विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को शाहपुरा के डॉ. घनश्याम चावला, जो वर्तमान में चित्तौड़गढ़ के अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (परिवार कल्याण) हैं, को एक राज्यस्तरीय सम्मान समारोह में सम्मानित किया जाएगा। डॉ. चावला वर्ष 2024 में शाहपुरा जिले के सीएमएचओ के पद पर कार्यरत थे और चित्तौड़गढ़ स्थानांतरण के बाद पिछले डेढ़ वर्षों में उन्होंने परिवार कल्याण मिशन के तहत सराहनीय कार्य किया है। जनसंख्या स्थायित्व के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चित्तौड़गढ़ जिले ने राज्य के 40 जिलों में प्रथम स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में 11 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन को प्रशस्ति पत्र और 18 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इस सम्मान समारोह में डॉ. चावला के साथ चित्तौड़गढ़ की जिला कलेक्टर डॉ. मंजू और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तारा चंद गुप्ता को भी सम्मानित किया जाएगा।
विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को शाहपुरा के डॉ. घनश्याम चावला, जो वर्तमान में चित्तौड़गढ़ के अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (परिवार कल्याण) हैं, को एक राज्यस्तरीय सम्मान समारोह में सम्मानित किया जाएगा। डॉ. चावला वर्ष 2024 में शाहपुरा जिले के सीएमएचओ के पद पर कार्यरत थे और चित्तौड़गढ़ स्थानांतरण के बाद पिछले डेढ़ वर्षों में उन्होंने परिवार कल्याण मिशन के तहत सराहनीय कार्य किया है। जनसंख्या स्थायित्व के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चित्तौड़गढ़ जिले ने राज्य के 40 जिलों में प्रथम स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में 11 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन को प्रशस्ति पत्र और 18 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इस सम्मान समारोह में डॉ. चावला के साथ चित्तौड़गढ़ की जिला कलेक्टर डॉ. मंजू और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तारा चंद गुप्ता को भी सम्मानित किया जाएगा।
- भीलवाड़ा के शाहपुरा में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चलानिया भैरुनाथ मार्ग की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। शाहपुरा से चलानिया तक के रास्ते में जगह-जगह बड़े-बड़े खड्डे हो गए हैं और सड़क की साइडें भी खराब हो चुकी हैं। इस वजह से यहां दूर-दराज से दर्शन और पेशी के लिए आने वाले यात्रियों को, विशेषकर शनिवार और रविवार को, भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां आने-जाने के लिए पर्याप्त परिवहन साधनों की भी भारी कमी है। शनिवार की रात और रविवार की सुबह केवल गिने-चुने ऑटो रिक्शा ही चलते हैं। सवारी मिलने पर ये ऑटो चालक रास्ते में आने वाले एक-दो गांवों का किराया भी चलानिया के हिसाब से ही वसूलते हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने इस क्षतिग्रस्त सड़क को जल्द से जल्द ठीक करने की मांग की है। चलानिया भैरुनाथ के पास सड़क के किनारों पर पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण वाहनों को मोड़ने और साइड लेने में बेहद दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस समस्या पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया, तो यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।4
