डिंडोरी जिले के शहपुरा में, नर्मदांचल गौ सेवा समिति के जैव आदान संसाधन केंद्र ढोंढ़ा और जनजाति कल्याण केंद्र बरगांव का हाल ही में वरिष्ठ प्रचारक श्याम जी और महाकौशल प्रांत गौसेवा प्रमुख घनश्याम जी सहित कई प्रमुख व्यक्तियों ने दौरा किया। इस दौरान, जैविक खेती को वर्तमान समय की एकमात्र सही राह बताया गया, जो मानव जीवन, पशु-पक्षियों और संपूर्ण पर्यावरण के अस्तित्व का आधार है। यह जोर दिया गया कि खेत की जमीन और मिट्टी ही वह मूल शक्ति है जिससे अन्न उत्पन्न होता है, अतः मिट्टी का संरक्षण और उसकी उर्वरता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। रासायनिक खेती के अत्यधिक उपयोग ने मिट्टी की गुणवत्ता को भारी नुकसान पहुँचाया है, जिससे जमीन बंजर हो रही है और जल, वायु तथा खाद्य पदार्थ प्रदूषित हो रहे हैं। इन समस्याओं के सीधे प्रभाव मानव स्वास्थ्य, पशुओं और पर्यावरण पर पड़ रहे हैं। ऐसे में गौवंश आधारित जैविक खेती को एकमात्र सही विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखती है और पर्यावरण को संतुलित रखती है, जिससे शुद्ध, सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक फसलें प्राप्त होती हैं। जैविक खेती के अंतर्गत बायोगैस संयंत्रों और जीवामृत के उपयोग पर भी प्रकाश डाला गया। बायोगैस संयंत्र पशुओं के गोबर से मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड गैस का उत्पादन करते हैं, जो सीधे चूल्हे तक पहुँचती है, जबकि बची हुई स्लरी उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में उपयोग होती है। जीवामृत को देसी गाय के गोबर, गोमूत्र, गुड़, बेसन और खेत की मिट्टी से बनी प्राकृतिक तरल जैविक खाद बताया गया। डिंडोरी के जाने-माने ऑर्गेनिक फार्मिंग एक्सपर्ट बिहारी लाल साहू पिछले 10 वर्षों से लगातार जैविक खेती कर रहे हैं और ग्रामीण किसान बंधुओं के साथ-साथ महाविद्यालयों, विद्यालयों, सरकारी संस्थानों और एनजीओ जैसे विभिन्न मंचों के माध्यम से डिंडोरी सहित कई जिलों में जैविक खेती का प्रशिक्षण दे रहे हैं। वे अपने फार्म हाउस में जैविक खेती और गोबर गैस का लाइव डेमो भी दिखाते हैं। दिनांक 10/6/2026 को, जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू के साथ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और जनजाति कल्याण केंद्र महाकौशल बरगांव के प्रकल्प प्रमुख श्याम जी भाईसाहब, महाकौशल प्रांत के गौसेवा प्रमुख घनश्याम जी भाईसाहब, और यूट्यूबर बर्मन ब्लॉग्स से हेमराज बर्मन ने नर्मदांचल गौ सेवा केंद्र ढोंढ़ा में संचालित बीआरसी और जैविक फार्म हाउस का भ्रमण कर उसकी सराहना की। यह भी आह्वान किया गया कि अधिक से अधिक किसान जैविक खेती को अपनाएं और केंद्र सरकार भी जैविक खेती करने वाले किसानों को प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता, बाजार सुविधा और उचित मूल्य जैसी सीधी सहायता प्रदान करे। अंततः, अपने खेत, मिट्टी, स्वास्थ्य और पर्यावरण को बचाने के लिए जैविक खेती को अपनाना ही एकमात्र मार्ग है, जो स्वस्थ, समृद्ध और संतुलित भविष्य की ओर ले जाएगा।
डिंडोरी जिले के शहपुरा में, नर्मदांचल गौ सेवा समिति के जैव आदान संसाधन केंद्र ढोंढ़ा और जनजाति कल्याण केंद्र बरगांव का हाल ही में वरिष्ठ प्रचारक श्याम जी और महाकौशल प्रांत गौसेवा प्रमुख घनश्याम जी सहित कई प्रमुख व्यक्तियों ने दौरा किया। इस दौरान, जैविक खेती को वर्तमान समय की एकमात्र सही राह बताया गया, जो मानव जीवन, पशु-पक्षियों और संपूर्ण पर्यावरण के अस्तित्व का आधार है। यह जोर दिया गया कि खेत की जमीन और मिट्टी ही वह मूल शक्ति है जिससे अन्न उत्पन्न होता है, अतः मिट्टी का संरक्षण और उसकी उर्वरता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। रासायनिक खेती के अत्यधिक उपयोग ने मिट्टी की गुणवत्ता को भारी नुकसान पहुँचाया है, जिससे
