मध्य प्रदेश के अमरकंटक में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक गरीब महिला की झोपड़ी तोड़े जाने के बाद उसका मार्मिक विलाप देखने को मिला। पोस्ट के अनुसार, नर्मदा माई की इस पवित्र भूमि पर अपनी झोपड़ी गंवाने वाली इस असहाय महिला का चित्कार ऐसा है, जैसे किसी गरीब की झोपड़ी टूटने पर होता है, जो अंतरात्मा को हिला देने वाला है। उल्लेख किया गया है कि यह महिला कोई पक्का होटल बनाकर पैसे नहीं पीट रही थी; बल्कि उसकी यह झोपड़ी ही उसका सब कुछ थी। पोस्ट में यह भी इशारा किया गया है कि यदि उसके पास पैसे होते तो वह सबको 'सेट' कर लेती और उसकी झोपड़ी की एक ईंट भी नहीं हिलती। हालांकि, अतिक्रमण को बिल्कुल भी उचित नहीं बताते हुए, जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की कार्यवाही को सर्वथा उचित ठहराया गया है। लेकिन साथ ही यह भी कहा गया है कि अच्छा होता यदि ऐसे वास्तविक गरीबों को चिन्हित करके उन्हें समझा-बुझाकर कहीं अन्यत्र प्रधानमंत्री आवास देकर हटाया जाता। इस पूरी कार्यवाही में जिस संवेदनशीलता और सावधानी का परिचय दिया जाना चाहिए था, उसका पूर्ण अभाव रहा। नर्मदा भूमि में किसी गरीब असहाय महिला का यह मार्मिक विलाप मन को व्यथित करने वाला है, और स्थानीय प्रशासन से ऐसी कार्यवाही में भविष्य के लिए संवेदना तथा अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपेक्षा की गई है।
मध्य प्रदेश के अमरकंटक में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक गरीब महिला की झोपड़ी तोड़े जाने के बाद उसका मार्मिक विलाप देखने को मिला। पोस्ट के अनुसार, नर्मदा माई की इस पवित्र भूमि पर अपनी झोपड़ी गंवाने वाली इस असहाय महिला का चित्कार ऐसा है, जैसे किसी गरीब की झोपड़ी टूटने पर होता है, जो अंतरात्मा को हिला देने वाला है। उल्लेख किया गया है कि यह महिला कोई पक्का होटल बनाकर पैसे नहीं पीट रही थी; बल्कि उसकी यह झोपड़ी ही उसका सब कुछ थी। पोस्ट में यह भी इशारा किया गया है कि यदि उसके पास पैसे होते तो वह सबको 'सेट' कर लेती और उसकी झोपड़ी की एक ईंट भी नहीं हिलती। हालांकि, अतिक्रमण को बिल्कुल भी उचित नहीं बताते हुए, जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की कार्यवाही को सर्वथा उचित ठहराया गया है। लेकिन साथ ही यह भी कहा गया है कि अच्छा होता यदि ऐसे वास्तविक गरीबों को चिन्हित करके उन्हें समझा-बुझाकर कहीं अन्यत्र प्रधानमंत्री आवास देकर हटाया जाता। इस पूरी कार्यवाही में जिस संवेदनशीलता और सावधानी का परिचय दिया जाना चाहिए था, उसका पूर्ण अभाव रहा। नर्मदा भूमि में किसी गरीब असहाय महिला का यह मार्मिक विलाप मन को व्यथित करने वाला है, और स्थानीय प्रशासन से ऐसी कार्यवाही में भविष्य के लिए संवेदना तथा अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपेक्षा की गई है।
- मध्य प्रदेश के अमरकंटक में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक गरीब महिला की झोपड़ी तोड़े जाने के बाद उसका मार्मिक विलाप देखने को मिला। पोस्ट के अनुसार, नर्मदा माई की इस पवित्र भूमि पर अपनी झोपड़ी गंवाने वाली इस असहाय महिला का चित्कार ऐसा है, जैसे किसी गरीब की झोपड़ी टूटने पर होता है, जो अंतरात्मा को हिला देने वाला है। उल्लेख किया गया है कि यह महिला कोई पक्का होटल बनाकर पैसे नहीं पीट रही थी; बल्कि उसकी यह झोपड़ी ही उसका सब कुछ थी। पोस्ट में यह भी इशारा किया गया है कि यदि उसके पास पैसे होते तो वह सबको 'सेट' कर लेती और उसकी झोपड़ी की एक ईंट भी नहीं हिलती। हालांकि, अतिक्रमण को बिल्कुल भी उचित नहीं बताते हुए, जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की कार्यवाही को सर्वथा उचित ठहराया गया है। लेकिन साथ ही यह भी कहा गया है कि अच्छा होता यदि ऐसे वास्तविक गरीबों को चिन्हित करके उन्हें समझा-बुझाकर कहीं अन्यत्र प्रधानमंत्री आवास देकर हटाया जाता। इस पूरी कार्यवाही में जिस संवेदनशीलता और सावधानी का परिचय दिया जाना चाहिए था, उसका पूर्ण अभाव रहा। नर्मदा भूमि में किसी गरीब असहाय महिला का यह मार्मिक विलाप मन को व्यथित करने वाला है, और स्थानीय प्रशासन से ऐसी कार्यवाही में भविष्य के लिए संवेदना तथा अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपेक्षा की गई है।1
