गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में सहयोग करने का संकल्प लिया। इस दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, ग्रामीण, कर्मचारी और विद्यालय के बच्चे मौजूद रहे।
    user_मोहन राव
    मोहन राव
    कप्तानगंज, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • कुशीनगर में राहुल गांधी पर FIR दर्ज होने पर कुशीनगर कांग्रेसियो में उबाल कुशीनगर में राहुल गांधी पर FIR दर्ज होने पर कुशीनगर कांग्रेसियो में उबाल - काग्रेस कार्यकर्ताओं ने पडरौना में निकाला विरोध मार्च - सुभाष चौक से गांधी प्रतिमा तक मार्च निकालकर जताया विरोध - भाजपा सरकार पर लगाया गंभीर आरोप - भाजपा पर लोकतंत्र को खत्म करने का आरोप - विरोध मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे शामिल
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    कुशीनगर में राहुल गांधी पर FIR दर्ज होने पर कुशीनगर कांग्रेसियो में उबाल 
कुशीनगर में राहुल गांधी पर FIR दर्ज होने पर कुशीनगर कांग्रेसियो में उबाल 
- काग्रेस कार्यकर्ताओं ने पडरौना में निकाला विरोध मार्च 
- सुभाष चौक से गांधी प्रतिमा तक मार्च निकालकर जताया विरोध 
- भाजपा सरकार पर लगाया गंभीर आरोप 
- भाजपा पर लोकतंत्र को खत्म करने का आरोप 
- विरोध मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे शामिल
    user_Aditya pandey
    Aditya pandey
    कसया, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट एक पति ने लगाई न्याय की गुहार पत्नी के थे अन्य पुरुषों से संबंध आईए देखते हैं जिला संवाददाता की रिपोर्ट
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    फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट एक पति ने लगाई न्याय की गुहार पत्नी के थे अन्य पुरुषों से संबंध आईए देखते हैं जिला संवाददाता की रिपोर्ट
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Gorakhpur, Uttar Pradesh•
    4 hrs ago
  • गोरखपुर के पिपराइच इलाके में 1 सितंबर की रात करीब 2:20 बजे पुलिस और दो संदिग्ध बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई, खबर है कि जंगल धूषण के पास पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम संयुक्त रूप से संदिग्ध बाइक और लोगों की चेकिंग कर रही थी, इसी दौरान पादरी बाजार की तरफ़ से बाइक पर आ रहे दो युवकों को पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन वे यू-टर्न लेकर भागने लगे, भागते समय बाइक गिर गई, पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण के लिये कहने पर एक बदमाश ने फायरिंग कर दी, जिसमें कांस्टेबल हनुमान घायल हो गये, इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश के बायें पैर में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया, पकड़े गये आरोपी की पहचान तिवारीपुर के निजामपुर निवासी मुमताज़ अहमद उर्फ राजू के रूप में हुई है. जिसके संबंध में... CO चौरी चौरा द्वारा दी गयी वीडियो बाईट...
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    गोरखपुर के पिपराइच इलाके में 1 सितंबर की रात करीब 2:20 बजे पुलिस और दो संदिग्ध बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई, खबर है कि जंगल धूषण के पास पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम संयुक्त रूप से संदिग्ध बाइक और लोगों की चेकिंग कर रही थी, इसी दौरान पादरी बाजार की तरफ़ से बाइक पर आ रहे दो युवकों को पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन वे यू-टर्न लेकर भागने लगे, भागते समय बाइक गिर गई, पुलिस के मुताबिक, आत्मसमर्पण के लिये कहने पर एक बदमाश ने फायरिंग कर दी, जिसमें कांस्टेबल हनुमान घायल हो गये, इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक बदमाश के बायें पैर में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया, पकड़े गये आरोपी की पहचान तिवारीपुर के निजामपुर निवासी मुमताज़ अहमद उर्फ राजू के रूप में हुई है. 
जिसके संबंध में...
CO चौरी चौरा द्वारा दी गयी वीडियो बाईट...
    user_फ़िरोज़ अहमद
    फ़िरोज़ अहमद
    Photographer वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट महिला थाने में न्याय की गुहार लगाती दहेज पीड़िता आईए देखते हैं जिला संवाददाता की रिपोर्ट
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    फर्रुखाबाद व्यूरो रिपोर्ट महिला थाने में न्याय की गुहार लगाती दहेज पीड़िता आईए देखते हैं जिला संवाददाता की रिपोर्ट
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Gorakhpur, Uttar Pradesh•
    4 hrs ago
  • देवरिया में भाभी पर चाकू से हमला, आरोपी देवर हिरासत में घायल महिला को प्राथमिक उपचार के बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया गया, हालत सामान्य देवरिया। थाना कोतवाली क्षेत्र में सोमवार को घरेलू विवाद के दौरान एक महिला पर चाकू से हमला किए जाने का मामला सामने आया। घटना में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया गया। अस्पताल में महिला का उपचार जारी है और उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, 31 अगस्त 2026 को प्रहलाद राजभर पुत्र विंध्याचल राजभर, निवासी गुदरी बाजार थाना रामपुर कारखाना, वर्तमान में थाना कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले, ने अपनी भाभी रानी राजभर पत्नी स्वर्गीय गोविंद राजभर पर चाकू से हमला कर दिया। रानी राजभर आरोपी प्रहलाद के साथ ही रहती हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रहलाद राजभर को हिरासत में ले लिया। उसके विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना के बाद क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और मौके पर शांति एवं कानून-व्यवस्था से संबंधित कोई समस्या नहीं है। क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी ने बताया कि घायल महिला का उपचार बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में चल रहा है और उसकी स्थिति सामान्य है। आरोपी को हिरासत में लेकर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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    देवरिया में भाभी पर चाकू से हमला, आरोपी देवर हिरासत में
घायल महिला को प्राथमिक उपचार के बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया गया, हालत सामान्य
देवरिया। थाना कोतवाली क्षेत्र में सोमवार को घरेलू विवाद के दौरान एक महिला पर चाकू से हमला किए जाने का मामला सामने आया। घटना में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया गया। अस्पताल में महिला का उपचार जारी है और उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, 31 अगस्त 2026 को प्रहलाद राजभर पुत्र विंध्याचल राजभर, निवासी गुदरी बाजार थाना रामपुर कारखाना, वर्तमान में थाना कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले, ने अपनी भाभी रानी राजभर पत्नी स्वर्गीय गोविंद राजभर पर चाकू से हमला कर दिया। रानी राजभर आरोपी प्रहलाद के साथ ही रहती हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रहलाद राजभर को हिरासत में ले लिया। उसके विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि घटना के बाद क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और मौके पर शांति एवं कानून-व्यवस्था से संबंधित कोई समस्या नहीं है।
क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी ने बताया कि घायल महिला का उपचार बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में चल रहा है और उसकी स्थिति सामान्य है। आरोपी को हिरासत में लेकर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।
    user_अवनीश शंकर राय
    अवनीश शंकर राय
    Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
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