- भीलवाड़ा जिले में मानसून के सक्रिय होने के बावजूद अपेक्षित वर्षा न होने के कारण पतंजलि परिवार द्वारा शनिवार को पर्जन्य एवं वरुण यज्ञ का आयोजन किया गया। विजय सिंह पथिक नगर स्थित बड़े पार्क में चल रही नि:शुल्क योग कक्षा के दौरान यह यज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें योग साधकों ने वर्षा के देवता इंद्र एवं वरुण देव को प्रसन्न करने के लिए वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दीं। महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी नीरा मेहता के मुख्य आतिथ्य और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओ.पी. आगाल की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में भारत स्वाभिमान न्यास के जिला प्रभारी एवं मुख्य योग शिक्षक प्रेम शंकर जोशी ने यज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सनातन परंपरा के अनुसार यज्ञ की आहुतियों का धुआं वातावरण में सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करता है और वर्षा के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाता है। साथ ही, उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टि से भी यज्ञ को वातावरण की शुद्धि में सहायक बताया। इस धार्मिक आयोजन में रेखा आगाल, शोभा जागेटिया, लीला पंचोली, संतोष वर्मा, कौशल्या पोरवाल, सुशीला बाहेती, सुनीता अग्रवाल, मंजू दाधीच, तारा, किरण श्याम नानी, नरेंद्र वर्मा, ओ.पी. जागेटिया, रमेश बांगड़ और जटाशंकर खटवा सहित अनेक योग साधकों ने विधि-विधान से भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने अच्छी वर्षा, भरपूर अन्न, जल की उपलब्धता और समस्त प्राणियों के कल्याण की प्रार्थना की, जिसके बाद शांति पाठ के साथ यज्ञ का समापन हुआ।3
- राजस्थान में कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की कार्यकारिणी का विस्तार किया गया है। इस विस्तार के तहत 19 नए प्रदेश पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है।1
- चित्तौड़गढ़ से तीन बेहद प्रेरणादायक तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्होंने पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है। इन प्रेरक तस्वीरों में स्वास्थ्य सेवा, गौसेवा और मेवाड़ की बेटी द्वारा जिले का मान बढ़ाए जाने की कहानी शामिल है, जो हर किसी को प्रेरित कर रही है।1
- चित्तौड़गढ़ की बढ़वाई पंचायत से जुड़े एक मामले में, एक साल पहले स्वीकृत हुए 24 फीट के रास्ते पर तहसील के तहसीलदार और पटवारी द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इससे ग्रामीणों के आने-जाने में भारी तकलीफ हो रही है और वे काफी परेशान हैं। खास तौर पर बारिश के मौसम में स्थिति बदतर हो जाती है, जब इस मार्ग पर बाइक या फोर-व्हीलर ले जाने का कोई रास्ता नहीं बचता है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में ग्रामीणों को मजबूरन यहां से पैदल ही जाना पड़ता है। ग्रामीणों का आम रास्ता विधायक (MLA) फंड से बने 'मामादेव बंध' के कारण बंद हो गया है। यह बांध 1 करोड़ 50 हजार की लागत से स्वीकृत हुआ था, जिससे ग्रामीणों को कोई फायदा होने के बजाय उनका रास्ता ही बंद हो गया है। बांध निर्माण के समय ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया था कि उन्हें आने-जाने का रास्ता दिया जाएगा, लेकिन उन्हें कोई रास्ता नहीं दिया गया। जब ग्रामीणों ने इस बारे में ठेकेदार से बात की, तो उसने साफ कह दिया कि आगे से जो निर्देश आया है, वह वही करेगा। स्थानीय लोगों ने अपनी तरफ से बहुत कोशिश की, लेकिन आज दिन तक उनकी इस समस्या पर किसी ने कोई सुनवाई नहीं की है।4
- चित्तौड़गढ़ के आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर स्थित आयुष हॉस्पिटल में श्वास, दमा और अस्थमा जैसी बीमारियों का सफल इलाज किया जा रहा है। अस्पताल की ओर से इन रोगों के उपचार का दावा किया गया है और मरीज स्वयं अपने सफल इलाज का अनुभव साझा कर रहे हैं।1
