रिपोर्टर रितेश रावत ने एक फोन कॉल से जुड़े मामले का खुलासा किया है, जिसमें आरोप है कि लगभग 18 वर्षीय शिवा आदिवासी नंदनवार ने बिना सोचे-समझे कॉल पर मां-बहनों की गालियां दीं। जानकारी के अनुसार, इस घटना में लगभग 15 वर्षीय संजू आदिवासी नंदनवार पर आरोप है कि उसने कॉल करके शिवा को उकसाया और "उसे गाली दो" कहा। खुद रितेश रावत इस पूरे मामले में गाली दिए गए व्यक्ति हैं। बताया गया है कि कॉल के दौरान लगातार अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिससे माहौल खराब हुआ और यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। रितेश रावत का कहना है कि उन्हें पहले लगातार मां-बहनों की गालियां दी गईं, जिसके बाद हालात ऐसे बने कि उन्हें भी जवाब देना पड़ा। हालांकि, वे यह भी मानते हैं कि गाली देना किसी भी हालत में सही नहीं है। उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया है कि क्या आज के समय में बिना वजह इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना सही है। फिलहाल, इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। रितेश रावत ने स्पष्ट किया है कि वे किसी पर सीधे आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन जो बातें सामने आई हैं, उनकी जांच आवश्यक है।
रिपोर्टर रितेश रावत ने एक फोन कॉल से जुड़े मामले का खुलासा किया है, जिसमें आरोप है कि लगभग 18 वर्षीय शिवा आदिवासी नंदनवार ने बिना सोचे-समझे कॉल पर मां-बहनों की गालियां दीं। जानकारी के अनुसार, इस घटना में लगभग 15 वर्षीय संजू आदिवासी नंदनवार पर आरोप है कि उसने कॉल करके शिवा को उकसाया और "उसे गाली दो" कहा। खुद रितेश रावत इस पूरे मामले में गाली दिए गए व्यक्ति हैं। बताया गया है कि कॉल के दौरान लगातार अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिससे माहौल खराब हुआ और यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। रितेश रावत का कहना है कि उन्हें पहले लगातार मां-बहनों की गालियां दी गईं, जिसके बाद हालात ऐसे बने कि उन्हें भी जवाब देना पड़ा। हालांकि, वे यह भी मानते हैं कि गाली देना किसी भी हालत में सही नहीं है। उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया है कि क्या आज के समय में बिना वजह इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना सही है। फिलहाल, इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। रितेश रावत ने स्पष्ट किया है कि वे किसी पर सीधे आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन जो बातें सामने आई हैं, उनकी जांच आवश्यक है।
- झांसी के मऊरानीपुर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित सात दिवसीय योग शिविर का शुभारंभ परमात्मा स्मृति में दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस शिविर के तीसरे दिन, बीके दीक्षा दीदी द्वारा सभी भाई-बहनों के लिए एक विशेष माइंड एक्टिविटी का आयोजन किया गया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य मन की एकाग्रता, स्मरण शक्ति और सकारात्मक चिंतन को बढ़ावा देना था, जिसे प्रतिभागियों ने बड़े उत्साह के साथ अनुभव किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने महसूस किया कि सकारात्मक और शक्तिशाली विचार मन को स्थिर और सशक्त बनाते हैं। ब्रह्माकुमारी चित्रा बहन जी ने इस बात पर जोर दिया कि मनुष्य के विचार ही उसके व्यक्तित्व और जीवन की दिशा निर्धारित करते हैं, जिसके कारण सकारात्मक सोच और राजयोग का नियमित अभ्यास बेहद आवश्यक है। योग शिविर में प्रतिदिन योगाभ्यास, ध्यान, सकारात्मक जीवन शैली के साथ-साथ तनावमुक्त जीवन के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिक, योग प्रेमी और बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने शिरकत की, जिनमें बीके वरदानी दीदी, बीके रुक्मणी दीदी, विनोद साहू, अशोक प्रजापति, दीपू गुप्ता, जगदीश मौर्य, रामकिशन, प्रदीप गुप्ता, शिवकुमार, महेशचंद अग्रवाल, इंद्रपाल सिंह, अमर सिंह कुशवाहा, महेश, राम बिहारी सक्सेना, इकबाल खान, विजय आले का, डॉक्टर समथर कुमार जी, नरेंद्र नायक, अजय सिंह यादव, विजय पटेल, अनुराग पटेल, अंकित शर्मा, अनुपम द्विवेदी, लक्ष्मी प्रसाद, रवि कुमार कुशवाहा, प्रमोद कुमार, सुशील लक्ष्मी, रीता, फूलवती, मुकेश, अखिलेश, कुसुम विश्वकर्मा, रमा, अंजू, विनोशी, मीरा, हीरा, द्रोपती, सोनम गुप्ता, कमला, लक्ष्मी साहू, उर्मिला साहू और मुनिक्षा पटेल सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल आयोजन इस प्रेरणादायक संदेश के साथ संपन्न हुआ: "मन को जीत लिया तो जीवन को जीत लिया।"4
