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बाराबंकी के फतेहपुर में भाकियू की बड़ी किसान महापंचायत

2 hrs ago
user_Mohd Sultan Warsi
Mohd Sultan Warsi
फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

बाराबंकी के फतेहपुर में भाकियू की बड़ी किसान महापंचायत

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  • Post by शहनवाज असलम
    4
    Post by शहनवाज असलम
    user_शहनवाज असलम
    शहनवाज असलम
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • रवि रावत की रिपोर्ट लोकेशन फतेहपुर *राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार के बजट पर उठाए सवाल बाराबंकी में किसान-मजदूर स्वाभिमान महापंचायत को किया संबोधित* बाराबंकी के फतेहपुर मंगलवार को तहसील क्षेत्र के दादनपुर चौराहे के निकट भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) द्वारा किसान-मजदूर स्वाभिमान महापंचायत का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।मंच पर पहुँचते ही राकेश टिकैत ने संगठन के समर्पित कार्यकर्ता सरदार सरमैल सिंह गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। महापंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार के बजट पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है। यदि सरकार ने कुछ घोषणाएं की भी हैं, तो उनकी कड़ी निगरानी आवश्यक है ताकि लाभ वास्तविक किसानों तक पहुँच सके। गाजियाबाद में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के सवाल पर टिकैत ने कहा कि यह स्थिति प्रशासनिक वार्ता के दौरान बनी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों का उद्देश्य है कि प्रशासनिक दबाव हटे और वहाँ से प्लॉट हटाया जाए। ट्रेड डील के मुद्दे पर उन्होंने इसे एकतरफा घोषणा बताया, जिसका कोई जवाब नहीं दिया गया। टिकैत ने चेतावनी दी कि इससे भारत के किसानों को, विशेषकर दूध उत्पादकों और कृषि किसानों को नुकसान होगा।उन्होंने बताया कि संगठन गाँव-गाँव जाकर पंचायतों के माध्यम से चर्चा कर रहा है और एक बड़े आंदोलन की आवश्यकता महसूस की जा रही है। टिकैत ने अपने संबोधन में कहा कि वे किसानों से जुड़ी हर लड़ाई आखिरी दम तक लड़ते रहेंगे और बिना परामर्श लाए जा रहे कानूनों का विरोध जारी रहेगा। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्थानीय मांगों से संबंधित 20 सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कार्तिकेय सिंह को सौंपा। महापंचायत में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह, राष्ट्रीय महासचिव राजबीर सिंह जादौन, प्रदेश अध्यक्ष पंडित राजपाल शर्मा, मध्यांचल अध्यक्ष सालिक राम यादव, युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह, महिला प्रदेश अध्यक्ष बब्ली त्यागी, जिलाध्यक्ष हौसिला प्रसाद वर्मा सहित नौलीलाल वर्मा, बाबादीम वर्मा, मुकेश वर्मा और राजू सरदार भी मौजूद रहे।
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    रवि रावत की रिपोर्ट 
लोकेशन फतेहपुर 
*राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार के बजट पर उठाए सवाल बाराबंकी में किसान-मजदूर स्वाभिमान महापंचायत को किया संबोधित*
बाराबंकी के फतेहपुर मंगलवार को तहसील क्षेत्र के दादनपुर चौराहे के निकट भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) द्वारा किसान-मजदूर स्वाभिमान महापंचायत का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।मंच पर पहुँचते ही राकेश टिकैत ने संगठन के समर्पित कार्यकर्ता सरदार सरमैल सिंह गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
महापंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार के बजट पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है। यदि सरकार ने कुछ घोषणाएं की भी हैं, तो उनकी कड़ी निगरानी आवश्यक है ताकि लाभ वास्तविक किसानों तक पहुँच सके।
गाजियाबाद में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के सवाल पर टिकैत ने कहा कि यह स्थिति प्रशासनिक वार्ता के दौरान बनी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों का उद्देश्य है कि प्रशासनिक दबाव हटे और वहाँ से प्लॉट हटाया जाए।
ट्रेड डील के मुद्दे पर उन्होंने इसे एकतरफा घोषणा बताया, जिसका कोई जवाब नहीं दिया गया। टिकैत ने चेतावनी दी कि इससे भारत के किसानों को, विशेषकर दूध उत्पादकों और कृषि किसानों को नुकसान होगा।उन्होंने बताया कि संगठन गाँव-गाँव जाकर पंचायतों के माध्यम से चर्चा कर रहा है और एक बड़े आंदोलन की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
टिकैत ने अपने संबोधन में कहा कि वे किसानों से जुड़ी हर लड़ाई आखिरी दम तक लड़ते रहेंगे और बिना परामर्श लाए जा रहे कानूनों का विरोध जारी रहेगा। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्थानीय मांगों से संबंधित 20 सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कार्तिकेय सिंह को सौंपा।