- राजसमंद के रेलमगरा में वर्षों पुरानी मांग को लेकर शनिवार को जे.आर. महाविद्यालय से 'रेलमगरा रेल लाओ जन-हस्ताक्षर अभियान' का आगाज हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रेमलाल तेली के सान्निध्य में शुरू हुए इस जनआंदोलन में छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों, युवाओं और समाजसेवियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर प्रस्तावित नाथद्वारा–रेलमगरा–टोडारायसिंह नई रेल लाइन के समर्थन में हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में रोशन लाल टुकलिया, राजेंद्र सरगरा, दिलीप वैष्णव, एडवोकेट रमेश चंद्र अहीर ओडा, उप सरपंच भरत कुमार, गोटू लाल, रतन लाल जाट, लवेश गौड़, सम्पत लाल कुमावत और रीना आमेटा सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। अभियान के दौरान वक्ताओं ने रेखांकित किया कि प्रस्तावित रेल लाइन का सर्वे वर्षों पहले पूरा हो चुका है, लेकिन परियोजना अब तक स्वीकृति की बाट जोह रही है। इस रेल मार्ग से राजसमंद, भीलवाड़ा, अजमेर और टोंक जिलों को लाभ मिलने के साथ ही श्रीनाथजी मंदिर नाथद्वारा, भगवान श्री देवनारायण जन्मस्थली मालासेरी डूंगरी और रेलमगरा-दरीबा के औद्योगिक व खनिज क्षेत्रों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और राजसमंद सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ से इस परियोजना को जल्द स्वीकृति प्रदान करने और निर्माण कार्य शुरू करने की भावनात्मक अपील की है। 'जन-जन की यही पुकार, रेलमगरा को मिले रेल का अधिकार' जैसे नारों के साथ गूंजे इस आयोजन में अभियान को आगे ले जाने का संकल्प लिया गया। संयोजकों के अनुसार, आने वाले दिनों में यह अभियान विभिन्न गांवों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर चलाया जाएगा। इसके समापन पर हजारों नागरिकों के हस्ताक्षरों वाला जनहित ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को प्रेषित किया जाएगा ताकि इस बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना को गति मिल सके।4
- भीलवाड़ा के शाहपुरा में स्थित पीएम श्री वीर माता माणिक कंवर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) और 21वीं सदी के कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 'जीवन जीने हेतु कौशल' विषय पर 'मेरा परिचय' एवं व्यक्तित्व परीक्षण गतिविधि का सफल आयोजन किया गया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं में स्व-जागरूकता विकसित करना और उन्हें अपनी क्षमताओं व रुचियों को पहचानने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्य रीता धोबी के प्रेरणादायक उद्बोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने छात्राओं को अपनी खूबियों को पहचानकर जीवन के हर क्षेत्र में सफलता हासिल करने का मंत्र दिया। इस गतिविधि के दौरान छात्राओं को वर्कशीट प्रदान की गई, जिसमें उन्होंने अपने अनुशासन, रचनात्मकता, खेलकूद, चित्रकला, गायन और नेतृत्व जैसे सकारात्मक गुणों का उल्लेख किया। इसके बाद छात्राओं को दो-दो के समूहों में विभाजित कर एक-दूसरे के व्यक्तित्व को समझने और उनके व्यवहार का अवलोकन करने का अवसर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान कक्षा 12 की पलक कोली ने अपने व्यक्तित्व कौशल का बेहतरीन वर्णन किया, वहीं कक्षा 8 की भूमिका कोली ने भी अपना परिचय देकर अपने गुणों व रुचियों की जानकारी दी। शिक्षकों ने भी छात्राओं की विशिष्ट खूबियों को पहचानकर 'आप समय की पाबंद हैं' और 'आप विनम्र व्यवहार करती हैं' जैसी सकारात्मक टिप्पणियों से उनका हौसला बढ़ाया। इस गतिविधि के माध्यम से छात्राओं में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, प्रभावी संवाद, सहयोग, आत्मसम्मान और सामाजिक व नैतिक मूल्यों का विकास स्पष्ट रूप से देखने को मिला। छात्राओं ने बताया कि दूसरों से अपनी खूबियों की सराहना सुनकर उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम प्रभारी तबस्सुम ने छात्राओं की इस सक्रिय सहभागिता की सराहना की और भविष्य में भी ऐसी जीवनोपयोगी गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया।3