- शहडोल जिले की गोहपारू पुलिस ने बुधवार दोपहर लगभग 2:30 बजे अपहरण और दुष्कर्म के एक फरार आरोपी लवकुश बैगा को पलसउ गांव से गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपहरण की घटना को अंजाम देने के बाद दुष्कर्म भी किया था और तब से वह लगातार फरार चल रहा था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर गोहपारू पुलिस ने लवकुश बैगा को पकड़ा और उसे माननीय न्यायालय में पेश किया।1
- उमरिया जिले में गेहूं पिसाने को लेकर शुरू हुए एक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। इस घटना में एक दलित परिवार पर जानलेवा हमला किया गया है, जिसके बाद पीड़ित पक्ष न्याय की गुहार लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचा है।1
- दिनांक 10/06/2026 को मध्य प्रदेश श्रमजीवी सफाई कर्मचारी संघ, संबंध भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री रमेश लहरिया जी ने नगरीय प्रशासन आयुक्त महोदय से भेंट की। इस दौरान मध्य प्रदेश के नगर पालिका एवं नगर निगम कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। श्री लहरिया जी ने आयुक्त महोदय से अनुरोध किया कि संभाग एवं जिला स्तर पर कर्मचारियों से संबंधित कार्यों के निराकरण के लिए आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाए, ताकि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। आयुक्त महोदय द्वारा इस पर सकारात्मक आश्वासन दिया गया। इसके उपरांत, प्रदेश अध्यक्ष श्री रमेश लहरिया जी ने मध्य प्रदेश के सभी सफाई कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों से निवेदन किया है कि वे कर्मचारियों के विकास, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा हेतु पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करें। उन्होंने प्रदेश के सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कर्मचारियों की समस्याओं एवं मांगों को संगठन तक पहुँचाएँ, जिससे उनका उचित निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि भोपाल स्थित कार्यालय के माध्यम से संबंधित अधिकारियों एवं विभागों से निरंतर संपर्क एवं चर्चा कर कर्मचारियों के हितों की रक्षा तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। संगठन ने अपनी पूरी शक्ति एवं प्रतिबद्धता के साथ सफाई कर्मचारियों के अधिकारों और कल्याण के लिए कार्य करते रहने का संकल्प दोहराया।3
- कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने शासन की जनकल्याणकारी और संवेदनशील प्रशासन की भावना के अनुरूप एक दिव्यांग आवेदक के प्रति विशेष मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया है। उन्होंने स्वयं आवेदक के पास पहुंचकर उनकी समस्या को गंभीरतापूर्वक सुना। इसके पश्चात्, कलेक्टर श्रीमती सहाय ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए, जिसमें प्रकरण के त्वरित और प्रभावी निराकरण को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। यह पहल सामान्य जन और विशेषकर दिव्यांगजनों के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता, जवाबदेही और जनसेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।1
- उमरिया कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने एक दिव्यांग आवेदक के पास स्वयं पहुंचकर उसकी समस्या को गंभीरता से सुना। इसके बाद, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक निर्देश दिए, ताकि प्रकरण का त्वरित और प्रभावी ढंग से निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। कलेक्टर की यह पहल सामान्य नागरिकों, विशेषकर दिव्यांगजनों के प्रति शासन की संवेदनशीलता, जवाबदेही और जनसेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को उजागर करती है।1
- उमरिया कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने शासन की जनकल्याणकारी एवं संवेदनशील प्रशासन की भावना के अनुरूप एक दिव्यांग आवेदक के प्रति विशेष मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया। उन्होंने स्वयं दिव्यांग आवेदक के पास पहुँचकर उनकी समस्या को गंभीरतापूर्वक सुना। तत्पश्चात, कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान करते हुए प्रकरण के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के आदेश दिए। प्रशासन की यह पहल आमजन, विशेषकर दिव्यांगजनों के प्रति उसकी संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।1
- उमरिया में एक फरियादी युवक ने सिविल सर्जन पर अशोभनीय हरकत करने का गंभीर आरोप लगाया है। युवक ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई है और मामले में तत्काल कार्यवाही करने की माँग की है।1