नगरीय निकाय चुनावों में सीपीआईएम का ऐतिहासिक प्रदर्शन, नोखा नगरपालिका में 29 पार्षद जीते, पहली बार कम्युनिस्ट पार्टी के हाथ में सत्ता कोटा/ इटावा। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने उल्लेखनीय एवं ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पार्टी ने राज्यभर में कुल 184 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारे, जिनमें से 38 ने शानदार जीत दर्ज की। यह परिणाम आम जनता के बीच पार्टी की जनपक्षधर राजनीति, निरंतर जनसंघर्षों और नीतियों के प्रति बढ़ते विश्वास का स्पष्ट प्रमाण है। सीपीआईएम, तहसील कमेटी, पीपल्दा के संयुक्त सचिव कॉमरेड मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि सबसे बड़ी उपलब्धि बीकानेर जिले की नोखा नगर पालिका में मिली, जहां पार्टी के 29 पार्षद निर्वाचित हुए। यह पार्टी के लिए ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। इस निर्णायक जनादेश के साथ राजस्थान में पहली बार किसी नगरपालिका की सत्ता की बागडोर कम्युनिस्ट पार्टी के हाथों में आने जा रही है और सीपीआईएम के चेयरमैन बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। 5 विजेता अल्पसंख्यक समुदाय के उन्होंने बताया कि राज्यभर में निर्वाचित 38 पार्षदों में 6 अनुसूचित जाति तथा 5 अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। नोखा के अलावा श्रीडूंगरगढ़, सूरतगढ़, हनुमानगढ़, टिब्बी, उदयपुर, धोद, लोसल, उदयपुरवाटी और पलसाना में भी पार्टी के उम्मीदवार विजयी रहे। यह परिणाम सीपीआईएम की उस राजनीति को मजबूती देता है, जो समाज के वंचित, शोषित, मजदूर, किसान, गरीब, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों की आवाज को लोकतांत्रिक संस्थाओं में मजबूती से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनता के संघर्ष और एकजुटता की जीत सीपीआईएम राज्य सचिव किशन पारीक ने सभी विजयी उम्मीदवारों, कार्यकर्ताओं, समर्थकों और राजस्थान की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता “जनता के संघर्ष, जनता की एकजुटता और जनहित की राजनीति” को आगे बढ़ाने की नई जिम्मेदारी भी है। पार्टी आने वाले समय में किसान-मजदूर एवं आम जनता के मुद्दों को और अधिक मजबूती से उठाएगी तथा लोकतांत्रिक व जनपक्षधर राजनीति को विस्तार देगी।
नगरीय निकाय चुनावों में सीपीआईएम का ऐतिहासिक प्रदर्शन, नोखा नगरपालिका में 29 पार्षद जीते, पहली बार कम्युनिस्ट पार्टी के हाथ में सत्ता कोटा/ इटावा। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने उल्लेखनीय एवं ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पार्टी ने राज्यभर में कुल 184 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारे, जिनमें से 38 ने शानदार जीत दर्ज की। यह परिणाम आम जनता के बीच पार्टी की जनपक्षधर राजनीति, निरंतर जनसंघर्षों और नीतियों
के प्रति बढ़ते विश्वास का स्पष्ट प्रमाण है। सीपीआईएम, तहसील कमेटी, पीपल्दा के संयुक्त सचिव कॉमरेड मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि सबसे बड़ी उपलब्धि बीकानेर जिले की नोखा नगर पालिका में मिली, जहां पार्टी के 29 पार्षद निर्वाचित हुए। यह पार्टी के लिए ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। इस निर्णायक जनादेश के साथ राजस्थान में पहली बार किसी नगरपालिका की सत्ता की बागडोर कम्युनिस्ट पार्टी के हाथों में आने जा रही है और सीपीआईएम के चेयरमैन बनने का मार्ग
