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विदिशा जिले की गंज बासोदा तहसील के अंतर्गत आने वाले उदयपुर गाँव से छोटू मोगिया नामक व्यक्ति ने अपनी पहचान बताई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका नाम छोटू मोगिया है और वह इसी गाँव से संबंधित हैं।
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विदिशा जिले की गंज बासोदा तहसील के अंतर्गत आने वाले उदयपुर गाँव से छोटू मोगिया नामक व्यक्ति ने अपनी पहचान बताई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका नाम छोटू मोगिया है और वह इसी गाँव से संबंधित हैं।
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- मध्य प्रदेश शासन के 'स्कूल चले अभियान' के तहत, विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें स्कूल आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बीना के नानक वार्ड स्कूल में एक साइकिल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान कुल 25 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें वितरित की गईं। निःशुल्क साइकिलें पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।1
- विदिशा में होमगार्ड और एसडीईआरएफ के जवानों को आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर यह प्रशिक्षण 29 जून से विदिशा में 40 होमगार्ड और एसडीईआरएफ जवानों के लिए चल रहा है। प्रशिक्षण के तीसरे दिन, बंगला घाट स्थित बेतवा नदी में एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जहाँ जवानों को जल आपदा के दौरान सुरक्षित और त्वरित रेस्क्यू के गुर सिखाए गए। इस मॉक ड्रिल में बोट पलटने, टापू पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और डीप डाइविंग का लाइव प्रदर्शन किया गया। कलेक्टर के मार्गदर्शन में प्लाटून कमांडर रश्मि दुबे के नेतृत्व में आयोजित इस ड्रिल के दौरान एडीएम अनिल डामोर और एसडीएम क्षितिज शर्मा भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आपदा से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया, आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की जानकारी ली और जवानों के प्रशिक्षण की सराहना भी की।4
- आज की नवीनतम और ट्रेंडिंग खबरों के बीच, मध्य प्रदेश से एक महत्वपूर्ण खबर की ओर ध्यान आकर्षित किया जा रहा है। सोशल मीडिया पोस्ट में प्रदेश की आज की सबसे बड़ी खबर का उल्लेख करते हुए सीधे सवाल किया गया है कि आखिर यह क्या खबर है, जिससे लोगों में उत्सुकता बढ़ रही है।1
- विदिशा जिले के गोलबारी चक गांव में ग्रामीण कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं, लेकिन उनका आरोप है कि गांव के सरपंच जानबूझकर इन समस्याओं को अनदेखा कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक के बाद एक नई दिक्कतें सामने आ रही हैं और कोई भी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। स्थिति से हताश ग्रामीणों ने अधिकारियों से हाथ जोड़कर निवेदन किया है कि उनकी समस्याओं पर जल्द से जल्द ध्यान दिया जाए और त्वरित सुनवाई की जाए।1
- विदिशा में सरकारी स्कूलों में तकनीकी शिक्षा और डिजिटल ज्ञान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'प्रोजेक्ट विद्यालय' अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान की जिला स्तरीय शुरुआत माधवगंज क्रमांक 2 में आयोजित एक कार्यशाला के माध्यम से की गई। इस पहल के तहत, चयनित विद्यालयों में विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को तकनीकी शिक्षा का ज्ञान दिया जाएगा। 'प्रोजेक्ट विद्यालय' का मुख्य लक्ष्य डिजिटल जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ 'आई ऑफिस' को भी बढ़ावा देना है। इस परियोजना के लिए जिले के कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाओं के कुल 81 स्कूलों का चयन किया गया है।4
- एक व्यक्ति ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि वे (लोग) सोच-सोचकर दीवाने हो जाएंगे और अंततः बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि वह इसका जवाब देता है।1
- सागर जिले की बंडा तहसील के सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक डॉक्टर पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगा है, जिसके चलते 19 महीने के मासूम बच्चे की आँखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है। पीड़ित पिता ने थाना बंडा में शिकायत दर्ज कराकर दोषी डॉक्टर और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, ग्राम भूसा कमलपुर निवासी इंद्रराज विश्वकर्मा 29 मई 2026 को अपने 1 वर्ष 7 महीने के बेटे विनय विश्वकर्मा को सर्दी और आँखों में लालिमा की शिकायत के बाद सिविल अस्पताल बंडा लेकर पहुंचे थे। ओपीडी पर्ची बनवाने के बाद बच्चे को ड्यूटी पर मौजूद शासकीय चिकित्सक को दिखाया गया। पीड़ित पिता का आरोप है कि डॉक्टर ने बच्चे की जांच के बाद आँख में कफ साफ करने वाला ड्रॉप डाल दिया, साथ ही पैरासिटामोल सिरप, एक इंजेक्शन और अन्य दवाइयां दीं। परिजन 3 से 4 घंटे तक अस्पताल में रुके रहे, लेकिन बच्चे की हालत में सुधार होने के बजाय वह और बिगड़ती चली गई। बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने मामले को गंभीर बताते हुए उच्च चिकित्सा संस्थान ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन बच्चे को एम्स भोपाल लेकर पहुंचे। एम्स भोपाल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की जांच के बाद सामने आया कि गलत इलाज या चिकित्सकीय लापरवाही के कारण मासूम विनय की आँखों की रोशनी पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और बच्चा अब नेत्रहीन हो गया है। इस जानकारी ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। इंद्रराज विश्वकर्मा ने थाना बंडा में दिए आवेदन में बताया कि सिविल अस्पताल बंडा में ड्यूटी पर तैनात संबंधित डॉक्टर द्वारा गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते उनके बेटे की दृष्टि चली गई। उन्होंने कहा कि वे डॉक्टर को चेहरे से पहचानते हैं, लेकिन नाम नहीं जानते। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत आवेदन स्वीकार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- सिरोंज देवपुर रोड पर एक सड़क हादसे की जानकारी मिली है, जहाँ बरेड़ा से आगे देवपुर जाते समय एक ट्रक ने पीछे से एक ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। यह घटना शाम के समय हुई, जब शेर सिंह जाटव अपनी मिक्सचर मशीन लेकर ट्रैक्टर पर जा रहे थे। इस टक्कर के कारण उनके ट्रैक्टर को भारी नुकसान हुआ।1