महापंचायत में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह, राष्ट्रीय महासचिव राजबीर सिंह जादौन, प्रदेश अध्यक्ष पंडित राजपाल शर्मा, मध्यांचल अध्यक्ष सालिक राम यादव, युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह, महिला प्रदेश अध्यक्ष बब्ली त्यागी, जिलाध्यक्ष हौसिला प्रसाद वर्मा सहित नौलीलाल वर्मा, बाबादीम वर्मा, मुकेश वर्मा और राजू सरदार भी मौजूद रहे।
    user_रवि रावत
    रवि रावत
    पत्रकार फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by Mohd Sultan Warsi
    1
    Post by Mohd Sultan Warsi
    user_Mohd Sultan Warsi
    Mohd Sultan Warsi
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • शादी के बाद दूल्हा किन्नर निकला, नेग लेने पहुंचे किन्नर दूल्हे को अपने साथ ले गए यूपी के बाराबंकी में शादी के बाद दूल्हा किन्नर निकला, बात फैलते ही बराती भाग निकले, गुस्साए लड़की वालों ने दूल्हे को पकड़कर बंधक बना लिया हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले किन्नर समुदाय के लोग उसे लेकर चले गए
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    शादी के बाद दूल्हा किन्नर निकला, नेग लेने पहुंचे किन्नर दूल्हे को अपने साथ ले गए
यूपी के बाराबंकी में शादी के बाद दूल्हा किन्नर निकला, बात फैलते ही बराती भाग निकले,
गुस्साए लड़की वालों ने दूल्हे को पकड़कर बंधक बना लिया
हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले किन्नर समुदाय के लोग उसे लेकर चले गए
    user_Asheesh Kumar
    Asheesh Kumar
    Classified ads newspaper publisher फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बाराबंकी में हरियाली पर आरा कुल्हाड़ी: परमिट दो पेड़ों का, कटे सत्रह-वन विभाग और पुलिस पर मिलीभगत के आरोप बाराबंकी। मसौली थाना क्षेत्र के ग्राम करसंडा के पास स्थित बसवाड़ी बाग में प्रतिबंधित 17 जामुन के पेड़ों की कटान ने एक बार फिर वन विभाग और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई चोरी-छिपे हुआ अपराध नहीं, बल्कि खुलेआम मिलीभगत से अंजाम दिया गया हरित संहार है, जिसकी शिकायत वन प्रभागीय निदेशक तक पहुंचाई जा चुकी है। बताया जा रहा है कि पूरे प्रकरण में केवल दो पेड़ों का परमिट जारी हुआ था, लेकिन उसी की आड़ में 17 पेड़ काट दिए गए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभागीय निगरानी सचमुच मौजूद होती तो इतनी बड़ी कटान दिनदहाड़े संभव ही नहीं थी। वन दरोगा श्याम लाल ने भी स्वीकार किया कि अनुमति सिर्फ दो पेड़ों की थी—ऐसे में बाकी पेड़ों की कटान किस संरक्षण में हुई, यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है। सरकार एक ओर हर साल हरियाली बढ़ाने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, पौधरोपण के दावे किए जाते हैं, पर्यावरण बचाने के संदेश दिए जाते हैं-लेकिन दूसरी ओर वही विभागीय तंत्र आरा और कुल्हाड़ी को संरक्षण देता दिखे तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि व्यवस्था पर धब्बा माना जाएगा। हैरानी की बात यह भी है कि इस अवैध कटान से जुड़े ठेकेदार ने खुले तौर पर कहा कि बिना पुलिस और वन विभाग की जानकारी कोई काम नहीं कराया जाता। यह बयान पूरे तंत्र की कार्यप्रणाली पर सीधा आरोप है। ग्रामीणों का दावा है कि रामनगर रेंज का हाल और भी बदतर है, जहां विभागीय सह पर रोज पेड़ों का सीना चीरा जाता है और शिकायतें फाइलों में दफन होकर रह जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की फील्ड से दूरी और कर्मचारियों की मनमानी ने वन माफियाओं के हौसले बुलंद कर दिए हैं। अब सवाल यह है कि क्या इस मामले में केवल खानापूरी होगी या फिर वास्तव में दोषियों पर कार्रवाई कर हरियाली के कातिलों को बेनकाब किया जाएगा। जब पेड़ ही सुरक्षित नहीं, तो पर्यावरण बचाने के सरकारी दावे कितने खोखले हैं-यह घटना उसी की कड़वी मिसाल बनकर सामने आई है।
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    बाराबंकी में हरियाली पर आरा कुल्हाड़ी: परमिट दो पेड़ों का, कटे सत्रह-वन विभाग और पुलिस पर मिलीभगत के आरोप
बाराबंकी।
मसौली थाना क्षेत्र के ग्राम करसंडा के पास स्थित बसवाड़ी बाग में प्रतिबंधित 17 जामुन के पेड़ों की कटान ने एक बार फिर वन विभाग और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई चोरी-छिपे हुआ अपराध नहीं, बल्कि खुलेआम मिलीभगत से अंजाम दिया गया हरित संहार है, जिसकी शिकायत वन प्रभागीय निदेशक तक पहुंचाई जा चुकी है।
