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शादी का सामान 81000 में इलेक्ट्रॉनिक व फर्नीचर का सारा सामान उनके यहां उपलब्ध है अगर जिन व्यक्ति के पास पैसा ना हो तो फाइनेंस का कार्य भी उपलब्ध है साथ ही साथ 500 किलोमीटर तक का किराया फ्री
रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,8416904359
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- Post by Raju Yadav1
- Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,84169043591
- प्रयागराज जनपद के यमुनापार क्षेत्र के विकासखंड चाका ब्लाक। अंतर्गत ग्राम पंचायत बगबना में वर्ष 2022-23 के दौरान अमृत सरोवर और अमृत वाटिका का निर्माण बड़े स्तर पर कराया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों में जल संरक्षण को बढ़ावा देना, पर्यावरण को हरा-भरा बनाना और ग्रामीणों को एक सुंदर एवं स्वच्छ सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराना था। शुरुआती दौर में यह योजना ग्रामीणों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी, लेकिन समय बीतने के साथ इसकी वास्तविक स्थिति अब बेहद चिंताजनक हो चुकी है। आज अमृत सरोवर के चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। पानी की गुणवत्ता भी खराब हो चुकी है और कहीं-कहीं पर जलभराव के कारण बदबू की समस्या उत्पन्न हो रही है, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरोवर के किनारे बैठने के लिए बनाए गए चबूतरे और अन्य संरचनाएं पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। कई स्थानों पर वे टूट-फूट का शिकार हैं, जिससे न केवल इसकी सुंदरता खत्म हो गई है बल्कि यह स्थान अब असुरक्षित भी हो गया है। वहीं, अमृत वाटिका की स्थिति भी बेहद खराब है। यहां लगाए गए अधिकांश पौधे और पेड़ सूख चुके हैं। जहां कभी हरियाली दिखती थी, वहां अब सूखे पेड़ों और उजाड़ जमीन का दृश्य देखने को मिल रहा है। पेड़ों की देखभाल और सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। सबसे बड़ी लापरवाही यह देखने को मिल रही है कि सरोवर के चारों ओर बनाई गई बाउंड्री दीवार भी कई जगहों से टूटकर गिर चुकी है। इससे न केवल सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि पशुओं के अंदर प्रवेश करने से और अधिक नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यह स्थिति केवल समय के साथ नहीं बिगड़ी, बल्कि इसके पीछे ग्राम पंचायत स्तर पर गंभीर लापरवाही है। निर्माण कार्य के बाद न तो सचिव द्वारा कोई निगरानी की गई और न ही प्रधान द्वारा रखरखाव की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई। साफ-सफाई, पौधों की देखभाल और संरचनाओं की मरम्मत जैसी मूलभूत जिम्मेदारियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, अगर समय-समय पर निरीक्षण और देखरेख होती, तो आज यह योजना इस बदहाल स्थिति में नहीं पहुंचती। सचिव और प्रधान की अनदेखी के कारण सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना अब बर्बादी की कगार पर पहुंच चुकी है। सरकार की यह योजना, जो ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए शुरू की गई थी, आज अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही है। यदि जल्द ही जिम्मेदार अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह योजना पूरी तरह समाप्त हो सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन इस लापरवाही पर कार्रवाई करेगा या फिर ग्राम पंचायत स्तर की यह अनदेखी यूं ही जारी रहेगी।4
- Post by Afzal pathan patrakaar1
- हमारे यहां रास्ता नहीं है आने जाने में बहुत दिक्कत होता है सरकारी जमीन है रास्ते मांगने पर विवाद करते हैं प्रधान जी से शिकायत किए थे प्रधान जी कुछ जवाब नहीं देते हैं तो हम लोग कहां से आए कैसे रहेंगे कृपया हमारे रास्ते को सुलझाने की कोशिश करें हम लोग बहुत परेशान हैं1
- Post by दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा1
- आज शाम करीब सात बजे मेजा के उरूवा चौराहे पर भीषण जाम में फंसे लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी और गाड़ी चालक यातायात नियमों का धड़ल्ले से मजाक उड़ाया1
- Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,84169043591