प्रशस्त हुआ है। 5 विजेता अल्पसंख्यक समुदाय के उन्होंने बताया कि राज्यभर में निर्वाचित 38 पार्षदों में 6 अनुसूचित जाति तथा 5 अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। नोखा के अलावा श्रीडूंगरगढ़, सूरतगढ़, हनुमानगढ़, टिब्बी, उदयपुर, धोद, लोसल, उदयपुरवाटी और पलसाना में भी पार्टी के उम्मीदवार विजयी रहे। यह परिणाम सीपीआईएम की उस राजनीति को मजबूती देता है, जो समाज के वंचित, शोषित, मजदूर, किसान, गरीब, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों की आवाज को लोकतांत्रिक संस्थाओं में मजबूती से उठाने
के लिए प्रतिबद्ध है। जनता के संघर्ष और एकजुटता की जीत सीपीआईएम राज्य सचिव किशन पारीक ने सभी विजयी उम्मीदवारों, कार्यकर्ताओं, समर्थकों और राजस्थान की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता “जनता के संघर्ष, जनता की एकजुटता और जनहित की राजनीति” को आगे बढ़ाने की नई जिम्मेदारी भी है। पार्टी आने वाले समय में किसान-मजदूर एवं आम जनता के मुद्दों को और अधिक मजबूती से उठाएगी तथा लोकतांत्रिक व जनपक्षधर राजनीति को विस्तार देगी।
- वार्ड क्रमांक 87 क्या चल रहा है मतदान की रिपोर्टिंग करने गए वरिष्ठ पत्रकार लोकेश जोशी के साथ मारपीट कोटा के पत्रकारों ने रोस जाताया थाना महावीर नगर में अपराधियों के खिलाफ लिखी गई रिपोर्ट1
- नगरीय निकाय चुनावों में सीपीआईएम का ऐतिहासिक प्रदर्शन, नोखा नगरपालिका में 29 पार्षद जीते, पहली बार कम्युनिस्ट पार्टी के हाथ में सत्ता कोटा/ इटावा। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने उल्लेखनीय एवं ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पार्टी ने राज्यभर में कुल 184 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारे, जिनमें से 38 ने शानदार जीत दर्ज की। यह परिणाम आम जनता के बीच पार्टी की जनपक्षधर राजनीति, निरंतर जनसंघर्षों और नीतियों के प्रति बढ़ते विश्वास का स्पष्ट प्रमाण है। सीपीआईएम, तहसील कमेटी, पीपल्दा के संयुक्त सचिव कॉमरेड मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि सबसे बड़ी उपलब्धि बीकानेर जिले की नोखा नगर पालिका में मिली, जहां पार्टी के 29 पार्षद निर्वाचित हुए। यह पार्टी के लिए ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। इस निर्णायक जनादेश के साथ राजस्थान में पहली बार किसी नगरपालिका की सत्ता की बागडोर कम्युनिस्ट पार्टी के हाथों में आने जा रही है और सीपीआईएम के चेयरमैन बनने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। 5 विजेता अल्पसंख्यक समुदाय के उन्होंने बताया कि राज्यभर में निर्वाचित 38 पार्षदों में 6 अनुसूचित जाति तथा 5 अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। नोखा के अलावा श्रीडूंगरगढ़, सूरतगढ़, हनुमानगढ़, टिब्बी, उदयपुर, धोद, लोसल, उदयपुरवाटी और पलसाना में भी पार्टी के उम्मीदवार विजयी रहे। यह परिणाम सीपीआईएम की उस राजनीति को मजबूती देता है, जो समाज के वंचित, शोषित, मजदूर, किसान, गरीब, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों की आवाज को लोकतांत्रिक संस्थाओं में मजबूती से उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनता के संघर्ष और एकजुटता की जीत सीपीआईएम राज्य सचिव किशन पारीक ने सभी विजयी उम्मीदवारों, कार्यकर्ताओं, समर्थकों और राजस्थान की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता “जनता के संघर्ष, जनता की एकजुटता और जनहित की राजनीति” को आगे बढ़ाने की नई जिम्मेदारी भी है। पार्टी आने वाले समय में किसान-मजदूर एवं आम जनता के मुद्दों को और अधिक मजबूती से उठाएगी तथा लोकतांत्रिक व जनपक्षधर राजनीति को विस्तार देगी।4