- रिपोर्टर रितेश रावत ने एक फोन कॉल से जुड़े मामले का खुलासा किया है, जिसमें आरोप है कि लगभग 18 वर्षीय शिवा आदिवासी नंदनवार ने बिना सोचे-समझे कॉल पर मां-बहनों की गालियां दीं। जानकारी के अनुसार, इस घटना में लगभग 15 वर्षीय संजू आदिवासी नंदनवार पर आरोप है कि उसने कॉल करके शिवा को उकसाया और "उसे गाली दो" कहा। खुद रितेश रावत इस पूरे मामले में गाली दिए गए व्यक्ति हैं। बताया गया है कि कॉल के दौरान लगातार अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिससे माहौल खराब हुआ और यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। रितेश रावत का कहना है कि उन्हें पहले लगातार मां-बहनों की गालियां दी गईं, जिसके बाद हालात ऐसे बने कि उन्हें भी जवाब देना पड़ा। हालांकि, वे यह भी मानते हैं कि गाली देना किसी भी हालत में सही नहीं है। उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया है कि क्या आज के समय में बिना वजह इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना सही है। फिलहाल, इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। रितेश रावत ने स्पष्ट किया है कि वे किसी पर सीधे आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन जो बातें सामने आई हैं, उनकी जांच आवश्यक है।1
- भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। यादव के अनुसार, कांग्रेस का असली मुद्दा चुनाव में मिली हार नहीं, बल्कि नेताओं के बीच एक-दूसरे की कुर्सी छीनने की होड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं का अपमान किया जा रहा है और उन्हें ना तो बोलने दिया जा रहा है और ना ही कुर्सी पर बैठने दिया जा रहा है, जो उनकी 'रीति-नीति' को दर्शाता है। अजय सिंह यादव ने कहा कि इसी तरह के बर्ताव के कारण जनता कांग्रेस को गंभीरता से नहीं लेती है, क्योंकि पार्टी के भीतर वर्चस्व और 'कुर्सी' की लड़ाई चल रही है और सभी नेता एक-दूसरे को 'निपटने' में लगे हैं।2
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना अंतर्गत एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पलेरा पुलिस ने जीतू चौहान की जगह जीतू यादव पर SC एक्ट का मामला दर्ज कर दिया। इस कथित गलती के बाद पीड़ित जीतू यादव ने पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा है। यह मामला अब एक पहेली बन गया है कि क्या जीतू यादव को न्याय मिल पाएगा, या फिर असली आरोपी बाहर रहेगा और एक निर्दोष व्यक्ति को जेल जाना पड़ेगा।1
- ओरछा पुलिस ने एक अंधे कत्ल के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस संबंध में, पुलिस ने मृतक के पति सहित कुल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- झाँसी के मऊरानीपुर कोतवाली क्षेत्र में 23 वर्षीय एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक गड्ढे में सड़क से कुछ दूरी पर पड़ा मिला, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान चौहान की टपरिया निवासी सुरेंद्र सिंह चौहान पुत्र मनोहर सिंह के रूप में हुई है, जो जयपुर में निजी नौकरी करता था। जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र 15 जून को इंटरसिटी ट्रेन से छुट्टी लेकर मऊरानीपुर अपने घर लौटा था। परिजनों ने बताया कि वह एक रिश्तेदार के घर जाने के बाद अपने निवास के लिए निकला था, लेकिन घर नहीं पहुंचा। अगले दिन भानपुरा खेड़ा तिगैला के पास उसकी मोटरसाइकिल लावारिस हालत में पाई गई, जिसके बाद युवक की तलाश शुरू की गई। खोजबीन के दौरान ही उसका शव सड़क किनारे एक गड्ढे से बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया, जबकि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के परिजनों ने यह हत्या होने की आशंका जताई है और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच तथा कड़ी कार्रवाई की मांग की है।3