जमीन बंजर हो रही है और जल, वायु तथा खाद्य पदार्थ प्रदूषित हो रहे हैं। इन समस्याओं के सीधे प्रभाव मानव स्वास्थ्य, पशुओं और पर्यावरण पर पड़ रहे हैं। ऐसे में गौवंश आधारित जैविक खेती को एकमात्र सही विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखती है और पर्यावरण को संतुलित रखती है, जिससे शुद्ध, सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक फसलें प्राप्त होती हैं। जैविक खेती के अंतर्गत बायोगैस संयंत्रों और जीवामृत के उपयोग पर भी प्रकाश डाला गया। बायोगैस संयंत्र पशुओं के गोबर से मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड गैस का उत्पादन करते हैं, जो सीधे चूल्हे तक पहुँचती है, जबकि बची हुई स्लरी उच्च
गुणवत्ता वाली जैविक खाद के रूप में उपयोग होती है। जीवामृत को देसी गाय के गोबर, गोमूत्र, गुड़, बेसन और खेत की मिट्टी से बनी प्राकृतिक तरल जैविक खाद बताया गया। डिंडोरी के जाने-माने ऑर्गेनिक फार्मिंग एक्सपर्ट बिहारी लाल साहू पिछले 10 वर्षों से लगातार जैविक खेती कर रहे हैं और ग्रामीण किसान बंधुओं के साथ-साथ महाविद्यालयों, विद्यालयों, सरकारी संस्थानों और एनजीओ जैसे विभिन्न मंचों के माध्यम से डिंडोरी सहित कई जिलों में जैविक खेती का प्रशिक्षण दे रहे हैं। वे अपने फार्म हाउस में जैविक खेती और गोबर गैस का लाइव डेमो भी दिखाते हैं। दिनांक 10/6/2026 को, जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू के साथ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और
जनजाति कल्याण केंद्र महाकौशल बरगांव के प्रकल्प प्रमुख श्याम जी भाईसाहब, महाकौशल प्रांत के गौसेवा प्रमुख घनश्याम जी भाईसाहब, और यूट्यूबर बर्मन ब्लॉग्स से हेमराज बर्मन ने नर्मदांचल गौ सेवा केंद्र ढोंढ़ा में संचालित बीआरसी और जैविक फार्म हाउस का भ्रमण कर उसकी सराहना की। यह भी आह्वान किया गया कि अधिक से अधिक किसान जैविक खेती को अपनाएं और केंद्र सरकार भी जैविक खेती करने वाले किसानों को प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता, बाजार सुविधा और उचित मूल्य जैसी सीधी सहायता प्रदान करे। अंततः, अपने खेत, मिट्टी, स्वास्थ्य और पर्यावरण को बचाने के लिए जैविक खेती को अपनाना ही एकमात्र मार्ग है, जो स्वस्थ, समृद्ध और संतुलित भविष्य की ओर ले जाएगा।
- उमरिया कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने एक दिव्यांग आवेदक के पास स्वयं पहुंचकर उसकी समस्या को गंभीरता से सुना। इसके बाद, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए, ताकि प्रकरण का त्वरित और प्रभावी ढंग से निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। कलेक्टर की यह पहल सामान्य नागरिकों, विशेषकर दिव्यांगजनों के प्रति शासन की संवेदनशीलता, जवाबदेही और जनसेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को उजागर करती है।1
- मध्य प्रदेश के अमरकंटक में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक गरीब महिला की झोपड़ी तोड़े जाने के बाद उसका मार्मिक विलाप देखने को मिला। पोस्ट के अनुसार, नर्मदा माई की इस पवित्र भूमि पर अपनी झोपड़ी गंवाने वाली इस असहाय महिला का चित्कार ऐसा है, जैसे किसी गरीब की झोपड़ी टूटने पर होता है, जो अंतरात्मा को हिला देने वाला है। उल्लेख किया गया है कि यह महिला कोई पक्का होटल बनाकर पैसे नहीं पीट रही थी; बल्कि उसकी यह झोपड़ी ही उसका सब कुछ थी। पोस्ट में यह भी इशारा किया गया है कि यदि उसके पास पैसे होते तो वह सबको 'सेट' कर लेती और उसकी झोपड़ी की एक ईंट भी नहीं हिलती। हालांकि, अतिक्रमण को बिल्कुल भी उचित नहीं बताते हुए, जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की कार्यवाही को सर्वथा उचित ठहराया गया है। लेकिन साथ ही यह भी कहा गया है कि अच्छा होता यदि ऐसे वास्तविक गरीबों को चिन्हित करके उन्हें समझा-बुझाकर कहीं अन्यत्र प्रधानमंत्री आवास देकर हटाया जाता। इस पूरी कार्यवाही में जिस संवेदनशीलता और सावधानी का परिचय दिया जाना चाहिए था, उसका पूर्ण अभाव रहा। नर्मदा भूमि में किसी गरीब असहाय महिला का यह मार्मिक विलाप मन को व्यथित करने वाला है, और स्थानीय प्रशासन से ऐसी कार्यवाही में भविष्य के लिए संवेदना तथा अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपेक्षा की गई है।1