- वार्ड 87 में चुनाव के दौरान हंगामा, पत्रकार से कथित धक्का-मुक्की और मारपीट का प्रयास कोटा...! पत्रकारों ने महावीर नगर थाने पहुंचकर दी शिकायत, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कोटा में वार्ड संख्या 87 के पुनर्मतदान के दौरान बुधवार को हंगामे की स्थिति सामने आई। मतदान केंद्र पर कवरेज कर रहे वरिष्ठ पत्रकार एवं आगाज टाइम्स के ब्यूरो चीफ लोकेश जोशी के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की, मारपीट और मोबाइल छीनने का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, लोकेश जोशी चुनावी गतिविधियों की कवरेज कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा उनके साथ कथित रूप से अभद्रता करते हुए धक्का-मुक्की की गई और उन्हें मारने की धमकी देने का आरोप है। पत्रकार का आरोप है कि उनका मोबाइल छीनने का भी प्रयास किया गया तथा बाद में मोबाइल को फेंक दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में पत्रकार पहुंच गए। पत्रकारों ने घटना का विरोध करते हुए मौके पर धरना दिया और पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। पत्रकारों का कहना था कि चुनावी कवरेज के दौरान पत्रकार के साथ इस प्रकार का व्यवहार गंभीर मामला है। इसके बाद सभी पत्रकार महावीर नगर थाने पहुंचे और मामले को लेकर पुलिस को शिकायत दी। पत्रकारों ने पुलिस से घटना की निष्पक्ष जांच कर कथित रूप से शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की। पत्रकारों का आरोप है कि मौके पर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद स्थिति तनावपूर्ण बनी रही और पत्रकार को धमकाने तथा उसके साथ मारपीट का प्रयास किया गया। घटना को लेकर पत्रकारों में आक्रोश देखने को मिला। गौरतलब है कि कोटा नगर निगम चुनाव में वार्ड 87 का परिणाम EVM में तकनीकी गड़बड़ी के कारण रोक दिया गया था और वार्ड 87 समेत कुछ निर्धारित मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया गया। फिलहाल मामले में पुलिस शिकायत के आधार पर जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।4
- पेंचवर्क के नाम पर खानापूर्ति? गड्ढे छोड़कर चलता बना काम, सवाल पूछने पर बोला—“बना लो वीडियो, ऐसे ही काम चलेगा! कोटा। शहर में सड़कों की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए चल रहा पेंचवर्क और चैप वाला काम सवालों के घेरे में है। कई जगह सड़क पर पेंचवर्क तो किया जा रहा है, लेकिन उसी के आसपास मौजूद छोटे-छोटे गड्ढों को छोड़ दिया गया है। मौके पर जब पत्रकार ने कार्य कर रहे व्यक्ति से काम को लेकर सवाल किया, तो उसने कथित तौर पर अकड़ते हुए जवाब दिया—“बना लो वीडियो, ऐसे ही काम चलेगा।” वहीं, सड़क पर पेंचवर्क किए गए स्थानों के समीप मौजूद छोटे गड्ढों को लेकर सवाल पूछने पर कर्मचारी ने कहा कि “बाद में भर देंगे।” ऐसे में सवाल उठता है कि जब सड़क का काम किया जा रहा है तो आसपास के गड्ढों को उसी दौरान ठीक क्यों नहीं किया जा रहा? क्या पेंचवर्क सिर्फ खानापूर्ति के लिए किया जा रहा है? स्थानीय लोगों का सवाल है—आखिर जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी कहां है? और ठेकेदार या कार्य करने वालों को शासन-प्रशासन का डर क्यों नहीं है? अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर काम की गुणवत्ता और मौके पर हो रहे कार्य की जांच करता है या नहीं।1
- भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा महामंत्री गजेंद्र पटेल से मिले भाजपा नेता साबिर भाटी संगठन को मजबूत करने पर चर्चा भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा महामंत्री गजेंद्र पटेल से मिले भाजपा नेता साबिर भाटी संगठन को मजबूत करने पर चर्चा1
- ग्राम पंचायत सथूर में श्री वेदनाथ महादेव समिति का गठन, कार्यकारिणी घोषित हिंडोली/सथूर। ग्राम पंचायत सथूर के समस्त गांव - हरिपुरा, ढाकनी, जड़ का नयागांव, नठावा सहित सभी गांवों के सर्व समाज के पंच-पटेल एवं गणमान्य नागरिकों की बैठक में सर्व समाज की सर्व सहमति से श्री वेदनाथ महादेव समिति का गठन किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वेदनाथ महादेव मंदिर एवं महादेव की निजी भूमि संपत्ति का संरक्षण किया जाएगा, मंदिर की भूमि पर हुए अवैध कब्जों को नियमानुसार हटवाया जाएगा तथा समस्त निजी भूमि पर तारबंदी का कार्य शीघ्र किया जाएगा। नवगठित समिति की कार्यकारिणी इस प्रकार है - 1. समिति अध्यक्ष - श्री बाबूलाल गुर्जर 2. समिति उपाध्यक्ष - श्री बाबूलाल यादव 3. कोषाध्यक्ष - श्री रमेश मीणा 4. सचिव - श्री ओमप्रकाश मेवाडा 5. वरिष्ठ सदस्य - श्री हरिशंकर गुर्जर, श्री हीरालाल गुर्जर, श्री सुरेश गुर्जर, श्री ओम गोचर, श्री ओम मेवाड़ा समिति के गठन पर नक्षी के गणेश जी मंदिर पर पूजा-अर्चना कर मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया गया। बैठक में सभी गांवों के सर्व समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।4
- कोटा विश्वविद्यालय में 17 सितंबर से 52वां राष्ट्रीय भूगोल सम्मेलन कोटा। राजस्थान भूगोल परिषद् (RGA) का 52वां राष्ट्रीय सम्मेलन 17 से 19 सितंबर 2026 तक कोटा विश्वविद्यालय में आयोजित होगा। ICSSR, नई दिल्ली के प्रायोजन में होने वाले सम्मेलन में देशभर से करीब 500 भूगोलवेत्ता, शिक्षाविद्, शोधार्थी एवं विद्यार्थी भाग लेंगे। सम्मेलन का मुख्य विषय ‘विकसित भारत 2047: विकसित भारत के लिए ब्लूप्रिंट—एक भौगोलिक दृष्टिकोण’ है। तीन दिवसीय आयोजन में 13 तकनीकी सत्र होंगे, जिनमें जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन, कृषि, नगरीकरण, ग्रामीण विकास, जैव विविधता, परिवहन, क्षेत्रीय विकास, ऊर्जा, भू-राजनीति और स्थानिक डेटा जैसे विषयों पर शोध-पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। सम्मेलन का उद्घाटन 17 सितंबर को सुबह 11 बजे नागार्जुन भवन स्थित विश्वविद्यालय सभागार में होगा। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रो. एच.एस. शर्मा, मुख्य अतिथि RBSE अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ तथा अध्यक्षता कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत करेंगे। सम्मेलन में विकसित भारत के लिए क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने और सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर मंथन होगा।3
- पहले गुरुग्राम, फिर नोएडा और अब लखनऊ! जनेश्वर मिश्र पार्क के पास विवाद के दौरान युवती को कार से टक्कर मारने का आरोप पहले गुरुग्राम, फिर नोएडा और अब लखनऊ! जनेश्वर मिश्र पार्क के पास विवाद के दौरान युवती को कार से टक्कर मारने का आरोप। घटना के बाद कार सवार मौके से फरार बताया जा रहा है। हिट एंड रन का सिलसिला जारी?1