पीलीभीत जिले की कलीनगर और पूरनपुर तहसील क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में अघोषित बिजली कटौती, लो वोल्टेज और लगातार ट्रिपिंग से ग्रामीणों का जनजीवन भीषण गर्मी के बीच पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। दिन-रात भारी परेशानियों का सामना कर रहे उपभोक्ताओं में शिकायतों और विरोध प्रदर्शन के बावजूद हालात में कोई सुधार न होने से गहरा आक्रोश पनप रहा है। कलीनगर तहसील के माधोटांडा, रमनगरा, डगा, पिपरिया संतोष, सुखदासपुर नवदिया, हरिपुर फुल्हर, सुंदरपुर सहित दर्जनों गांवों में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इसी तरह, पूरनपुर क्षेत्र के शेरपुर कला, टांडा छत्रपति, पिपरिया दुलई, जोगराजपुर, हमीरपुर, जगतपुर, कुरैया जैसे सैकड़ों गांवों के उपभोक्ता भी गंभीर बिजली संकट झेल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है; कभी लाइन टूटने, कभी फाल्ट होने तो कभी लो वोल्टेज के कारण निर्धारित समय तक बिजली नहीं मिल पाती, और रात में 33 केवी लाइन में फाल्ट बताकर घंटों आपूर्ति बंद कर दी जाती है, जिससे लोगों की नींद और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। कुछ दिन पहले, माधोटांडा ग्राम पंचायत के प्रधान नईम अली के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर प्रदर्शन किया था और एसडीओ को ज्ञापन सौंपकर अघोषित कटौती बंद करने तथा बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग की थी। हालांकि, इस प्रदर्शन के बाद भी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कई अधिकारी और कर्मचारी उपखंड मुख्यालय पर निवास नहीं करते, जिसके कारण रात में होने वाले फाल्ट और तकनीकी खराबियों का समय पर समाधान नहीं हो पाता है, और उपभोक्ता घंटों अंधेरे में रहने को मजबूर होते हैं। क्षेत्रवासियों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा है कि इस भीषण गर्मी में बिजली का यह संकट बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए एक गंभीर समस्या बन चुका है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नियमित और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो क्षेत्र की जनता एक बड़े आंदोलन के लिए विवश होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम प्रधान नईम अली, फिरोज, नईम शाह समेत कई ग्रामीण शामिल थे।
पीलीभीत जिले की कलीनगर और पूरनपुर तहसील क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में अघोषित बिजली कटौती, लो वोल्टेज और लगातार ट्रिपिंग से ग्रामीणों का जनजीवन भीषण गर्मी के बीच पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। दिन-रात भारी परेशानियों का सामना कर रहे उपभोक्ताओं में शिकायतों और विरोध प्रदर्शन के बावजूद हालात में कोई सुधार न होने से गहरा आक्रोश पनप रहा है। कलीनगर तहसील के माधोटांडा, रमनगरा, डगा, पिपरिया संतोष, सुखदासपुर नवदिया, हरिपुर फुल्हर, सुंदरपुर सहित दर्जनों गांवों में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इसी तरह, पूरनपुर क्षेत्र के शेरपुर कला, टांडा छत्रपति, पिपरिया दुलई, जोगराजपुर, हमीरपुर, जगतपुर, कुरैया जैसे सैकड़ों गांवों के उपभोक्ता भी गंभीर बिजली संकट झेल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है; कभी लाइन टूटने, कभी फाल्ट होने तो कभी लो वोल्टेज के कारण निर्धारित समय तक बिजली नहीं मिल पाती, और रात में 33 केवी लाइन में फाल्ट बताकर घंटों आपूर्ति बंद कर दी जाती है, जिससे लोगों की नींद और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। कुछ दिन पहले, माधोटांडा ग्राम पंचायत के प्रधान नईम अली के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर प्रदर्शन किया था और एसडीओ को ज्ञापन सौंपकर अघोषित कटौती बंद करने तथा बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग की थी। हालांकि, इस प्रदर्शन के बाद भी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कई अधिकारी और कर्मचारी उपखंड मुख्यालय पर निवास नहीं करते, जिसके कारण रात में होने वाले फाल्ट और तकनीकी खराबियों का समय पर समाधान नहीं हो पाता है, और उपभोक्ता घंटों अंधेरे में रहने को मजबूर होते हैं। क्षेत्रवासियों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा है कि इस भीषण गर्मी में बिजली का यह संकट बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए एक गंभीर समस्या बन चुका है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नियमित और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो क्षेत्र की जनता एक बड़े आंदोलन के लिए विवश होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम प्रधान नईम अली, फिरोज, नईम शाह समेत कई ग्रामीण शामिल थे।
