बिलासपुर जिले के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बिल्हा में प्रवेश सत्र 2026-27 और 2026-28 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवार 15 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह जानकारी रविवार रात 8:00 बजे पीआरओ द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से मिली है। प्रवेश के लिए उपलब्ध व्यवसायों में कोपा, स्टेनोग्राफी हिंदी, इलेक्ट्रिशियन, फिटर, डीजल मैकेनिक, वेल्डर और डीसीएम शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उम्मीदवार वेबसाइट https://cgiti.admissions.nic.in पर जा सकते हैं। विस्तृत जानकारी आईटीआई बिल्हा के सूचना पटल या संस्थान की वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है। शासकीय आईटीआई बिल्हा, छत्तीसगढ़ के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में से एक है, जो युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है, जिससे उनके रोजगार के अवसरों में सुधार होता है। आमतौर पर, 10वीं या 12वीं पास उम्मीदवार (ट्रेड के अनुसार) इन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने के पात्र होते हैं।
बिलासपुर जिले के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बिल्हा में प्रवेश सत्र 2026-27 और 2026-28 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवार 15 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह जानकारी रविवार रात 8:00 बजे पीआरओ द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से मिली है। प्रवेश के लिए उपलब्ध व्यवसायों में कोपा, स्टेनोग्राफी हिंदी, इलेक्ट्रिशियन, फिटर, डीजल मैकेनिक, वेल्डर और डीसीएम शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उम्मीदवार वेबसाइट https://cgiti.admissions.nic.in पर जा सकते हैं। विस्तृत जानकारी आईटीआई बिल्हा के सूचना पटल या संस्थान की वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है। शासकीय आईटीआई बिल्हा, छत्तीसगढ़ के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में से एक है, जो युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है, जिससे उनके रोजगार के अवसरों में सुधार होता है। आमतौर पर, 10वीं या 12वीं पास उम्मीदवार (ट्रेड के अनुसार) इन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने के पात्र होते हैं।
- बिलासपुर जिले के शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बिल्हा में प्रवेश सत्र 2026-27 और 2026-28 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवार 15 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह जानकारी रविवार रात 8:00 बजे पीआरओ द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से मिली है। प्रवेश के लिए उपलब्ध व्यवसायों में कोपा, स्टेनोग्राफी हिंदी, इलेक्ट्रिशियन, फिटर, डीजल मैकेनिक, वेल्डर और डीसीएम शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए उम्मीदवार वेबसाइट https://cgiti.admissions.nic.in पर जा सकते हैं। विस्तृत जानकारी आईटीआई बिल्हा के सूचना पटल या संस्थान की वेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है। शासकीय आईटीआई बिल्हा, छत्तीसगढ़ के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में से एक है, जो युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है, जिससे उनके रोजगार के अवसरों में सुधार होता है। आमतौर पर, 10वीं या 12वीं पास उम्मीदवार (ट्रेड के अनुसार) इन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने के पात्र होते हैं।1
- बिलासपुर जिले के बजरंग चौक फरहदा में सामने आई एक "मर्डर मिस्ट्री" के मामले में कनक पटेल ने कथित तौर पर गाली-गलौज और प्रताड़ना से तंग आकर अपनी जान दे दी। इस घटना के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले से संबंधित आरोपी को हिरासत में ले लिया है।1
- बिलासपुर जिले में हो रही बिजली कटौती को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने अपनी तीव्र नाराजगी व्यक्त की है। बिजली की समस्या पर गंभीर रुख अपनाते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और उनकी क्लास भी ली।1
- बिलासपुर के चर्चित मोंटी कश्यप हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। हत्या की साजिश में शामिल और देशी कट्टा-कारतूस उपलब्ध कराने वाले फरार आरोपी कुंदन सागर को ओडिशा के राजगंगपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। यह आरोपी पिछले करीब 5 वर्षों से फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार, मोंटी कश्यप की हत्या की साजिश पुरानी रंजिश के चलते रची गई थी। आरोपी के खिलाफ हत्या की साजिश और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है।1
- बलौदाबाजार जिला मुख्यालय से सटे ग्राम परसाभदेर में अवैध खनन का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, परसाभदेर-चारौटी मुख्य मार्ग के किनारे लंबे समय से खनिज का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी है, जिसके कारण सड़क के समीप एक विशाल गड्ढा बन गया है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, संबंधित विभाग द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। यह बड़ा गड्ढा राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त की है कि बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है, जिससे किसी भी समय एक बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खुलेआम चल रहे इस अवैध खनन पर खनिज विभाग की नजर नहीं पड़ रही है, जबकि यह गतिविधियां मुख्य मार्ग के किनारे ही संचालित हो रही हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और खनिज विभाग से तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और दुर्घटना की आशंका को देखते हुए सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है। क्षेत्र के लोगों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते इस मामले पर कार्रवाई नहीं की गई, तो अवैध खनन से न केवल पर्यावरणीय नुकसान होगा, बल्कि जनहानि की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब संज्ञान लेता है और ठोस कदम उठाता है।1