बताया जा रहा है कि पूरे प्रकरण में केवल दो पेड़ों का परमिट जारी हुआ था, लेकिन उसी की आड़ में 17 पेड़ काट दिए गए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभागीय निगरानी सचमुच मौजूद होती तो इतनी बड़ी कटान दिनदहाड़े संभव ही नहीं थी। वन दरोगा श्याम लाल ने भी स्वीकार किया कि अनुमति सिर्फ दो पेड़ों की थी—ऐसे में बाकी पेड़ों की कटान किस संरक्षण में हुई, यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
सरकार एक ओर हर साल हरियाली बढ़ाने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, पौधरोपण के दावे किए जाते हैं, पर्यावरण बचाने के संदेश दिए जाते हैं-लेकिन दूसरी ओर वही विभागीय तंत्र आरा और कुल्हाड़ी को संरक्षण देता दिखे तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि व्यवस्था पर धब्बा माना जाएगा।
हैरानी की बात यह भी है कि इस अवैध कटान से जुड़े ठेकेदार ने खुले तौर पर कहा कि बिना पुलिस और वन विभाग की जानकारी कोई काम नहीं कराया जाता। यह बयान पूरे तंत्र की कार्यप्रणाली पर सीधा आरोप है। ग्रामीणों का दावा है कि रामनगर रेंज का हाल और भी बदतर है, जहां विभागीय सह पर रोज पेड़ों का सीना चीरा जाता है और शिकायतें फाइलों में दफन होकर रह जाती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की फील्ड से दूरी और कर्मचारियों की मनमानी ने वन माफियाओं के हौसले बुलंद कर दिए हैं। अब सवाल यह है कि क्या इस मामले में केवल खानापूरी होगी या फिर वास्तव में दोषियों पर कार्रवाई कर हरियाली के कातिलों को बेनकाब किया जाएगा।
जब पेड़ ही सुरक्षित नहीं, तो पर्यावरण बचाने के सरकारी दावे कितने खोखले हैं-यह घटना उसी की कड़वी मिसाल बनकर सामने आई है।
    user_Adarsh rawat press
    Adarsh rawat press
    पत्रकार नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • झूठ बोलते समय ही चेहरे पर इतना तनाव होता है। सबको साँप सा क्यों सूँघ गया है? सच तो ये है कि न ये संतो का सम्मान करते हैं, न स्वतंत्रता सेनानियों का न ही सज्जनों का।
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    झूठ बोलते समय ही चेहरे पर इतना तनाव होता है। सबको साँप सा क्यों सूँघ गया है? 
सच तो ये है कि न ये संतो का सम्मान करते हैं, न स्वतंत्रता सेनानियों का न ही सज्जनों का।
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people Nawabganj, Barabanki•
    4 hrs ago
  • अशोक नगर में घरों तक पहुंचा नालियों का गंदा पानी | शिकायत के बाद भी नहीं जागा प्रशासन | बाराबंकी ग्राउंड रिपोर्ट यूट्यूब डिस्क्रिप्शन: बाराबंकी के बंकी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत ढकोली के अशोक नगर में स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत मिशन की पोल खुलती नजर आ रही है। पानी के निकास की व्यवस्था न होने के कारण नालियों का गंदा पानी लोगों के घरों में भर रहा है, जिससे क्षेत्रीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ और न ही कोई अधिकारी मौके पर जांच करने पहुंचा। वहीं अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा ग्राम प्रधान जेल में हैं और बजट के अभाव में कार्य नहीं हो पा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब मिलेगी लोगों को इस गंदगी और जलभराव से राहत? ग्राउंड जीरो से पूरी रिपोर्ट देखिए और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें।
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    अशोक नगर में घरों तक पहुंचा नालियों का गंदा पानी | शिकायत के बाद भी नहीं जागा प्रशासन | बाराबंकी ग्राउंड रिपोर्ट
यूट्यूब डिस्क्रिप्शन:
बाराबंकी के बंकी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत ढकोली के अशोक नगर में स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत मिशन की पोल खुलती नजर आ रही है। पानी के निकास की व्यवस्था न होने के कारण नालियों का गंदा पानी लोगों के घरों में भर रहा है, जिससे क्षेत्रीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ और न ही कोई अधिकारी मौके पर जांच करने पहुंचा।
वहीं अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा ग्राम प्रधान जेल में हैं और बजट के अभाव में कार्य नहीं हो पा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब मिलेगी लोगों को इस गंदगी और जलभराव से राहत?
ग्राउंड जीरो से पूरी रिपोर्ट देखिए और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें।
    user_Public News Network24
    Public News Network24
    Nawabganj, Barabanki•
    8 hrs ago
  • Post by Mohd Sultan Warsi
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    Post by Mohd Sultan Warsi
    user_Mohd Sultan Warsi
    Mohd Sultan Warsi
    फतेहपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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