- पीलीभीत जिले के न्यूरिया थाना क्षेत्र में एक अत्यंत शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए रखी लकड़ी की चोरी हो गई है। इस घटना ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है और व्यापक रूप से यह भावना उभरी है कि अब लोगों के दिलों से इंसानियत के लिए कोई जगह नहीं बची है।1
- मुंगेर के सीताकुंड डीह गंगा घाट पर एक हैरतअंगेज घटना सामने आई है, जहां एक स्कॉर्पियो गाड़ी सड़क से सीधे गंगा नदी में उतर गई। हैरत की बात यह रही कि गाड़ी नदी में डूबने के बजाय नाव की तरह घंटों तक पानी पर तैरती रही। इस अनोखे नजारे और घटना का वीडियो देखने के लिए घाट पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बताया जा रहा है कि यह घटना चालक की लापरवाही के कारण हुई, जो गाड़ी का हैंडब्रेक लगाना भूल गया था; इसी छोटी सी चूक के चलते यह बड़ी घटना में बदल गई।1
- पीलीभीत में जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने समग्र शिक्षा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत आर्य कन्या इण्टर कॉलेज के पुनर्निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस अवसर पर, जिलाधिकारी ने वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा अर्चना करते हुए शिलापट्ट का अनावरण किया। शिलान्यास के दौरान, जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग प्रखण्ड पीलीभीत को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्राओं को जल्द से जल्द एक आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके। इस कार्यक्रम में कॉलेज के प्रधानाचार्य, कार्यदायी संस्था के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।4
- एक किशोर ने कथित मारपीट से बुरी तरह आहत होकर अपने घर में एक खौफनाक कदम उठाया। किशोर का शव उसके घर के भीतर फंदे से लटका हुआ पाया गया। यह घटना किशोर के मारपीट से दुखी होने के बाद सामने आई।1
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में पड़ रही भीषण गर्मी और रिकॉर्डतोड़ तापमान ने केवल इंसानों को ही नहीं, बल्कि दुधवा नेशनल पार्क के बाघों को भी बेहाल कर दिया है। चिलचिलाती धूप और उमस से राहत पाने के लिए जंगल के राजा दुधवा पार्क में बने कृत्रिम तालाबों (वाटर होल्स) का सहारा ले रहे हैं। वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, दोपहर में तापमान बढ़ने के साथ ही अमूमन शांत रहने वाले बाघ पानी के स्रोतों के आसपास जमावड़ा लगा लेते हैं। दुधवा के अलग-अलग इलाकों से ऐसी कई तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें बाघ घंटों पानी में डुबकी लगाकर अपने शरीर का तापमान नियंत्रित कर रहे हैं। पार्क प्रशासन वन्यजीवों को पीने के पानी और ठंडक की कमी न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए मुस्तैद है। सभी वाटर होल्स को टैंकरों और पंपिंग सेट के जरिए लगातार भरा रखने के निर्देश दिए गए हैं। यह नजारा पर्यटकों के लिए भी रोमांचक अनुभव से कम नहीं है।1
- आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए गंगोलीहाट विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है, जहाँ वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व ग्राम प्रधान विजय चंद्र ने इस सीट से अपनी प्रबल दावेदारी पेश की है। गंगोलीहाट स्थित अपने निजी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में, विजय चंद्र ने अपनी लंबी राजनीतिक सेवा और पारिवारिक विरासत का उल्लेख करते हुए पार्टी आलाकमान से टिकट की मांग की। एक पूर्व सैनिक के पुत्र, उन्होंने बताया कि उन्होंने 1996 में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़कर राजनीतिक सफर शुरू किया था और तब से युवा मोर्चा सहित पार्टी के विभिन्न पदों पर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि लगातार जनसंपर्क अभियानों में उन्हें जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है, जो उनकी प्रबल दावेदारी का आधार है। विजय चंद्र ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में गंगोलीहाट विधानसभा क्षेत्र में हो रहे ऐतिहासिक विकास कार्यों की सराहना की। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र में लगभग 60 नई सड़कों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिनमें से आधी से अधिक सड़कें बनकर तैयार हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, हाईटेक बस अड्डे का निर्माण और पर्यटकों के लिए आधुनिक पार्किंग की व्यवस्था भी की जा रही है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में डिग्री कॉलेज के निर्माण को मुख्यमंत्री की एक ऐतिहासिक सौगात बताया। साथ ही, मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत माँ हाट कालिका मंदिर, पाताल भुवनेश्वर और माँ कोटगाड़ी मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य तेज़ी से जारी है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने 'हर घर नल योजना' के तहत विधानसभा क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने के काम को स्थानीय किसानों के लिए वरदान बताया। विजय चंद्र ने अपनी प्राथमिकताएं भी बताईं, यदि उन्हें पार्टी का आशीर्वाद और जनता का सहयोग मिलता है। उन्होंने कहा कि वे क्षेत्र के ज्वलंत मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करेंगे और गंगोलीहाट को विकास के मामले में एक मॉडल विधानसभा बनाएंगे। उनकी प्राथमिकताओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पानी की व्यवस्था को सुदृढ़ करना, क्षेत्र से पलायन रोकना, युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोज़गार से जोड़ना, तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोज़गार और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना शामिल है। भविष्य की रणनीति और अन्य दावेदारों के सवालों पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी में हर पदाधिकारी और कार्यकर्ता को दावेदारी का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने खुद को पार्टी का सच्चा सिपाही बताते हुए कहा कि यदि पार्टी आलाकमान उनके बजाय किसी अन्य प्रत्याशी को टिकट देती है, तो भी वे संगठन के फैसले का सम्मान करेंगे और ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे जिससे भारतीय जनता पार्टी को नुकसान पहुंचे। उन्होंने दोहराया कि उनकी प्राथमिकता सदैव कमल का फूल ही रहेगा, और वे पार्टी में रहकर आजीवन सेवा करते रहेंगे।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें श्रमिक बंद गेट या बैरिकेड पार करके अपने कार्यस्थल पर पहुंचने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। यह स्थिति रोजगार की मजबूरी और समय पर ड्यूटी पहुंचने के दबाव के कारण उत्पन्न हुई है। लोगों का कहना है कि देर से पहुंचने पर वेतन कटौती के डर से कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालने को विवश हैं। श्रमिकों की इस जोखिम भरी कोशिश ने एक बहस छेड़ दी है कि इसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की है, सुरक्षा व्यवस्था की है या फिर परिस्थितियों से जूझ रहे स्वयं श्रमिकों की। इस पूरे मामले को लेकर श्रमिक हितों और कार्यस्थल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- पीलीभीत में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर के इस्तेमाल के विरोध में एक विशेष अभियान चलाया गया है। इस कार्रवाई का नेतृत्व पीलीभीत पुलिस कर रही है, जिसका उद्देश्य इन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर शिकंजा कसना है।1
- पीलीभीत में 22 जून 2026 को शिवाय स्वयं सहायता समूह, बरखेड़ा से स्वाति, जय श्रीकृष्ण पूरपुर से राखी और छह अन्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह को अपने निर्मित उत्पाद दिखाए। इन उत्पादों में फिनाइल, टॉयलेट क्लीनर, लिक्विड सोप, साबुन और अन्य घरेलू सामग्रियां शामिल थीं, जिन्हें महिलाओं ने आरओ वाटर का उपयोग करके तैयार किया था। जिलाधिकारी ने इन उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की। महिलाओं ने जिलाधिकारी को बताया कि उन्हें अपने उत्पादों को बाजार में बेचने में मार्केटिंग संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने तुरंत संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर बात की और निर्देश दिए कि इन समूहों द्वारा तैयार किए गए फिनाइल व अन्य उत्पादों को नगरपालिकाओं और टाउन एरिया में प्राथमिकता के आधार पर खरीदा जाए। उन्होंने जोर दिया कि स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देना और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना हम सभी का कर्तव्य है।2