- कोरबा में इतिहास प्रसिद्ध समाजसेविका, कुशल प्रशासक, न्यायप्रिय शासक और महिला सशक्तिकरण की प्रतीक लोकमाता पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर की जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी जिला कोरबा द्वारा रिसदी स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि एवं माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी सहित पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों, सुशासन, जनसेवा और समाज कल्याण के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया। भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की ऐसी महान शासिका थीं, जिन्होंने सेवा, सुशासन, न्याय और जनकल्याण के क्षेत्र में अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने महिलाओं को सम्मान और आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाते हुए समाज में सशक्त नेतृत्व की मिसाल कायम की। मोदी ने बताया कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र, धर्म और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहा, और उन्होंने देशभर में मंदिरों, धर्मशालाओं, घाटों तथा जनहित के अनेक निर्माण कार्यों के माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके आदर्श आज भी समाज को नई दिशा दे रहे हैं और जनप्रतिनिधियों व समाजसेवियों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। कार्यक्रम में आरएसएस के जिला कार्यवाहक कैलाश नाहक ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर को न्यायप्रियता और दूरदर्शिता की प्रतिमूर्ति बताते हुए कहा कि वे राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में एक महान प्रेरणास्रोत थीं। नाहक ने बताया कि उन्होंने युवा काल में ही लाठी चलाना, तलवारबाजी, कूटनीति, विदेश नीति और शासन-प्रशासन की बारीकियों का गहन ज्ञान प्राप्त कर लिया था। अपनी अद्भुत नेतृत्व क्षमता, दूरदर्शिता और न्यायप्रियता के बल पर उन्होंने समाज में एक आदर्श शासक के रूप में पहचान बनाई। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण के लिए उल्लेखनीय कार्य किए, जिसमें मुगलों और अंग्रेजों द्वारा खंडित तथा ध्वस्त किए गए 350 से अधिक मंदिरों का देश के विभिन्न हिस्सों में जीर्णोद्धार शामिल है। कैलाश नाहक ने जोर दिया कि उनका जीवन समाजसेवा, धर्म संरक्षण और जनकल्याण के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है, जो आज भी युवा पीढ़ी को प्रेरणा देता है। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आरएसएस के जिला कार्यवाहक कैलाश नाहक, डॉ. मनोज कुमार झा, हेमंत मोहलीकर, बालकृष्ण ठाकुर, जिला महामंत्री अजय विश्वकर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय, जिला उपाध्यक्ष योगेश जैन, रूक्मणी नायर, वरिष्ठ भाजपा नेता विकास अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष डॉ राजेश राठौर, जिला मीडिया प्रभारी अर्जुन गुप्ता, कुलसिंह कंवर, सरजू अजय, प्रकाश अग्रवाल, राजेश लहरे, संजीव शर्मा, संजय राठौर व मोंटी पटेल सहित कई भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ने अहिल्याबाई होलकर के जनसेवा और धर्म संरक्षण के आदर्शों को स्मरण किया, जो आज भी समाज को एक नई दिशा प्रदान करते हैं और भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।1
- छत्तीसगढ़ के खरोरा में, कांग्रेस पार्टी ने आदिवासी समाज की पहचान और सम्मान से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन करते हुए अपना विरोध प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम शनिवार शाम तिल्दा रोड स्थित तिगड्डा चौक पर आयोजित किया गया, जहाँ 'आदिवासी बनाम वनवासी' विवाद पर अपनी नाराजगी व्यक्त की गई। यह प्रदर्शन आदिवासी कांग्रेस कमेटी ब्लॉक खरोरा के अध्यक्ष अमित उइके के आह्वान पर आयोजित हुआ, जिसमें कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने आदिवासी समाज की पहचान से जुड़े विषयों पर गहरी नाराजगी जताई और केंद्र सरकार की नीतियों का कड़ा विरोध किया। इस विरोध कार्यक्रम में जिला रायपुर ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे, पूर्व विधायक अनिता शर्मा, जिला आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष दिलदार कुमरे, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खरोरा अध्यक्ष अश्वनी वर्मा, जिला महामंत्री नीतू साहू, जिला सदस्य भागबली ध्रुव, मंडल अध्यक्ष रविंदर बबलू भाटिया तथा जिला आदिवासी कांग्रेस उपाध्यक्ष होलेराम पोर्ते सहित कई अन्य कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। इनमें सुरेंद्र गिलहरे, धनेश वर्मा, खूबी डहरिया, कपिल नशीने, लकेश्वर यादव, लकेश्वर कोसले, दशरथ ब्रजले, नंदकिशोर ध्रुव, शोभाराम जगत, नरेंद्र डहरिया, राशिद खान, मिराज खान, जितेंद्र गोड, कामता कोसले और सालिक राम मंडावी भी शामिल थे। कांग्रेस नेताओं ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि पार्टी आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आगे भी मुखर होकर अपनी आवाज उठाती रहेगी। यह पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1