चम्बा के जनजातीय उपमंडल पांगी की ग्राम पंचायत कुमार के परमार गांव में रविवार को पारंपरिक छतयानी मेले का हर्षोल्लास के साथ आयोजन किया गया। इस मेले में स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी समृद्ध लोक परंपराओं तथा सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाया। पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहा और लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुरूप इस भव्य आयोजन का भरपूर आनंद लिया। इस मेले का मुख्य आकर्षण स्थानीय महिलाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। पारंपरिक पंगवाली वेशभूषा में सजी महिलाओं ने लोकगीतों और लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान पांगी क्षेत्र की पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाजों और सामाजिक एकता की बेहद सुंदर झलक देखने को मिली। इस विशेष अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों ने मेले में भाग लेकर आपसी मेल-मिलाप बढ़ाया और भाईचारे का संदेश दिया। ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे पारंपरिक आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक पहचान को जीवंत बनाए रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति और समृद्ध परंपराओं से जोड़ने का भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
चम्बा के जनजातीय उपमंडल पांगी की ग्राम पंचायत कुमार के परमार गांव में रविवार को पारंपरिक छतयानी मेले का हर्षोल्लास के साथ आयोजन किया गया। इस मेले में स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी समृद्ध लोक परंपराओं तथा सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाया। पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहा और लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुरूप इस भव्य आयोजन का भरपूर आनंद लिया। इस मेले का मुख्य आकर्षण स्थानीय महिलाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। पारंपरिक पंगवाली वेशभूषा में सजी महिलाओं ने लोकगीतों और लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान पांगी क्षेत्र की पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाजों और सामाजिक एकता की बेहद सुंदर झलक देखने को मिली। इस विशेष अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों ने मेले में भाग लेकर आपसी मेल-मिलाप बढ़ाया और भाईचारे का संदेश दिया। ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे पारंपरिक आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक पहचान को जीवंत बनाए रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति और समृद्ध परंपराओं से जोड़ने का भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
- चम्बा के जनजातीय उपमंडल पांगी की ग्राम पंचायत कुमार के परमार गांव में रविवार को पारंपरिक छतयानी मेले का हर्षोल्लास के साथ आयोजन किया गया। इस मेले में स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी समृद्ध लोक परंपराओं तथा सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाया। पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहा और लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुरूप इस भव्य आयोजन का भरपूर आनंद लिया। इस मेले का मुख्य आकर्षण स्थानीय महिलाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। पारंपरिक पंगवाली वेशभूषा में सजी महिलाओं ने लोकगीतों और लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान पांगी क्षेत्र की पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाजों और सामाजिक एकता की बेहद सुंदर झलक देखने को मिली। इस विशेष अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों ने मेले में भाग लेकर आपसी मेल-मिलाप बढ़ाया और भाईचारे का संदेश दिया। ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे पारंपरिक आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक पहचान को जीवंत बनाए रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति और समृद्ध परंपराओं से जोड़ने का भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण माध्यम हैं।1
- केरल के वायनाड हादसे में लापता हुए हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के फतेहपुर उपमंडल के तहत पंचायत टकोली घिरथा निवासी और डीबीएल कंपनी के इंजीनियर विक्रम सिंह राणा का शव छह दिन बाद बरामद कर लिया गया है। विक्रम सिंह राणा बीते 7 जुलाई को वायनाड में आई त्रासदी के बाद से लापता थे, जिसके बाद लगातार चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद रविवार दोपहर को उनका शव बरामद किया गया। इस संकट की घड़ी में मृतक के परिजनों ने केरल सरकार, प्रशासन और बचाव दलों का हर स्तर पर पूरा सहयोग देने के लिए आभार जताया है। केरल पहुंचे उनके भाई प्रमोद राणा ने कहा कि उन्हें केरल की धरती पर मानवता का सच्चा रूप देखने को मिला है और इस कठिन समय में मिले सहयोग को उनका परिवार कभी नहीं भूल पाएगा। उनके भाई कुलवंत सिंह और प्रमोद राणा हादसे के अगले ही दिन 8 जुलाई को केरल पहुंच गए थे। दिवंगत विक्रम सिंह राणा के शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है और सोमवार तक उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचने की उम्मीद है। इस हादसे और विक्रम सिंह राणा के निधन से टकोली घिरथा समेत पूरे फतेहपुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और स्थानीय लोग शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना कर रहे हैं।1
- कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक चौधरी सुरेंद्र काकू ने कहा है कि उनके कार्यकाल में क्षेत्र के लोगों और परिवारों के लिए जो भी विकास कार्य संभव हो सके, वे जनता के सहयोग और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समर्थन से ही पूरे हुए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कांगड़ा के विकास के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान कर रहे हैं। सुरेंद्र काकू ने क्षेत्र के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और जनता द्वारा मिल रहे निरंतर सहयोग की भी सराहना की।1
- हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बैजनाथ के तहत आने वाली ग्राम पंचायत नोरी झिकली के वार्ड नंबर 4 में रास्ते का काम नहीं हो रहा है। इस रास्ते का निर्माण कार्य न होने की वजह से लोगों को इस मार्ग पर चलने-फिरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- जम्मू-कश्मीर के मानसर की पवित्र धरती से आस्था और भक्ति का एक अद्भुत नजारा सामने आया है, जहां लोग घर बैठे ही प्राचीन बाबा शेषनाग देव मानसर जी के दिव्य दर्शन कर सकते हैं। बाबा के पावन आशीर्वाद से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे, इसी मंगलकामना के साथ लोग 'जय बाबा शेषनाग देव' का जाप कर रहे हैं। भक्ति के इस पावन प्रवाह से जुड़ते हुए लोगों से भी कमेंट में “जय बाबा शेषनाग” लिखने का आह्वान किया जा रहा है।1
- मंडी जिले के सुंदरनगर क्षेत्र की महादेव पंचायत में एक बेसहारा बैल द्वारा वृद्ध महिला को घायल किए जाने के बाद प्रशासन और पंचायत ने संयुक्त कार्रवाई की है। इस घटना के बाद पंचायत प्रधान वीरेन्द्र कुमार और स्थानीय युवाओं ने मिलकर उस बैल को सुरक्षित रूप से पकड़ा। इसके बाद बैल को सुंदरनगर के शीशमहल के पास स्थित कल्याण गौ सदन पहुंचा दिया गया है। इस संबंध में अनुसूचित जाति जनजाति निगम के चेयरमैन लाल सिंह कौशल ने कहा कि बेसहारा नंदी की समस्या का स्थायी समाधान गौ सदनों के माध्यम से निकाला जाएगा। वहीं, एसडीएम सुंदरनगर अमर नेगी ने पशु चिकित्सकों को इस बैल की स्वास्थ्य जांच करने के निर्देश जारी किए हैं और साथ ही क्षेत्र के अन्य बेसहारा बैलों को भी जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर भेजने की बात कही है।1
- हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बैजनाथ के पपरोला स्थित बुर्ली कोठी रेलवे फाटक और ट्रेन का दृश्य देखने को मिला है।1
- सराहां बस स्टैंड और बाईपास चौक के बीच एक कार 250 मीटर गहरी खाई में गिर गई, जिससे दो लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में मां और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दुर्घटना के बाद गंभीर रूप से घायल मां-बेटे को इलाज के लिए नाहन रेफर किया गया है।1