- शहडोल जिले की गोहपारू पुलिस ने बुधवार दोपहर लगभग 2:30 बजे अपहरण और दुष्कर्म के एक फरार आरोपी लवकुश बैगा को पलसउ गांव से गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपहरण की घटना को अंजाम देने के बाद दुष्कर्म भी किया था और तब से वह लगातार फरार चल रहा था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर गोहपारू पुलिस ने लवकुश बैगा को पकड़ा और उसे माननीय न्यायालय में पेश किया।1
- मध्य प्रदेश के कटनी शहर के वीआईपी और सुरक्षित माने जाने वाले डन कॉलोनी क्षेत्र में दिनदहाड़े एक ऑटो में सवार महिला से सरेराह सोने की चेन छीनने की चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। यह पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह चलती ऑटो से महिला के गले पर झपट्टा मारकर चेन खींच ली गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल शुरू की। जानकारी के अनुसार, घटनास्थल के पास लगे कैमरों के फुटेज में दो संदिग्ध युवक एक बाइक पर तेजी से निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वारदात को अंजाम देने का तरीका देखकर आशंका जताई जा रही है कि सीसीटीवी में दिख रहे इन्हीं बाइक सवार लड़कों का इस घटना में हाथ है। पुलिस अब इन संदिग्धों की पहचान उनके हुलिए और बाइक के नंबर के आधार पर करने में जुटी हुई है। डन कॉलोनी जैसे व्यस्त और संभ्रांत इलाके में दिनदहाड़े हुई इस वारदात से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश और असुरक्षा का माहौल है। लोगों का कहना है कि जब महिलाएं ऑटो में भी सुरक्षित नहीं हैं, तो सड़कों पर चलना उनके लिए दूभर हो जाएगा।1
- डिंडौरी जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए युवक उमेश कुमार एक नया मोड़ लेते मामले में सोमवार सुबह गोरखपुर डेम से सटे जंगल में गंभीर अवस्था में पाए गए हैं। इससे पहले रविवार रात लगभग 10 बजे पुलिस अभिरक्षा से युवक के फरार होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद सोमवार सुबह करीब 10 बजे उसे जंगल में अचेत अवस्था में बेशर्म की झाड़ियों के बीच से बरामद करने का दावा किया गया। परिजनों ने युवक की गंभीर हालत पर कई सवाल खड़े किए हैं, उनका कहना है कि युवक सामान्य रूप से बातचीत नहीं कर पा रहा था और उसके मुंह में पत्ते भरे हुए थे, जिन्हें निकालना पड़ा। साथ ही, उसके बाएं पैर में सूजन और चोट के निशान भी दिखाई दिए। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि युवक डरा-सहमा हुआ था और पुलिस के पास जाने से इनकार कर रहा था। उपचार कर रहे चिकित्सक डॉ. नितिन देशमुख के अनुसार, प्रारंभिक जांच में युवक का ब्लड प्रेशर और शुगर स्तर सामान्य से कम पाया गया है, और उसका इलाज चिकित्सकीय निगरानी में जारी है। इस मामले में एसडीओपी शहपुरा ने बताया कि युवक का उपचार जारी है, और स्वास्थ्य स्थिति स्थिर होने तथा बयान दर्ज होने के बाद तथ्यों के आधार पर विस्तृत जांच प्रतिवेदन पुलिस अधीक्षक कार्यालय को भेजा जाएगा। गौरतलब है कि युवक की मां ने इससे पहले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से अपने बेटे की तलाश की गुहार लगाते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। अब युवक के मिलने के बाद पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और वास्तविक स्थिति को सामने लाने की मांग और तेज हो गई है।3
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जन-केंद्रित एवं संवेदनशील शासन की भावना को साकार करते हुए उमरिया जिला प्रशासन द्वारा साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभय सिंह ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए कुल 145 आवेदकों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। जनसुनवाई के दौरान अनेक प्रकार की जनसमस्याएं सामने आईं। ग्राम सिगुड़ी निवासी उमाशंकर शुक्ला ने आवास उपलब्ध कराने की मांग की, जबकि अशोक कुमार घंघरी ने वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत कराने का आवेदन दिया। सेवा निवृत्त प्रधानाध्यापक कमलभान सिंह ने एक वेतनवृद्धि स्वीकृत किए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं, चंदवार निवासी नरेश काछी, कमलेश, अशोक एवं प्रीति ने वार्ड क्रमांक 8 में हैंडपंप लगाने की मांग रखी। इसी क्रम में, ग्राम बड़खेड़ा की हेमलता त्रिपाठी ने भूमि पर कब्जा दिलाने, ग्राम रामपुर के शिवनारायण कुशवाहा ने रास्ता उपलब्ध कराने, पठारी निवासी सबल किशोर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने और कुछरवार ग्राम के सभोली सिंह एवं दयाराम सिंह ने नक्शा तरमीम एवं सीमांकन कराए जाने की मांग की। धमोखर निवासी विनोद यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने तथा जंगेला ग्राम के मायाराम, नरबद, आनंद सिंह एवं कृष्णताल ने खराब ट्रांसफार्मर बदलवाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत ने प्राप्त सभी आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसका उद्देश्य आमजन को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सहजता से उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता, संयुक्त कलेक्टर अमित सिंह, एसडीएम बांधवगढ़ अंबिकेश प्रताप सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान तथा शासन-प्रशासन को जनसुलभ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। जनसुनवाई जैसे प्रभावी मंचों के माध्यम से नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने और उनका शीघ्र निराकरण प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर मिल रहा है, जिससे सुशासन संकल्प साकार हो रहा है।1
- उमरिया में एक फरियादी युवक ने सिविल सर्जन पर अशोभनीय हरकत करने का गंभीर आरोप लगाया है। युवक ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई है और मामले में तत्काल कार्यवाही करने की माँग की है।1
- डिंडौरी जिले के शाहपुर थाने से पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए युवक उमेश कुमार का मामला अब और गंभीर होता दिख रहा है। युवक सोमवार सुबह गोरखपुर डेम से लगे जंगल क्षेत्र में गंभीर अवस्था में मिलने का दावा किया गया है, जिसके बाद परिजनों ने उसकी हालत को लेकर कई सवाल उठाए हैं। युवक रविवार रात करीब 10 बजे पुलिस अभिरक्षा से फरार हुआ था और सोमवार सुबह करीब 10 बजे उसे बेशर्म की झाड़ियों के बीच अचेत अवस्था में बरामद किया गया। परिजनों के अनुसार, युवक की हालत बेहद खराब थी और वह सामान्य रूप से बात नहीं कर पा रहा था। दावा किया गया कि उसके मुंह में पत्ते भरे हुए थे, जिन्हें बाहर निकाला गया, और उसके बाएं पैर में सूजन व चोट के निशान भी थे। गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल डिंडौरी ले गए। उपचार कर रहे डॉ. नितिन देशमुख के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मरीज का ब्लड प्रेशर और शुगर स्तर कम पाया गया है, और उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। युवक की मां सिंधिया बाई ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को टीआई साहब द्वारा बहुत टॉर्चर किया गया है और उसे न्याय मिलना चाहिए। परिजनों का यह भी आरोप है कि युवक डरा हुआ था और पुलिस के पास जाने से मना कर रहा था, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। गौरतलब है कि युवक की मां पहले ही डिंडौरी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से बेटे की तलाश की गुहार लगाते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगा चुकी थीं। इस मामले को लेकर एसडीओपी शहपुरा ने कहा कि युवक का उपचार जारी है, और उसके बयान तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर विस्तृत प्रतिवेदन पुलिस अधीक्षक कार्यालय को भेजा जाएगा। युवक के मिलने के बाद अब इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने लाने की मांग तेज हो गई है।4